छत्तीसगढ़ : स्वास्थ्य विभाग का काम सिर्फ इलाज करना नहीं है, बल्कि बीमारी से पहले उसकी रोकथाम करना भी है : स्वास्थ्य मंत्री 

छत्तीसगढ़ : स्वास्थ्य विभाग का काम सिर्फ इलाज करना नहीं है, बल्कि बीमारी से पहले उसकी रोकथाम करना भी है : स्वास्थ्य मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हरी झंडी दिखाकर चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला को किया रवाना राज्य में तीन दिन तक चलेगा “बने खाबो – बने रहिबो ” अभियान, मिलावट के खिलाफ जन-जागरूकता की बड़ी पहल

छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को लेकर एक ऐतिहासिक पहल के तहत आज से तीन दिवसीय विशेष अभियान “बने खाबो – बने रहिबो” (अच्छा खाओ, स्वस्थ रहो) की शुरुआत हुई। यह अभियान 4 से 6 अगस्त तक चलेगा, जिसका संचालन खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है।

अभियान का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला को हरी झंडी दिखाकर किया गया। यह चलित प्रयोगशाला राज्य के 33 जिलों में घूम-घूम कर आमजन को गुणवत्ता पूर्ण भोजन और मिलावटी भोजन के प्रति लोगों को जागरूक करेगी तथा खाद्य सामग्री की मौके पर जांच करेगी, जिससे मिलावट के मामलों की तत्काल पहचान संभव होगी। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में सहभागी बनें, मिलावट से सतर्क रहें और स्वच्छ, सुरक्षित भोजन अपनाकर एक स्वस्थ छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में सहयोग दें।

स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण, शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुँचे। स्वास्थ्य विभाग का काम सिर्फ इलाज करना नहीं है, बल्कि बीमारी से पहले उसकी रोकथाम करना भी है यही प्रिवेंशन ऑफ डिजीज है।

उन्होंने कहा कि हमारे खानपान से संबंधित बीमारियाँ जैसे डायबिटीज़, थायरॉयड, फैटी लिवर, हाई कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग आज बहुत आम हो चुके हैं। इनसे बचने के लिए जन-जागरूकता, स्वच्छता और मिलावट रहित भोजन बेहद ज़रूरी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू किए गए ‘मिलावट के खिलाफ अभियान’ को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ में ‘बने खाबो, बने रहिबो’ अभियान की नींव रखी गयी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद्य परीक्षण की व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने हेतु एक अत्याधुनिक राज्य स्तरीय खाद्य प्रयोगशाला की स्थापना की जा रही है, जिससे छत्तीसगढ़ को खाद्य परीक्षण के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

इस मौके पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री अमित म्हस्के ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह एक बहुत ही महत्वकांक्षी अभियान है जिसकी शुरूआत आज से की जा रही है। चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से प्रदेश की जनता में खाद्य सामग्रियों को लेकर जागरूकता बढ़ेगी तथा मिलावट करने वालों की असलियत भी सामने आएगी। उन्होंने बताया कि इस चलित प्रयोगशाला में एक लैब टेक्नीशियन तथा एक लैब असिस्टेंट की उपस्थिति रहेगी जिससे वो मौके पर ही खाद्य सामग्रियों का नमूना एकत्र कर उसकी जांच कर सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ऐसे मिलावट करने वालों पर कार्रवाई भी करेगी।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया ने इस मौके पर कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोगों को पता चले की हमें कैसा खाना खाना है और कैसे अपने शरीर को स्वस्थ रहना है। हम अपने भोजन को  अपने जीवन में कैसे सही तरीके से उपयोग में लाएं ताकि हमारा शरीर स्वस्थ रहे और हमें किसी भी प्रकार की बीमारी ना हो, इन सबकेलिए हमें प्रयास करते रहना है। उन्होंने कहा कि हमें आम जनता को जागरूक करना है ताकि खाने में मिलावट को कैसे पहचाने और कैसे इस अभियान में हिस्सा लेकर शासन की मदद करें ताकि मिलावट करने वाले लोगों पर कार्रवाई भी की जा सके और लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक भी रहें।

इस अभियान के तहत स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, रेस्टोरेंट्स, होटल्स एवं खाद्य सेवा प्रदायकों द्वारा उपयोग किए जा रहे खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। उन्हें FSSAI के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्वच्छता, व्यक्तिगत हाइजीन, खाद्य भंडारण एवं प्रसंस्करण की जानकारी दी जा रही है। छत्तीसगढ़ आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है जहाँ मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के संचालन और फूड क्वालिटी टेस्टिंग में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की गई हैं।

 

छत्तीसगढ़: हॉफ बिजली बिल योजना: 31 लाख सामान्य और कमजोर वर्ग के उपभोक्ताओं को पहले की ही तरह हॉफ बिजली बिल योजना का मिलेगा लाभ  

