नकली जेवर देकर असली सोना ठगने का खेल, UP के मां-बेटे रायपुर में गिरफ्तार

नकली जेवर देकर असली सोना ठगने का खेल, UP के मां-बेटे रायपुर में गिरफ्तार

राजधानी पुलिस ने ठगी का पर्दाफाश करते हुए नकली सोना देकर लाखों रुपये कीमत का असली सोना ठगने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह के मां-बेटे को गिरफ्तार किया है। आरोपी सविता सिंह उर्फ सपना उर्फ सप्पो (43 वर्ष) और उसके पुत्र इशांत उर्फ अनुज वर्मा (23 वर्ष), निवासी गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) है। आरोपितों के कब्जे से एक नग सोने का ब्रेसलेट, एक नग सोने की चैन, 82,170 रुपये,घटना में प्रयुक्त वेगनआर कार को जब्त किया गया है।

ज्वेलर्स की दुकान को बनाया निशाना

घटना थाना कोतवाली क्षेत्र के सदर बाजार स्थित धाडीवाल ज्वेलर्स की है। नौ सितंबर की शाम आरोपी महिला दुकान पर पहुंची और नकली सोने का ब्रेसलेट रिपेयर कराने के बहाने दुकानदार को दिया। दुकानदार द्वारा रिपेयर संभव न होने की बात कहने पर महिला ने ब्रेसलेट के बदले असली सोने की चैन मांगी। विश्वास में आकर दुकानदार ने 13 ग्राम 880 मिलीग्राम वजनी चैन जिसकी कीमत 1.68 लाख रुपये थी, महिला को दे दी।

बाद में जांच में ब्रेसलेट नकली निकला और महिला फरार हो गई। धोखाधड़ी का एहसास होते ही दुकानदार ने तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।दुकानदार ने दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज भी सुरक्षित कर लिया है, जिसे पुलिस को उपलब्ध कराया गया।

सीसीटीवी से मिले सुराग, मां-बेटा गिरफ्तार

ठगी की घटना को गंभीरता से लेते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज से राजफाश हुआ कि महिला के साथ एक युवक और चारपहिया वाहन भी है। टीम ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार किया।

बिलासपुर में भी की थी ठगी

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि रायपुर में वारदात से पहले उन्होंने बिलासपुर के सदर बाजार स्थित अजय ज्वेलर्स से भी इसी तरह नकली ब्रेसलेट देकर असली सोना ठगा था।

छत्तीसगढ़ में अब उज्ज्वला कनेक्शन पर OTP से ही मिलेगा सिलेंडर, कालाबाजारी पर कसेगा शिकंजा

छत्तीसगढ़ में अब उज्ज्वला कनेक्शन पर OTP से ही मिलेगा सिलेंडर, कालाबाजारी पर कसेगा शिकंजा

 

रायपुर: प्रदेश में उज्ज्वला और एनएफएसए कनेक्शनधारियों के नाम पर हो रही रसोई गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर अब शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। विभाग ने कड़े कदम उठाते हुए आदेश जारी किया है कि अब इन उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की डिलीवरी ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) बताने के बाद ही दी जाएगी। सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य सीधे तौर पर सब्सिडी के दुरुपयोग और गैस की ब्लैक मार्केटिंग को रोकना है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में उज्ज्वला योजना के अंतर्गत कुल 36,76,260 गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं। अकेले रायपुर जिले में 1,65,918 उज्ज्वला कनेक्शन हैं। इन उपभोक्ताओं को राज्य सरकार की ओर से प्रति सिलेंडर 450 रुपए की सब्सिडी और केंद्र सरकार की ओर से 300 रुपए की सब्सिडी सीधे डीबीटी के जरिए दी जाती है।

गैस एजेंसियों को दिए गए निर्देश

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि राज्य में उज्ज्वला और एनएफएसए कनेक्शनधारियों को अब केवल ओटीपी सत्यापन के बाद ही गैस सिलेंडर रिफिल की डिलीवरी की जाए।

हर महीने सिलेंडर रिफिल पर संदेह

खाद्य विभाग के अनुसार, पहले जब इन लाभार्थियों को सब्सिडी नहीं दी जाती थी, तब एक साल में उनकी औसत रिफिल संख्या छह से नौ के बीच होती थी। लेकिन अब हर माह सिलेंडर रिफिल करवाया जा रहा है, जिससे संदेह पैदा हुआ है कि कहीं इन कनेक्शनधारियों के नाम पर गैस एजेंसी संचालक या अन्य व्यक्ति अवैध रूप से सिलेंडर बुक करवा रहे हैं और उन्हें बाजार में ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं।

