CG : सरायपाली मे शासकीय भूमि पर कब्जा कर रहा रायगढ़ के उप अभियंता, ग्रामीण उतरे धरना पर
एसडीएम, तहसीलदार और सीएमओ के आश्वासन के बाद ही खत्म हुआ धरना प्रदर्शन
सरायपाली। पुराने टैक्सी स्टैंड के समीप एनएच पीडब्ल्यूडी विभाग का पुराना कार्यालय भवन और शासकीय गोदाम पर रायगढ़ में पदस्थ उप अभियंता भुजरंग साय पैंकरा द्वारा अनाधिकृत कब्जा कर पक्का निर्माण किए जाने के विरोध में सोमवार 15 सितंबर को ग्रामीणों और महिलाओं ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया।
शिकायतकर्ता सौरभ गोयल, जफर उल्ला खान सहित बड़ी संख्या में लोग सुबह 9 बजे से धरना पर बैठे। भारी बारिश के बावजूद धरना जारी रहा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पैंकरा द्वारा शासकीय गोदाम को तोड़कर नया भवन बनाया जा रहा है। तहसीलदार द्वारा जारी स्थगन आदेश की भी खुलेआम अवहेलना की जा रही है।
दोपहर में धरना स्थल पर पहुँचीं सरायपाली विधायक चातुरी नंद ने कहा कि एक शासकीय सेवक स्वयं को मुख्यमंत्री का दामाद बताकर धौंस जमाते हुए शासकीय भूमि पर कब्जा कर रहा है, जो गलत है। उन्होंने प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करने की चेतावनी दी और कहा कि यदि अवैध कब्जा नहीं हटाया गया तो वे विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाएँगी।
धरनास्थल पर पहुँचीं एसडीएम अनुपमा आनंद, तहसीलदार श्रीधर पंडा, नायब तहसीलदार भोई और सीएमओ दिनेश यादव ने अतिक्रमण स्थल की सामग्री जब्ती, शीघ्र विभागीय कार्रवाई और मजदूरों के पुनः स्थल पर पाए जाने पर कानूनी कार्यवाही का आश्वासन दिया। अधिकारियों के ठोस आश्वासन के बाद शाम 5 बजे धरना समाप्त कर दिया गया।
शिकायतकर्ता सौरभ गोयल ने बताया कि वर्ष 2008 से उप अभियंता भुजरंग साय पैंकरा अपने परिवार सहित उक्त शासकीय भवन में अनधिकृत रूप से निवास कर रहे हैं। वर्ष 2017 में भी पक्का अतिक्रमण किए जाने पर तहसीलदार न्यायालय ने उन्हें दोषी पाते हुए अर्थदंड अधिरोपित कर बेदखली का आदेश दिया था। बावजूद इसके हाल ही में शासकीय गोदाम को तोड़कर नया निर्माण कार्य शुरू किया गया है, जो शासकीय अमानत में ख़यानत है।
धरना-प्रदर्शन में समर्थन देने पहुँचे प्रमुख लोग – पार्षद खीरचंद बारी, आशिक हुसैन, जफर उल्ला खान, मुकेश अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, दुर्योधन चौहान, इरफान खान, सुनील महापात्र, गिरधारी बरिहा, डोलामणी यादव, रुद्र मंथन, पुरुषोत्तम महापात्र, राजकुमार, मोहन चौहान, चंद्रमणि बरिहा, उत्तम राम पांडे, गणेशराम बरिहा, अर्जुन कुंवर, महेंद्र पांडे, चंद्रिका विश्वकर्मा, मदन द्वीप, तेजराम चौहान, लंबोदर मालाकार, उकेश राणा, सदानंद साव, देवराज यादव, रमेश कुंवर, बाबूलाल पांडे, युवराज बरिहा, शत्रुघ्न साव, हरि कुंवर, हरिशंकर बरिहा, सत्य कुमार बरिहा, खीरसागर बरिहा, प्रकाश पांडे, टंकधर मालाकर, पार्वती तांडी, रत्ना बरिहा, लता कुंवर, अहिल्या बाघ, सोहोद्रा बेसरा, माला यादव, चंद्रिका प्रसाद विश्वकर्मा, गुरुवारी चौहान, धनमोती बरिहा, सरस्वती पांडे, बसंती कुंवर, अनीता पांडे, रवि बरिहा, भरत बरिहा, हरि बोल बरिहा, ठाकुर कुमार, जनार्दन, विपीन, कल्पना, सुकांति, अंगार, गंगार, भामा, राजकुमारी पांडे, वेदमोती, द्वितीया, सुकांति बेसरा, प्रेम, संतोषी, मार्टिन, गुरवारी, पाला, फुलमोती राणा, गुलापी बेसरा, नुरा बेसरा, अश्विनी, शत्रुघ्न साव, बासो पांडे, जुगराज, निराकार, गोहोकू, रवि, गणेशराम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।