छत्तीसगढ़: हॉफ बिजली बिल योजना: 31 लाख सामान्य और कमजोर वर्ग के उपभोक्ताओं को पहले की ही तरह हॉफ बिजली बिल योजना का मिलेगा लाभ

 

छत्तीसगढ़/15 लाख बीपीएल परिवारों को पूर्ववत् योजना का मिलेगा लाभ राज्य सरकार द्वारा हॉफ बिजली बिल योजना के अंतर्गत दी जाने वाली छूट की सीमा में युक्तियुक्त संशोधन किया गया है। अब प्रतिमाह दी जाने वाली 400 यूनिट की छूट के स्थान पर 100 यूनिट तक की मासिक खपत पर 50 प्रतिशत रियायत दी जाएगी।

वर्तमान में राज्य के 45 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 31 लाख परिवार (करीब 70%) ऐसे हैं जिनकी खपत 100 यूनिट प्रतिमाह से अधिक नहीं है। अतएव हॉफ बिजली बिल की छूट सीमा के इस पुनरीक्षण के बावजूद इन 31 लाख जरूरतमंद सामान्य एवं कमजोर वर्ग के उपभोक्ता परिवारों को योजना का लाभ पहले की ही तरह मिलता रहेगा। प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता परिवार हॉफ बिजली योजना से पूर्ववत् लाभान्वित होते रहेंगे।

इन 31 लाख परिवारों में 15 लाख बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार भी शामिल हैं, जिन्हें पूर्ववत् हॉफ बिजली बिल योजना का लाभ मिलता रहेगा। इन परिवारों को 30 यूनिट तक की मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पहले की तरह प्राप्त होती रहेगी, साथ ही वे हॉफ बिजली बिल योजना के अन्य सभी लाभों से भी यथावत् लाभान्वित रहेंगे।  राज्य सरकार गरीब परिवारों को बिजली खर्च में राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।

राज्य सरकार प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को गति दे रही है, जिसके अंतर्गत 3 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट की स्थापना पर केंद्र सरकार से ₹78,000/- तथा राज्य सरकार से ₹30,000/- की कुल ₹1,08,000/- तक की सब्सिडी दी जा रही है। 2 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 75% (₹90,000/-) का अनुदान उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ता प्रतिमाह 200 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन कर सकते हैं। यह उत्पादन वर्तमान में हॉफ बिजली बिल योजना से मिलने वाली अधिकतम छूट (400 यूनिट पर 200 यूनिट की छूट) से भी अधिक है।

400 यूनिट तक औसत खपत करने वाले उपभोक्ताओं का बिजली बिल आमतौर पर ₹1000/- से अधिक होता है, जो सोलर प्लांट की स्थापना के बाद लगभग शून्य हो जाएगा। इस प्रकार के उपभोक्ता हॉफ बिजली बिल योजना से “मुफ्त बिजली बिल” योजना की ओर अग्रसर होंगे, और दीर्घकालिक बचत प्राप्त करेंगे।

उपभोक्ता स्वयं की छत पर उत्पादित बिजली के अतिरिक्त शेष बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर प्राप्त कर सकेंगे अतिरिक्त आय

रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने वाले उपभोक्ता अपनी छत पर उत्पादित बिजली का उपयोग करने के साथ-साथ शेष बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे।प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत 25 प्रतिशत शेष लागत उपभोक्ता स्वयं वहन कर सकते हैं, या फिर बैंक से न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इस ऋण की मासिक किस्त लगभग ₹800/- होगी, जो कि वर्तमान में 400 यूनिट पर देय औसत बिजली बिल ₹1000/- से भी कम है।

इस प्रकार, उपभोक्ता अपने मासिक बिजली बिल को कम करते हुए भविष्य में आत्मनिर्भर ऊर्जा उत्पादक बन सकते हैं। यह कदम न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।

राज्य सरकार का यह निर्णय गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को राहत देने, तथा उन्हें ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करने का एक सशक्त और दूरदर्शी प्रयास है। यह योजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और आर्थिक बचत के पथ पर अग्रसर करेगी।

 

छत्तीसगढ़: ग्राम सिरियाखोह के शालाओं और आँगनबाड़ी केन्द्र में एफएचटीसी कनेक्शन से शुरू हुई स्वच्छ जल की आपूर्ति

छत्तीसगढ़: ग्राम सिरियाखोह के शालाओं और आँगनबाड़ी केन्द्र में एफएचटीसी कनेक्शन से शुरू हुई स्वच्छ जल की आपूर्ति

