छत्तीसगढ़: दुर्ग स्कूल समय में पढ़ाई की जगह कुछ और ही करने में व्यस्त थे शिक्षक, तीन सस्पेंड, लगातार मिल रही थीं शिकायतें

छत्तीसगढ़: दुर्ग स्कूल समय में पढ़ाई की जगह कुछ और ही करने में व्यस्त थे शिक्षक, तीन सस्पेंड, लगातार मिल रही थीं शिकायतें

 

छत्तीसगढ़/ दुर्ग स्कूल समय में अध्यापन कार्य के बजाए हर्बल नेटवर्किंग से जुड़े तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। एक के खिलाफ कार्रवाई के लिए लोक शिक्षण संचालनालय को पत्र लिखा गया है। सभी शिक्षक दुर्ग जिले के धमधा ब्लाक में पदस्थ हैं। दरअसल इस मामले की शिकायत शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से की गई थी। मंत्री से शिकायत के बाद जिला शिक्षा विभाग हरकत में आया और डीईओ ने धमधा बीईओ को जांच के निर्देश दिए। बीईओ से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर उक्त कार्रवाई की गई है।

डीईओ अरविंद कुमार मिश्रा ने बताया कि धमधा ब्लाक के कई शिक्षक हर्बल नेटवर्किंग कारोबार से जुड़े हुए हैं इसे लेकर शिकायत मिली थी, जिसमें शिक्षकों द्वारा हर्बल लाइफ के जरिए वजन घटाने और सेहत बनाने की सलाह दिए जाने, हर्बल लाइफ की सदस्यता दिलाने, स्कूल समय में ऑफिस में मीटिंग करने, स्कूल में बैठकर ही ऑनलाइन हर्बल सेशन लेने जैसी बात सामने आ रही थी। इससे संबंधित कुछ फोटोग्राफ्स भी इंटरनेट मीडिया पर चल रहा था।

शिकायत के बाद कराई गई जांच

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीईओ ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी धमधा से मामले की जांच कराई गई। जांच में विकासखण्ड धमधा में संचालित विद्यालयों में कार्यरत लोमन वर्मा व्याख्याता शास.उ.मा.वि. घोटवानी, बलदाउ पटेल सीएसी संकुल केन्द्र बोरी (मूल पद-शिक्षक एलबी), मुकेश चतुर्वेदी शिक्षक (एलबी), शास. पूर्व माध्य. शाला दनिया एवं खिलेश्वरी चतुर्वेदी सहायक शिक्षक शास.प्राथ. शाला फुण्डा द्वारा हर्बल उत्पादों का प्रचार-प्रसार किया जाना पाया गया।

जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित शिक्षकों / व्याख्याता के द्वारा उक्त कार्य सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत पाए जाने के कारण खिलेश्वरी चतुर्वेदी, सहायक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही लोमन वर्मा व्याख्याता के विरूद्ध अनुशंसा सहित अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु प्रस्ताव संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर की ओर प्रेषित किया गया है। संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग द्वारा बलदाउ पटेल सीएसी संकुल केन्द्र बोरी तथा मुकेश चतुर्वेदी शिक्षक (एलबी) के विरूद्ध निलंबन कार्रवाई की गई है।

पहले भी होती रही है शिकायत

जिले के धमधा ही नहीं पाटन और दुर्ग ब्लाक में भी कई शिक्षक हर्बल नेटवर्किंग कारोबार से जुड़े हुए हैं। इस आशय की शिकायत समय-समय पर की जाती रही है। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी संस्था प्रमुखों को पत्र जारी कर ऐसे कारोबार से जुड़े शिक्षकों व अन्य स्टाफ के संबंध में जानकारी देने कहा जाता रहा है। लेकिन इस मामले में पहली बार जांच कराई गई और दोषी शिक्षकों के खिलाफ निलंबन कार्रवाई की गई।

CG News: अपने ही बच्चे का अपहरण कर ले गई मां, दो दिन तक पुलिस होती रही परेशान

CG News: अपने ही बच्चे का अपहरण कर ले गई मां, दो दिन तक पुलिस होती रही परेशान

 

