सरायपाली विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पर गंभीर आरोप, जांच के आदेश
महासमुंद, 9 सितम्बर 2025।
जिले के सारायपाली विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी श्री प्रकाश चंद्र मांझी के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्राप्त शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं। यह शिकायतें छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ सरायपाली के प्रांतीय सचिव श्री रूपानन्द पटेल द्वारा दिनांक 01 सितम्बर 2025 को प्रस्तुत की गई थीं।
सात बिंदुओं में की गई शिकायतें
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि श्री मांझी द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए कई अनियमितताएं की गई हैं। कुल सात बिंदुओं में प्रमुख आरोप इस प्रकार हैं—
1. शैक्षणिक अनियमितताएं
शासकीय स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों को गलत तरीके से गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया गया।
शिक्षकों के तबादलों एवं पदस्थापना में नियमों का पालन नहीं किया गया।
विद्यालय संचालन में अनावश्यक हस्तक्षेप कर शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित की गई।
एक ही शिक्षक को लंबे समय तक एक ही संस्था में पदस्थ कर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया।
2. आर्थिक अनियमितताएं
अनियमित ढंग से विभिन्न बिलों का भुगतान किया गया।
कार्यालय संबंधी खर्चों में पारदर्शिता की कमी रही।
सरकारी गाड़ियों के उपयोग में निर्धारित नियमों की अनदेखी की गई।
3. पारिवारिक पक्षपात और प्रभाव
आरोप है कि श्री मांझी ने अपनी पत्नी को अनियमित रूप से सुविधाएं दिलाई।
अपने रिश्तेदारों और परिचितों को लाभ पहुंचाने के लिए पद का दुरुपयोग किया।
4. शिक्षा व्यवस्था में बाधा
कई विद्यालयों में शिक्षकों की अनुपलब्धता के बावजूद कार्यवाही नहीं की गई।
समय-समय पर शिक्षकों की समस्याओं की अनदेखी की गई।
5. गंभीर आरोप/व्यवहार संबंधी मुद्दे
कार्यालयीन कार्यप्रणाली में गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाना।
सहकर्मियों और अधीनस्थ कर्मचारियों से अमर्यादित व्यवहार।
विभागीय बैठकों में अनुशासनहीनता।
जांच समिति गठित
जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद ने शिकायत को गंभीर मानते हुए संबंधित दस्तावेज़ों और प्रमाणों के साथ विस्तृत जांच के लिए समिति गठित की है। आदेश के अनुसार पांच दिनों के भीतर संपूर्ण जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
विभाग में हलचल
शिक्षा विभाग में इस शिकायत के बाद खलबली मच गई है। लंबे समय से शिक्षकों द्वारा बार-बार की जा रही शिकायतों और आरोपों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से असंतोष बढ़ रहा था। अब जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश के बाद शिक्षकों में उम्मीद जगी है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
शिक्षक संघ का रुख
छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ ने स्पष्ट कहा है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद आवश्यक है।



