जीएसटी सरल भाषा में: नई दरें लागू होने से पहले आपके सवालों के जवाब

जीएसटी सरल भाषा में: नई दरें लागू होने से पहले आपके सवालों के जवाब

1. जीएसटी क्या है?

जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) पूरे भारत में वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर एकल अप्रत्यक्ष कर है। यह उत्पाद शुल्क, वीएटी और सेवा कर जैसे कई करों की जगह लेता है, जिससे एक एकीकृत बाजार का निर्माण होता है।

 

2. संशोधित जीएसटी दरें कब से लागू होंगी?

जीएसटी परिषद् की सिफारिश के अनुसार, नई जीएसटी दरें 22 सितंबर, 2025 से लागू होंगी।

 

3. 22 सितंबर, 2025 से जीएसटी में क्या बदलाव हुए हैं?

इस तारीख से, जीएसटी परिषद के निर्णयों के आधार पर, कई वस्तुओं और सेवाओं पर संशोधित जीएसटी दरें लागू होंगी। इन बदलावों का उद्देश्य दरों को सरल बनाना, विसंगतियां दूर करना और व्यवसायों व उपभोक्ताओं दोनों के लिए प्रणाली को आसान बनाना है।

 

4. क्या 22 सितंबर, 2025 से जीएसटी पंजीकरण नियम बदल जाएंगे?

नहीं। जीएसटी पंजीकरण की सीमाएं वही रहेंगी। केवल कुछ आपूर्तियों पर टैक्स की दरों में संशोधन किया जा रहा है।

 

5. संशोधित जीएसटी दरों की सूचना किस अधिसूचना के जरिए दी जाएगी?

सरकार द्वारा जारी आधिकारिक दर अधिसूचनाओं के माध्यम से इन परिवर्तनों की सूचना दी जाएगी। ये अधिसूचनाएं सीबीआईसी की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

 

6. यदि वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति जीएसटी दर में बदलाव से पहले की गई थी, लेकिन चालान बाद में जारी किया गया था, तो लागू कर की दर क्या होगी?

ऐसे मामलों में, सीजीएसटी अधिनियम की धारा 14 के अंतर्गत “आपूर्ति का समय” नियम लागू दर तय करेगा। यदि आपूर्ति और भुगतान दोनों 22 सितंबर से पहले किए गए थे, तो पहले वाली दर लागू होगी। हालांकि, यदि आपूर्ति पहले की गई थी, लेकिन चालान या भुगतान 22 सितंबर के बाद आता है, तो संशोधित दर लागू होगी।

 

7. यदि अग्रिम राशि दरों में बदलाव से पहले प्राप्त हुई थी, लेकिन आपूर्ति या चालान बाद में जारी किया गया है, तो जीएसटी की कौन सी दर लागू होगी?

यह दर अग्रिम राशि के भुगतान के समय पर निर्भर करती है। 22 सितंबर से पहले प्राप्त एडवांसेज पर पुरानी दर से टैक्स लगेगा। यदि अग्रिम राशि 22 सितंबर को या उसके बाद प्राप्त होती है, या आपूर्ति बाद में पूरी होती है, तो संशोधित दर पर जीएसटी लागू होगा।

 

8. क्या नई जीएसटी दरें लागू होने पर ट्रांजिट में माल के लिए ई-वे बिल रद्द करके पुनः जारी करने होंगे?

नहीं। दरों में बदलाव से पहले जारी किए गए ई-वे बिल अपनी पूरी अवधि के लिए वैध रहते हैं। वैध ई-वे बिल के साथ पहले से ही चल रहे माल के लिए 22 सितंबर के बाद नए बिल की जरूरत नहीं है।

 

9. यदि दरों में बदलाव की तारीख पर मेरे पास पहले से ही स्टॉक है, तो क्या मुझे आपूर्ति पर संशोधित दर लागू करनी चाहिए?

हाँ। जीएसटी आपूर्ति की तिथि पर लगाया जाता है, खरीद की तिथि पर नहीं। इसलिए, भले ही स्टॉक पहले खरीदा गया हो, 22 सितंबर को या उसके बाद की गई किसी भी आपूर्ति पर नई दरें लागू होंगी।

 

10. जीएसटी दरों में बदलाव से पहले की गई खरीदारी पर आईटीसी का क्या होगा? क्या अब आपको कम दर पर आईटीसी मिलेगा?

आप दरों में बदलाव से पहले की गई खरीदारी पर पूर्ण आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का दावा कर सकते हैं, बशर्ते उस समय जीएसटी सही तरीके से वसूला गया हो। दरों में बदलाव होने के बाद से आपके लिए पहले से उपलब्ध क्रेडिट कम नहीं होगा। संक्षेप में, आपने पहले जो भी टैक्स चुकाया है, वह आपके जीएसटी लेजर में वैध क्रेडिट बना रहेगा।

 

11. मेरी बाहरी आपूर्ति को नई दर अनुसूची के अंतर्गत छूट मिली है, लेकिन मेरे लेजर में पहले से ही आईटीसी मौजूद है। क्या मुझे इसे उलटने की आवश्यकता है?

