CG: भारतमाला प्रोजेक्ट भूमि घोटाला: मिलना था 6.20 लाख मुआवजा, अफसरों ने जालसाज कर बना दिए 3.75 करोड़ रुपए

CG: भारतमाला प्रोजेक्ट भूमि घोटाला: मिलना था 6.20 लाख मुआवजा, अफसरों ने जालसाज कर बना दिए 3.75 करोड़ रुपए

 

CG: बिलासपुर भारतमाला प्रोजेक्ट के ढेका-उरगा मार्ग में भूमि अधिग्रहण घोटाले पर बड़ा फैसला आया है। संभागायुक्त/आर्बिट्रेटर ने एनएचएआइ की दलीलों को सही मानते हुए सात पूरक अवार्ड निरस्त कर दिए।

जांच में पाया गया कि अधिक मुआवजा पाने के लिए बैकडेटेड बटांकन कर जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटा गया था। ऐसा कर सात जमीन मालिकों को तीन करोड़ 75 लाख 87 हजार रुपये बांटने की तैयारी थी। एनएचएआइ की शिकायत के बाद मामले की जांच की गई। इसमें गड़बड़ी परत दर परत खुलती गई। संभागायुक्त ने अब निर्धारित मापदंड के अनुसार सात प्रकरणों में छह लाख 20 हजार 800 रुपये मुआवजा निर्धारित किया गया है।

NHAI ने जताई थी आपत्ति

गौरतलब है कि भूमि अधिग्रहण में खेत की जमीन की अलग दर निर्धारित है और छोटे-छोटे टुकड़ों की नंबरी जमीन की कीमत अधिक है। राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत कर खेत की जमीन का बटांकन कर अधिक मुआवजा लेने की तैयारी थी। मामले की जानकारी होने पर NHAI ने इस पर आपत्ति जताई थी। साथ ही अवार्ड की राशि को लेकर संभागायुक्त कोर्ट में मामला दर्ज कराया।

सुनवाई के दौरान NHAI ने अदालत में कहा कि ग्राम ढेका की 0.1940 हेक्टेयर भूमि का अवैध विभाजन सिर्फ मुआवजा दर बढ़ाने के उद्देश्य से हुआ है। यानी टुकड़ों में बांटकर एक वर्ग मीटर जमीन की दर 1800 रुपये के भाव से मुआवजा प्रकरण जारी किया गया था। इस हिसाब से 0.1940 हेक्टेयर जमीन के लिए तीन करोड़ 75 लाख का मुआवजा बांटने की तैयारी थी। आर्बिट्रेटर ने बलदेव सिंह बनाम पंजाब राज्य का हवाला देते हुए पूरक अवार्ड दिनांक नौ जून 2021 को रद कर दिया और छह लाख 20 हजार 800 रुपये का संशोधित अवार्ड पारित किया है।

ऐसे 42 प्रकरण और लंबित हैं

भारतमाला प्रोजेक्ट के ढेका-उरगा मार्ग में भूमि अधिग्रहण में राजस्व अधिकारियों ने जमीन मालिकों को लाभ देने के लिए 30 सितंबर 2017 को नौ खातेदारों और 23 अक्टूबर 2017 को 40 खातेदारों का गलत तरीके से बटांकन किया गया है। यानी करोड़ों रुपये की गड़बड़ी को अंजाम देने की तैयारी थी। अभी संभागायुक्त कोर्ट ने सिर्फ सात प्रकरणों में अपना फैसला दिया है। 42 प्रकरण अब भी लंबित हैं।

तहसीलदार सस्पेंड, पटवारी कर चुका है आत्महत्या

मामला 2018 में सामने आया। उस दौरान ग्राम ढेका में सुरेश कुमार मिश्रा पटवारी थे। वहीं डीके उइके तहसीलदार के पद पर पदस्थ थे। इन्होंने भूमि स्वामियों से मिलीभगत कर अधिसूचना जारी होने के बाद गलत तरीके से बटांकन किया। जांच में मामला सामने आने के बाद तहसीलदार और पटवारी के खिलाफ तोरवा थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई। फआइआर दर्ज होने के बाद पटवारी ने कलेक्टर को एक आवेदन भी दिया था। उसके बाद मानसिक दबाव में आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।

