छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक बसों के लिए केंद्र सरकार से मिला पैसा, चार्जिंग व्यवस्था नहीं होने अटकी योजना

छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक बसों के लिए केंद्र सरकार से मिला पैसा, चार्जिंग व्यवस्था नहीं होने अटकी योजना

 

रायपुर: बसों के लिए केंद्र सरकार से धनराशि मिल चुकी है, परंतु चार्जिंग की व्यवस्था करने में विफलता ने इलेक्ट्रिक बस योजना को फंसा दिया है। पूरी प्रक्रिया में प्रदेश के अधिकारी ‘हाथी निकल गया, परंतु पूंछ अटक गया’ की कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं।

शहरी विकास मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में अब तक केवल 215 ई-बसें ही संचालित हो सकी हैं, जबकि पिछले पांच महीनों से टेंडर प्रक्रिया और अन्य तैयारियां अधूरी पड़ी हैं। वहीं ओडिशा में 450, पश्चिम बंगाल में 391 और आंध्र प्रदेश में 238 ई-बसें संचालित हो रही है और ये राज्य छत्तीसगढ़ से आगे निकल चुके हैं। देश में सर्वाधिक ई-बसें दिल्ली में 3,564, महाराष्ट्र में 3,296, कर्नाटक में 2,236 और उत्तरप्रदेश में 850 में चल रही हैं।

जारी रिपोर्ट में बताया गया कि पूरे भारत में 14,329 ई-बसें चल रही हैं। शीर्ष चार राज्य दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश के बाद ओडिशा इन बड़े राज्यों से थोड़ा पीछे है। आने वाले वर्षों में 1,000 से अधिक ई-बस बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है।

290 चार्जिंग स्टेशन स्थापित

राज्य में करीब 290 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित हैं। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जिलों में लगभग 50 प्रतिशत चार्जिंग स्टेशन मौजूद हैं, जबकि शेष 50 प्रतिशत चार्जिंग स्टेशन अन्य जिलों में हैं। सभी शोरूम या विक्रय स्थलों पर अनिवार्य रूप से चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने के निर्देश दिए।

बढ़ाए जा रहे चार्जिंग प्वाइंट

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदी और उपयोगिता को बढ़ावा देने विभिन्न स्थानों पर ई-वाहनों के लिए चार्जिंग प्वाइंट की स्थापना को लेकर पिछले महीने इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों की मंत्रालय बैठक हुई थी। इस बैठक में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने के लिए पेट्रोल पंपों और इलेक्ट्रिक वाहन विक्रेताओं से चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर जोर दिया गया।

जिन जिलों में चार्जिंग स्टेशन की संख्या कम है, वहां प्राथमिकता के आधार पर चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना करने का काम चल रहा है। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से विशेष उपाय किए गए हैं, जिनमें चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वाले हितग्राहियों को सब्सिडी प्रदान करने का प्राविधान शामिल है।

12 हजार बिके ई-वाहन लेकिन ई-चार्जिंग पर्याप्त नहीं

वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभिन्न कंपनियों द्वारा 12,617 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री की गई है, जो राज्य की ई-वाहन नीति में निर्धारित लक्ष्य से अधिक है। यह रुझान बताता है कि ई-वाहनों की बिक्री में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन मुख्य चुनौती पर्याप्त और सुलभ ई-चार्जिंग प्वाइंट की उपलब्धता बनी हुई है।

इस वर्ष राज्य सरकार ने रायपुर में 100, दुर्ग भिलाई और बिलासपुर में 50-50 और कोरबा में 40 कुल 240 ई-बस उतारने की योजना मंजूर करने के साथ ही 52.75 करोड़ रुपए नागरिक सुविधाओं और विद्युत संरचना के विकास के लिए स्वीकृत की है। अधिकारियों ने बताया कि निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और अनुबंध शीघ्र ही दिए जाएगे,जो अब तक नहीं हो पाया है।

ई-कार के लिए रायपुर से अंबिकापुर, जगदलपुर समेत अन्य शहरों तक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। प्रत्येक 40-40 किलोमीटर में यह व्यवस्था होनी चाहिए। खासकर पेट्रोल पंपों में स्थापित करने को कहा गया है। वहीं रायपुर नगर निगम ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बना रहा है।