सरकार को करोड़ों का नुकसान

फर्जी बुकिंग और कालाबाजारी के चलते राज्य सरकार को हर माह करोड़ों रुपए की सब्सिडी का नुकसान उठाना पड़ रहा है। बुकिंग लाभार्थी के नाम से होती है, लेकिन सिलेंडर किसी और को मिल जाता है, और सरकार को सब्सिडी ट्रांसफर करनी पड़ती है। नए आदेश के तहत अब जब तक लाभार्थी गैस सिलेंडर की डिलीवरी के वक्त मोबाइल पर आए ओटीपी नंबर को नहीं बताएगा, तब तक उसे सिलेंडर नहीं दिया जाएगा। इससे यह तय होगा कि रिफिल की गई गैस उसी व्यक्ति को मिले, जिसके नाम से बुकिंग हुई है।

ओटीपी से गैस डिलवरी का आदेश जारी किया गया है। यह व्यवस्था पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी को रोकने के लिए की गई है।

भूपेंद्र मिश्रा, नियंत्रक, खाद्य विभाग रायपुर

बलौदाबाजार: जिला अस्पताल बलौदाबाजार के इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब की स्टैंडर्ड परखने आएगी एनक्यूएएस की टीम  

बलौदाबाजार: जिला अस्पताल बलौदाबाजार के इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब की स्टैंडर्ड परखने आएगी एनक्यूएएस की टीम

 

जिला अस्पताल बलौदाबाजार में संचालित इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब(आईपीएचएल) के स्टैंडर्ड का आकलन एवं परीक्षण करने 11 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन स्टैंडर्ड की विशेषज्ञ टीम आएगी। टीम के आकलन एवं परीक्षण में तय मानकों पर खरा उतरने पर  एनक्यूएएस सर्टिफिकेट प्राप्त होगा जो जिला व राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि होगा।

सर्टिफिकेट प्राप्त होने पर जिला अस्पताल में संचालित आईपीएचएल देश का पहला एनक्यूएएस सर्टिफाइड सरकारी लैब होगा। कलेक्टर दीपक सोनी ने  जिला अस्पताल पहुंचकर आईपीएचएल का निरीक्षण एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पब्लिक सुविधाओं के साथ ही हाइजिन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

बताया गया कि जिला अस्पताल में संचालित इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब का एनक्यूएएस  सर्टिफिकेशन के लिए पहली बार आवेदन किया है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा मानक पर खरा उतरने सभी सुविधाएं व व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में इस लैब में लगभग 103 प्रकार की जांच सुविधा उपलब्ध है। इसमें हिमेटोलॉज़ी अंतर्गत 16 टेस्ट, क्लिनिकल पैथोलॉजी अंतर्गत 14 टेस्ट, क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री अंतर्गत 30 टेस्ट,सिरोलॉजी अंतर्गत 8 टेस्ट,इम्युनोलॉजी अंतर्गत 28 टेस्ट एवं माइक्रोबायोलॉजी अंतर्गत 7 टेस्ट शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि  राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक, भारत सरकार स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित एक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाना और सुनिश्चित करना है। ये मानक विशिष्ट आवश्यकताओं और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं पर आधारित हैं।प्रमाण-पत्र प्रदान करने के पूर्व विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का कई मानकों पर परीक्षण किया जाता है। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जारी किये जाते हैं।

 

बलौदाबाजार : जान से मारने की धमकी और मारपीट करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार

बलौदाबाजार : जान से मारने की धमकी और मारपीट करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार

बलौदाबाजार। भाटापारा शहर में एक गंभीर मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार आरोपीगणों ने जान से मारने की धमकी देते हुए अश्लील गाली-गलौज की तथा हॉकी स्टिक, सरिया और लोहे के पंच से हमला कर पीड़ित को गंभीर चोटें पहुंचाई।

