सरायपाली बसना सहित छत्तीसगढ़ के कई इलाकों मे भारी बर्फ बारी आंधी तूफान ने मचाया कोहराम छत्तीसगढ़ में मंगलवार (19 मार्च) दोपहर से कई इलाकों में जमकर बारिश हो रही है. प्रदेश के कई हिस्सो में ओलावृष्टि भी हो रही है महासमुंद जिले के बसना सरायपाली क्षेत्र के बिरसिंगिंपाली परसदा कनकेबा उमरिया और भवरपुर क्षेत्र के गांव मे जमकर लोला गिरने की खबर है वही बस्तर संभाग (Bastar) के कांकेर जिले में मंगलवार शाम तेज आंधी-तूफान के साथ जमकर ओलावृष्टि हुई. नरहरपुर और उसके आसपास ओला और बारिश से कश्मीर जैसा नजारा देखने को मिला. साथ ही इस ओला-बारिश ने नरहरपुर के कई इलाकों में जमकर तबाही भी मचाई है.बसना बिरसिंगिंपाली मे ओला गिरने की वीडियो
वहीं आंधी-तूफान से जगह-जगह सड़कों पर पेड़ धराशाई हो गए, तो कई गांवों में बिजली के पोल भी उखड़ गए. नरहरपुर के पास देवगांव में आकाशीय बिजली गिरने से दो मवेशियों की मौत भी हो गई. कांकेर जिले के कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने के साथ ही जमकर आंधी चली. इधर आंधी तूफान जैसा नजारा लोगों ने जब देखा तो सब सहम गए. बताया जा रहा है कि कई सालों बाद लोगों ने ऐसा नजारा देखा. वहीं ओलावृष्टि के बाद कांकेर जिले में कश्मीर और शिमला जैसा नजारा दिखा.
बारिश की वजह से तापमान में गिरावट
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा से मिली जानकारी के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात का असर समूचे छत्तीसगढ़ में दिखाई दे रहा है. बीते दो दिनों से मौसम का मिजाज भी बदला है. कई जगह हल्की बारिश होने के साथ ही ओलावृष्टि भी हो रही है. मंगलवार को उत्तर बस्तर में दोपहर के बाद करीब एक घंटे तक ओला- बारिश हुई है. इसके अलावा बुधवार तड़के सुबह से कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है. अचानक मौसम बदलने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है.
ओलावृष्टि से किसानों का नुकसान
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि अगले 24 घंटे तक बस्तर संभाग के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में कई हिस्सों में घने बादल छाए रहने के साथ रुक-रुक कर बारिश होगी. वहीं कुछ इलाकों में ओला-बारिश होने की भी पूरी संभावना बनी हुई है. इधर अचानक हुई बारिश से किसानों के सब्जियों की फसलें तबाह हो गई हैं. मंगलवार को हुई बारिश से नरहरपुर के साप्ताहिक बाजार में व्यापारियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है.
वहीं जगह-जगह पेड़ धराशाई हो गए और बिजली के खंबे भी उखड़ जाने से कई गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं. नरहरपुर क्षेत्र के किसानों को रवि सीजन में ओलावृष्टि की मार झेलनी पड़ रही है. हालांकि, अब तक आकलन नहीं हो पाया है कि किसानों को इस ओलावृष्टी से कितना नुकसान हुआ है.