आप 21 सितंबर, 2025 तक की गई आपूर्ति के लिए आईटीसी शेष का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन 22 सितंबर से, एक बार आपकी आपूर्ति छूट प्राप्त हो जाने के बाद, उससे संबंधित आईटीसी का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा और इसे जीएसटी नियमों के अनुसार उलटना होगा।

 

12. क्या मुझे संशोधित दर की प्रभावी तिथि तक की गई आपूर्ति के लिए इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के अंतर्गत संचित क्रेडिट की वापसी का दावा करने की अनुमति होगी?

नहीं। इन्वर्टेड ड्यूटी के अंतर्गत संचित आईटीसी की वापसी केवल तभी उपलब्ध होती है, जब इनपुट पर स्थायी रूप से आउटपुट की तुलना में अधिक दर से टैक्स लगाया जाता है। यदि अंतर केवल उसी वस्तु पर समय के साथ दर परिवर्तन के कारण है, तो वापसी की अनुमति नहीं है।

 

13. कौन सी जीवन बीमा पॉलिसी जीएसटी छूट के अंतर्गत आती हैं?

यह छूट सभी व्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसी पर लागू होती है, जिनमें टर्म प्लान, एंडोमेंट पॉलिसी और यूएलआईपी शामिल हैं। इन निजी पॉलिसियों का पुनर्बीमा भी छूट के दायरे में आता है।

 

14. कौन सी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी जीएसटी छूट के अंतर्गत आती हैं?

निजी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी, जिनमें फैमिली फ्लोटर और वरिष्ठ नागरिक योजनाएं शामिल हैं, जीएसटी से मुक्त हैं। ऐसी निजी पॉलिसी का पुनर्बीमा भी इस निर्णय के अंतर्गत छूट के दायरे में आता है।

 

15. निजी स्वास्थ्य और जीवन बीमा सेवाओं को छूट देने के अतिरिक्त, क्या बीमा कंपनियों की किसी भी इनपुट सेवा को भी छूट दी जाएगी?

केवल पुनर्बीमा सेवाओं को छूट दी गई है। कमीशन और ब्रोकरेज जैसे अन्य इनपुट टैक्स योग्य बने रहते हैं, और आउटपुट आपूर्ति को छूट मिलने के बाद बीमा कंपनियां उन पर आईटीसी का दावा नहीं कर सकतीं। ऐसे आईटीसी को वापस लेना होगा।

 

16. क्या यात्री परिवहन सेवाओं पर 18% टैक्स लगेगा?

नहीं। सड़क मार्ग से यात्री परिवहन पर बिना आईटीसी के 5% टैक्स जारी रहेगा, हालांकि ऑपरेटर आईटीसी के साथ 18% का विकल्प चुन सकते हैं। हवाई यात्रा के मामले में, इकोनॉमी क्लास पर 5% टैक्स लगता है, जबकि अन्य श्रेणियों पर 18% टैक्स लागू रहता है।

 

17. माल के मल्टीमॉडल परिवहन पर लागू जीएसटी दर क्या है?

यदि मल्टीमॉडल परिवहन में कोई हवाई यात्रा शामिल नहीं है, तो उस पर सीमित आईटीसी (मूल्य के 5% तक सीमित) के साथ 5% टैक्स लगता है। यदि किसी हिस्से में हवाई परिवहन शामिल है, तो लागू दर पूर्ण आईटीसी के साथ 18% है।

 

18. ईसीओ के माध्यम से प्रदान की जाने वाली स्थानीय डिलीवरी सेवाओं पर जीएसटी का भुगतान कौन करेगा?

यदि किसी अपंजीकृत व्यक्ति की ओर से ई-कॉमर्स ऑपरेटर (ईसीओ) के माध्यम से स्थानीय डिलीवरी सेवाएं प्रदान की जाती हैं, तो ई-कॉमर्स ऑपरेटर जीएसटी का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है। यदि सेवा प्रदाता पंजीकृत है, तो वह प्रदाता टैक्स का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है।

 

19. स्थानीय डिलीवरी सेवाओं पर लागू जीएसटी दर क्या है?

स्थानीय डिलीवरी सेवाओं पर 18% टैक्स लगता है। यदि आपूर्तिकर्ता पंजीकृत है, तो आपूर्तिकर्ता जीएसटी का भुगतान करता है। यदि आपूर्तिकर्ता अपंजीकृत है और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेवाएं प्रदान करता है, तो ऑपरेटर जीएसटी का भुगतान करता है।

 

20. क्या ईसीओ के जरिए प्रदान की जाने वाली स्थानीय डिलीवरी सेवाएं जीटीए के दायरे में आती हैं?