इस घटना का मुख्य आरोपी देवेंद्र कुमार सचदेव (52 वर्ष) है, जिसने अपने पुत्रों और कर्मचारियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं –
1. देवेंद्र कुमार सचदेव (52 वर्ष) निवासी सचदेव साइकिल स्टोर्स, बस स्टैंड के पास, भाटापारा थाना भाटापारा शहर
2. माधव सचदेव (23 वर्ष) निवासी सचदेव साइकिल स्टोर्स, बस स्टैंड के पास, भाटापारा थाना भाटापारा शहर
3. देवांश सचदेव (27 वर्ष) निवासी सचदेव साइकिल स्टोर्स, बस स्टैंड के पास, भाटापारा थाना भाटापारा शहर
4. आशीष कुमार सविता (29 वर्ष) निवासी मोहन गार्डन उत्तम नगर वेस्ट दिल्ली, वर्तमान निवासी ग्राम चंदेरी थाना सिमगा
पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ कर

CGसरायपाली : सरपंच की रिपोर्ट पर ट्रक चालक पर FIR ट्रक से सार्वजनिक ढांचे को नुकसान का मामला

CGसरायपाली : सरपंच की रिपोर्ट पर ट्रक चालक पर FIR ट्रक से सार्वजनिक ढांचे को नुकसान का मामला

महासमुंद। ग्राम पंचायत भोथलडीह (थाना सिंघोड़ा) में एक ट्रक की लापरवाही से बड़ा हादसा टल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम खम्हारपाली थाना सिंघोड़ा निवासी, जो कक्षा सातवीं तक शिक्षित एवं वर्तमान में ग्राम पंचायत भोथलडीह के सरपंच हैं, ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि दिनांक 05 सितंबर 2025 की रात्रि लगभग 8 बजे ट्रक क्रमांक HR 55 AC 7827 का चालक अपने वाहन को तेज़ी एवं लापरवाहीपूर्वक चलाते हुए NH-53 मार्ग पर स्थित यात्री प्रतिक्षालय एवं सामुदायिक शौचालय को ठोकर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया।

सौभाग्य से इस घटना में किसी व्यक्ति या पशु को चोट नहीं पहुँची। सरपंच ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि आवेदन को पढ़कर देखा गया है और यह उनके बताए अनुसार ही दर्ज किया गया है। साथ ही, मामले पर शीघ्र कार्यवाही की मांग की गई है। थाना सिंघोड़ा पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर ट्रक चालक के विरुद्ध FIR दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।

CG: कोरिया की ऐतिहासिक गाथा: कोल, गोंड, चौहान वंश और मराठा संघर्षों की अनकही कहानी, कूदेरगढ़ के मंदिर से लेकर बैकुंठपुर के महलों तक,स्वतंत्र भारत में विलय की कहानी

CG: कोरिया की ऐतिहासिक गाथा: कोल, गोंड, चौहान वंश और मराठा संघर्षों की अनकही कहानी,
कूदेरगढ़ के मंदिर से लेकर बैकुंठपुर के महलों तक,स्वतंत्र भारत में विलय की कहानी,

भारत के छत्तीसगढ़ मे 1600 से पहले कोरिया का इतिहास अस्पष्ट है। डाल्टन के अनुसार, बलेंद कोरिया के मूल शासक थे। बलेंद राजा की राजधानी सीधी में थी। (उनके वंशजों सीधी जिले के मदवास मे रह रहे है)। इनके महत्वपूर्ण पारंपरिक कार्यो के ध्वंसावशेष उनके बारे मे बताते है। सरगुजा ज़िले के भैयाथान ब्लॉक मे कूदेरगढ़ मे स्थित देवी महामाया का मंदिर उनके द्वारा बनाया गया था। सोनहत के पास मेन्द्रा गाँव की उत्तर पहाड़ बलेंद पहाड के नाम से जाना जाता है।

डाल्टन के अनुसार, कोल राजा और गोंड ज़मीनदारों की एक संयुक्त सैन्य बल ने बलेंद शासको को कोरिया से खदेर दिया था। कोल कोंच , कोल के रूप में जाने जाते थे और ग्यारह पीढ़ियों तक शासन किया है, कहा जाता है। एक राय यह है कि वे कोरियागढ़ उनकी राजधानी थी। वहाँ कोरियागढ़ के शीर्ष पर एक पठार है और वहाँ कुछ खंडहर देख सकते हैं। वहाँ खंडहर के निकट एक बौली है। अन्य का मानना है कि कोल राजा की राजधानी गाँव बचरा मे थी जो की पोडी के नजदीक है और उस समय राजा कोरियागढ़ में अपनी राजधानी निर्माण कर रहे थे बचरा गांव में एक मिट्टी का टीला है और ग्रामीणों का कहना है कि यह कोल राजा का निवास स्थल था। यह भी संभव है कि कोरिया के दक्षिणी भाग मे कोल राजा का और उत्तरी भाग पर बलेंद राजा शासन था।