छत्तीसगढ़/सरकंडा क्षेत्र में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर के पांच साल के बेटे को उसकी पत्नी ही ले भागी। इधर बच्चे की अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस परेशान हो उठी। सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के बाद पुलिस को बच्चे की मां पर संदेह हुआ। दो दिन बाद पुलिस ने बच्चे को उसकी मां से छुड़ाकर पिता को सौंप दिया है। अब बच्चे का न्यायालय में बयान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सरकंडा टीआई निलेश पांडेय ने बताया कि सरकंडा क्षेत्र में रहने वाला 32 व्यक्ति प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। उसका पत्नी से विवाद चल रहा है। पत्नी अपने बच्चे को पति के पास छोड़कर अलग रहने लगी। इधर पति ने बच्चे की देखभाल के लिए महिला को केयर टेकर रखा है। सोमवार को केयर टेकर बच्चे के साथ घर पर थी। तभी एक महिला उसके घर पर आई। उसने गर्मी के कारण प्यास लगने की बात कहते हुए उसने केयर टेकर से पीने के लिए पानी मांगा।

बच्चे को लेकर भागी महिला

तब केयर टेकर पानी के लिए किचन की ओर गई। इधर बच्चे को अकेले देखकर महिला उसे गोद में उठाकर ले भागी। बच्चे के गायब होने की जानकारी मिलते ही प्रॉपर्टी डीलर घर पर आए। उन्होंने केयर टेकर से पूछताछ की। इसमें उसने अज्ञात महिला द्वारा बच्चे को लेकर भागने की बात कही। अपहरण की आशंका पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू कर दी। प्राथमिक जांच में ही पुलिस को बच्चे की मां पर शक हुआ।

इसके बाद पुलिस ने बच्चे की मां के संबंध में जानकारी जुटानी शुरू कर दी। मंगलवार की दोपहर पता चला कि महिला बच्चे के साथ मंगला क्षेत्र के मकान में है। इस पर प्रधान आरक्षक संगीता नेताम के साथ पुलिस की टीम ने दबिश देकर बच्चे को छुड़ा लिया है। बच्चे को उसके पिता को सौंप दिया गया है। अब पुलिस इस मामले में बच्चे का बयान दर्ज कराएगी। बच्चे के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

महासमुंद/तेन्दूकोना पुलिस की कार्रवाई :ग्राम भीखापाली में युवक शराब पिलाते रंगे हाथ पकड़ा गया

महासमुंद/तेन्दूकोना पुलिस की कार्रवाई :ग्राम भीखापाली में युवक शराब पिलाते रंगे हाथ पकड़ा गया

 

महासमुंद/ थाना तेन्दूकोना पुलिस ने मंगलवार देर शाम कार्रवाई करते हुए एक युवक को शराब पिलाते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक थाना तेन्दूकोना अपने हमराह स्टाफ आरक्षक 690 के साथ टाउन एवं देहात पेट्रोलिंग पर निकले थे। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम भीखापाली पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति लोगों को शराब पिलाने की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। सूचना पर गवाहों को साथ लेकर पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी की। पुलिस पार्टी को देखकर कई लोग भाग खड़े हुए, लेकिन एक युवक मौके पर ही मिल गया।

पकड़े गए युवक ने अपना नाम सुमीत अग्रवाल पिता स्व. महेन्द्र अग्रवाल उम्र 27 वर्ष निवासी ते तेन्दूकोना जिला महासमुंद बताया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक नग देशी प्लेन शराब की 180 एमएल की शीशी (जिसमें करीब 50 एमएल शराब शेष था), दो नग डिस्पोजल गिलास जब्त किए गए। जब्त शराब की कीमत करीब 30 रुपये आंकी गई।

आरोपी के पास शराब संबंधी कोई वैध कागजात नहीं मिलने पर पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में मशरूका जब्त कर आरोपी के विरुद्ध धारा 36(C) आबकारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया।

आरोपी सुमीत अग्रवाल को 02 सितम्बर 2025 को रात 9:40 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया। चूंकि अपराध जमानतीय था, इसलिए सक्षम जमानतदार पेश करने पर आरोपी को जमानत मुचलका पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने मामले को अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है

