महासमुन्द : सरायपाली बसना राजनीति के अखाड़े में बच्चों का इस्तेमाल क्यो क्या चुनाव में बच्चे भी मगन या भीड़ बढाने का ……..
महासमुन्द में आगामी 17 नम्बर को चुनाव है अपने अपने पार्टी के प्रत्यासी और कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार जनसम्पर्क अभियान चलाया जा रहा है और ग्रामीण क्षेत्रो में कार्यकर्ता पहुँच कर अपनी अपनी घोषणा पत्र बाटकर पार्टी के झंडे और टोपी और गमछा बाटा जा रहा है ये तो ठीक है लेकिन इन
चुनाव प्रचार प्रसार में राजनीतिक दलों का भीड़ का हिस्सा कही ना कही बनते दिखाई दे रहे है महाजनपद न्यूज के पास ऐसी कई फोटो है जहां बच्चे नेताओ के साथ पार्टी ने नारे और टोपी और गमछा पहने नजर आ रहे है जनसम्पर्क के दौरान ऐसी कई फोटो मिल जाएगी जहां छोटे छोटे बच्चे पार्टी के नारा या टोपी पहने नजर आएगा यह पार्टियों के लिए भीड़ दिखाने का भी
एक अच्छा तरीका है लेकिन ये बच्चे जबरन या हायर करके नही लाया जाता है कुछ बच्चे मस्ती में आ जाते है और गांव के अधिकतर बच्चों को पार्टी का झंडा और टोपी एवं कार्ड चाहिए रहता है उनको ये फर्क नही पड़ता कि ये झंडा किस पार्टी का है कई प्रत्यासी या उनके कार्यकर्ता बच्चों को चाकलेट भी दे दिया
करते है और वे बच्चे राजनीतिक दलों का भीड़ बढ़ाने में कभी कभी काम आ जाते है कई बच्चे अपने माता पिता और भाई बहनों के साथ भी नेताओ का भाषण सुनने चले जाते है लेकिन पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी ऐसे बच्चों को राजनीतिक कार्यक्रम से दूर रखना चाहिए ।