17 वीं सदी में, मैनपुरी, अग्निकुल चौहान राजा के दो चचेरे भाई दलथंबन साही और धारामल साही जगन्नाथ पुरी से तीर्थ यात्रा के बाद लौट रहे थेवे उन लोगों के साथ एक छोटे से बल था। मैनपुरी का मार्ग वाराणसी, मिर्जापुर, सीधी, सरगुजा, छोटानागपुर और संबलपुर से हो कर जाता था। अपनी वापसी के दौरान वे सरगुजा की राजधानी विश्रामपुर मे रुके थे इसके बाद इसे अंबिकापुर नाम दिया गया है। उन्होंने जोडा तालाब के निकट अपना डेरा डाला था जो आज भी वहाँ मौजूद है । उस समय सरगुजा के महाराजा राजधानी से दूर गए हुये थे और राज्य के कुछ बागी सरदार महल को घेर लिया था। रानी को जब ये पता चला है कि चौहान भाइयों ने जोडा तालाब के पास ठहरे है। रानी ने पारंपरिक राखी उन्हे भेज दिया। दलथंबन साही और धारामाल साही उसके बचाव के लिए आये था और बागी सरदारों खदेर दिया। उनके सैन्य बल का एक प्रमुख हिस्सा मुठभेड़ में मारे गए। कुछ समय के बाद महाराजा लौट आए। उन्होंने चौहान भाईयो को रानी को बचाने के लिए धन्यवाद किया और उन्हें राज्य के पूर्वी हिस्से के क्षेत्र की जागीरदारी की पेशकश की जो झिलमिली के नाम से जाना जाता है यह बड़े भाई दलथंबन साही द्वारा स्वीकार कर लिया गया। झिलमिली क्षेत्र का एक हिस्सा बलेंद राजाओं के नियंत्रण में था।

चौहान भाइयों ने रहर नदी के पास कसकेला गांव में बस गए। वे इस क्षेत्र और आस पास के क्षेत्र से बलेंद की सैन्य बल को खदेर दिया। पकरियस जो हमेशा ही सरगुजा राज्य के खिलाफ विद्रोही रहे । वे सरगुजा राज्य को वार्षिक कर दिया करते थे। भैया का खिताब महाराजा अमर सिंह द्वारा परिवार के नाम पर किया गया। चूंकि भाइयों को राखी बांधने के बाद से, वे रानी के भाई बन गया थे, इसलिए वो क्षेत्र भैयास्थान के नाम से जाना जाता है। (सरगुजा जिले के ब्लॉक में से एक)। कुछ समय के लिए छोटे भाई धारामाल साही केशकेला में अपने भाई के साथ रहा और फिर उसने अपना अलग राज्य बनाने के फैसला किया। उसने अपनी सैन्य शक्ति एकत्र किया और सरगुजा राज्य की सीमा से लगे कोरिया राज्य जहां पर कोल राजा का शासन था के पश्चिम की ओर चले गए। वे कोरियागढ़ के आस-पास क्षेत्र जो चिरमिके रूप में जाना जाता था के गांव में ठहरे। उसने कोल राजा पर हमला किया और लड़ाई में उसे परास्त कर दिया और कोरिया के राज्य पर कब्जा कर लिया। वे कुछ समय के लिए वे चिरमी पर रुके थे और उसके बाद नगर गांव है, जिसे उन्होने अपनी राजधानी बनाया ।

जैसा कि पहले कहा गया है कि, राज्य के उत्तरी भाग सीधी के राजा बलेंद के अधीन था। धारामल साही या उसके वंशजो ने कोरिया राज्य के उत्तरी क्षेत्र से बलेंद को खदेर दिया। धारामल साही के तीन बेटे देवराज साही, अधोराय देव और रघोराय देव था। धारामल साही मृत्यु के पश्चात, परंपरा के अनुसार सबसे बड़े पुत्र देवराज साही गद्दी पर बैठा। वह निस्संतान था और उसका छोटे भाई का बेटा नरसिंह देव उसका उत्तराधिकारी बना। उसके बाद उसका बेटा राजा जीत राय देव सत्ता संभाल मे सफल हो गया था। उसके बाद उसका बेटा राजा सागर साही देव उत्तराधिकारी बना। उनकी मृत्यु पर, उनके बेटे राजा अफहर साही देव गद्दी चढ़ा। उसके बाद उसका पुत्र राजा जहान साही देव गद्दी पर बैठा रहा। उसके बाद उसका बेटा राजा सावल साही देव बना। उनकी मृत्यु पर उनका बेटा राजा गजराज सिंह देव राजा बना। वह निस्संतान था और उसने अपने भतीजे राजा गरीब सिंह उत्तराधिकारी बनाया जो लाल दिलीप सिंह देव का बेटा था । राजा गरीब सिंह के छोटे भाई लाल मानसिंह को एक जागीर, दिया गया जो चंगभकर था। वह चंगभकर का जगीरदार बना जिसकी राजधानी भरतपुर था। राजा गरीब सिंह नगर में 1745 में पैदा हुये थे सन 1765 मे नागपुर के भोसले की फौजों ने नगर पर हमला किया और चौथ का भुगतान करने के लिए राजा के गरीब सिंह को मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए चौथ का भुगतान किया और फिर बाद भुगतान बंद कर दिया। उसने अपनी राजधानी रजौरी मे प्रतिस्थापित कर दिया और फिर बाद मे सोनहत । राजधानी को बाद मे मराठा हमलों के डर से अंदरूनी क्षेत्र मे ले जाया गया

