CG Crime: भिलाई में मॉर्निंग वॉक पर निकले दो लोगों पर चाकू से हमला, एक की हालत गंभीर

CG Crime: भिलाई में मॉर्निंग वॉक पर निकले दो लोगों पर चाकू से हमला, एक की हालत गंभीर

 

भिलाई। बीएसपी टाउनशिप के सेंट्रल एवेन्यू में बुधवार तड़के मॉर्निंग वॉक पर निकले दो लोगों पर चाकू से हमला किया गया। लूट के इरादे से बाइक सवार तीन बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है। बाइक सवार बदमाशों ने सेंट्रल एवेन्यू पर सेक्टर-2 गणेश पंडाल के सामने एक शख्स को और सेक्टर 5 व 6 के बीच एक शख्स को चाकू मारा। इस दौरान एक शख्स का मोबाइल भी लूट कर ले गए। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार उक्त दोनों ही घटनाओं का पैटर्न एक जैसा है। पहली घटना सेक्टर -2 गणेश पंडाल के सामने सेंट्रल एवेंन्यू के पास की है। यहां सुबह लगभग 5 बजे सेक्टर 5 सड़क 15 निवासी 50 वर्षीय प्रवेश वैद्य को पीछे से तीन बाइक सवार युवकों ने धारदार वस्तु से मारा। इससे लूट का प्रयास किया गया। लेकिन उस समय इनके पास कुछ भी नहीं था। इसके कुछ देर बाद सेक्टर 06 में सेंट्रल एवेन्यू पर मॉर्निंग वॉक पर निकले सेक्टर 5 सड़क 2 के व्यक्ति को मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों ने चाकू मार दिया।

इसके बाद उनका मोबाइल छीनकर भाग खड़े हुए। व्यक्ति का नाम राजा बाबू बताया जा रहा है। राजाबाबू को गंभीर चोट आई है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं प्रवेश वैद्य को तीन टाके लगे हैं। भिलाई नगर पुलिस ने बदमाशों की धरपकड़ के लिए सीसी टीवी खंगालना शुरू कर दिया है।

मॉर्निंग वॉक के दौरान चंद मिनटों में हुई दो चाकू मारी की घटनाओं ने लोगों को दहशत में ला दिया है। अब सुबह की सैर करना भी लोगों के लिए आफत बनती जा रही है।

गौरतलब है कि जिले में आपराधिक गतिविधियां बढ़ती जा रही है। आए दिन लूट चोरी हत्या जैसे वारदात हो रहें हैं।

छत्तीसगढ़ :र्ददनाक तस्वीर! गर्भवती को चारपाई से कराई नदी पार, अस्पताल पहुंचने से पहले डिलीवरी, नहीं बच पाया नवजात

छत्तीसगढ़: र्ददनाक तस्वीर! गर्भवती को चारपाई से कराई नदी पार, अस्पताल पहुंचने से पहले डिलीवरी, नहीं बच पाया नवजात

 

पखांजूर। क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा के ग्राम अंजाड़ी की गर्भवती महिला जानो बाई बड्डे पति सोमाराम वड्डे को प्रसव पीड़ा होने पर ग्रामीणों ने चारपाई के सहारे नदी पार कर मुख्य सड़क तक पहुंचाया।

यहां से उन्हें महतारी एक्सप्रेस 102 में बिठाकर सिविल अस्पताल पखांजूर ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में प्रसव हुआ और नवजात की मौत हो गई। स्वजन का आरोप है कि महतारी एक्सप्रेस 102 में इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की अनुपस्थिति के कारण नवजात शिशु की मौत हो गई। उन्होंने इसे एंबुलेंस सेवा की घोर लापरवाही बताते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।