नहीं। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए स्थानीय डिलीवरी सेवाओं को माल परिवहन एजेंसी (जीटीए) नहीं माना जाता है। उन्हें सेवा की एक अलग श्रेणी के रूप में माना जाता है।

 

21. क्या 22 सितंबर, 2025 से पहले आपूर्ति श्रृंखला में पहले से मौजूद दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) को वापस लेना और पुनः लेबल करना आवश्यक है? पुनः लेबलिंग कैसे की जाएगी?

स्टॉक को वापस लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। निर्माताओं को केवल संशोधित मूल्य सूची जारी करनी होगी और उन्हें डीलरों, खुदरा विक्रेताओं और नियामकों के साथ साझा करना होगा। बाजार में पहले से मौजूद स्टॉक की बिक्री जारी रह सकती है, बशर्ते बिलिंग में नई कीमतें दिखाई दें।

 

22. सभी दवाओं को जीएसटी से पूरी तरह छूट क्यों नहीं दी गई है?

दवाओं को छूट देने से निर्माता कच्चे माल और इनपुट पर आईटीसी का दावा नहीं कर पाएंगे, जिससे उनकी उत्पादन लागत बढ़ जाएगी। ये लागत आखिरकार उपभोक्ताओं पर डाल दी जाएगी। दवाओं को रियायती 5% दर (शून्य दर पर निर्दिष्ट दवाओं को छोड़कर) पर रखने से उनकी सामर्थ्य सुनिश्चित होती है और साथ ही आपूर्ति श्रृंखला के माध्यम से आईटीसी का प्रवाह बना रहता है।

 

23. कृषि मशीनरी को जीएसटी से पूरी तरह छूट क्यों नहीं दी गई है?

यदि कृषि मशीनरी को पूरी तरह टैक्स-मुक्त कर दिया जाता है, तो निर्माता कच्चे माल पर इनपुट टैक्स क्रेडिट खो देंगे, जिससे उनकी लागत बढ़ जाएगी। ये बढ़ी हुई लागतें किसानों पर डाल दी जाएंगी, जिससे मशीनें और महंगी हो जाएंगी। इसलिए, किसानों को राहत और निर्माताओं की व्यवहार्यता के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए, इसे रियायती दर पर टैक्स योग्य रखा गया है।

 

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24. कच्चे कपास पर जीएसटी क्यों नहीं हटाया गया?

कपास पर रिवर्स चार्ज के तहत कर लगाया जाता है, इसलिए किसान सीधे जीएसटी का भुगतान नहीं करते हैं। यह प्रणाली कपड़ा उद्योग के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट श्रृंखला को बरकरार रखती है, जिससे लागत स्थिर रहती है और उपभोक्ताओं को लाभ होता है।

 

25. क्या जियोटेक्सटाइल और एग्रो-टेक्सटाइल जैसे तकनीकी वस्त्रों को अधिक उलटफेर का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि इनमें मुख्य रूप से पॉलीइथाइलीन और पॉलीप्रोपाइलीन जैसे प्लास्टिक घटकों का उपयोग होता है?

भारत की ओर से अपनाई गई अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण प्रणाली के अंतर्गत, जियोटेक्सटाइल और एग्रो-टेक्सटाइल जैसे तकनीकी कपड़े को प्लास्टिक नहीं, बल्कि कपड़ा माना जाता है। हालांकि कुछ उलटफेर रह सकता है, लेकिन जीएसटी ऐसे मामलों में इकट्ठा इनपुट क्रेडिट की वापसी की मंजूरी देता है। प्रक्रिया सुधारों के साथ, इन रिफंड की प्रक्रिया तेजी से की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि निर्माताओं पर बोझ न पड़े।

 

26. बिना ऑपरेटर के लीज या किराए पर दी गई सेवाओं के लिए क्या टैक्स है?

अधिकतर बिना ऑपरेटर के लीज या किराए पर दी गई सेवाओं पर उसी दर से टैक्स लगता है जिस दर से वस्तुओं पर लगता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी कार पर 18% टैक्स लगता है, तो बिना ड्राइवर के उस कार को किराये पर लेने या पट्टे पर देने पर भी 18% टैक्स लगता है। यही नियम दूसरी वस्तुओं पर भी लागू होता है, किराए पर लेने पर लगने वाला टैक्स, खरीदने पर लगने वाले टैक्स के बराबर होता है।

 

27. क्या संशोधित जीएसटी दरें आयातित वस्तुओं पर भी लागू होंगी?