1797 में मराठो ने ,सूबेदार गुलाब खान के नेतृत्व मे सोनहत पर हमला कर दिया और चौथ का भुगतान करने के लिए राजा के गरीब सिंह को मजबूर कर दिया। गुलाब खान मराठा सूबेदार था जो रतनपुर (बिलासपुर जिला) में तैनात था। वे फौजी सिपाही की बंदूक के साथ 200 पैदल सैनिकों और 30 अश्वारोही साथ आ धमका था। सरगुजा के महाराजा ने भी जो 80 अश्वारोही और पैदल सैनिकों भेजा करउनकी सहायता की थी। वे ग्रामीण इलाकों को तबाह कर दिया। पटना जमींदार की फौजों ने लतमा गांव में उनकी वापसी के समय उन पर हमला कर दिया। मराठों सरगुजा राज्य में जल्दबाजी में वापसी मे हारे। पटना जमींदार अभी भी दस तलवार और युद्ध ड्रम को मुठभेड़ में कब्जा कर लिया। ईस्ट इंडिया कंपनी ने नागपुर के मोद जी भोसले की हार के बाद, छत्तीसगढ़ राज्यों को ईस्ट इंडिया कंपनी के आधिपत्य में कर लिया। गरीब सिंह द्वारा 24 दिसंबर 1819 को कबूलियत क्रियान्वयन मे यह सहमति हुयी कि कोरिया राज्य वार्षिक कर 400 रुपये कि भेट अर्पित करेगा। चंदभाकर कोरिया के एक सामंती निर्भरता के रूप में था और Rs.386 के लिए एक श्रद्धांजलि ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए किया । कर कोरिया राज्य के माध्यम से भुगतान किया जा रहा था। राजा गरीब सिंह के बाद राजा अमोल सिंह (जन्म 1785) जून 1828 को पद पर बैठे। वे 1848 में ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जिसमे कर की राशि यथावत बनी रहे। बाद मे 1848 चंदभाकर इस कर को सीधे भुगतान करना शुरू किया। राजा अमोल सिंह एक कमजोर राजा थे, राज्य वस्तुतः उनकी पत्नी रानी कदम कुंवर द्वारा शासन किया गया था। अमोल सिंह की मृत्यु के बाद (1864) उसका बेटा राजा प्राण सिंह (जन्मे 1857) राजा बने ।