क्या है भारतमाला प्रोजेक्ट और घोटाले की जड़ें

भारत सरकार की 1,520 करोड़ की लागत से ग्राम ढेका से उरगा तक 70 किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग 130ए बन रहा है। भूमि अधिग्रहण की सूचना जारी होने के बाद ग्राम ढेका में संदिग्ध तरीके से 33 बटांकन कर 76 मालिक दिखाए गए। इससे मुआवजा राशि कई गुना बढ़ गई और परियोजना की लागत पर सीधा असर पड़ा।

कैसे बढ़ा विवाद

2018 में भूमि अधिग्रहण की 3-डी अधिसूचना जारी होने के बाद यह गड़बड़ी सामने आई। रिकार्ड खंगालने पर पता चला कि विभाजन कई खसरा नंबरों पर 2017 में ही दर्शाया गया था, जबकि अधिसूचना बाद में निकली थी। एक ही दिन में 22 और दूसरे दिन 11 बटांकन किए जाने से मामले की संदिग्धता और गहरी हो गई थी।

शीतलेष मौर्य पिता चंद्रीका मौर्य

खसरा नंबर- 250/10

रकबा- 0.0400

पहले मुआवजा-77,50,015

संशोधित-1,28,000

मिथिलेश मौर्य पिता चंद्रिका मौर्य

खसरा नंबर-250/11

रकबा- 0.0320

पहले मुआवजा-62,00,012

संशोधित-1,02,400

कमलेश मौर्य

खसरा नंबर-250/12

रकबा- 0.0320

पहले मुआवजा-62,00,012

संशोधित-1,02,400

सुनीता मौर्य

खसरा नंबर-250/13

रकबा-0.0180

पहले मुआवजा-34,87,506

संशोधित-57,600

दुर्गा मौर्य पिता चंद्रिका मौर्य

खसरा नंबर-250/15

रकबा-0.0200

पहले मुआवजा-38,75,007

संशोधित-64,000

दिनेश मौर्य

खसरा नंबर-250/17

रकबा-0.0320

पहले मुआवजा-62,00,012

संशोधित-102400

दुर्गा मौर्य

खसरा नंबर-250/18

रकबा-0.0200

पहले मुआवजा-38,75007

संशोधित-64,000

CG: बुरे फंसे बालोद के डिप्टी कलेक्टर… महिला ने लगाया दुष्कर्म का आरोप, FIR दर्ज

CG: बुरे फंसे बालोद के डिप्टी कलेक्टर… महिला ने लगाया दुष्कर्म का आरोप, FIR दर्ज

CG: बालोद जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। बालोद जिले के डौंडी थाना में एक डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ रेप का मामला दर्ज हो गया है। एक महिला आरक्षक की शिकायत के बाद डौंडी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। एफआईआर दर्ज होने का बाद अब माना जा रहा है कि डिप्टी कलेक्टर की गिरफ्तारी कभी भी पुलिस कर सकती है।

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप

छत्तीसगढ़ नई दुनिया समाचार के अनुसार दरअसल, डिप्टी कलेक्टर दिलीप उईके पिता रतन लाल उइके मूलतः डौंडी ब्लॉक के ग्राम अवारी के रहने वाले हैं। अभी वर्तमान में बीजापुर जिले में पोस्टेड है। उनके खिलाफ सीएएफ की एक महिला आरक्षक ने गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की है। महिला का आरोप है कि डिप्टी कलेक्टर शादी करने का झांसा देकर करीबन एक साल से शारीरिक शोषण कर रहे थे। जब वे शादी से मुकर गए तो महिला सीधे डौंडी थाना पहुंच गई और डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।

महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। कयास लगाए जा रहे है कि डौंडी पुलिस जल्द ही डिप्टी कलेक्टर को गिरफ्तार कर सकती है। हालांकि पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।

पुलिस ने मामला किया दर्ज

एएसपी बालोद मोनिका ठाकुर ने कहा कि डौंडी थाने में पीड़िता के द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई है कि एक सरकारी कर्मचारी ने शादी का झांसा देते हुए एक साल से शारीरिक संबंध बनाया, जिसपर एफआईआर दर्ज का आगे की जांच की जा रही हैं।

