सरायपाली से होगा इस बार त्रिकोणीय मुकाबला कीसके सर सजेगा ताज किसका वोट किसको जाते दिखाई दे रहा है लोगो का किस चीज का है इंतजार किसका पलड़ा मजबूत महासमुन्द जिले के सरायपाली विधानसभा सीट का चुमाव इस बार त्रिकोणीय होते दिखाई दे रहा है विधायक किस्मत लाल नंद के बागी नही होने के पहले भाजपा और कांग्रेस में आमने सामने की लड़ाई होते नजर आ रहा था लेकिन टिकट वितरण के बाद अब पूरा मामला बदल गया है किस्मत लाल नंद अब जनता कांग्रेस जे से चुनाव लड़ रहे है आज आखरी दिन है नामांकन वापस लेने का इसके बाद कल से प्रत्यासियो का चुनाव जोरो सोरों से होगा और चुनाव के ठीक एक दिन पहले से प्रचार प्रसार पूरी तरह ठप्प रहेगा ।
बता दें कि पिछले चुनाव की बात करे 2018 की विधानसभा चुनाव की जिसमे कांग्रेस और भाजपा का आमने सामने मुकाबला था जिसमे कांग्रेस प्रत्यासी को सरायपाली विधानसभा में 1 लाख से ज्यादा मतदान मीले थे वही भाजपा के प्रत्यासी श्याम तांडी को लगभग 48 हजार वोट मिले थे जबकि श्याम तांडी किस्मत लाल नंद के पहले से सरायपाली के राजनीति में उतर चुके थे जबकि किस्मत लाल नंद को सरायपाली विधानसभा में उनका चेहरा पूरी तरह नया था पूरा सरायपाली विधानसभा कांग्रेस के घोषणा पत्र ही मिला था और गाडा समाज के लोग भी वोट किए होंगे वही श्याम तांडी को भी अपने समाज का वोट मिला होगा और बीजेपी का भी वोट मिला जबकि पिछले विधानसभा कि धान का समर्थन मूल्य संविलियन कर्जा माफी अहम मुद्दे थे जबकि इन वादों पर छत्तीसगढ़ में बीजेपी जनता को धोखा दे चुकी थी बता दें की छत्तीसगढ़ मे भाजपा अपना घोषणा पत्र अभी तक जारी नही कर पाया है और कांग्रेस का घोषणा पत्र 8 बड़े मुद्दों को लेकर जारी हो चुका है वही जनता कांग्रेस जे से भी 10 बड़ी मुद्दा को लेकर घोषणा पत्र जारी कर चुका है जिसको लेकर किस्मत लाल नंद भी गांव गांव जाकर अपना चुनाव
अब भाजपा प्रत्यासी केंद्र के योजनाओँ के दम पर ही जनता से वोट मांग रहे है भाजपा प्रत्याशीयो का कहना है कि कांग्रेस का घोषणा पत्र 8 है तो हमारा 9 से 10 होगा लेकिन कम नही लेकिन मतदाताओं का कहना है भाजपा पर भरोसा जताना मुश्किल होगा ।
बात करे पिछले विधानसभा चुनाव की तो कांग्रेस प्रत्यासी किस्मत लाल नंद का चेहरा पूरी तरह नया था उनको संतपाली के अलावा विधानसभा में कुछ लोग जो उनसे जुड़े थे वही लोग जानते थे लोगो का मानना है कि किस्मत लाल नंद को कांग्रेस लहर के कारण जीत गए थे वही आज के स्थिति में विधानसभा में किस्मत लाल नंद को अपनी पहचान बनाने की जरूरी नही है वही बागी के बाद जनता कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे है वही आज गाडा समाज के प्रेस कांफ्रेंस था जिसमे सरायपाली बसना में किस्मत और अनामिका पाल को पूरे समाज का वोट देने प्रेस कांफ्रेंस किया गया इससे किस्मत लाल का पलड़ा पहले से और मजबूत होते दिखाई दे रहा है और वे कांग्रेस का वोट काटने सफल होते भी दिखाई दे रहे है ।
जबकि इस बार सरायपाली के कांग्रेस प्रत्यासी चातुरी नंद लगभग साल भर पहले सामाजिक संगठन के माध्यम से सरायपाली बसना क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके थे बता दें कि चातुरी नंद पेसे से एक शिक्षिका थी और वे अपना इस्तीफा सौप चुनाव के मैदान में उतर चुकी कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का साथ अब चातुरी नंद को मिल रहा है चातुरी नंद का जनसम्पर्क टिकट नही मिलने के पहले कई गांव जा चुके थे जबकि अब टिकट फायनल और नामांकन भरने के बाद उनका जनसम्पर्क लगातार जारी है कांग्रेस कार्यकर्ताओ का कहना है कि छत्तीसगढ़ सहित सरायपाली में भी एक बार फिर कांग्रेस ही जीतेगी कांग्रेस की घोषणा के साथ चातुरी नंद अपने समर्थकों के साथ गांव गांव जा रही है हलाकि कांग्रेस पर सभी वर्ग ला भरोसा है लेकिन चातुरी नंद अपने समाज को लेकर कुछ भी नही कह रही है कि उनके समाज नाराज है या उनके साथ इस बात को जाहिर करने की जरूरत है जबकि गाडा समाज के नेतृत्व में ही किस्मत लाल नंद चुनाव लड़ते दिखाई दे रहे है ।
वही भाजपा प्रत्यासी सरला कोसरिया भी राजनीति में लाफी लम्बे समय से है वे जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके है उनके पति के अस्पताल और गायत्री परिवार के माध्यम से काफी लंबे समय से सरायपाली के राजनीति में जुड़े हुए है सरला कोसरिया को सरायपाली विधानसभा में जानने वाले बहुत लोग है वही सरला कोसरिया को बहुत पहले ही भाजपा ने अपना प्रत्यासी घोषित कर चुके थे जिसके कारण गांव गांव जाकर प्रचार प्रसार करने को पर्याप्त समय मिला जबकि कांग्रेस प्रत्यासी को उतना समय नही मिल पाया है और अब कांग्रेस से किस्मत लाल नंद के बागी होने के बाद कांग्रेस का वोट कटते दिखाई दे रहा है और भाजपा प्रत्यासी सरला कोसरिया जीतते नजर आ रही है ऐसे लोगो का भी मानना है हालांकि चुनाव के रिजल्ट ही सभी सम्भावनाओ को दूर करेगा ।