हां। आयात पर आईजीएसटी 22 सितंबर से संशोधित जीएसटी दरों पर लगाया जाएगा, केवल उन मामलों को छोड़कर, जहां कोई विशिष्ट छूट प्रदान की गई हो।

 

28. यूएचटी (अल्ट्रा हाई टेंपरेचर) दूध को छूट दी गई है। क्या यह छूट वनस्पति-आधारित दूध पर भी लागू होती है?

नहीं। यह छूट केवल डेयरी यूएचटी दूध के लिए है। प्लांट-बेस्ड मिल्क ड्रिंक्स (जैसे बादाम दूध) पर पहले 18% और सोया मिल्क ड्रिंक्स पर 12% जीएसटी लगता था। अब सोया दूध सहित सभी वनस्पति आधारित दूध पेय पदार्थों पर 5% टैक्स लगेगा।

 

29. फेस पाउडर और शैंपू पर जीएसटी क्यों कम किया गया है, और क्या इससे बहुराष्ट्रीय कंपनियों और लग्जरी ब्रांडों को भी लाभ नहीं होगा?

फेस पाउडर और शैंपू समाज के सभी वर्गों में इस्तेमाल होने वाली आम घरेलू वस्तुएं हैं। हालांकि प्रीमियम या लग्जरी ब्रांडों को भी इसका लाभ मिलेगा, लेकिन दरों में कटौती का मुख्य उद्देश्य जीएसटी प्रणाली को सरल बनाना है। ब्रांड या कीमत के आधार पर अलग-अलग दरें होने से कर संरचना जटिल और प्रशासन के लिए कठिन हो जाएगी।

 

30. धातुकृत प्लास्टिक फिल्म से बनी नकली ज़री पर उल्टे शुल्क की वापसी प्रतिबंधित क्यों है, जबकि प्लास्टिक या रबर से बने अन्य कपड़ा उत्पादों पर ऐसा कोई प्रतिबंध लागू नहीं होता है?

जीएसटी परिषद् ने अपनी 52वीं बैठक में धातुकृत प्लास्टिक फिल्म से बनी नकली जरी पर रिफंड को प्रतिबंधित करने का निर्णय पहले ही ले लिया था। मौजूदा प्रक्रिया केवल जीएसटी दरों को सरल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए है, ताकि पहले लिया गया निर्णय जारी रहे।

छत्तीसगढ़ आज तक नहीं देखा होगा ऐसा अनोखा दुर्गा पूजा पंडाल, पांच लाख गोलगप्पे के बीच विराजेंगी मां भगवती

छत्तीसगढ़ आज तक नहीं देखा होगा ऐसा अनोखा दुर्गा पूजा पंडाल, पांच लाख गोलगप्पे के बीच विराजेंगी मां भगवती

 

बिलासपुर: संस्कारधानी के हृदय स्थल मसानगंज में इस साल दुर्गा पूजा का रंग कुछ हटकर होगा। नवयुवक दुर्गोत्सव समिति अपने 57वें साल में मां दुर्गा का दरबार पांच लाख गुपचुप से सजा रही है। पंडाल ही नहीं, देवी की प्रतिमा भी गुपचुप पर विराजमान होंगी।

कोलकाता से आए कारीगर इस अनोखे पंडाल को तैयार करेंगे। पांच दिनों तक भोग-प्रसाद के रूप में भक्तों को गुपचुप ही परोसा जाएगा। मसानगंज की नवयुवक दुर्गोत्सव समिति हर साल नए-नए प्रयोगों के लिए जानी जाती है। पिछले साल यहां दो लाख चाकलेट से माता का रूप और पंडाल सजाया गया था, जिसने भक्तों का दिल जीत लिया था। इस बार समिति ने और भी बड़ा प्रयोग किया है।

अध्यक्ष नवीन रूपानी ने बताया कि, कण-कण में देवी-देवता का वास है, इसलिए इस बार गुपचुप को ही आधार बनाया गया है। करीब पांच लाख गुपचुप से पंडाल का निर्माण होगा। इसके लिए कोलकाता से 20 कारीगर बुलाए गए हैं, जिन्होंने 14 सितंबर से काम शुरू कर दिया है। साथ ही उन्होंने बताया कि खास बात यह है कि मां दुर्गा की प्रतिमा भी गुपचुप पर ही विराजमान होगी। ध्यान मुद्रा में माता का दर्शन भक्त कर सकेंगे।