प्रभारी सीईओ से हटाए गए थे

मिली जानकारी अनुसार 3 माह पहले बीजापुर कलेक्टर ने दिलीप उइके को भोपालपटनम जनपद के प्रभारी सीईओ पद से हटाया था। तकरीबन डेढ़ वर्ष से अधिक समय तक डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके भोपालपटनम जनपद सीईओ के पद पर बने हुए थे। इस बीच वे काफी विवादित भी रहे हैं।

CG Road Accident: हाईवे पर दर्दनाक हादसा, नौ मवेशियों को अज्ञात वाहन ने रौंदा

CG Road Accident: हाईवे पर दर्दनाक हादसा, नौ मवेशियों को अज्ञात वाहन ने रौंदा

 

CG News : राजनांदगांव शहर से लगे नेशनल हाईवे पर सोमवार सुबह इंदामरा के पास एक अज्ञात ट्रक ने आधा दर्जन से अधिक मवेशियों को चपेट में लें लिया। इसी दौरान पुलिस लाइन के पास भी एक कार चालक ने सड़क किनारे बैठे मवेशियों को रौंद दिया। इन दोनों घटनाओं में कुल नौ मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई।

मौके पर पहुंचे अधिकारी

हादसे के बाद हाईवे किनारे मवेशियों के शव पड़े मिले। घटना की जानकारी मिलते ही सुबह कलेक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, सीएसपी पुष्पेंद्र नायक और पशु चिकित्सा विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे। कलेक्टर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और भविष्य में इन्हें रोकने के लिए ठोस कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों की पशुपालकों को चेतावनी

उधर प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि लापरवाह मवेशी मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पशुपालकों को अपने मवेशियों को खुले में छोड़ना बंद करना होगा, अन्यथा दंडात्मक कार्रवाई से बचना मुश्किल होगा।

CG Murder: मोबाइल नंबर ब्लॉक किया तो युवक ने उठाया खौफनाक कदम, घर में घुसकर युवती का किया बेरहमी से मर्डर

CG Murder: मोबाइल नंबर ब्लॉक किया तो युवक ने उठाया खौफनाक कदम, घर में घुसकर युवती का किया बेरहमी से मर्डर

 

छत्तीसगढ़ के कुसुमी में युवक ने धारदार हथियार से एक युवती की हत्या कर दी। युवक ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि युवती उससे बात नहीं करना चाहती थी और उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया था। यह घटना कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम हर्री में हुई।

पीड़िता के पिता मनरूप लकड़ा ने पुलिस को बताया कि 12 अगस्त की सुबह वह खेत में काम करने गया था। दोपहर में घर लौटकर भोजन करने के बाद भैंसों को चराने चला गया था। इस दौरान उसकी बेटी हेमंती लकड़ा (22) घर में अकेली थी। शाम करीब पांच बजे जब वह लौटा तो उसने देखा कि बेटी खून से लथपथ पड़ी हुई है। उसके सीने पर चाकू से हमला किया गया था। मौके पर ही खून से सना चाकू पड़ा मिला।

परेशान होकर युवती किया नंबर ब्लॉक

मनरूप लकड़ा ने बताया कि गांव का चंदर सोनवानी (39) उसकी बेटी से जबरन बातचीत करने की कोशिश करता था। करीब 20 दिन पहले उसने हेमंती का गला दबाया था और मोबाइल छीनने का प्रयास भी किया था। इससे परेशान होकर युवती ने आरोपित का नंबर ब्लॉक कर दिया और उससे दूरी बना ली थी। इसी से नाराज़ होकर आरोपित द्वारा मौका पाकर हत्या करने की आशंका जताई गई थी।

आरोपी ने कबूला जुर्म

हत्या के बाद आरोपित फरार हो गया था। पुलिस ने लगातार उसकी तलाश की और मुखबिर की सूचना पर 16 अगस्त को ग्राम उमको से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपित ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

महासमुंद/नेशनल लोक अदालत 13 सिंतबर 2025 को तैयारियों के संबंध में जिला न्यायाधीश ने ली न्यायिक अधिकारियों की बैठक

महासमुंद/नेशनल लोक अदालत 13 सिंतबर 2025 को तैयारियों के संबंध में जिला न्यायाधीश ने ली न्यायिक अधिकारियों की बैठक