अंजाड़ी नदी पर पुल न होने के कारण हर वर्ष बारिश के दिनों में ग्रामीणों का संपर्क मुख्यालय से टूट जाता है। यही वजह रही कि मंगलवार को प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को जंगल-पगडंडियों और नदी पार कराने के बाद ही मुख्य सड़क पर लाया जा सका। स्वजन ने महतारी एक्सप्रेस 102 को फोन कर मदद मांगी। एंबुलेंस ने महिला को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन प्रसव रास्ते में ही एंबुलेंस के भीतर हो गया। स्वजन का कहना है कि एंबुलेंस में प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन मौजूद नहीं था। यदि समय रहते चिकित्सकीय मदद मिल जाती तो नवजात की जान बचाई जा सकती थी।

ग्रामीणों की मांग पर नहीं बन रहा पुल

ग्रामीणों का हना है कि यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि उस पूरे क्षेत्र की हकीकत है जहां हर साल बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने से लोग इलाज, राशन और अन्य सुविधाओं से वंचित हो जाते हैं। ग्रामीणों ने पुल निर्माण की मांग बार-बार की है, लेकिन अब तक उनकी अनदेखी की गई।

महिला को अस्पताल लाए जाने तक नवजात की मौत हो चुकी थी- डा. संजीव वैष्णव, बीएमओ।

CG: 25 हजार का इनाम राहगीर योजना में, यातायात नियम उल्लंघन पर होगी कार्यवाही यातायात को लेकर सख्त सरकार

CG: 25 हजार का इनाम राहगीर योजना में, यातायात नियम उल्लंघन पर होगी कार्यवाही यातायात को लेकर सख्त सरकार

छत्तीसगढ़ में भारत सरकार की राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीरों को 25 हजार रूपए की नगद राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। यह पुरस्कार एक राहवीर को अधिकतम पांच बार मिल सकेगा। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में राहवीर योजना की समीक्षा करते हुए परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीरों को स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस के विशेष मौकों पर सम्मानित किया जाए।

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव और श्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को भारत सरकार की राहवीर योजना का क्रियान्वयन गंभीरता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन में स्वयंसेवी संगठनों का भी सहयोग लिया जाए तथा स्कूल, कॉलेजों में भी विद्यार्थियों को इस संबंध में जागरूक किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मालवाहक वाहनों में यात्री ढोने पर सख्त कार्यवाही की जाए। सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए दोपहिया वाहन चलाने वाले लोगों को हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने कड़ाई से अमल किया जाए। इसी प्रकार चार पहिया वाहन में यात्रा करने वाले लोगों के लिए सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से होना चाहिए। इसके अलावा बैठक में सड़कों पर आवारा पशुओं को हटाने और राहवीर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए राज्य के प्रमुख सड़कों में होर्डिंग लगाने और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता के लिए कंटेन्ट तैयार कर जारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

परिवहन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में भारत सरकार की राहवीर योजना के क्रियान्वयन के लिए कलेक्टरों की अध्यक्षता गठित की गई है। सड़क सुरक्षा समिति में मिलने वाले प्रस्ताव की समीक्षा कर पुरस्कार के लिए राहवीरों का चयन किया जाएगा। यह समिति राज्य के सभी पुलिस थानों और अस्पताल से जानकारी लेकर प्रत्येक प्रकरण की समीक्षा करेगी। मूल्यांकन समिति में जिला कलेक्टर के अलावा पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला परिवहन अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति राहवीरों को पुरस्कृत करने के लिए संबंधित प्रकरण परिवहन आयुक्त को भेजेंगे, इन प्रकरणों के परीक्षण के बाद संबंधित राहवीरों को डीबीटी के माध्यम से पुरस्कार राशि भेजी जाएगी।

छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने चिन्हांकित ब्लैक स्पॉट से गुजरने वाले वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को सुरक्षात्मक उपाय किए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक में एनएचएआई के अधिकरियों ने बताया कि सभी टोल नाकों के आसपास अनियंत्रित गति पर चल रहे वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही के लिए 22 पेट्रोलिंग टीम गठित की गई है। ये टीमें महत्वपूर्ण सड़कें जहां भारी वाहनों का अत्याधिक ट्रैफिक दबाव होता है, वहां अगले 50 किलोमीटर तक का रोड क्लिरेंस करती है तथा आवारा पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के लिए उन्हें सड़कों से हटाने का काम करती है और इसके अलावा यह टीम आवारा पशुओं को काउ केचर टीम को सौंप देती है। इसके लिए राज्य में 113 काउ केचर टीम गठित की गई है। इसके साथ ही बैठक में हिट एण्ड रन प्रकरण सहित विभिन्न सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यों की समीक्षा की गई। इस बैठक में अंतरविभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. संजय शर्मा ने प्रमुखता से छत्तीसगढ़ के समग्र सुरक्षा परिदृश्य पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