पंडाल की विशेषताएं

समिति ने भोग प्रसाद को भी विशेष बनाया है।

पांचों दिन भक्तों को गुपचुप ही प्रसाद के रूप में मिलेगा।

पंडाल के बाहर गुपचुप काउंटर रहेगा।

अंदर जगह-जगह दोने में गुपचुप सजाए जाएंगे।

तीन विशालकाय 10-10 फीट के गुपचुप बनाए जाएंगे।

इनके भीतर देवी मां की प्रतिमा स्थापित होगी।

कोलकाता से पहुंचे कारीगर

इस अनोखे पंडाल की तैयारी के लिए कोलकाता से 20 अनुभवी कारीगर बुलाए गए हैं। जो कल से पंडाल निर्माण कार्य शुरू करेंगे। गुपचुप को दोना में रखकर इन्हें अद्भुत आकार दिया जाएगा। कारीगरों का कहना है कि यह काम कला और धैर्य दोनों का अनोखा मेल है। समिति का दावा है कि इस बार का पंडाल शहर का सबसे बड़ा आकर्षण बनेगा और लोगों की जिज्ञासा चरम पर रहेगी।

विशाल गुपचुप में लाइटिंग

गुपचुप के इस अनोखे पंडाल में कई आकर्षण होंगे। 10-10 फीट ऊंचाई वाले तीन विशाल गुपचुप श्रद्धालुओं के लिए अद्भुत नजारा होंगे।

सहारनपुर से लाई गई है बेलना-चौकी, टोकनी

समिति के सचिव संजय वर्मा ने बताया कि आकर्षण बढ़ाने के लिए पंडाल में गुपचुप बनाने वाले पारंपरिक सामान जैसे बेलना, चौकी, झारा और टोकनी भी सजाए जाएंगे, जिन्हें सहारनपुर से विशेष आर्डर पर मंगाया गया है। पंडाल के बाहर-बाहर सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की जाएगी, ताकि श्रद्धालु निश्चिंत होकर मां के दर्शन कर सकें। गुपचुप भी यहीं तैयार किया जाएगा।

आज शाम 5 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे पीएम मोदी, जीएसटी सुधारों के बारे में दे सकते हैं जानकारी

आज शाम 5 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे पीएम मोदी, जीएसटी सुधारों के बारे में दे सकते हैं जानकारी

 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम पांच बजे देश को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी किस मुद्दे पर ये संबोधन देंगे, इसकी अभी आधाकारिक जानकारी सामने नहीं आ सकी है। हालांकि, माना जा रहा है कि सोमवार से लागू हो रहे जीएसटी सुधारों को लेकर पीएम मोदी अपना संबोधन दे सकते हैं।

पीएम मोदी का संबोधन ऐसे समय पर हो रहा है, जब सोमवार से नई जीएसटी दरें लागू हो रही हैं। वहीं, इस समय भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ, एच1 वीजा को लेकर तनाव बढ़ रहा है। ऐसे में पीएम मोदी का ये संबोधन कई मायनों में खास हो सकता है।

कब-कब देश को पीएम मोदी ने किया संबोधित

गौरतलब है कि साल 2014 में प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभालने के बाद पीएम मोदी ने कई बार राष्ट्र के नाम अपना संबोधन दिया था। पीएम मोदी के पिछले संबोधनों पर नजर डालें, तो 8 नवंबर, 2016 को उन्होंने राष्ट्र को संबोधित किया और 500 और 1000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण की घोषणा की।

इसके बाद 12 मार्च, 2019 को पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया, जब उन्होंने पुलवामा आतंकी हमले के बाद किए गए बालाकोट हवाई हमलों की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री ने 24 मार्च, 2020 को राष्ट्र को संबोधित करते हुए कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए तीन सप्ताह के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी। उन्होंने 14 अप्रैल, 2020 को फिर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की थी। उसी साल मई में उन्होंने लॉकडाउन में ढील देने के फैसले के बारे में बताया।

इससे पहले पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन 12 मई 2025 को दिया था। इस दौरान उन्होंने पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत के जवाबी हमले, ऑपरेशन सिंदूर के बारे में लोगों को जानकारी दी थी।

कल से लागू हो रही हैं जीएसटी की नई दरें

आज शाम को होने वाला पीएम मोदी का ये संबोधन के विषय के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, रिपोर्ट्स में कयास लगाए जा रहे हैं कि आज के संबोधन में पीएम मोदी जीएसटी के रिफॉर्म पर बात कर सकते हैं। चूंकि कल यानी 22 सितंबर से जीएसटी की नई दरें लागू होने जा रही हैं। नए दरों के लागू होने के बाद रोजमर्रा की कई वस्तुएं सस्ती होने जा रही हैं।

बसना भंवरपुर: दुर्गोत्सव महिला समिति करेगी सांस्कृतिक आयोजन, होगा डांस मुकाबला विजेताओं को मिलेंगे आकर्षक नगद पुरस्कार

बसना भंवरपुर: दुर्गोत्सव महिला समिति करेगी सांस्कृतिक आयोजन, होगा डांस मुकाबला विजेताओं को मिलेंगे आकर्षक नगद पुरस्कार