 

महासमुंद/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार 13 सिंतबर 2025 शनिवार को जिला न्यायालय तथा सभी तालुका स्थित न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद की सचिव श्रीमती आफरीन बानो द्वारा जानकारी दी गयी कि न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित तथा सस्ता एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है।

जिस हेतु जिला न्यायालय महासमुंद तथा बागबाहरा, पिथौरा, बसना और सरायपाली तालुका स्थित सभी न्यायालयों में खण्डपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन तथा अधिक से अधिक के प्रकरण रखे जाने के संबंध में आज प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया द्वारा जिला मुख्यालय स्थित न्यायालय के न्यायिक अधिकारियों की बैठक ली गई है साथ ही तालुका स्थित न्यायालयों के न्यायिक अधिकारी वीडियों कान्फ्रेसिंग से जुड़कर बैठक में वर्चुअल रूप से शामिल हुए।

न्यायिक अधिकारियों के बैठक में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया द्वारा न्यायालयों में जो प्रकरण चिन्हाकिंत किए गए है जैसे एमएसीटी, सिविल प्रकरण, एनआई एक्ट, समरी प्रकरणों के आकड़ों का अवलोकन भी किया गया। साथ ही पूर्व में आयोजित लंबित अथवा निराकृत प्रकरणों के बारे में समीक्षा की गई। नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण पर चर्चा करते हुए न्यायालयों में 5 से 10 वर्षो से लंबित प्रकरणों तथा वरिष्टजनों से संबंधित प्रकरणों का आपसी राजीनामा के आधार पर निराकृत करने के निर्देश दिए।

महासमुंद/845 नव पदोन्नत प्राचार्यों के पदांकन हेतु 20 से 23 अगस्त तक रायपुर में ओपन काउंसिलिंग

महासमुंद/845 नव पदोन्नत प्राचार्यों के पदांकन हेतु 20 से 23 अगस्त तक रायपुर में ओपन काउंसिलिंग

 

महासमुंद/ छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्राचार्य (टी-संवर्ग) के पदोन्नति आदेश जारी कर दिए गए हैं। इन पदोन्नत प्राचार्यों के पदांकन हेतु ओपन काउंसिलिंग का आयोजन 20 अगस्त से 23 अगस्त 2025 तक शासकीय शिक्षा महाविद्यालय परिसर, शंकर नगर रायपुर में किया जाएगा। इस काउंसिलिंग में कुल 845 नव पदोन्नत प्राचार्य शामिल होंगे।

काउंसिलिंग का समय प्रतिदिन प्रातः 10ः00 बजे से निर्धारित है। प्रत्येक दिन प्रथम पाली में 150 और द्वितीय पाली में 150 इस प्रकार प्रत्येक दिन कुल 300 अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग में शामिल किया जाएगा। काउंसिलिंग की तिथि एवं समय की जानकारी पदोन्नत प्राचार्यों की सूची तथा रिक्त पदों की सूची स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट https://eduportal-cg-nic-in/ पर उपलब्ध कराई गई है।

काउंसिलिंग प्रक्रिया में प्राथमिकता का निर्धारण वरिष्ठता और नियमावली के अनुसार किया जाएगा। व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक शाला के पदोन्नति आदेश के लिए काउंसिलिंग हेतु प्राथमिकता निर्धारण (प्रथम चार का क्रम निर्धारण) व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.), प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक शाला की वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति आदेश के सरल क्रमांक के अनुसार एक अनुपातिक सूची (व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.) प्रधान पाठक (माध्यमिक शाला) 2ः1ः1 में तैयार की गई है। उपरोक्त अनुपात भर्ती तथा पदोन्नति नियम के अनुसार व्याख्याता 65 प्रतिशत (व्याख्याता 70 प्रतिशत तथा व्याख्याता एल.बी. का कोटा 30 प्रतिशत है) जबकि प्रधान पाठक (मा.शाला) 25 प्रतिशत के आधार पर निर्धारित है। सर्वप्रथम एक वर्ष से कम अवधि के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक शाला को वरिष्ठता के आधार पर संस्था चयन हेतु प्राथमिकता दी जाएगी। काउंसिलिंग प्रक्रिया में दिव्यांग (महिला एवं पुरुष) को पहले प्राथमिकता दी जाएगी। तत्पश्चात् महिला तथा इसके बाद पुरूष वर्ग को वरिष्ठता के क्रम में संस्था चयन हेतु प्राथमिकता दी जाएगी। सभी पदोन्नत प्राचार्यों को अपने वर्तमान संस्था प्रमुख से प्रमाणित सेवा प्रमाण पत्र, मूल पदस्थापना संबंधी जानकारी तथा शासन द्वारा मान्य फोटोयुक्त पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लाना होगा। दिव्यांग अभ्यर्थियों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