-डी.रविशंकर, अपर परिवहन आयुक्त

छत्तीसगढ़/ बच्चों की जान से खिलवाड़! स्कूल के खाने में नजर आए कीड़े, प्रिंसिपल को मिला नोटिस

छत्तीसगढ़/ बच्चों की जान से खिलवाड़! स्कूल के खाने में नजर आए कीड़े, प्रिंसिपल को मिला नोटिस

 

रायगढ़ सरकारी स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक व स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं, दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के कारण बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है।

ताजा मामला घरघोड़ा विकासखंड के संकुल केंद्र टेरम स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का है। यहां आकस्मिक निरीक्षण पर पहुंचे अधिकारी को मध्याह्न भोजन में कीड़े मिले हैं। मामले में बीईओ ने प्राचार्य को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

प्रिंसिपल को मिला नोटिस

टेरम स्कूल के प्राचार्य किशोर देवांगन पर यह आरोप है कि उनकी सीधी निगरानी में बच्चों को गंदा भोजन परोसा जा रहा था। यह आचरण न सिर्फ घोर लापरवाही है बल्कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का भी खुला उल्लंघन है।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने इस गंभीर लापरवाही पर प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शासन द्वारा समय-समय में जारी साफ-सफाई, सावधानी एवं सतर्कता बरतने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देशों को रसोईयों एवं स्व सहायता समूहों को आपके द्वारा निर्देशित नहीं किया गया।

इससे प्रतीत होता है कि बच्चों के सेहत का कोई ख्याल नहीं रखते हुए बिना साफ-सफाई कर भोजन तैयार किया जा रहा है तथा अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही व अनुशासनहीनता बरती जा रही है जो कि छ०ग० सिविल सेवा आचरण अधिनियम-1965 के नियम-3 के विपरीत है। इस कृत्य के लिए क्यों न वरिष्ठ कार्यालय को आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु प्रस्तावित किया जाए।

बहरहाल तीन दिवस के भीतर शालेय कार्यावधि के पश्चात अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष स्वतः उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण अनिवार्यतः प्रस्तुत करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिए है। वहीं, स्पष्टीकरण संतोषजनक स्थिति नहीं पाये जाने पर आगामी माह का वेतन लंबित रखते हुए खिलाफ एकपक्षीय कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।

सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं के निर्देश से मचा हड़कंप

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नोटिस में कई तथ्यों का उल्लेख किया गया है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि बच्चों की जान से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों की इस सख्त चेतावनी और निर्देश से अन्य स्कूलों के प्रचार्य एवं प्रधान पाठकों में हड़कंप मच गया है। वही देखना यह भी होगा कि इस निर्देश और सख्ती बातों का कितना असर पड़ता है।

क्या कहते हैं विकासखंड शिक्षा अधिकारी

इस विषय मे जानकारी लेने जब हमने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी संतोष सिंह से बच्चों के खाने में कीड़े निकलने पर उनके द्वारा जारी नोटिस के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा मेरे ध्यान में नही है,अभी थोड़ा व्यस्त हूं।

सरकारी स्कूल में ससुर की जगह बच्चों को पढ़ा रहा दामाद, बिलासपुर में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने

सरकारी स्कूल में ससुर की जगह बच्चों को पढ़ा रहा दामाद, बिलासपुर में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने

 

बिलासपुर कोटा ब्लाक के बेलगहना क्षेत्र का आमागार प्राथमिक स्कूल में शिक्षा विभाग की लापरवाही सामने आई है। यहां लकवा ग्रस्त शिक्षक शंकर सिंह कंवर की जगह उनका दामाद बीते तीन सालों से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। आरोप यह भी है कि दामाद अकसर शराब पीकर स्कूल पहुंचता है। यह चौंकाने वाला मामला शिक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

बीईओ ने झाड़ा पल्ला

ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा विभाग की अनदेखी के चलते बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। जिन बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी योग्य शिक्षक की थी, वहां शराबी दामाद पढ़ा रहा है। यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को उजागर करती है। मामला खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) तक पहुंचा तो उन्होंने केवल आकर देखता हूं कहकर पल्ला झाड़ लिया।