छत्तीसगढ़ जीरो पावर कट स्टेट से अब मुफ्त बिजली की ओर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ जीरो पावर कट स्टेट से अब मुफ्त बिजली की ओर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में संयुक्त पावर कंपनीज मुख्यालय भवन की रखी आधारशिला एक पेड़ माँ के नाम अभियान में किया वृक्षारोपण रजत जयंती वर्ष पर साझा की 25 वर्षों की विकास यात्रा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर सेक्टर-24 में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के संयुक्त मुख्यालय भवन का शिलान्यास किया। रजत जयंती वर्ष और गणेशोत्सव जैसे पावन अवसर पर सम्पन्न इस समारोह में उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और भवन का थ्री-डी मॉडल अनावृत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता को नई ऊँचाई देगा, तीनों पावर कंपनियों के बीच समन्वय को मजबूत करेगा और उपभोक्ताओं को एक ही छत के नीचे सभी सेवाएँ उपलब्ध कराएगा। उन्होंने इस अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत मौलश्री  पौधरोपण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षीय यात्रा यह प्रमाण है कि जब संकल्प और संवेदनशीलता साथ चलें तो परिणाम ऐतिहासिक होते हैं। वर्ष 2000 में प्रदेश केवल 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन करता था, आज यह क्षमता बढ़कर 30 हजार मेगावाट हो गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में 1320 मेगावाट क्षमता के नए संयंत्र का शुभारंभ इस उपलब्धि को और सुदृढ़ करने वाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह प्रगति हर नागरिक के विश्वास, मेहनत और भागीदारी का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में सम्पन्न उनकी जापान और दक्षिण कोरिया यात्रा ने यह अनुभव कराया कि छत्तीसगढ़ अब वैश्विक स्तर की अधोसंरचना और कार्यसंस्कृति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। संयुक्त मुख्यालय भवन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवन का निर्माण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए, ताकि यह ऊर्जा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बने।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत पावर सेक्टर में हाल ही में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। इसके परिणामस्वरूप आने वाले वर्षों में 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन संभव होगा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल प्रदेशवासियों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराएगी बल्कि पड़ोसी राज्यों की ज़रूरतें भी पूरी करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने छत्तीसगढ़ को मुफ्त बिजली की ओर तेजी से अग्रसर कर दिया है और अब दूरस्थ अंचलों तक इस योजना का लाभ पहुँच रहा है।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी को राज्य निर्माण में उनके योगदान के लिए नमन किया। उन्होंने कहा कि लगभग 270 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन ग्रीन एनर्जी आधारित होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।

कार्यक्रम में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि संयुक्त मुख्यालय भवन 10,017 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में नौ मंजिला स्वरूप में निर्मित होगा। इसमें  छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड और पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए तीन अलग-अलग टॉवर होंगे। 1300 कर्मचारियों की क्षमता वाले इस भवन में 210 सीटों का प्रेक्षागृह, कर्मचारियों के लिए जिम, दो मंजिला बेसमेंट पार्किंग, मैकेनिकल स्टैक पार्किंग और ई-व्हीकल चार्जिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यह भवन बीईई की पाँच सितारा और गृहा की फाइव स्टार ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप निर्मित होगा तथा भवन प्रबंधन प्रणाली से इसका संपूर्ण संचालन होगा।

नवा रायपुर में बन रहा यह अत्याधुनिक भवन मंत्रालय, संचालनालय और पुलिस मुख्यालय के समीप होने से अंतर्विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ करेगा तथा प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊँचाई प्रदान करेगा।

छत्तीसगढ़ : सम्पूर्णता अभियान: विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण पहल – पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

छत्तीसगढ़ : सम्पूर्णता अभियान: विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण पहल – पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

 

सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक में नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम अंतर्गत संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह और आकांक्षा हाट का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने की।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक अहम कदम है। फ्रंटलाइन वर्कर्स और स्व-सहायता समूहों की बहनों के योगदान को अविश्वसनीय बताते हुए उन्होंने कहा कि लखनपुर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिल रही है।

उन्होंने कहा कि सामुदायिक भागीदारी और नवाचार से ही गुड गवर्नेंस के लक्ष्य पूरे होंगे। सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से बड़े बदलाव संभव हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य, पोषण, कृषि और सामाजिक विकास में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों व फ्रंटलाइन वर्कर्स को सम्मानित किया गया।

आकांक्षा हाट इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा, जहाँ स्व-सहायता समूहों, गैर सरकारी संगठनों और विभिन्न विभागों के स्टॉल में स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि उपज और पारंपरिक व्यंजन प्रदर्शित हुए। इससे महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को नई ऊर्जा मिली। इस अवसर पर सरगुजा जिला कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।

 

छत्तीसगढ़ : उर्वरक के अवैध विक्रय और कालाबाजारी पर प्रशासन की सख्ती धुरवागुड़ी में 520 बोरी यूरिया जब्त