काउंसिलिंग हेतु वेटिंग हॉल सेमिनार कक्ष क्रमांक 01 एवं काउंसिलिंग कक्ष क्रमांक 02 निर्धारित किए गए हैं। दोनों कक्षों में केवल अभ्यर्थियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।

काउंसिलिंग में अनुपस्थित रहने वाले प्राचार्यों को अंतिम दिन 23 अगस्त को अवसर दिया जाएगा। काउंसिलिंग पूर्ण होने के बाद पदस्थापना आदेश शासन द्वारा जारी किए जाएंगे तथा आदेश जारी होने के 7 दिवस के भीतर नवीन पदस्थापना स्थल पर पदग्रहण करना अनिवार्य होगा।

CG News: ट्रेन में सफर के दौरान सोते समय सिर के नीचे रखा था हैंडबैग खींच ले गए चोर… उसमें थे 9 लाख रुपये के गहने

CG News: ट्रेन में सफर के दौरान सोते समय सिर के नीचे रखा था हैंडबैग खींच ले गए चोर… उसमें थे 9 लाख रुपये के गहने

 

छत्तीसगढ़/रायपुर से चलती ट्रेन में लाखों की चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। समता एक्सप्रेस (Samta Express) में सफर कर रही एक महिला यात्री का कीमती सामान से भरा हैंडबैग चोरों ने उड़ा लिया। इस बैग में करीब 9 लाख रुपये के सोने के जेवर और नकदी रखी थी।

सिर के नीचे से बैग चोरी

यह घटना 16 अगस्त की रात को हुई, जब ट्रेन दुर्ग स्टेशन पहुंचने वाली थी। शंकर नगर निवासी अनामिका वर्मा ट्रेन नंबर 12808 समता एक्सप्रेस के कोच S-3 में दिल्ली से रायपुर लौट रही थीं। उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए 75 ग्राम से अधिक का सोने का हार, 45 ग्राम का कड़ा और 10 ग्राम का मंगलसूत्र समेत अन्य सामान से भरा हैंडबैग सिर के नीचे रखकर सो गईं थीं। जब उनकी नींद खुली, तो उन्होंने देखा कि बैग गायब था।

इस वारदात के बाद, पीड़िता ने तुरंत GRP थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम ट्रेन के CCTV फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।

रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

चलती ट्रेनों में यात्रियों के साथ हो रही इस तरह की घटनाएं रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। यह वारदात बताती है कि लंबी दूरी की यात्राओं में भी यात्री पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हैं, और चोर बेखौफ होकर ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले को प्राथमिकता से देख रहे हैं और जल्द ही चोरों को पकड़ने का प्रयास करेंगे।

सरायपाली / पत्नी को सरकारी लाभ दिलाने, यूट्यूब चैनल संचालन और वित्तीय गड़बड़ी को लेकर BRC घिरे विवादों में

 

महासमुन्द जिले के सरायपाली ब्लॉक में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। यहां ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (BRC) और विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (BRCI) दोनों पर गंभीर आरोप लगे हैं। इन आरोपों में पत्नी को सरकारी लाभ दिलाना, शैक्षणिक भ्रमण आदेश में हेरफेर, यूट्यूब चैनल से आर्थिक फायदा उठाना, वित्तीय गड़बड़ी, निजी निवास में अनाधिकृत प्रवेश, पद का दुरुपयोग और पक्षपात जैसी बातें शामिल हैं।

 

