पिथौरा/कागजों में जांच पूरी, ज़मीनी स्तर पर शून्य कार्रवाई — आत्मानंद विद्यालय पिरदा मामला
पिथौरा/स्वामी आत्मानंद हिंदी अंग्रेज़ी माध्यामिक विद्यालय पिरदा के प्राचार्य की गंभीर लापरवाही के मामले में जांच पूरी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जांच किए लगभग 15 दिन होने वाले हैं, लेकिन जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले में ढील दिखाते नजर आ रहे हैं।
*जांच रिपोर्ट सौंप दी गई, कार्रवाई अटकी*
सूत्रों के अनुसार, शिकायत के बाद एक जांच टीम गठित की गई थी। टीम ने रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारी को सौंप दी है। जांच में प्राचार्य के द्वारा स्वयं के नाम से राशि का आहरण किया गया है एवं भिन्नता पाई गई है तथा पुरानी कुर्सी टेबल की ना ही स्टॉक पंजी है ना ही पुरानी कुर्सी टेबल है। इसके बावजूद जिला शिक्षाधिकारी की तरफ से कार्रवाई में देरी की जा रही है, जिससे संदेह गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कहीं प्राचार्य को बचाने की कोशिश तो नहीं चल रही।
*10 नवंबर को शाला विकास समिति अध्यक्ष ने की थी शिकायत* आवेदन में प्राचार्य तरुण पटेल के द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की थी।
*प्रशासन की निष्क्रियता से जनता में नाराजगी*
लोगों का कहना है कि इतनी स्पष्ट लापरवाही के बाद भी कार्रवाई न होना शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है। यदि यही स्थिति बनी रही तो मामले की शिकायत शिक्षा मंत्री से की जायेगी।
*राजनीतिक हस्तक्षेप की भी चर्चा*
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कुछ राजनीतिक व्यक्तियों द्वारा प्राचार्य को बचाने की कोशिश की जा रही है। पहले इसे अफवाह माना जा रहा था, लेकिन घटनाक्रम को देखते हुए लोगों को शक पक्का होता दिख रहा है।
*जनता का भरोसा दांव पर*
यदि समय पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो विभाग के उच्च अधिकारियों पर लोगों का विश्वास कमजोर होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल हो जाएगा। स्थानीय लोग चाहते हैं कि इस मामले में स्पष्ट और निर्णायक कदम उठाया जाए ताकि अन्य स्कूलों को भी सीख मिल सके।