छत्तीसगढ़ : उर्वरक के अवैध विक्रय और कालाबाजारी पर प्रशासन की सख्ती धुरवागुड़ी में 520 बोरी यूरिया जब्त

कृषकों को शासन द्वारा निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने तथा उर्वरक के अवैध परिवहन, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन गरियाबंद द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री भगवान सिंह उइके के निर्देश एवं उप संचालक कृषि श्री चंदन रॉय के मार्गदर्शन में सहायक संचालक कृषि श्री अनिल कुमार कौशिक एवं उर्वरक निरीक्षक दल द्वारा मैनपुर विकासखण्ड के मेसर्स राजेन्द्र खाद भंडार धुरवागुड़ी और मेसर्स सिद्धि विनायक कृषि केन्द्र गोहरापदर का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान मेसर्स राजेन्द्र खाद भंडार धुरवागुड़ी द्वारा कृषकों को निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरक विक्रय करना, अघोषित परिसर में भंडारण करना, मूल्य सूची प्रदर्शित न करना, नगद एवं उधार का ज्ञापन जारी न करना तथा आवश्यक अभिलेखों का संधारण नहीं करना पाया गया। इसे उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए संस्थान में उपलब्ध 520 बोरी यूरिया जब्त कर विक्रय  प्रतिबंध की कार्रवाई की गई। खाद भण्डार के संचालक को 03 दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी किया गया तथा संबंधित संस्थान का उर्वरक प्राधिकार पत्र 07 दिवस के लिए निलंबित कर दिया गया है।

जिले में वर्तमान में सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है तथा जिन समितियों में कमी है वहां तत्काल उर्वरकों की आपूर्ति की जा रही है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही निर्धारित दर पर उर्वरक खरीदें तथा प्रत्येक लेनदेन पर पक्का बिल लेना सुनिश्चित करें। साथ ही अनधिकृत व्यवसाय अथवा अधिक कीमत पर विक्रय की जानकारी प्राप्त होने पर विभागीय अधिकारियों को इसकी सूचना देने की अपील की गई है।

 

CG News: बारिश-बाढ़ से बदहाल बस्तर की शिक्षा व्यवस्था, गले तक पानी से गुजरकर स्कूल पहुंच रहीं शिक्षिकाएं

CG News: बारिश-बाढ़ से बदहाल बस्तर की शिक्षा व्यवस्था, गले तक पानी से गुजरकर स्कूल पहुंच रहीं शिक्षिकाएं

जगदलपुर: स्कूल पहुंचने के लिए रस्सियों और लकड़ियों का सहारा। नदी-नाले में गले तक पानी से गुजरती शिक्षिकाएं और छात्राएं…। ये दृश्य नारायणपुर का है। बस्तर संभाग में हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ ने शिक्षा व्यवस्था पर गहरा असर डाला है। स्कूल पहुंचने के लिए छात्रों, शिक्षक-शिक्षिकाओं को जान जोखिम में डालना पड़ रहा है।

एक आकलन के अनुसार बस्तर संभाग के नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बस्तर जिले के 300 से अधिक स्कूल प्रभावित हुए हैं। शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि कई जगहों पर पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त होने के कारण स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया है। नारायणपुर के ओरछा ब्लॉक (अबूझमाड़) में कुछ जगहों पर स्कूल पहुंचने के लिए नदी-नाला पार करना पड़ रहा हैं।

बस्तानार ब्लॉक में पालानार-कुम्हारसोडरा मार्ग में शिक्षिकाएं क्षतिग्रस्त पुल पर सीढ़ी लगाकर जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंच रही हैं। बीजापुर में 100 से अधिक स्कूलों में शिक्षक नहीं पहुंच पा रहे हैं और जो स्कूल झोपड़ियों में चल रहे थे वे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नदी-नाले, पहाड़ और सघन वन तथा पहुंच विहीन अंदरूनी क्षेत्रों में पहले से ही आने-जाने में परेशानी थी, बारिश और बाढ़ ने स्थिति को और मुश्किल बना दिया है।

सड़कें बह गई हैं, कई पुल-पुलिया टूटे हैं। इसके कारण स्कूल तक पहुंचने की कठिनाई है। बस्तर के जिला शिक्षा अधिकारी बलीराम बघेल का कहना है कि लोहंडीगुड़ा, दरभा और बास्तानार विकासखंड में स्कूल प्रभावित हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण मिलकर स्कूलों को दोबारा शुरू करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