बैठक में विधायक श्री अनुज शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक श्री अरूण देव गौतम, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश, परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर, सहित स्कूल, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन विभाग और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने सुझाव दिए और अपने अनुभव को साझा किया।

CG : देश के किसी भी संस्थान में पढ़ाई के लिए बालिकाओं को मिलेंगे वार्षिक 30 हजार रुपए बेटियों की उच्च शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान, आर्थिक दिक्कतें नहीं बनेंगी बाधा

CG : देश के किसी भी संस्थान में पढ़ाई के लिए बालिकाओं को मिलेंगे वार्षिक 30 हजार रुपए बेटियों की उच्च शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान, आर्थिक दिक्कतें नहीं बनेंगी बाधा

 

बेटियों को शिक्षा मिलने से हमारी पीढ़ियाँ शिक्षित होती हैं। प्रदेश सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को बधाई देते हुए कहा कि इस छात्रवृत्ति योजना से हजारों बेटियों को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास हुआ है और इसमें बेटियों ने भी अपनी भूमिका निभाकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। बेटियाँ आर्थिक दिक्कतों के कारण अपनी पढ़ाई अधूरी न छोड़ें—इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है। यह योजना प्रदेश में बालिकाओं की उच्च शिक्षा में नामांकन दर को और अधिक बढ़ाने में सहायक होगी।
श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ संकल्प को यह स्कॉलरशिप आगे बढ़ाएगी। इसके माध्यम से शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली निम्न आय वर्ग की छात्राओं को विशेष रूप से मदद मिलेगी और वे अपनी उच्च शिक्षा जारी रख पाएँगी।

बेटियों की शिक्षा से पीढ़ियाँ होती हैं शिक्षित : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बेटियाँ पढ़ती हैं तो वे केवल दो परिवारों को ही नहीं बल्कि पूरी पीढ़ियों को शिक्षित करती हैं। उन्होंने सभी महाविद्यालयों में इस योजना की जानकारी व्यापक रूप से पहुँचाने के निर्देश दिए।

उल्लेखीय है कि इस योजना के तहत प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से 10वीं एवं 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली नियमित छात्राएँ पात्र होंगी। जो छात्राएँ शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक के प्रथम वर्ष अथवा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में देश के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश लेंगी, उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा।योजना का लाभ पाने के लिए वेबसाइट
https://azimpremjifound ation.org/what-we-do/education/azim-premji-scholarship
पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। साथ ही, क्यूआर कोड स्कैन कर भी आवेदन किया जा सकता है।

आवेदन दो चरणों में स्वीकार किए जाएँगे—पहला चरण 10 सितम्बर से 30 सितम्बर 2025 तथा दूसरा चरण 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक। फाउंडेशन द्वारा छात्रवृत्ति योजना की पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क संचालित की जाएगी। यदि योजना से संबंधित किसी प्रकार की धोखाधड़ी या शिकायत की जानकारी हो, तो उसे
scholarship@azimpremjifoundation.org
पर प्रेषित किया जा सकता है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री संतोष देवांगन, संचालक तकनीकी शिक्षा श्री विजय दयाराम के., तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के स्टेट हेड श्री सुनील शाह उपस्थित थे।

नवंबर में शुरू होगा चौथा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान, पेंशनरों के लिए होगी अब तक की सबसे बड़ी पहल

नवंबर में शुरू होगा चौथा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान, पेंशनरों के लिए होगी अब तक की सबसे बड़ी पहल