ग्रामीणों ने लगाया आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग शिकायतों को दबाने और औपचारिक नोटिस थमाकर मामले को रफा-दफा करने का आदी हो चुका है। अधिकांश सरकारी शिक्षक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजते हैं, क्योंकि उन्हें खुद सरकारी शिक्षा की सच्चाई पता है। अब बड़ा सवाल यह है कि शिक्षा विभाग कब तक इस तरह की लापरवाहियों को नजरअंदाज करता रहेगा और बच्चों का भविष्य बिगाड़ता रहेगा।

महासमुंद: डर दिखाकर आरटीओ चालान में धोखाधड़ी, परिवहन विभाग ने की जागरूक रहने की अपील

छत्तीसगढ़ राज्य में हाल के दिनों में ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक नया तरीका तेजी से सामने आ रहा है। यह तरीका लोगों के मोबाइल पर आने वाले नकली आरटीओ ई-चालान संदेशों से जुड़ा है। धोखेबाज़ ट्रैफिक नियमों का हवाला देकर लोगों को डरा रहे हैं और मोबाइल पर ऐसे संदेश भेज रहे हैं, जिनमें लिंक या संदिग्ध एप्लीकेशन (apk फाइल) शामिल होती है। लोग जैसे ही इन लिंक पर क्लिक करते हैं, उनके मोबाइल फोन से निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स और पासवर्ड तक चोरी कर लिए जाते हैं। इसके बाद उनके खाते से पैसे गायब होने लगते हैं।

कैसे हो रही है धोखाधड़ी?परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, साइबर ठग सबसे पहले यादृच्छिक मोबाइल नंबरों पर संदेश भेजते हैं। इनमें यह लिखा होता है कि आपके खिलाफ ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ई-चालान जारी किया गया है। मैसेज में एक लिंक दिया जाता है और कहा जाता है कि चालान भरने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें। कुछ मामलों में तो नकली आरटीओ लोगो लगाकर ऐसे मैसेज भेजे गए, जिससे यह वास्तविक लगने लगे।

जैसे ही व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल में एक फर्जी ऐप या वेबसाइट खुलती है। वहां पर चालान की जानकारी डालने के बहाने उनसे बैंक अकाउंट, यूपीआई आईडी या डेबिट/क्रेडिट कार्ड की डिटेल मांगी जाती है। एक बार जानकारी भरने के बाद, उनके खाते से पैसे तुरंत ट्रांसफर कर लिए जाते हैं।

विभाग ने दी चेतावनी

छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने इस धोखाधड़ी को गंभीरता से लेते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी चालान से संबंधित जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही उपलब्ध है:
👉 https://echallan.p arivahan.gov.in

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वास्तविक ई-चालान भरने के लिए किसी अनजान लिंक या ऐप की आवश्यकता नहीं होती। इसकी प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है और सीधे सरकारी पोर्टल पर ही होती है।

असली चालान की जानकारी कैसे देखें?

1. सबसे पहले echallan.parivah an.gov.in वेबसाइट पर जाएं।

2. “पे ऑनलाइन” विकल्प पर क्लिक करें।

3. अपना चालान नंबर और कैप्चा डालें।

4. आपके पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी आएगा।

5. ओटीपी डालने के बाद आप अपने चालान का पूरा विवरण देख सकते हैं और वहीं से सुरक्षित भुगतान कर सकते हैं।

 

जनता के लिए विशेष अपील

विभाग ने नागरिकों से कहा है कि—

किसी भी संदिग्ध लिंक या एप्लीकेशन को डाउनलोड न करें।

अनजान व्यक्ति या कॉल पर बैंक से जुड़ी जानकारी कभी न साझा करें।

वास्तविक ई-चालान की सूचना केवल विभाग की आधिकारिक एसएमएस सेवा से ही मिलती है, किसी निजी नंबर से नहीं।

अगर कोई संदिग्ध संदेश, कॉल या ऐप प्राप्त होता है तो उसकी जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में दें।

साइबर अपराध बढ़ते खतरे

विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट साक्षरता की कमी के कारण वहां के लोग इन धोखेबाज़ों के निशाने पर ज्यादा रहते हैं। वहीं शहरों में भी कई लोग जल्दबाजी या डर की वजह से लिंक पर क्लिक कर बैठते हैं।

पुलिस विभाग ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि ऐसे मामलों में नागरिकों की जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। एक क्लिक से आपकी मेहनत की कमाई गायब हो सकती है, इसलिए हर कदम पर सतर्क रहें।