लकड़ी और रस्सी के सहारे नदी-नाला पार कर रहे स्कूली बच्चे

दंतेवाड़ा जिले में बारसूर के निकट मांडर नाला का पुल टूटने से मिडिल स्कूल रेकागांव और कोरकोटी के बच्चे लकड़ी के सहारे नाला पार कर आने-जाने को मजबूर हैं। ओरछा से 30 किलोमीटर दूर मिडिल स्कूल जाटलूर के शिक्षक-शि़क्षिका ओरछा में निवास करते हैं। यहां से स्कूल जाने कुछ दूरी दोपहिया वाहन फिर पैदल तय करते हैं। गांव के समीप बहने वाली कुड़मेल नदी को पार करने गले तक पानी में डूबकर रस्सी के सहारा लेना पड़ रहा है।

जोखिम लेने वाली शिक्षिका नूतन एक्का और विनीता मिंज ने बताया कि बाढ़ अधिक है, लेकिन स्कूल तो जाना ही है। बाढ़ अधिक होने पर जाटलूर में ही आंगनबाड़ी बालक आश्रम में रुक जाते हैं। ओरछा के खंड स्त्रोत समन्वयक लक्ष्मीकांत सिंह ने बताया बेड़मा, हांदावाड़ा, लंका, जाटलूर, कुर्सीनवार, हितामपारा आदि दो दर्जन क्षेत्रों का सड़क संपर्क कट गया है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नंदनवार ने किया विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण

मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नंदनवार ने किया विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण

 

महासमुंद/ प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार ने आज महासमुंद विकासखंड के ग्राम पटेवा, सिनोधा, बावनकेरा, टूरीडीह एवं झलप पहुंचे। उन्होंने यहाँ आवास योजना एवं मनरेगा अंतर्गत संचालित कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

श्री नंदनवार ने ग्रामों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत स्व-सहायता समूहों से भी चर्चा की और उनके आर्थिक सशक्तिकरण तथा आजीविका संवर्धन की गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं को बेहतर विपणन सुविधा उपलब्ध कराने और उत्पादों की गुणवत्ता सुधार हेतु प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही उन्होंने ग्राम के शासकीय विद्यालयों का भी निरीक्षण किया और शिक्षण व्यवस्था, बच्चों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन तथा आधारभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने शिक्षकों को बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

प्रभारी कलेक्टर ने दलदली रोड महासमुंद स्थित घरोंदा का निरीक्षण किया साथ ही उन्होंने वृद्धाश्रम का भी निरीक्षण किया तथा यहां निवासरत वृद्धजनों से भेंटकर उनकी समस्याएँ जानीं। उन्होंने वृद्धजनों के लिए भोजन, चिकित्सा, स्वच्छता एवं आवासीय सुविधा बेहतर बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

श्री नंदनवार ने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। इसलिए सभी विभागीय अधिकारी एवं मैदानी अमला योजनाओं को प्राथमिकता और पारदर्शिता से क्रियान्वित करें।

मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान की समीक्षा शाला त्यागी बच्चों का सर्वे कर निरंतर पालक से सम्पर्क बनाए रखें व उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े – श्री नंदनवार

मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान की समीक्षा शाला त्यागी बच्चों का सर्वे कर निरंतर पालक से सम्पर्क बनाए रखें व उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े – श्री नंदनवार

 

महासमुंद/ मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के सुव्यवस्थित क्रियान्वयन हेतु आज जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, महासमुंद में जिले के पाँचों विकासखंडों के विषय विशेषज्ञ एवं पीएलसी सदस्यों की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसीसी एवं सक्रिय पीएलसी सदस्य उपस्थित रहे।

अवसर पर प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत रमेश नंदनवार ने कहा कि शिक्षा गुणवत्ता के लिए पालकों की जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। यदि पालक जागरूक होंगे तो बच्चे नियमित रूप से विद्यालय आएंगे तथा विद्यालयीन गतिविधियों की परख घर पर भी करेंगे।