नई दिल्ली, 10 सितंबर 2025।
देशभर के पेंशनभोगियों के लिए राहत की बड़ी खबर है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने घोषणा की है कि आगामी 1 से 30 नवंबर 2025 तक चौथा राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान देश के सभी 1600 जिलों और प्रमंडल मुख्यालयों में संचालित होगा। इसका मुख्य उद्देश्य पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने की प्रक्रिया को आसान, सुगम और डिजिटल बनाना है।

उच्च स्तरीय बैठक में तैयारियां अंतिम रूप में

9 सितंबर को पेंशन सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इसमें 19 पेंशन वितरण बैंकों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में पिछले वर्ष आयोजित तीसरे DLC अभियान की समीक्षा की गई और इस बार के अभियान को और सफल बनाने की रणनीति तैयार की गई।

बैठक में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक सहित कई बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि वे अपने नेटवर्क और डोरस्टेप सेवाओं के माध्यम से पेंशनरों तक अभियान का लाभ पहुंचाएंगे।

तीसरे अभियान की उपलब्धियां

पिछले वर्ष आयोजित तीसरे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान ने कई नए रिकॉर्ड बनाए। उस दौरान कुल 1 करोड़ 62 लाख जीवन प्रमाण पत्र जमा किए गए थे। इनमें से 50 लाख से अधिक DLC फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक (बायोमेट्रिक चेहरे की पहचान) के माध्यम से बने थे। इसके अलावा, बैंकों और विभिन्न संगठनों की मदद से 1,900 शिविर आयोजित किए गए, जिनसे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के पेंशनरों को काफी सुविधा मिली।

इस बार का लक्ष्य

चौथे DLC अभियान का लक्ष्य पिछले वर्ष से भी बड़ा रखा गया है। विभाग ने 2 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए:

1600 जिलों और प्रमंडल मुख्यालयों पर शिविर लगाए जाएंगे।

अत्यंत वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग पेंशनरों के लिए डोरस्टेप सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।

फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा ताकि पेंशनभोगियों को कहीं जाने की आवश्यकता न पड़े।

NIC पोर्टल के माध्यम से कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी और रिपोर्टिंग की जाएगी।

जागरूकता पर विशेष जोर

इस बार व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैंक और IPPB अक्टूबर 2025 से ही SMS, व्हाट्सएप, सोशल मीडिया, बैनर और स्थानीय मीडिया के जरिए पेंशनरों को अभियान के बारे में जानकारी देंगे। उद्देश्य यह है कि हर पेंशनर समय पर अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सके और उन्हें पेंशन मिलने में कोई बाधा न आए।

क्यों जरूरी है डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र?

पहले पेंशनभोगियों को अपने जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने के लिए बैंकों या कार्यालयों में लंबी कतारों में लगना पड़ता था। खासकर बुजुर्ग और दिव्यांग पेंशनरों के लिए यह प्रक्रिया बेहद कठिन थी। डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Jeevan Pramaan) के आने से यह काम अब घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से हो सकता है।

सरकार ने फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक को भी शामिल किया है, जिसके जरिए केवल मोबाइल कैमरे से चेहरे की पहचान कर जीवन प्रमाण पत्र जमा किया जा सकता है। यह तकनीक विशेष रूप से बुजुर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनरों के लिए बहुत उपयोगी है।

सबसे बड़ा आउटरीच अभियान

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने इसे अब तक का सबसे बड़ा आउटरीच कार्यक्रम बताया है। दो करोड़ पेंशनरों को इस अभियान से जोड़ने की योजना है। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए जीवन आसान बनेगा।

पेंशन सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पेंशनर को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में कठिनाई न हो। अभियान में बैंकों, डाक विभाग और पेंशनभोगी संघों की सक्रिय भागीदारी से इसे सफल बनाने का पूरा प्रयास किया जाएगा
नवंबर में शुरू होगा चौथा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान, पेंशनरों के लिए होगी अब तक की सबसे बड़ी पहल

