महासमुंद -: सराईपाली के बाद एनएच में शाम के बाद कई जगहों पर विजिबिलिटी जीरो रायगढ़ के पावर प्लांटों से निकलने वाले फ्लाई एश का रायगढ़ से चंद्रपुर, सारंगढ़, दानसरा, सराईपाली, बसना, पिथौरा, तुमगांव, आरंग होकर रायपुर तक परिवहन!
रायगढ़ के पावर प्लांटों से निकलने वाले फ्लाई एश की वजह से केवल रायगढ़ जिला प्रदूषित नहीं हो रहा है, बल्कि अब सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, महासमुंद और रायपुर जिला भी प्रभावित हो रहा है। जिस हाइवे से फ्लाई एश भेजा जा रहा है, वह पूरी तरह से एश से पट गया है। रायगढ़ के फ्लाई एश का प्रभाव अब केवल यहीं तक सीमित नहीं है। अब यह आधा दर्जन जिलों की हवा खराब कर रहा है। कई पावर कंपनियां अपने संयंत्र से एश निकालकर उसे सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में डंप कर रही हैं। वहीं कुछ कंपनियां रायपुर से आगे रोड निर्माण में भी इसे खपा रही हैं।
डंपरों और ट्रेलरों के जरिए फ्लाई एश रायगढ़ से भेजा जाता है। रायगढ़ से चंद्रपुर, सारंगढ़, दानसरा, सराईपाली, बसना, पिथौरा, तुमगांव, आरंग होकर रायपुर तक परिवहन हो रहा है। पहले सूखा एश भेजा जाता था जो रास्ते भर उड़ता रहता था। इसकी शिकायत हुई तो अब गीला एश डाला जा रहा है। रास्ते में ट्रॉली से रिसकर गिरता रहता है। हाईवे में एक ओर कई जगहों पर राखड़ गिरा हुआ मिलेगा। सराईपाली के बाद एनएच में शाम के बाद कई जगहों पर विजिबिलिटी जीरो हो जाती है। कहीं-कहीं सड़क किनारे भी एश डाला गया है।
छग पर्यावरण संरक्षण मंडल के प्रदेश में सात ऑफिस हैं। रायपुर हेड ऑफिस के अलावा रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर और सरगुजा में दफ्तर हैं। महासमुंद जिले में पर्यावरण विभाग का कोई ऑफिस नहीं है। यहां रायपुर से मॉनिटरिंग होती है। सक्ती और जांजगीर-चांपा में भी ऑफिस नहीं है। बिलासपुर आरओ यहां की मॉनिटरिंग करते हैं। लेकिन महासमुंद और जांजगीर चांपा में कार्रवाई जीरो है।