शाला त्यागी बच्चों के लिए सर्वे कर निरंतर पालक सम्पर्क बनाए रखने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। विद्यालय का वातावरण आकर्षक एवं गतिविधि आधारित बने जिससे बच्चों में सीखने की लालसा जागृत हो। जिले के पाँचवी एवं आठवीं के बच्चों के लिए विद्यालय समयावधि में ही नवोदय एवं प्रयास पद्धति पर आधारित तर्कशक्ति, ट्रिक मैथेमेटिक्स तथा भाषाई शिक्षा को सुदृढ़ किया जाएगा।

जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि जिले में जानकारी के आदान-प्रदान में समयबद्धता सुनिश्चित हो। प्रत्येक स्तर पर निरीक्षण सुदृढ़ किया जाए तथा रजत जयंती वर्ष की प्रत्येक गतिविधि का पालन विद्यालयों में अनिवार्य रूप से हो। जाति प्रमाणपत्र हेतु विशेष अभियान तथा अटल मॉनिटरिंग पोर्टल में पीएम श्री स्कूल, छात्रवृत्ति एवं आरटीई संबंधी जानकारी का सत्यापन करने के निर्देश दिए।

जिला मिशन समन्वयक श्री रेखराज शर्मा ने कहा कि राज्य द्वारा प्रदत्त पाठ्यक्रम को विद्यालयों में समयबद्ध लागू किया जाए। इकाई एवं तिमाही मूल्यांकन व्यवस्थित रूप से हो तथा सभी स्तरों के लिए परीक्षा प्रश्नपत्र ब्लूप्रिंट के आधार पर तैयार किए जाएँ।

अवसर पर जिले भर से आए पीएलसी सदस्यों ने अपनी अपनी बातें प्रोजेक्टर के माध्यम से रखें जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों और उसके क्या समाधान हो सकते हैं को विस्तार से बताया गया त्रैमासिक परीक्षा हेतु प्रश्न पत्र पर विस्तृत चर्चा जगदीश सिन्हा, एसडीपी पर विस्तृत चर्चा ओम नारायण शर्मा, स्कूल सहजता से विद्यालय मैनेजमेंट विजय शर्मा, एनईपी 2020 पे चर्चा रिंकल बग्गा, एफएलएन पर प्रेजेंटेशन अमित उईके ने बेहतर ढंग से दिया। कार्यक्रम का संचालन एपीसी श्रीमती संपा बोस द्वारा किया गया।

आदि कर्मयोगी अभियान के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न जिले में 308 ग्रामों में क्रियान्वित किया जाएगा आदि कर्मयोगी अभियान

आदि कर्मयोगी अभियान के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न जिले में 308 ग्रामों में क्रियान्वित किया जाएगा आदि कर्मयोगी अभियान

महासमुंद/ जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने हेतु “आदि कर्मयोगी” अभियान के अंतर्गत विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण जिला पंचायत के सभाकक्ष में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में जिले के पांचों विकासखण्ड से 50 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर सभी विकासखण्ड ट्रेनर्स को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

समापन अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार ने कहा कि इस कार्यक्रम में अब योजनाएं धरातल पर बनेगी और इसका क्रियान्वयन के लिए जनसमुदाय भी आगे आएंगे। उन्होंने बताया धरती आबा जनभागीदारी अभियान के तहत जनजाति गौरव वर्ष के एक भाग के रूप में आदि कर्मयोगी अभियान के लिए रणनीति बनाई गई। जिसमें जनजाति समुदायों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि महासमुंद जिले में इस अभियान की सफल क्रियान्वयन के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी श्री सचिन भूतड़ा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती शिल्पा साय सहित राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स, जनजाति समुदाय के प्रतिनिधि, विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे।

प्रशिक्षण के पश्चात दूसरे क्रम में आदि सहयोगी की टीम बनाई जाएगी। जिसमें शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, युवा नेता, सामाजिक मुखिया आदि जो ग्राम स्तर पर योजना क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे। तीसरे क्रम में आदि साथी, वे हितग्राही जिन्हें योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाना है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति (कमार) के लिए 9 अलग अलग मंत्रालयों के 11 प्रकार के कार्यों से संतृप्ति का कार्य किया जा रहा है।

इस अभियान अंतर्गत महासमुंद विकासखण्ड के 25 ग्रामों, बागबाहरा के 33, पिथौरा के 210, बसना के 24 एवं सरायपाली विकासखण्ड के 16 ग्रामों को शामिल किया गया है। अभियान अंतर्गत जिले के 308 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में 17 मंत्रालयों की 25 योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।