महासमुन्द भंवरपुर : दुर्गोत्सव महिला समिति, इंदिरा कॉलोनी भवंपुर करेगी आयोजन शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर दुर्गोत्सव महिला समिति, इंदिरा कॉलोनी भवंपुर की ओर से एक भव्य डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन आगामी 29 सितंबर 2025, सोमवार को होगा, जिसमें आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है।

प्रतियोगिता की श्रेणियां एवं पुरस्कार
डांस प्रतियोगिता दो श्रेणियों में होगी—ग्रुप डांस और एकल डांस।

ग्रुप डांस श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 7000 रुपये, द्वितीय 3500 रुपये और तृतीय 2100 रुपये रखा गया है।एकल डांस श्रेणी में विजेताओं को क्रमशः 3100 रुपये (प्रथम), 2100 रुपये (द्वितीय) और 1100 रुपये (तृतीय) का पुरस्कार मिलेगा।प्रवेश शुल्क और संपर्क भाग लेने हेतु प्रवेश शुल्क 100 रुपये रखा गया है। प्रतियोगिता में शामिल होने के इच्छुक प्रतिभागी अधिक जानकारी के लिए आयोजकों से संपर्क कर सकते हैं।

📞 अशोक कुमार डडसेना – 9109391867
📞 घनश्याम पटेल – 7974195758

आयोजन का उद्देश्य
दुर्गोत्सव महिला समिति ने बताया कि नवरात्रि पर्व के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन समाज में आपसी भाईचारा, परंपराओं और कला को बढ़ावा देने का प्रयास है। प्रतियोगिता के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जाएगा

महासमुन्द : छात्रावास आंगनवाड़ी, पीडीएस, और मध्याह्न भोजन का करेंगे निरीक्षण छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा कल 22 को महासमुंद दौरे पर

महासमुन्द : छात्रावास आंगनवाड़ी, पीडीएस, और मध्याह्न भोजन का करेंगे निरीक्षण छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा कल 22 को महासमुंद दौरे पर

 

महासमुंद।
छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा सोमवार, 22 सितंबर 2025 को महासमुंद जिले के दौरे पर रहेंगे। उनका यह दौरा जिले में संचालित खाद्य सुरक्षा और पोषण से जुड़ी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए खास माना जा रहा है।

आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार श्री शर्मा सुबह 9:00 बजे रायपुर से प्रस्थान कर महासमुंद पहुँचेंगे। यहाँ वे सबसे पहले आंगनवाड़ी केंद्रों, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों, मध्याह्न भोजन योजना और छात्रावासों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे लाभार्थियों से बातचीत कर योजनाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता की जानकारी भी लेंगे।

निरीक्षण के पश्चात दोपहर 2:30 बजे कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में वे जिला अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न विभागों की गतिविधियों की समीक्षा करेंगे। बैठक में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा से संबंधित योजनाओं की प्रगति और चुनौतियों पर विशेष चर्चा की जाएगी।

दौरे के अंतर्गत श्री शर्मा शाम 4:30 बजे रायपुर के लिए रवाना होंगे। उनके इस निरीक्षण से जिले में संचालित योजनाओं की स्थिति और अधिक मजबूत व पारदर्शी होने की उम्मीद जताई जा रही है।

महासमुंद : छात्रावास आंगनबाड़ी, पीडीएस, और मध्याह्न भोजन का करेंगे निरीक्षण छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा कल 22 को महासमुंद दौरे पर

महासमुंद : छात्रावास आंगनबाड़ी, पीडीएस, और मध्याह्न भोजन का करेंगे निरीक्षण छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा कल 22 को महासमुंद दौरे पर

 

महासमुंद।
छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा सोमवार, 22 सितंबर 2025 को महासमुंद जिले के दौरे पर रहेंगे। उनका यह दौरा जिले में संचालित खाद्य सुरक्षा और पोषण से जुड़ी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए खास माना जा रहा है।

आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार श्री शर्मा सुबह 9:00 बजे रायपुर से प्रस्थान कर महासमुंद पहुँचेंगे। यहाँ वे सबसे पहले आंगनवाड़ी केंद्रों, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों, मध्याह्न भोजन योजना और छात्रावासों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे लाभार्थियों से बातचीत कर योजनाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता की जानकारी भी लेंगे।

निरीक्षण के पश्चात दोपहर 2:30 बजे कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में वे जिला अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न विभागों की गतिविधियों की समीक्षा करेंगे। बैठक में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा से संबंधित योजनाओं की प्रगति और चुनौतियों पर विशेष चर्चा की जाएगी।

दौरे के अंतर्गत श्री शर्मा शाम 4:30 बजे रायपुर के लिए रवाना होंगे। उनके इस निरीक्षण से जिले में संचालित योजनाओं की स्थिति और अधिक मजबूत व पारदर्शी होने की उम्मीद जताई जा रही है।