नई दिल्ली, 10 सितंबर 2025।
देशभर के पेंशनभोगियों के लिए राहत की बड़ी खबर है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने घोषणा की है कि आगामी 1 से 30 नवंबर 2025 तक चौथा राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान देश के सभी 1600 जिलों और प्रमंडल मुख्यालयों में संचालित होगा। इसका मुख्य उद्देश्य पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने की प्रक्रिया को आसान, सुगम और डिजिटल बनाना है।

उच्च स्तरीय बैठक में तैयारियां अंतिम रूप में

9 सितंबर को पेंशन सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इसमें 19 पेंशन वितरण बैंकों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में पिछले वर्ष आयोजित तीसरे DLC अभियान की समीक्षा की गई और इस बार के अभियान को और सफल बनाने की रणनीति तैयार की गई।

बैठक में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक सहित कई बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि वे अपने नेटवर्क और डोरस्टेप सेवाओं के माध्यम से पेंशनरों तक अभियान का लाभ पहुंचाएंगे।

तीसरे अभियान की उपलब्धियां

पिछले वर्ष आयोजित तीसरे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान ने कई नए रिकॉर्ड बनाए। उस दौरान कुल 1 करोड़ 62 लाख जीवन प्रमाण पत्र जमा किए गए थे। इनमें से 50 लाख से अधिक DLC फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक (बायोमेट्रिक चेहरे की पहचान) के माध्यम से बने थे। इसके अलावा, बैंकों और विभिन्न संगठनों की मदद से 1,900 शिविर आयोजित किए गए, जिनसे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के पेंशनरों को काफी सुविधा मिली।

इस बार का लक्ष्य

चौथे DLC अभियान का लक्ष्य पिछले वर्ष से भी बड़ा रखा गया है। विभाग ने 2 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए:

1600 जिलों और प्रमंडल मुख्यालयों पर शिविर लगाए जाएंगे।

अत्यंत वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग पेंशनरों के लिए डोरस्टेप सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।

फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा ताकि पेंशनभोगियों को कहीं जाने की आवश्यकता न पड़े।

NIC पोर्टल के माध्यम से कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी और रिपोर्टिंग की जाएगी।

जागरूकता पर विशेष जोर

इस बार व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैंक और IPPB अक्टूबर 2025 से ही SMS, व्हाट्सएप, सोशल मीडिया, बैनर और स्थानीय मीडिया के जरिए पेंशनरों को अभियान के बारे में जानकारी देंगे। उद्देश्य यह है कि हर पेंशनर समय पर अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सके और उन्हें पेंशन मिलने में कोई बाधा न आए।

क्यों जरूरी है डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र?

पहले पेंशनभोगियों को अपने जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने के लिए बैंकों या कार्यालयों में लंबी कतारों में लगना पड़ता था। खासकर बुजुर्ग और दिव्यांग पेंशनरों के लिए यह प्रक्रिया बेहद कठिन थी। डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Jeevan Pramaan) के आने से यह काम अब घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से हो सकता है।

सरकार ने फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक को भी शामिल किया है, जिसके जरिए केवल मोबाइल कैमरे से चेहरे की पहचान कर जीवन प्रमाण पत्र जमा किया जा सकता है। यह तकनीक विशेष रूप से बुजुर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनरों के लिए बहुत उपयोगी है।

सबसे बड़ा आउटरीच अभियान

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने इसे अब तक का सबसे बड़ा आउटरीच कार्यक्रम बताया है। दो करोड़ पेंशनरों को इस अभियान से जोड़ने की योजना है। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए जीवन आसान बनेगा।

पेंशन सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पेंशनर को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में कठिनाई न हो। अभियान में बैंकों, डाक विभाग और पेंशनभोगी संघों की सक्रिय भागीदारी से इसे सफल बनाने का पूरा प्रयास किया जाएगा

कोमाखान पुलिस ने 7 सितम्बर को मुखबिर की सुचना पर 3 लोगों को गिरफ्तार किया है

कोमाखान पुलिस ने 7 सितम्बर को मुखबिर की सुचना पर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