राजा प्राण सिंह देव निस्संतान थे। उनकी मृत्यु के बाद (1897) राजा शिवोमंगल सिंह देव (सन 1874 मे जन्मे, लाल रघो राय देव के उत्तराधिकारी, राजा धारामाल साही के तीसरे बेटे ) सन 1899 राजा बने । शिवोमंगल सिंह देव राजा वर्ष 1900 मे अपनी राजधानी सोनहत से बैकुंठपुर स्थानांतरित कर दिया ।उस समय बैकुंठपुर केन्द्र मे स्थित था और इस राज्य को बैकुंठपुर से बेहतर प्रशासित किया जा सकता है। उसने नए महल के पास दो टैंक और एक मंदिर का निर्माण किया। उनकी मृत्यु (18 नवंबर 1909) के बाद, उनके सबसे बड़े पुत्र राजा रामानुज प्रताप सिंग देव (जन्म 1901) 18 नवंबर 1909 को राजा बने । वे नाबालिग थे इसलिए कोरिया राज्य के अधीक्षक गोरे लाल पाठक के देख रेख मे रखा गया था। यह 1916 तक चला । पंडित गंगादीन पद भार उनसे लेकर 1918 तक रहे । इसके बाद रघुवीर प्रताप वर्मा द्वारा शासन किया गया । अंत में, जनवरी 1925 में, राजा रामानुज प्रताप सिंह देव ने अपनी पूरा सत्तारूढ़ शक्तियों के साथ संपूर्ण सत्ता पर शासन किया और कोरिया राज्य का स्वतंत्र भारत मे सम्मिलित होने तक शासन किया । राजा रामानुज प्रताप सिंह देव एक सख्त प्रशासक था और उनका प्रशासन भ्रष्टाचार से मुक्त था। वे 1931 में लंदन में आयोजित दूसरे गोलमेज सम्मेलन में सत्तारूढ़ मुख्य शासक का प्रतिनिधित्व किया ।वे असाधारण रूपसे ईमानदार और सरल थे। वह हमेशा खुद को राज्य का संरक्षक माना और ईमानदारी और कुशलता के साथ यह शासन किया। 1925 जब वो गद्दी पर बैठे कोरिया राज्य की आय 2.25 लाख से बढ़कर 1947-1948 में 44 लाख हो गयी जब राज्य मध्य प्रांत और बरार के साथ विलय कर दिया गया था तब आरक्षित रुपये एक करोड़ रुपये तक हो गया था। इस अवधि में बहुत सारे काम किए थे। 1928 में, बिजुरी का निर्माण – चिरमिरी रेलवे लाइन का काम शुरू किया और 1931 पर पूरा कियागया। 1928 चिरमिरी कोलरी बंसी लाल अबीरचंद द्वारा खोला गया । 1928 में खुरसिया कॉलेरी शुरू कर दिया है। 1929 में, झगराखंड कॉलेरी खोला गया। 1930 में मनेन्द्रगढ़ के लिए रेलवे संचार शुरू कर दिया । सन् 1935 में रामानुज हाई स्कूल खोला गया। 15 दिसंबर 1947 को राजा रामानुज प्रतापसिंह देव ने राज्य को मध्य प्रांत और बरार मे विलय के समझौते पर हस्ताक्षर किया और अंत में 1 जनवरी 1948 राज्य को मध्य प्रांत और बरार के साथ विलय कर दिया

भारतीय नौसेना का ऐतिहासिक कदम: पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन लंबी दूरी के प्रशिक्षण अभियान पर रवाना

भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन की लंबी दूरी हेतु प्रशिक्षण के लिए तैनाती

भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टीएस) के जहाज आईएनएस तीर और आईसीजीएस सारथी व आईएनएस शार्दुल दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी लंबी दूरी की प्रशिक्षण तैनाती के हिस्से के रूप में 08 सितंबर, 2025 को क्रमशः ला रियूनियन तथा पोर्ट लुईस पहुंचे।

ला रियूनियन में तिर व सारथी का स्वागत फ्रांसीसी नौसेना के जहाज एफएस निवोस द्वारा किया गया और स्वागत के दौरान एक सयुंक्त नौसैन्य अभ्यास (पैसेक्स) भी आयोजित किया गया। इस यात्रा में क्रॉस-ट्रेनिंग दौरे, संयुक्त डाइविंग अभ्यास, योग सत्र और खेलकूद जैसी प्रमुख गतिविधियां शामिल हैं, जिससे भारत-फ्रांस नौसैनिक साझेदारी सशक्त होगी। 1टीएस के वरिष्ठ अधिकारी ने फ्रांसीसी नौसेना बेस कमांडर और कमांडेंट सुपीरियर डेस एफएजेडएसओआई से भी मुलाकात की, जहां चर्चा क्षेत्रीय सुरक्षा, संयुक्त अभ्यासों की भविष्य की संभावनाओं तथा मित्रवत संबंधों को विस्तार देने के साझा दृष्टिकोण के तहत समुद्री सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर केंद्रित रही।

इसके साथ ही आईएनएस शार्दुल ने मॉरीशस के पोर्ट लुईस में प्रवेश किया, जहां उसने आगमन से पहले एमसीजीएस विक्ट्री और मॉरीशस तटरक्षक डोर्नियर के साथ संयुक्त गश्त एवं विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) निगरानी की। बंदरगाह पर प्रवास के दौरान, आईएनएस शार्दुल के कमांडिंग ऑफिसर ने पुलिस आयुक्त, राष्ट्रीय तटरक्षक बल के कमांडेंट और गृह मामलों के सचिव सहित मॉरीशस के वरिष्ठ नेतृत्व से भेंट की। इस बातचीत से भारत और मॉरीशस के बीच विश्वास, व्यावसायिक सहयोग एवं सांस्कृतिक संबंधों के मूल्यांवान बंधन की पुष्टि हुई।