बलौदाबाजार /’ड्रीम गर्ल’ फिल्म देखकर करण बना पूजा, फेसबुक पर युवक से मीठी-मीठी बातें कर ठगे 25 लाख

बलौदाबाजार /’ड्रीम गर्ल’ फिल्म देखकर करण बना पूजा, फेसबुक पर युवक से मीठी-मीठी बातें कर ठगे 25 लाख

 

अकलतरा: फेसबुक पर लड़की बनकर दोस्ती करने और फिर 25 लाख रुपये की ठगी कर करने के मामले में पुलिस ने भाटापारा बलौदा बाजार जिले के युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

थाना प्रभारी भास्कर शर्मा ने बताया कि अकलतरा निवासी दीपक जैन ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी फेसबुक पर एक लड़की पूजा साहू से पहचान हुई थी। फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद दोनों के बीच फेसबुक और व्हाट्सएप पर लगातार बातचीत शुरू हुई। युवक ने लड़की का रूप धारण कर मीठी-मीठी बातें कर दीपक को विश्वास में लिया और धीरे-धीरे पैसे मांगना शुरू किया।

आरोपित युवक ने कभी मां-पिता की बीमारी तो कभी बहन की मुंबई में कॉलेज व मेडिकल की पढ़ाई के नाम पर पैसे मंगाए। लगातार पैसे की मांग पर दीपक ने विभिन्न खातों और फोन-पे के माध्यम से लगभग 25 लाख रुपये उसे भेज दिए। जब दीपक के पास पैसे खत्म हो गए और वह और मदद करने में असमर्थ रहा, तब उसे ठगी का एहसास हुआ।

उसने दिए गए खाते और नंबरों की जानकारी जुटाई तो सामने आया कि जिस लड़की से वह चैट कर रहा था, असल में वह लड़का है। शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपित का नाम करन साहू है जो भाटापारा वार्ड क्रमांक-01 थाना भाटापारा, जिला बलौदा बाजार का निवासी है।

“ड्रीम गर्ल” फिल्म से आया ठगी करने का तरीका

पुलिस ने आरोपित करन साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जिस पर उसने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि वह जुआ खेलने का आदी है और इसी वजह से परिवार से अलग रहता है। घर वालों ने भी उसकी आदतों से परेशान होकर उसे घर से निकाल दिया था।

आरोपित ने पुलिस को बताया कि उसने “ड्रीम गर्ल” फिल्म देखकर लड़की बनकर ठगी करने का तरीका सीखा और कई लोगों को फंसाने की कोशिश की। हालांकि, सिर्फ दीपक को ही झांसे में ले पाया, जिससे उसने 25 लाख रुपये ठगे।

आरोपित ने ठगे हुए पैसों को जुए में गंवा दिया और कुछ रकम से मौज-मस्ती की। ठगी के पैसों से खरीदी गई पल्सर बाइक को पुलिस ने जब्त कर ली है। साथ ही उसके मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी जब्त किए गए हैं।

CG सरायपाली: चौधरी से बाबू ढाबा तक का सफर बना आखिरी, 25 वर्षीय युवक की सड़क हादसे में मौत

CG सरायपाली: चौधरी से बाबू ढाबा तक का सफर बना आखिरी, 25 वर्षीय युवक की सड़क हादसे में मौत

सिंघोडा/सरायपाली (महासमुंद)। थाना सिंघोडा क्षेत्र में हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में 25 वर्षीय युवक गजानंद विशाल की मौत हो गई। हादसा 13 अगस्त 2025 को सुबह करीब 7 बजे हुआ, जब मृतक अपने घर लौट रहा था। पुलिस ने परिजनों की शिकायत और जांच के बाद ट्रक चालक की लापरवाही को कारण मानते हुए अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।

मामले की जानकारी के अनुसार, गजानंद विशाल (25 वर्ष) पिता जधु विशाल निवासी सागरपाली अपने मोटरसाइकिल सीजी 06 एचडी 1884 से चौधरी ढाबा से खाना पार्सल कराकर घर लौट रहा था। तभी बाबु ढाबा के सामने खड़े ट्रक क्रमांक OD 17 P 0045 से उसकी मोटरसाइकिल टकरा गई। आरोप है कि ट्रक चालक ने वाहन को खतरनाक ढंग से सड़क पर खड़ा कर रखा था और इंडिकेटर तक नहीं जलाया था।

दुर्घटना में गजानंद को सिर और सीने में गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत सीएचसी सरायपाली पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

मृतक के पिता जधु विशाल (65 वर्ष) ने थाने में लिखित शपथपत्र प्रस्तुत करते हुए ट्रक चालक की लापरवाही को हादसे का जिम्मेदार ठहराया। पुलिस ने मर्ग क्रमांक 15/2025 धारा 194 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान लापरवाही से मौत का अपराध पाए जाने पर धारा 106(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला कायम किया गया।