निष्कर्ष

नकली ई-चालान से जुड़ी धोखाधड़ी सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश में चिंता का विषय बन चुकी है। सरकार और परिवहन विभाग लगातार लोगों को जागरूक करने की कोशिश कर रहे हैं। असली चालान की जानकारी और भुगतान केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही संभव है। यदि लोग थोड़ी सतर्कता बरतें और संदिग्ध संदेशों से दूरी बनाए रखें, तो इस तरह की ठगी से आसानी से बचा जा सकता है।

CG Crime: 50 लाख रुपये की लालच में बुजुर्ग दंपती को बनाया बंधक, विरोध करने पर पति की हत्या

CG Crime: 50 लाख रुपये की लालच में बुजुर्ग दंपती को बनाया बंधक, विरोध करने पर पति की हत्या

 

छत्तीसगढ़ : धमतरी घर में रखे नकद व जेवरात को लूटने से मना करने पर बुजुर्ग की चाकू मारकर हत्या करने वाले 6 नकाबपोश आरोपी युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लूट के जेवरात व नकदी तथा हत्या करने उपयोग किए औजार को जब्त कर सभी के खिलाफ पुलिस ने जुर्म दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार लुटेरों ने घर में 50 लाख रुपये नकद होने की आशंका पर लूट की इस घटना को अंजाम दिया है। बंधक बनाने के दौरान मृतक व उनकी पत्नी से सभी आरोपी इस राशि की मांग लगातार कर रहे थे। अर्जुनी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एक सितंबर की रात ग्राम भानपुरी निवासी कृतराम साहू अपनी पत्नी के साथ घर में सो रहे थे, तभी रात करीब दो बजे तीन अज्ञात नकाबपोश आरोपी घर में पीछे की ओर से घुसे और सबसे पहले सो रहे बुजुर्ग पति-पत्नी को बंधक बना लिया।

फिर आरोपियों ने घर के आलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात, नगद पांच हजार रुपये व मोबाइल लूट लिया। इस घटना का जब कृतराम साहू ने विरोध किया, तो आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर कृतराम साहू की दर्दनाक हत्या कर दी। हमला से मौके पर ही कृतराम साहू की मौत हो गई और सभी ने घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गए।

रश्मि साहू की रिपोर्ट पर पुलिस ने थाना अर्जुनी में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर हत्यारों को ढूंढने में जुटी हुई थी। आरोपियों को पकड़ने विशेष पुलिस टीम बनी, लेकिन घटना व आसपास सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था, ऐसे में इस घटना से पर्दा उठाना पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था, लेकिन वैज्ञानिक पद्धति से की गई जांच ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचा दिया। मुखबिर सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान कर छह आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना को अं जाम देना स्वीकार किया।

सभी आरोपी आसपास गांवों के

गिरफ्तार आरोपियों में धनराज यादव 22 वर्ष ग्राम भठेली, हुपेन्द्र बांधे 18 वर्ष 11 माह ग्राम भठेली, चेतन कुमार साहू 19 वर्ष ग्राम भठेली, कलेश्वर ध्रुव 22 वर्ष ग्राम कचना, हेमसागर मंडावी 20 वर्ष ग्राम गुजरा, हाल संतोषी नगर रायपुर और सोमप्रकाश देवांगन 36 वर्ष ग्राम कुर्रा शामिल है। आरोपियों के पास से पुलिस ने जेवरात, नकदी, मोबाइल, हत्या में प्रयुक्त चाकू, कपड़ा, जूता और बाइक को जब्त किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने जुर्म दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

CG PDS Scam: 600 करोड़ के घोटाले में हटाए गए अतिरिक्त संचालक, 10 जिलों में चावल की कालाबाजारी

CG PDS Scam: 600 करोड़ के घोटाले में हटाए गए अतिरिक्त संचालक, 10 जिलों में चावल की कालाबाजारी

 

रायपुर: खाद्य विभाग में वर्ष 2021 से 2023 के बीच करीब 600 करोड़ रुपये का चावल घोटाला सामने आया है। इस मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए खाद्य संचालनालय के अतिरिक्त संचालक राजीव कुमार जायसवाल को पद से हटा दिया गया है। अब उन्हें खाद्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में पदस्थ किया गया है।