मॉरीशस के राष्ट्रीय तटरक्षक बल के साथ संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यासों की एक श्रृंखला की योजना बनाई गई है, जिसमें गोताखोरी संचालन, अग्निशमन, क्षति नियंत्रण और जहाज पर परिचयात्मक अभ्यास शामिल हैं। सौहार्द और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक आउटरीच, योग सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा मैत्रीपूर्ण खेल आयोजनों का आयोजन किया जा रहा है। क्रॉस-डेक दौरे, स्कूल भ्रमण और खुले जहाज के कार्यक्रम, आम जनता व प्रवासी भारतीयों को समुद्री जीवन एवं भारतीय नौसेना की भूमिका के बारे में जानकारी प्राप्त करने के अवसर प्रदान करेंगे।

ला रियूनियन और मॉरीशस में पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के समवर्ती बंदरगाह आगमन से साझेदार देशों के साथ समुद्री सहयोग को बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता उजागर होती है। यह तैनाती क्षेत्रीय स्थिरता, संवर्धित आपसी सहभागिता और महासागर के दृष्टिकोण के अनुरूप घनिष्ठ सहयोग की साझा आकांक्षाओं को भी दर्शाती है, जो हिंद महासागर क्षेत्र में मैत्री सेतु को सशक्त करने में भारतीय नौसेना की भूमिका की पुष्टि करती है।

कैसा होगा आपका दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार… हर वर्ग के लिए जानिए दैनिक राशिफल 11-सितम्बर-2025

कैसा होगा आपका दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार… हर वर्ग के लिए जानिए दैनिक राशिफल 11-सितम्बर-2025

मेष
अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो
अतिथियों का आगमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। स्वाभिमान रहेगा। प्रमाद न करें। बुद्धि चातुर्य से कठिन कार्य भी आसानी से बनेंगे। वैवाहिक अड़चनें समाप्त होंगी। आय-व्यय में असंतुलन की स्थिति बन सकती है। विरोधी परास्त होंगे।
राशि फलादेश

वृषभ
ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो
विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक जिम्मेदारी का पूर्ण ध्यान रखें। रचनात्मक कार्यों का प्रतिफल प्राप्त होगा। व्यापार में उन्नति होगी। कानूनी विवादों का निपटारा होगा

राशि फलादेश
मिथुन
का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह
बुरी खबर मिल सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दौड़धूप अधिक होगी। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। मकान व जमीन संबंधी कार्य बनेंगे। संतान पर अनावश्यक रोक न लगाएँ। धन लाभ होने की भी संभावना है। सामाजिक कार्यों में सीमित रहें।
राशि फलादेश

कर्क
ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो
मेहनत का फल मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। निवेश, यात्रा व नौकरी लाभ देंगे। अपने प्रयासों से उन्नति पथ प्रशस्त करेंगे। इच्छित काम पूर्ण हो सकेंगे। स्वास्थ्य की समस्या सुलझेगी। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी।
राशि फलादेश

सिंह
मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे
संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। यात्रा व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। कानूनी मामलों में लापरवाही न करें। सम्मान व कीर्ति में वृद्धि होगी। व्यापार में नए प्रस्तावों से लाभ मिलने के योग हैं।
राशि फलादेश

कन्या
ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो
यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। भौतिक विकास के कार्यों को बल मिलेगा। भागीदारी के प्रस्ताव आएँगे। दिनचर्या नियमित रहेगी। रिश्तेदारों से भेंट हो सकेगी। दूसरों की आलोचना, निंदा से दूर रहें। फालतू खर्च होगा।
राशि फलादेश

तुला
रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते
क्रोध पर नियंत्रण रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। दूसरों पर अतिविश्वास न करें। नई योजनाओं का सूत्रपात होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। व्यावसायिक समस्याओं का हल आपके माध्यम से हो सकेगा। दूसरों से व्यर्थ में न उलझें।
राशि फलादेश

वृश्चिक
तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू
लेन-देन में सावधानी रखें। पुरानी लेनदारी वसूल होगी। यात्रा सफल रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। व्यवहार-कुशलता से समस्या का समाधान संभव है। व्यापारिक निर्णय लेने में देरी नहीं करना चाहिए। लाभ होगा

