महासमुंद। पैन कार्ड बनवाने की चाहत में एक युवक को अपने ही नाम से खुले बैंक खाते और उसमें हो रहे लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली तो उसके होश उड़ गए। युवक ने अपने परिचित पर बिना अनुमति उसके नाम से जारी सिम, पैन कार्ड और बैंक खाते का इस्तेमाल कर लाखों रुपये का लेनदेन करने का आरोप लगाया है। मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम परसकोल वार्ड नंबर 11 निवासी नागेन्द्र साहू (23) ने 5 सितंबर को थाना सिटी कोतवाली महासमुंद में लिखित शिकायत प्रस्तुत की। शिकायत में उसने बताया कि वह योगेश चन्द्राकर उर्फ मोनू, निवासी बीटीआई रोड वार्ड नंबर 29 महासमुंद को पहले से जानता है। मार्च 2026 में उसे पैन कार्ड बनवाना था। इसकी जानकारी उसने योगेश चन्द्राकर को दी थी।
आवेदन के मुताबिक, करीब 5-6 मार्च को योगेश उसे महासमुंद के गोस्वामी मोबाइल ले गया, जहां उसके नाम से नया सिम जारी कराया गया। सिम की जरूरत पूछने पर उसे पैन कार्ड के लिए सिम जरूरी होने की बात बताई गई। इसके अगले दिन उसे जीएसटी सुविधा केंद्र (च्वाइस सेंटर) ले जाकर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए और उसके नाम से बैंक खाता भी खुलवाया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसके बाद उसे न तो सिम दिया गया और न ही बैंक खाते की जानकारी दी गई।
बार-बार मांगने पर भी नहीं मिली जानकारी, तब हुआ खुलासा नागेन्द्र के अनुसार, वह कई बार अपना सिम और बैंक खाता मांगता रहा, लेकिन उसे नहीं दिया गया। इसके बाद 5 सितंबर को जीएसटी सुविधा केंद्र जाकर आधार कार्ड के माध्यम से जानकारी ली, तब उसके नाम से बैंक ऑफ बड़ौदा में खाता खुलने की जानकारी सामने आई। बैंक शाखा में पता करने पर उसे जानकारी मिली कि उसके नाम से खाता 9 मार्च 2026 को खोला गया था।
इसके बाद खाते का स्टेटमेंट निकलवाने पर शिकायतकर्ता के अनुसार उसमें लगातार बड़ी रकम के ट्रांजेक्शन सामने आए। स्टेटमेंट में 50 हजार और 1 लाख रुपये जैसी रकम के लेनदेन दर्ज होने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया कि ये ट्रांजेक्शन उसके द्वारा नहीं किए गए हैं और उसने संबंधित बैंक ट्रांजेक्शन की जानकारी भी आवेदन के साथ पुलिस को दी है।
धोखाधड़ी का मामला दर्ज
शिकायत के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने प्रथम दृष्टया आरोपी योगेश चन्द्राकर के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। पुलिस अब बैंक खाते, सिम, पैन कार्ड और उसमें हुए ट्रांजेक्शन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खाते से कितनी रकम का लेनदेन हुआ और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।