इसकी पुष्टि मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. सुभाष राज सिंह ने की है। यह जानकारी खाद्य संचालनालय द्वारा मुख्यमंत्री निवास को भेजे गए पत्र के जरिए दी गई। हमर संगवारी संस्था के अध्यक्ष राकेश चौबे ने 8 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर घोटाले की जांच को प्रभावित करने वाले अधिकारियों को हटाने की मांग की थी। इसी शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए जायसवाल को संचालनालय से मुक्त किया गया।

👉दिए गए थे प्रमाणित दस्तावेज

राकेश चौबे ने बताया कि विधानसभा जांच समिति को उन्होंने प्रमाणित दस्तावेज सौंपे हैं। सबसे बड़ा सबूत यह है कि खुले बाजार से बोगस चावल खरीदकर राशन कार्डधारियों को बांटा गया, जबकि गुणवत्ता वाला चावल भेजने के लिए केवल नागरिक आपूर्ति निगम अधिकृत है।

👉विधानसभा में बड़ा खुलासा

विधानसभा में तारांकित प्रश्न क्रमांक 58 के जवाब में खाद्य विभाग ने जानकारी दी कि 10 जिलों में 4,63,319 क्विंटल चावल काले बाजार में बेचा गया। इसकी बाजार कीमत करीब 128.09 करोड़ रुपये है।

पीडीएस चावल घोटाले में कोरबा जिला सबसे आगे रहा। यहां 4,669.56 टन चावल, जिसकी कीमत 16.59 करोड़ रुपये है, कालाबाजार में खपा दिया गया। इसमें 298 राशन दुकानों की संलिप्तता सामने आई। इनमें से 50 दुकानों का निलंबन, 31 का निरस्तीकरण और केवल 31 दुकानों से राजस्व वसूली का नोटिस जारी किया गया।

Navratri पर सरकार का बड़ा गिफ्ट : 375 वस्तुओं पर घटा GST, कंपनियों को रेट कम करने के सख्त निर्देश

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नई दिल्ली त्योहारों से पहले उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ कहा है कि कंपनियों को जीएसटी दरों में कटौती का पूरा फायदा ग्राहकों तक पहुंचाना होगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित निर्यातकों को राहत देने के लिए एक पैकेज पर भी का

सीतारमण ने कहा कि जीएसटी सुधार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर किए गए हैं और इनका मकसद आम आदमी, किसान और छोटे कारोबारियों तक फायदा पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि कई कंपनियां पहले ही कीमतें घटाने का एलान कर चुकी है। सरकार भी दामों पर नजर रख रही है और सांसदों को भी अपने क्षेत्रों में कीमतों पर निगरानी रखने को कहा गया है।

👉कब से लागू होंगी नई दरें?

नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी। यह दिन नवरात्रि की शुरुआत है, जब देशभर में त्योहारों की खरीदारी तेज हो जाती है। वित्त मंत्री को उम्मीद है कि 375 वस्तुओं पर टैक्स कटौती से उपभोग और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

सीतारमण ने भरोसा दिलाया कि बार-बार टैक्स दरों में बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि, कुछ विपक्षी शासित राज्यों ने जीएसटी काउंसिल की बैठक में राजस्व नुकसान की आशंका जताई। इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि नुकसान केवल राज्यों को नहीं, बल्कि केंद्र को भी होता है। लेकिन जब लोगों की जेब में पैसा जाएगा, तो सरकार सिर्फ अपनी कमाई की चिंता नहीं कर सकती।

👉उपभोक्ताओं को होगी बचत

सीतारमण ने कहा कि इस बार ज्यादातर चीजें कम टैक्स दायरे में हैं और अब केवल 13 सामान ‘लग्जरी और सिन् गुड्स’ श्रेणी में बचे हैं। इससे टैक्स ढांचा सरल होगा और उपभोक्ताओं को बचत होगी।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टमस् (CBIC) के चेयरमैन संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि कंपनियों को तुरंत अपनी बिलिंग सिस्टम अपडेट करनी होगी, ताकि 22 सितंबर से नई दरें लागू हो सकें। उन्होंने साफ कहा कि कंपनियां फायदा अपने पास नहीं रखें, बल्कि ग्राहकों तक पहुंचाएं।