राशि फलादेश
धनु
ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे
योजना फलीभूत होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। अधूरे पड़े कार्य पूरे होंगे। जीवनसाथी से संबंधों में मधुरता आएगी। प्रयास व सहयोग से अनुकूलता आएगी। पिता से व्यापार के विषय में मतभेद हो सकते हैं।

राशि फलादेश
मकर
भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। नए प्रस्ताव प्राप्त होंगे। सुखद यात्रा के योग हैं। रचनात्मक काम होंगे। आलस्य को त्यागकर कार्यों को समय पर करने से सफलता प्राप्त हो सकती है।
राशि फलादेश

कुंभ
गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। सोच-समझकर व्यय करें। व्यापार लाभप्रद रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। विवाद समाप्त होने से शांति एवं सुख बढ़ेगा। व्यापार अच्छा चलेगा।
राशि फलादेश

मीन
दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची
प्रेम-प्रसंग में सफलता मिलेगी। कानूनी बाधा दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। परोपकारी स्वभाव होने से दूसरों की मदद कर पाएँगे। काम के प्रति लापरवाही न करें। प्रयत्न एवं दूरदर्शिता से सहयोग

रायपुर एयरपोर्ट पर ATC उपकरण पर अचानक बिजली गिरने से सिस्टम फेल, 5 फ्लाइट डायवर्ट

रायपुर एयरपोर्ट पर ATC उपकरण पर अचानक बिजली गिरने से सिस्टम फेल, 5 फ्लाइट डायवर्ट

 

रायपुर। राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर बुधवार को बड़ा तकनीकी संकट खड़ा हो गया। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के सिग्नल देने वाले तकनीकी उपकरणों पर अचानक बिजली गिरने से सिस्टम फेल हो गया। तकनीकी गड़बड़ी के चलते रायपुर आने वाली कई उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

कौन-कौन सी उड़ानें हुई डायवर्ट

हैदराबाद से रायपुर आने वाली फ्लाइट को भुवनेश्वर भेजा गया।

कोलकाता से रायपुर फ्लाइट को भी भुवनेश्वर डायवर्ट किया गया।

दिल्ली से रायपुर उड़ान को भोपाल भेजा गया।

मुंबई से रायपुर आने वाली फ्लाइट को नागपुर डायवर्ट किया गया। वहीं, पुणे से रायपुर की फ्लाइट कुछ देर तक हवा में मंडराती रही।

यात्रियों को करना पड़ा इंतजार

अचानक हुए इस तकनीकी फेलियर के कारण रायपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों को दूसरे शहरों में उतरना पड़ा, जहां से उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था से गंतव्य तक भेजने की कवायद शुरू हुई।

मरम्मत का काम जारी

एयरपोर्ट प्रबंधन ने कहा कि ATC के तकनीकी उपकरणों की मरम्मत का कार्य जारी है।

CG कोरिया : झुमका बोट हाउस संचालन हेतु निविदा आमंत्रित झुमका जलाशय में हाउस बोट संचालन के लिए दो वर्षों के अनुबंध पर प्रस्ताव आमंत्रित, 18 सितंबर अंतिम तिथि

CG कोरिया : झुमका बोट हाउस संचालन हेतु निविदा आमंत्रित
झुमका जलाशय में हाउस बोट संचालन के लिए दो वर्षों के अनुबंध पर प्रस्ताव आमंत्रित, 18 सितंबर अंतिम तिथि

 

पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल करते हुए झुमका वाटर टूरिज्म सोसायटी, बैकुण्ठपुर द्वारा झुमका जलाशय क्षेत्र में एक नग हाउस बोट के संचालन हेतु मुहरबंद प्रथम निविदा आमंत्रित की गई है। यह निविदा दो वर्ष के अनुबंध पर निर्धारित की गई है।

इच्छुक निविदाकार 18 सितंबर 2025 तक 1000 रुपये नगद या बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से निविदा प्रपत्र प्राप्त कर सकते हैं। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 18 सितंबर 2025 दोपहर 2 बजे निर्धारित की गई है। प्राप्त निविदाओं को उसी दिन दोपहर 3 बजे खोला जाएगा। हाउस बोट की संख्या 01 नग है। अमानत राशि 5 लाख रुपये है, मासिक किराया 1.4 लाख रुपये (समिति द्वारा निर्धारित) है। निविदा से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति झुमका वाटर टूरिज्म सोसायटी, बैकुण्ठपुर से संपर्क कर सकते हैं।