BRC पर पत्नी को शैक्षणिक भ्रमण में शामिल करने का आरोप

मामला 10 फरवरी 2024 के शैक्षणिक भ्रमण (Exposure Visit) कार्यक्रम से जुड़ा है। जिला परियोजना कार्यालय ने आदेश जारी कर मिडिल क्लास (उच्च प्राथमिक) के बच्चों को बिलाईगढ़ क्षेत्र के शैक्षणिक स्थलों की सैर कराने की योजना बनाई थी। इस भ्रमण के लिए शिक्षकों की टीम भी गठित की गई थी।

आरोप है कि सरायपाली के BRC ने आदेश में हेरफेर कर अपनी पत्नी का नाम टीम में शामिल कराया। सबसे बड़ा विवाद “जे.के. पटेल, शिक्षक, प्रा.शा. भोथल डीह ” नाम को लेकर है। शिकायत के अनुसार यह नाम वास्तव में जनक कुमारी पटेल का है, जो BRC की पत्नी और प्राथमिक शाला में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं। आदेश में उनका पद बदलकर “शिक्षक” लिखा गया और पूरा नाम छिपाने के लिए केवल “जे.के. पटेल” अंकित किया गया।

शिक्षक संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब सरकारी खर्च पर पत्नी को शैक्षणिक भ्रमण का लाभ दिलाने के उद्देश्य से किया गया। इस घटना ने विभागीय पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

BRC पर गंभीर शिकायतें: यूट्यूब चैनल, वित्तीय गड़बड़ी और पद का दुरुपयोग

सरायपाली में पदस्थ विकासखंड स्त्रोत सतीश स्वरूप पटेल पर भी कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांतीय सचिव रूपानंद पटेल ने संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर को लिखित शिकायत पत्र सौंपा है।

शिकायत पत्र में दर्ज प्रमुख आरोप इस प्रकार हैं –

1. अनाधिकृत यूट्यूब चैनल संचालन और आर्थिक लाभ
बिना विभागीय अनुमति “Online Education Guruji” नामक चैनल का संचालन। इस चैनल को सब्सक्राइब व शेयर करने के लिए शिक्षकों और अन्य व्यक्तियों से आग्रह किया गया तथा इससे आर्थिक लाभ लिया गया, जो आचरण नियमों के विपरीत है।

2. वित्तीय अनियमितताएं
विभागीय राशि का उपयोग वित्तीय नियमों के विपरीत किया गया। आरोप है कि कार्यालय में पदस्थ श्रीमती सविता पटेल (संभवत: रिश्तेदार/परिचित) के नाम पर भी राशि जारी की गई।

3. निजी निवास में अनाधिकृत प्रवेश और निजता का उल्लंघन
23 जुलाई 2025 को शाम लगभग 5 बजे शिकायतकर्ता के निजी घर और उनके पिताजी की कंपनी के कार्यालय में बिना अनुमति प्रवेश कर मोबाइल से वीडियोग्राफी की गई। इस दौरान कोई वैधानिक आदेश या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया।

4. पद का दुरुपयोग और पक्षपात
अपने पद का उपयोग कर रिश्तेदारों और परिचितों को अनुचित लाभ देना तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन न करना।

5. पूर्व शिकायतें और विवादित भूमिका
शिकायत में कहा गया है कि शिक्षक साझा मंच, सरायपाली द्वारा पहले भी श्री पटेल के खिलाफ उच्च अधिकारियों को शिकायत की गई थी। आरोप है कि उनके व्यवहार के चलते शिक्षकों ने शाला प्रवेश उत्सव का विरोध किया। साथ ही, युक्तियुक्तकरण समिति में भी उन्होंने कई गलत निर्णयों में सक्रिय सहयोग किया।

 

शिकायत में यूट्यूब चैनल के स्क्रीनशॉट, निजी निवास के सीसीटीवी फुटेज, शिक्षक साझा मंच की पूर्व शिकायत और विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों की प्रतियां भी साक्ष्य के रूप में संलग्न की गई हैं।

शिक्षक संघ और अभिभावकों की नाराजगी

शिक्षक संघ ने आरोप लगाया है कि ये मामले साफ़ तौर पर सरकारी पद और सरकारी लाभ का दुरुपयोग हैं। अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि यदि इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगी तो इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और विभागीय विश्वसनीयता पर पड़ेगा।