👉सरकार कर सकती है कार्रवाई

अगर कोई सेक्टर नियमों का पालन नहीं करता है, तो सरकार संबंधित उद्योग संगठनों से बातचीत पर कार्रवाई करेगी। खासकर बीमा और ऑटो सेक्टर को लेकर स्पष्टिकरण दिया गया है कि उन्हें जो बड़ी राहत मिली है, उसका पूरा फायदा ग्राहकों को देना होगा। वहीं सिगरेट, पान मसाला और तंबाकू जैसे ‘सिन् गुड्स’ पर टैक्स बोझ घटने वाला नहीं है।

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छत्तीसगढ़ साइबर ठगों ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के बारे में फर्जी एसएमएस भेजकर लोगों से ठगी करने का एक नया तरीका ढूंढ निकाला है। संदेश, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग के नाम से भेजे जा रहे हैं जिसमें जुर्माना भरने के लिए एक लिंक दिया होता है। जैसे ही लिंक पर क्लिक करके भुगतान करने का प्रयास किया जाता है, पीड़ित के बैंक खाते से पैसे गायब हो जाते हैं।

हाल के दिनों में छत्तीसगढ़ में आरटीओ ई-चालान से जुड़ी धोखाधड़ी के सौ से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। असल में, नकली ई-चालान के माध्यम से लोगों को ट्रैफिक नियम उल्लंघन का फर्जी संदेश भेजकर डराया जाता है और साथ ही फर्जी लिंक के जरिए उनकी व्यक्तिगत जानकारी और बैंक खाते से पैसे चुराए जाते हैं। इस गंभीर मामले को लेकर परिवहन विभाग ने आम जनता से सावधान रहने की अपील की है।

परिवहन विभाग के अधिकारियों बताया कि यदि आपको किसी भी संदिग्ध ई-चालान या टेक्स्ट मैसेज के साथ लिंक मिलता है, तो उस पर बिलकुल भी क्लिक न करें। अक्सर ऐसे मैसेजों में डाट एपीके जैसी फाइलों का लिंक होता है, जो आपके मोबाइल या कंप्यूटर में वायरस आ सकता है। इसलिए इन फर्जी लिंक से दूर रहें और केवल विभाग के आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।

ऐसे जांचे अपना चालान

बता दें कि अपने चालान की सही जांच के लिए आपको ‘ई-चालान डाट ट्रांसपोर्ट डाट गर्व डाट इन’ https://www.echallan.cg.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा। यहां ई-चालान के पेज में जाकर पे आनलाइन पर क्लिक कर चालान नंबर एवं कैप्चा कोड भरना होगा। फिर मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को डालकर चालान का पूरा विवरण प्राप्त किया जा सकता है। यह तरीका पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय है।

न करें अनजान लिंक पर क्लिक

पुलिस और परिवहन अमले द्वारा जब भी किसी वाहन मालिक को चालान या सूचना भेजी जाती है, तो वह केवल पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से टेक्स्ट मैसेज के रूप में ही होती है। इसलिए विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी अजनबी द्वारा भेजे गए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और आनलाइन पैसे का भुगतान केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही करें। यदि कोई धोखाधड़ी संबंधी काल, मैसेज या एप संदिग्ध लगे तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में जाकर लिखित में शिकायत दर्ज कराएं।

ई-चालान के फर्जी लिंक या मैसेज से सभी वाहन मालिक सावधान रहें। लापरवाही बरतने पर बैंक खाते और व्यक्तिगत डेटा को खतरा हो सकता है, इसलिए हमेशा सतर्क रहें और केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही ई-चालान का भुगतान करें।

डी.रविशंकर, अपर परिवहन आयुक्त

छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को झूठे मामले में फंसाने और जान से मारने की धमकी

छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को झूठे मामले में फंसाने और जान से मारने की धमकी

 

बिश्रामपुर भटगांव विधायक व महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और उनके स्वजनों को जान से मारने व करोड़ो के घोटाले के झूठे मामले में फंसा देने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। मामले में भटगांव पुलिस ने आरोपित रविन्द्र यादव के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।

जानकारी के अनुसार, घटना की लिखित शिकायत ग्राम कसकेला निवासी रवि यादव (पिता शिवकेश्वर यादव) ने भटगांव थाने में की थी। शिकायत में बताया गया कि 21 अगस्त की शाम को ग्राम कसकेला के अटल चौक के समीप गांव के ही रविन्द्र यादव (पिता गुलकेश्वर यादव) ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े औरउनके पति ठाकुर राजवाड़े पर अमर्यादित टिप्पणी कर 40 – 50 करोड़ के घोटाले में फंसा देने के साथ ही जान से मार देने की धमकी दी गई थी।