संवाददाता मोनेन्द्र कुमार व्यवहार मुखबिर की सुचना पर पुलिस चौखडी के पास NH353 रोड पहुंची, जहाँ एक काला रंग के पैशन प्रो मोटरसायकल क्र. OR 03 H 6221 एवं दूसरा बिना नंबर के मोटरसायकल में एक पीला रंग की प्लास्टिक बोरी के अंदर अवैध रूप से गांजा रखकर क्रय विक्रय कर रहे ग्राम अईलापाली थाना पटनागढ जिला बलांगीर (उडीसा) निवासी आरोपी आशाराम कुमार पिता मेघो कुमार उम्र 32 साल, पवित्र कुमार पिता लोकनाथ कुमार उम्र 45 साल तथा दुसरे मोटरसायकल में सवार ग्राम चुर्रूपाली चौकी बुंदेली थाना तेन्दुकोना (महासमुंद) निवासी सुरेश कुमार साहू पिता बृजलाल साहू उम्र 26 साल को पकड़ा.

पूछताछ के दौरान आशाराम कुमार ने बताया कि उसके गांव के अईलापाली, थाना पटनागढ, जिला बलांगीर (ओड़िशा) के आसपास के जंगलों में चोरी छिपे गांजा की खेती होती है, जहां से वे थोडा-थोडा ईकटठा कर गांजा रखे थे, जिसे छत्तीसगढ में पहचान के सुरेश कुमार साहू को पूर्व में भी दो-तीन बार गांजा लाकर दिया था तथा पुरानी जान पहचान होने से सुरेश फोन कर गांजा लाने को बोला था.

आरोपियों के कब्जे से 07 किलोग्राम गांजा कीमती 1,05,000 रूपये, आरोपी आशाराम कुमार से एक पुरानी इस्तेमाली मो0सा0 हीरो पैशन प्रो क्रं. OR 03 H 6221 कीमती 20,000 रूपये, आरोपी सुरेश कुमार साहू से एक पुरानी इस्तेमाली मो0सा0 हीरो पैशन प्रो बिना नंबर कीमती 20,000 रूपये सहित अन्य सामान जुमला कीमती 1,60,200 रूपये जप्त किया गया. आरोपियों के खिलाफ धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई.

महासमुन्द : पटवारी पर कोचिंग चलाने का आरोप, जांच की मांग

महासमुन्द : पटवारी पर कोचिंग चलाने का आरोप, जांच की मांग

महासमुंद, 02 सितंबर 2025।
जिला महासमुंद में पदस्थ राजस्व विभाग के अंतर्गत कार्यरत पटवारी महेश साहू के खिलाफ गंभीर शिकायत कलेक्टर कार्यालय में दर्ज कराई गई है।

शिकायत में आरोप है कि पटवारी महेश साहू द्वारा महासमुंद नगर के कालीबाड़ी रोड स्थित स्वास्थ्य केंद्र के पास किराए पर कोचिंग संस्था संचालित की जा रही है। संस्था में छात्रों से शुल्क लेकर प्रतिमाह लगभग 500 रुपये वसूले जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, शासकीय सेवक होने के बावजूद उन्होंने पदस्थ दायित्वों की अनदेखी कर आर्थिक लाभ उठाया, जो सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है।

शिकायत के आधार पर संबंधित अधिकारी ने मांग की है कि इस पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जाए और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्यवाही की जाए।

फिलहाल मामला शिकायत स्तर पर है और सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

बसना : पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज, गिरफ्तारी के बाद प्राथमिक शाला सोनामुंदी के शिक्षक निलंबित

बसना : पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज, गिरफ्तारी के बाद प्राथमिक शाला सोनामुंदी के शिक्षक निलंबित

महासमुन्द, 10 सितम्बर 2025।
महासमुन्द जिले के बसना विकासखण्ड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला सोनामुंदी में पदस्थ सहायक शिक्षक (एल.बी.) ज्योतिष कुमार साहू को गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, उनके विरुद्ध थाना बसना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं एवं पॉक्सो एक्ट के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में वे 48 घंटे से अधिक समय से न्यायिक अभिरक्षा में जेल में निरुद्ध हैं।