फिलहाल पुलिस ने ट्रक और चालक की गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है और पूरे मामले की रिपोर्ट एसडीएम को प्रेषित कर दी गई है।

CG पिथोरा :कर्मचारी कॉलोनी लहरौद में चोरी: गृहणी के घर से नगदी, सोने का हार और इलेक्ट्रॉनिक सामान पार

CG पिथोरा: कर्मचारी कॉलोनी लहरौद में चोरी: गृहणी के घर से नगदी, सोने का हार और इलेक्ट्रॉनिक सामान पार

पिथौरा (महासमुन्द)। थाना पिथौरा क्षेत्र के कर्मचारी कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 08 लहरौद में अज्ञात चोरों ने एक मकान को निशाना बनाते हुए नगदी रकम, सोने का हार और इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी कर लिया। पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थीया सत्यवती दुबे (45 वर्ष) पत्नी लक्ष्मीप्रसाद दुबे, निवासी कर्मचारी कॉलोनी लहरौद, पिथौरा ने थाने में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उनका स्वास्थ्य खराब होने के कारण अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए वे 25 अगस्त 2025 से अपने मायके ग्राम जम्हारी में रह रही थीं।

20 सितम्बर 2025 को सुबह करीब 8 बजे जब वे अपने घर लौटीं तो देखा कि घर का मुख्य गेट तो बंद था, लेकिन अंदर के दरवाजे का ताला टूटा हुआ था। कमरे की आलमारी और पेटी के ताले भी टूटे मिले। सामान की जांच करने पर पता चला कि अज्ञात चोरों ने सोने का हार (लगभग 27 ग्राम, कीमत करीब ₹2,25,000), आलमारी में रखे नगदी ₹10,000, टीवी (कीमत ₹8,000) और इंडक्शन चुल्हा (कीमत ₹3,000) चोरी कर लिया है।

घटना की जानकारी पीड़िता ने आसपास के लोगों को दी और तुरंत थाना पिथौरा पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रार्थीया की रिपोर्ट पर धारा 331(4), 305(ए) B.N.S. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।

फिलहाल पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगालने की तैयारी कर रही है, ताकि अज्ञात चोरों का सुराग मिल सके।

CG बसना: 23 सितंबर को निःशुल्क चिकित्सा शिविर हैदराबाद की प्रसिद्ध चेस्ट फिजिशियन डॉ. श्री रजनी अग्रवाल नर्सिंग होम मे रहेंगी उपलब्ध

CG बसना: 23 सितंबर को निःशुल्क चिकित्सा शिविर हैदराबाद की प्रसिद्ध चेस्ट फिजिशियन डॉ. श्री रजनी अग्रवाल नर्सिंग होम मे रहेंगी उपलब्ध

बसना (महासमुंद)। क्षेत्र के मरीजों के लिए खुशखबरी है। अब श्वसन रोगों और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का इलाज कराने के लिए बड़े शहरों के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं होगी। हैदराबाद की प्रसिद्ध चेस्ट फिजिशियन डॉ. श्री रजनी अब बसना में प्रतिदिन अपनी सेवाएं देंगी। इसी क्रम में 23 सितंबर 2025 को अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बासना में एक दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

डॉ. श्री रजनी एमडी (Respiratory Medicine) हैं। वे कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजिस्ट एवं क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट हैं। कोविड-19 काल में उन्होंने हजारों मरीजों का इलाज किया है और वे स्लीप मेडिसिन स्पेशलिस्ट भी हैं। उनकी उपलब्धता से अब स्थानीय स्तर पर मरीजों को उच्च स्तरीय परामर्श और आधुनिक जांच सुविधाएँ मिल सकेंगी।

शिविर में उपलब्ध इलाज
इस शिविर में मरीजों को दमा, एलर्जी, सीओपीडी, सीने में दर्द, लंबी खांसी, सांस की तकलीफ, छाती में पानी भरना, निमोनिया, कैंसर, नींद विकार, टी.बी. जैसी बीमारियों का निःशुल्क परामर्श दिया जाएगा।

शिविर में उपलब्ध जांच सुविधाएँ

ब्रॉन्कोस्कोपी

स्पायरोमेट्री

लंग फंक्शन टेस्ट (PFTs)

एचआरसीटी चेस्ट स्कैन

डिजिटल एक्स-रे

टी.बी. की जांच

विशेष बात यह है कि शिविर में सभी जांचों पर मरीजों को 30 प्रतिशत तक की छूट भी प्रदान की जाएगी।

अस्पताल प्रबंधन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ और समय रहते पंजीयन करवाएँ।

📌 स्थान: अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना (जिला महासमुंद, छत्तीसगढ़)
📞 संपर्क: 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100