पिथौरा, 5 मई। पिथौरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम सुखीपाली के शांतिनगर में नीलगाय के शिकार का मामला सामने आया है। शिकारियों ने एक मादा नीलगाय की कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या कर दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। वहीं पेड़ से टकराकर हिरण घायल हो गया। उसे उपचार के बाद फिर से जंगल में छोड़ा गया।
मिली जानकारी अनुसार सोमवार सुबह करीब 7 बजे तेंदूपत्ता तोडऩे गए ग्रामीणों की नजर एक नीलगाय पर पड़ी, जिसे आवारा कुत्तों के झुंड ने काफी देर तक दौड़ाकर थका दिया था। इसी का फायदा उठाते हुए शांतिनगर निवासी ईश्वर कुम्हार और टंकधर रात्रे ने भालुडोंगरी के पास नीलगाय पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। पहले वार में ही नीलगाय गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ी, जिसके बाद आरोपियों ने उसके गले पर ताबड़तोड़ वार कर मार डाला।
नीलगाय के शिकार के बाद आरोपियों ने मृत नीलगाय को घसीटकर पास के खेत में ले गए। इस दौरान आसपास तेंदूपत्ता तोड़ रहे अन्य ग्रामीण सचिन कोलता, विद्याधर कोलता, सुरेंद्र झरेखा और जोहित झरेखा भी मौके पर पहुंच गए और मांस तैयार करने में जुट गए।
घटना की सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला अपने वन अमले के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम को देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन वन कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए जोहित झरेखा को दौड़ाकर पकड़ लिया। पूछताछ में उसके द्वारा अन्य आरोपियों के नाम उजागर किए जाने के बाद सुरेंद्र झरेखा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं मुख्य आरोपी ईश्वर कुम्हार, टंकधर रात्रे सहित सचिन और विद्याधर जाति कोलता मौके से फरार होने में सफल रहे।
वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला ने बताया कि मृत नीलगाय मादा थी, जिसकी उम्र लगभग 4 वर्ष होगी। घटना की चश्मदीद महिलाओं के बयान भी दर्ज किए गए हैं। घटना के बाद वन विभाग द्वारा मृत नीलगाय का विधिवत पोस्टमार्टम कराया गया। जिसके बाद वन विभाग ने नियमानुसार नीलगाय का अंतिम संस्कार किया गया।
वन विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए सर्च अभियान चला रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की गई है।
पेड़ से टकराकर हिरण जख्मी, उपचार के बाद जंगल में छोड़ा
इधर, ग्राम गिरना के जंगल कक्ष क्रमांक 229 में एक हिरण तेंदूपत्ता तोडऩे गए लोगों को देखकर तेज रफ्तार में भागते हुए अचानक पेड़ से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हिरण गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा और उठने की स्थिति में नहीं रहा। घटना को आसपास मौजूद ग्रामीणों ने देखा और तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल हिरण का उपचार कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद हिरण की स्थिति में सुधार होने पर उसे पुन: उसके प्राकृतिक आवास जंगल में छोड़ दिया गया।



