सरायपाली: धड़ल्ले से ग्रामीण क्षेत्र में बिना पैकिंग और एक्सपायरी डेट के बिक रहे पानी पाउच, बॉटल और कोलड्रिंक जीरा,कलेक्टर के निर्देशन के जांच कार्यवाही के बाद भी नहीं सुधरे हालात , क्या कहा अधिकारी ने पढ़े पूरी खबर
सरायपाली mahajanpad news.com / महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लॉक में बिना स्पष्ट पैकिंग डेट और एक्सपायरी जानकारी वाले पानी पाउच खुलेआम बाजार में बिक रहे हैं। हाल ही में सामने आए कई अलग-अलग पानी पाउच में “Best Before Within 30 Days/1 Month From The Date of Packing” तो लिखा मिला, लेकिन सबसे जरूरी “Packed On” यानी पैकिंग तारीख स्पष्ट रूप से अंकित नहीं थी।
इन कम्पनी का पानी देखे मामले में सामने आए पानी पाउच में Chhaya Industries, मोखा पुटखा ।Ganesh Enterprises, मुड़पहार तथा । सरोवर Industries ओड़िया पारा सरायपाली नाम की कंपनियों के पाउच शामिल हैं। कई पाउच में पैकिंग और एक्सपायरी से जुड़ी जानकारी अधूरी या अस्पष्ट दिखाई दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरायपाली क्षेत्र में ऐसे कई पानी पाउच, पानी बॉटल, कोल्ड्रिंक और जलजीरा पैकेज देखने को मिल जाते हैं, जिनमें पैकेजिंग डेट, एक्सपायरी डेट या अन्य जरूरी जानकारी सही तरीके से अंकित नहीं रहती।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार के निर्देश पर जिलेभर में फूड सेफ्टी विभाग द्वारा जांच अभियान चलाया गया था। इसके बावजूद सरायपाली क्षेत्र में नियमों की अनदेखी जारी रहने के आरोप लग रहे हैं।
मामले में सरायपाली के फूड सेफ्टी अधिकारी श्री भोई ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशन में पहले भी जांच कर कई जगहों को सुधार के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके यदि सुधार नहीं हो रहा है तो संबंधित संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं मुड़पहार स्थित गणेश इंटरप्राइजेस के संचालक ने सफाई देते हुए कहा कि कई बार इंक खत्म हो जाने के कारण पानी पाउच में पैकिंग और एक्सपायरी डेट छूट जाती है। वहीं दूसरे कंपनी संचालक ने भी कहा कि “ऐसे तो नहीं होता, किसी-किसी पाउच में छूट जाता है।”
हालांकि उपभोक्ताओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक-दो पाउच में गलती होती तो बात अलग थी, लेकिन दुकानों में एक पूरी बोरी तक ऐसे पानी पाउच मिलने से सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि सिर्फ पैकिंग और एक्सपायरी वाली जानकारी में ही इंक खत्म हो जाना समझ से परे है, जबकि बाकी प्रिंट स्पष्ट दिखाई देते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार बिना पैकिंग डेट और एक्सपायरी जानकारी वाले पानी पाउच लोगों की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। लंबे समय तक रखा गया पैक्ड पानी दूषित होने, बैक्टीरिया पनपने या प्लास्टिक के रासायनिक तत्व घुलने का खतरा बढ़ा सकता है। गर्मी के मौसम में ऐसे पानी के सेवन से उल्टी, दस्त, पेट संक्रमण और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पैकिंग तारीख नहीं होने से उपभोक्ता यह तय ही नहीं कर पाते कि पानी ताजा है या पुराना।
खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार पैक्ड खाद्य एवं पेय पदार्थों में पैकिंग डेट, बैच नंबर, एक्सपायरी/बेस्ट बिफोर जानकारी, निर्माता का नाम और FSSAI लाइसेंस नंबर स्पष्ट रूप से अंकित होना जरूरी माना जाता है, ताकि उपभोक्ता सुरक्षित उत्पाद की पहचान कर सकें।