धमकी देने वाले आरोपी ने मंत्री दंपती को 40-50 करोड़ रुपये के घोटाले में फंसाने की भी बात कही। शिकायतकर्ता भी धमकी से भयभीत है। शिकायत की पुष्टि करते हुए भटगांव थाना प्रभारी सरफराज फिरदौसी ने बताया कि आरोपी रविन्द्र यादव को हिरासत में लेकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में लक्ष्मी राजवाड़े एकमात्र महिला मंत्री हैं। लक्ष्मी राजवाड़े के पास महिला एवं बाल विकास मंत्रालय है। वह सूरजपुर जिले के भटगांव से विधायक हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी पारसनाथ राजवाड़े को हराकर जीत हासिल की थी। लक्ष्मी राजवाड़े वर्तमान केबिनेट में सबसे कम उम्र की मंत्री हैं। वह पहली बार की विधायक हैं। जिन्हें पहली ही बार में मंत्री पद प्राप्त हुआ है

CG News: गणेश विसर्जन के दौरान तालाब में नहाने गए पुलिसकर्मियों के 3 नाबालिग बच्चों की डूबने से मौत

CG News: गणेश विसर्जन के दौरान तालाब में नहाने गए पुलिसकर्मियों के 3 नाबालिग बच्चों की डूबने से मौत

 

छत्तीसगढ़/कोरबा गणपति विसर्जन के दौरान तालाब में नहाने के लिए गए पुलिसकर्मियों के तीन नाबालिग बच्चें की पानी में डूबने से मौत हो गई। तीनों को पानी से बाहर निकाल अस्पताल लाया गया, जहां डाक्टरों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया।

मामला सिविल लाइन थाना रामपुर पुलिस अंतर्गत रिसदी क्षेत्र में हुआ। बालको रोड में लालपुर एवं रिसदी के बीच तालाब है। बताया जा रहा है कि घटना शाम 5.30 बजे की है। पुलिस लाइन में निवासरत राजेश्वर ठाकुर का पुत्र युवराज सिंह ठाकुर 9 वर्ष, जोलसा लकड़ा का पुत्र आकाश लकड़ा 13 वर्ष तथा स्व अयोध्या जगत का पुत्र प्रिंस जगत 12 वर्ष शाम को नहाने के लिए तालाब गए थे।

तालाब में भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन करने आधा दर्जन से ज्यादा स्थान से समिति के सदस्य पहुंचे थे। लोगों का कहना है कि बच्चे भी विसर्जन के दौरान वहां दिखाई दिए। बाद में बच्चे नहाने के लिए नहाने के लिए दूसरी तरफ चले गए और नहाने के दौरान तीनों गहरे पानी में चले गए और यह घटना हो गई।

जानकारी मिलने पर कुछ लोगों पानी में उतर कर बच्चे को बाहर निकाला। बाद में आनन- फानन में तीनों को अस्पताल लेकर पहुंचे, पर तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। यह खबर मिलते ही पुलिस कालोनी और स्वजन में शोक लहर दौड़ पड़ी है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी अस्पताल पहुंच गए।

अस्पताल पहुंचे पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने चर्चा करते हुए बताया कि तीनों बच्चे नहाने के लिए तालाब गए थे और गहरे पानी में समाने से उनकी मृत्यु हो गई। शव बाहर निकाल गया है, आगे कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रिसदी तालाब काफी गहरा है। पहले भी यहां डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। फिर भी सुरक्षा की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई।

दो आरक्षक और एक हवलदार का पुत्र

बताया जा रहा है कि मृतक एक बच्चे प्रिंस जगत के पिता का पहले ही निधन हो चुका है और माता सीमा जगत पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर कार्यरत है। जबकि आकाश लकड़ा के पिता जोलसा लकड़ा हवलदार तथा युवराज सिंह का पिता राजेश्वर ठाकुर भी आरक्षक के पद पर कार्यरत हैं और तीनों परिवार कोसाबाड़ी- रिसदी मार्ग में स्थित पुलिस लाइन में निवासरत है।