गिरफ्तारी के बाद निलंबन आदेश

विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, बसना कार्यालय ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9(2)(क) के तहत किसी भी शासकीय सेवक की गिरफ्तारी की स्थिति में निलंबन स्वतः प्रभावी हो जाता है। इसी प्रावधान के अंतर्गत शिक्षक ज्योतिष कुमार साहू का निलंबन आदेश उनकी गिरफ्तारी की तिथि से लागू कर दिया गया है।

निलंबन अवधि की शर्तें

निलंबन की अवधि में श्री साहू का मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बसना निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें सेवा नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) प्राप्त होगा। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह एक अंतरिम व्यवस्था है और मामले की न्यायिक तथा विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

शिक्षा विभाग की सख्ती

शिक्षा विभाग ने इस कार्रवाई को कानून और नियमों के अनुसार आवश्यक कदम बताते हुए कहा है कि किसी भी शासकीय सेवक पर गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होने पर नियमों का पालन करते हुए तुरंत निलंबन किया जाता है। विभाग ने यह भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनके हित सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए इस तरह के मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है।

महासमुन्द जिले की 07 देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान हेतु किराए पर भवन लिए जाने 18 सितम्बर तक निविदा आमंत्रित

महासमुन्द जिले की 07 देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान हेतु किराए पर भवन लिए जाने 18 सितम्बर तक निविदा आमंत्रित

 

महासमुन्द/ वर्ष 2025-26 के लिए जिले की 07 देशी कम्पोजिट मदिरा दुकानों के संचालन के लिए भवन किराए पर लिए जाने हेतु जिला आबकारी विभाग द्वारा द्वितीय निविदा आमंत्रित की गई है। इच्छुक व्यक्ति निर्धारित शर्तों एवं निविदा फार्म 18 सितम्बर 2025 को दोपहर 1ः00 बजे तक जिला आबकारी कार्यालय, महासमुंद से प्राप्त कर सकते हैं।

निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 18 सितम्बर 2025 को दोपहर 2ः00 बजे तक निर्धारित की गई है। निविदा से संबंधित नियम, शर्तें एवं विस्तृत जानकारी जिला आबकारी विभाग महासमुंद तथा विभाग की वेबसाईट www.cg.nic.in/mahasamund पर अवलोकन किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि महासमुंद जिले के 09 देशी मदिरा दुकानों को नवीन स्थलों पर स्थानांतरण कर कम्पोजिट मदिरा देशी दुकानों में परिवर्तित कर संचालन करने की अनुमति शासन द्वारा दी गई है। नवीन 07 मदिरा दुकानों का स्थानांतरण किए जाने व स्वरूप परिवर्तन कर दुकानों के संचालन हेतु भवन किराए पर लिया जाना है। उक्त दुकानों में ग्राम पंचायत रायतुम, खट्टी, बम्हनी, बिरकोल, चनाट, आंवराडबरी एवं ग्राम पंचायत तेंदुकोना में संचालित किया जाएगा

महासमुंद जिले में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में 45 पदों पर होगी संविदा भर्ती

महासमुंद जिले में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में 45 पदों पर होगी संविदा भर्ती

 

महासमुंद जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय नयापारा (महासमुंद), बागबाहरा, पिथौरा, बसना, सरायपाली, पटेवा, तुमगांव, कोमाखान, सांकरा, पिरदा, भूकेल एवं भंवरपुर में संविदा भर्ती वर्ष 2025-26 के अंतर्गत अंग्रेजी एवं हिन्दी विषय के कुल 45 पदों पर भर्ती की जाएगी।

इस संबंध में विस्तृत जानकारी एवं पदों का विवरण, न्यूनतम अर्हताएं, नियम एवं शर्तें जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.mahasamund.gov.in पर 20 सितम्बर 2025 तक उपलब्ध रहेगा, जिसे डाउनलोड कर इच्छुक अभ्यर्थी अवलोकन कर सकते हैं।