जांच और कार्रवाई की मांग

शिक्षक संघ ने मांग की है कि दोनों मामलों की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की जाए तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई हो।

फिलहाल विभागीय स्तर पर जांच की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दोनों मामलों ने शिक्षा विभाग की पारदर्शिता, ईमानदारी और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है

CG News: महानदी ब्रिज पर बंधा मिला महिला का दुपट्टा, कूदने की आशंका में गोताखोर कर रहे तलाश

CG News: महानदी ब्रिज पर बंधा मिला महिला का दुपट्टा, कूदने की आशंका में गोताखोर कर रहे तलाश

 

छत्तीसगढ़/ रायपुर जिले के आरंग ब्लॉक के ग्राम पारागांव में सोमवार सुबह सनसनीखेज घटना सामने आई। नेशनल हाईवे-53 पर बने महानदी पुल से एक शादीशुदा महिला के छलांग लगाने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही आरंग पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और नदी में महिला की तलाश शुरू की।

पुल पर मिली महिला की स्कूटी

आरंग थाना प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि पुल पर महिला की स्कूटी खड़ी मिली है और रेलिंग में दुपट्‌टा बंधा हुआ था। इससे महिला की पहचान पारागांव निवासी स्वाति त्रिवेदी (27) के रूप में हुई। हालांकि किसी ने महिला को कूदते हुए नहीं देखा है, लेकिन हालात को देखते हुए गोताखोरों को तलाश में लगाया गया है।

दो साल पहले हुई थी शादी

दो साल पहले स्वाति की शादी रायपुर निवासी अजय त्रिवेदी से हुई थी और उनका ढाई माह का बच्चा भी है। वह रक्षाबंधन मनाने मायके पारागांव आई हुई थी। घटना की जानकारी पुलिस ने परिजनों को दी है। सुबह से गोताखोरों की टीम महिला की तलाश में जुटी हुई है।

CG Road Accident: थाने के सामने 40 मिनट तक सड़क पर तड़पता रहा युवक, नहीं पहुंची एंबुलेंस

CG Road Accident: थाने के सामने 40 मिनट तक सड़क पर तड़पता रहा युवक, नहीं पहुंची एंबुलेंस

 

CG: रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी की स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। माना-टेमरी चौक पर हुए सड़क हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। लेकिन न तो समय पर 108 एंबुलेंस पहुंची और न ही पुलिस की ओर से कोई मदद मिली। करीब 40 मिनट तक युवक सड़क पर तड़पता रहा।

हालत बिगड़ने पर स्थानीय लोगों ने आटो से घायल को अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के तुरंत बाद 108 नंबर पर काल किया गया। काल सेंटर से एंबुलेंस भेजने की बात कही गई, लेकिन आधे घंटे तक कोई वाहन मौके पर नहीं पहुंचा। मजबूरी में स्थानीय लोगों ने घायल युवक को ऑटो में बैठाकर पहले माना स्थित सिविल अस्पताल पहुंचाया। यहां से उसे हालत गंभीर होने पर मेकाहारा रेफर किया गया। लेकिन वहां भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी। आखिरकार उसी ऑटो में मरीज को मेकाहारा ले जाना पड़ा।

थाने के सामने हादसा, पुलिस नदारद

इस हादसे की सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि दुर्घटना माना थाने के ठीक सामने हुई। मदद करने वाले युवक गणेश ने बताया कि पुलिस की गाड़ी वहीं खड़ी थी, लेकिन किसी ने न तो घटनास्थल का निरीक्षण किया और न ही मदद की।

 

केवल एक ही एंबुलेंस उपलब्ध

स्थानीय लोगों ने बताया कि जब 108 पर दोबारा संपर्क किया गया तो टीम ने माना कि क्षेत्र में फिलहाल केवल एक ही एंबुलेंस उपलब्ध है, इसलिए देरी हुई। इस खुलासे ने राजधानी की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है।

सिविल अस्पताल के डाक्टर ने बताया,मरीज को हेड इंजरी है। हमारे यहां जितनी सुविधा थी, उसी हिसाब से प्राथमिक इलाज किया गया। बेहतर जांच और उपचार के लिए मेकाहारा रेफर किया गया है।