कश्मीर बना ,छत्तीसगढ़ बर्फ की चादर से ढकी सड़कें, आंधी-बारिश के साथ जमकर गिरे ओले, देखें फोटोबे मौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेंहू, सब्जी और आम की पैदावार प्रभावित होने की संभावना है. ओले से पक्षियों की भी मौत हुई है. बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन बेमौसम बरसात से किसानों की दिक्कतें बढ़ गई है.
छत्तीसगढ़ -: 40 मिनट तक गिरे ओले जिसकी वजह से यहां का नजारा किसी हिल स्टेशन से कम नजर नहीं आ रहा था सड़को पर शिमला जैसे नजारा बदला मौसम का मिजाज
द्रोणिका के प्रभाव से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला है और महासमुंद सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेज अंधड़ के साथ ही बारिश व ओलावृष्टि भी हो रही है। सोमवार को गौरेल, पेंड्रा, मरवाही, खैरागढ़ समेत कई जिलों में तेज आंधी बारिश के साथ ओले भी गिरे। इसी प्रकार दुर्ग के धमधा ब्लाक के अंतर्गत ग्राम पारबोड़, खपरी व जाताघर्रा में भी बर्फबारी हुई। बताया जा रहा है कि यहां शाम करीब छह बजे से लगभग 40 मिनट तक ओले गिरे।
ओले गिरने की वजह से यहां का नजारा किसी हिल स्टेशन से कम नजर नहीं आ रहा था। मौसम विज्ञानियों के अनुसार अगले 36 घंटों में भी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में तेज अंधड़ के साथ बारिश और ओलावृष्टि के आसार है। बारिश का क्षेत्र मुख्य रूप से कांकेर जिले और उससे लगे बालोद, धमतरी, कोंडागांव व अन्य क्षेत्र रहेंगे। अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी।
मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि एक द्रोणिका दक्षिण तमिलनाडु से पश्चिमी विदर्भ तक 0.9 किमी ऊंचाई तक फैला हुआ है। प्रदेश में अब प्रचुर मात्रा में नमी आ रही है,इसके प्रभाव से मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की बारिश के आसार है। बुधवार तक प्रदेश में मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने की संभावना है। उसके बाद मौसम का मिजाज बदलेगा।
देर शाम रायपुर में भी मौसम का मिजाज बदला और अंधड़ के साथ ही कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि मंगलवार को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ ही हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। ठंडी हवाओं के चलने से उमस से थोड़ी राहत भी मिली। रायपुर का अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम रहा।



