छत्तीसगढ़: दुर्ग स्कूल समय में पढ़ाई की जगह कुछ और ही करने में व्यस्त थे शिक्षक, तीन सस्पेंड, लगातार मिल रही थीं शिकायतें
छत्तीसगढ़/ दुर्ग स्कूल समय में अध्यापन कार्य के बजाए हर्बल नेटवर्किंग से जुड़े तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। एक के खिलाफ कार्रवाई के लिए लोक शिक्षण संचालनालय को पत्र लिखा गया है। सभी शिक्षक दुर्ग जिले के धमधा ब्लाक में पदस्थ हैं। दरअसल इस मामले की शिकायत शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से की गई थी। मंत्री से शिकायत के बाद जिला शिक्षा विभाग हरकत में आया और डीईओ ने धमधा बीईओ को जांच के निर्देश दिए। बीईओ से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर उक्त कार्रवाई की गई है।
डीईओ अरविंद कुमार मिश्रा ने बताया कि धमधा ब्लाक के कई शिक्षक हर्बल नेटवर्किंग कारोबार से जुड़े हुए हैं इसे लेकर शिकायत मिली थी, जिसमें शिक्षकों द्वारा हर्बल लाइफ के जरिए वजन घटाने और सेहत बनाने की सलाह दिए जाने, हर्बल लाइफ की सदस्यता दिलाने, स्कूल समय में ऑफिस में मीटिंग करने, स्कूल में बैठकर ही ऑनलाइन हर्बल सेशन लेने जैसी बात सामने आ रही थी। इससे संबंधित कुछ फोटोग्राफ्स भी इंटरनेट मीडिया पर चल रहा था।
शिकायत के बाद कराई गई जांच
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीईओ ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी धमधा से मामले की जांच कराई गई। जांच में विकासखण्ड धमधा में संचालित विद्यालयों में कार्यरत लोमन वर्मा व्याख्याता शास.उ.मा.वि. घोटवानी, बलदाउ पटेल सीएसी संकुल केन्द्र बोरी (मूल पद-शिक्षक एलबी), मुकेश चतुर्वेदी शिक्षक (एलबी), शास. पूर्व माध्य. शाला दनिया एवं खिलेश्वरी चतुर्वेदी सहायक शिक्षक शास.प्राथ. शाला फुण्डा द्वारा हर्बल उत्पादों का प्रचार-प्रसार किया जाना पाया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित शिक्षकों / व्याख्याता के द्वारा उक्त कार्य सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत पाए जाने के कारण खिलेश्वरी चतुर्वेदी, सहायक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही लोमन वर्मा व्याख्याता के विरूद्ध अनुशंसा सहित अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु प्रस्ताव संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर की ओर प्रेषित किया गया है। संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग द्वारा बलदाउ पटेल सीएसी संकुल केन्द्र बोरी तथा मुकेश चतुर्वेदी शिक्षक (एलबी) के विरूद्ध निलंबन कार्रवाई की गई है।
पहले भी होती रही है शिकायत
जिले के धमधा ही नहीं पाटन और दुर्ग ब्लाक में भी कई शिक्षक हर्बल नेटवर्किंग कारोबार से जुड़े हुए हैं। इस आशय की शिकायत समय-समय पर की जाती रही है। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी संस्था प्रमुखों को पत्र जारी कर ऐसे कारोबार से जुड़े शिक्षकों व अन्य स्टाफ के संबंध में जानकारी देने कहा जाता रहा है। लेकिन इस मामले में पहली बार जांच कराई गई और दोषी शिक्षकों के खिलाफ निलंबन कार्रवाई की गई।

कृषकों को शासन द्वारा निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने तथा उर्वरक के अवैध परिवहन, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन गरियाबंद द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री भगवान सिंह उइके के निर्देश एवं उप संचालक कृषि श्री चंदन रॉय के मार्गदर्शन में सहायक संचालक कृषि श्री अनिल कुमार कौशिक एवं उर्वरक निरीक्षक दल द्वारा मैनपुर विकासखण्ड के मेसर्स राजेन्द्र खाद भंडार धुरवागुड़ी और मेसर्स सिद्धि विनायक कृषि केन्द्र गोहरापदर का औचक निरीक्षण किया गया।
जगदलपुर: स्कूल पहुंचने के लिए रस्सियों और लकड़ियों का सहारा। नदी-नाले में गले तक पानी से गुजरती शिक्षिकाएं और छात्राएं…। ये दृश्य नारायणपुर का है। बस्तर संभाग में हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ ने शिक्षा व्यवस्था पर गहरा असर डाला है। स्कूल पहुंचने के लिए छात्रों, शिक्षक-शिक्षिकाओं को जान जोखिम में डालना पड़ रहा है।
महासमुंद/ जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने हेतु “आदि कर्मयोगी” अभियान के अंतर्गत विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण जिला पंचायत के सभाकक्ष में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में जिले के पांचों विकासखण्ड से 50 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर सभी विकासखण्ड ट्रेनर्स को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
समापन अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार ने कहा कि इस कार्यक्रम में अब योजनाएं धरातल पर बनेगी और इसका क्रियान्वयन के लिए जनसमुदाय भी आगे आएंगे। उन्होंने बताया धरती आबा जनभागीदारी अभियान के तहत जनजाति गौरव वर्ष के एक भाग के रूप में आदि कर्मयोगी अभियान के लिए रणनीति बनाई गई। जिसमें जनजाति समुदायों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि महासमुंद जिले में इस अभियान की सफल क्रियान्वयन के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी श्री सचिन भूतड़ा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती शिल्पा साय सहित राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स, जनजाति समुदाय के प्रतिनिधि, विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे।
प्रशिक्षण के पश्चात दूसरे क्रम में आदि सहयोगी की टीम बनाई जाएगी। जिसमें शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, युवा नेता, सामाजिक मुखिया आदि जो ग्राम स्तर पर योजना क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे। तीसरे क्रम में आदि साथी, वे हितग्राही जिन्हें योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाना है।