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रयासों से मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के अंतर्गत ग्राम सिरियाखोह के शासकीय प्राथमिक शाला, उन्नयन पूर्व माध्यमिक शाला और आँगनबाड़ी केन्द्र में एफएचटीसी के माध्यम से सुरक्षित नल जल की आपूर्ति प्रारंभ कर दी गई है। इस नवाचार से अब स्कूलों और आँगनबाड़ी केन्द्रों में अध्ययनरत बच्चों तथा कार्यरत शिक्षकों और सहायिकाओं को परिसर के भीतर ही स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल सुलभ हो रहा है, जिससे उन्हें पानी की आवश्यकता के लिए परिसर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। जिले के ग्राम सिरियाखोह में जल जीवन मिशन के तहत शुद्ध पेयजल आपूर्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी की इस पहल से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के साथ ही जलजनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिलेगी। स्वच्छ जल की सहज उपलब्धता से स्कूलों और आँगनबाड़ी में अध्ययन व पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में भी बढ़ोत्तरी होगी। यह सुविधा विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के उन स्कूलों व केन्द्रों के लिए अत्यंत लाभकारी है जहां अब तक जल आपूर्ति की सुविधा सीमित थी या पूरी तरह अनुपलब्ध थी। अब स्वच्छ जल पीने के साथ ही हाथ धोने, खाना पकाने और साफ-सफाई के लिए भी समुचित जल उपलब्ध हो पाएगा, जिससे स्वच्छता व्यवहार में सुधार होगा और बाल स्वास्थ्य संकेतकों में भी बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे। जल जीवन मिशन की यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की सुनिश्चितता की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। ग्राम सिरियाखोह की इस पहल को मॉडल के रूप में देखा जा रहा है जिसे जिले के अन्य ग्रामों में भी लागू करने की तैयारी है। स्वच्छ पेयजल का अधिकार अब गांव के बच्चों को भी मिल रहा है और यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हर घर जल’ अभियान को जमीनी स्तर पर साकार कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार के मार्गदर्शन में यह कार्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रभावी ढंग से संपन्न किया गया है।

 

छत्तीसगढ़ : लाथनाला व्यपवर्तन योजना को मिली 75 करोड़ 37 लाख रूपए की स्वीकृति, 1964 हेक्टेयर में सिंचाई का रास्ता साफ

छत्तीसगढ़ : लाथनाला व्यपवर्तन योजना को मिली 75 करोड़ 37 लाख रूपए की स्वीकृति, 1964 हेक्टेयर में सिंचाई का रास्ता साफ

छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा रायगढ़ जिले के सारंगढ़ विकासखंड अंतर्गत लाथनाला व्यपवर्तन योजना के लिए 75 करोड़ 37 लाख 3 हजार रूपए की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से कुल 1964 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे न केवल क्षेत्रीय किसानों को स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि कृषि उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि संभव होगी।

जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृति दिए जाने से सारंगढ़ क्षेत्र के कृषकों को खेती के लिए स्थायी और विश्वसनीय जल स्रोत प्राप्त होगा। यह न सिर्फ किसानों की आजीविका को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों एवं ग्रामीण विकास को भी गति मिलेगी।

इसके माध्यम से राज्य सरकार द्वारा सिंचाई की दिशा में एक और महत्वपूर्ण और सशक्त पहल पहल की जा रही है। जो छत्तीसगढ़ को जल-संवाहनीय कृषि की ओर अग्रसर कर रही है।

 

Cg: छत्तीसगढ़ रेरा का अहम फैसला : रखरखाव शुल्क और विकास लागत का भुगतान करे आबंटी

Cg: छत्तीसगढ़ रेरा का अहम फैसला : रखरखाव शुल्क और विकास लागत का भुगतान करे आबंटी

वित्तीय अनुशासन को लेकर रेरा का सख्त रुख, प्रमोटर को राहत छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में एक आबंटी को लंबित रखरखाव शुल्क और विकास लागत प्रमोटर को भुगतान करने का आदेश दिया है। यह फैसला उन आबंटियों के लिए चेतावनी स्वरूप है, जो बार-बार सूचना देने के बावजूद अपने वित्तीय दायित्वों से बचते रहे हैं।

प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित आवंटी को 75,600 रुपए की लंबित रखरखाव राशि तत्काल प्रमोटर को चुकानी होगी। रेरा ने स्पष्ट किया कि जब तक परियोजना का विधिवत हस्तांतरण हाउसिंग सोसायटी को नहीं हो जाता, रखरखाव की जिम्मेदारी प्रमोटर की होती है और इस अवधि के लिए शुल्क का भुगतान करना आबंटी का दायित्व है। इसके अतिरिक्त, आदेश में यह भी कहा गया है कि आबंटी को 4लाख 77 हजार 744 रुपए की एकमुश्त विकास लागत भी प्रमोटर को अदा करनी होगी। यह राशि समझौते के अनुसार देय थी, जिसकी कई बार सूचना देने के बावजूद आबंटी द्वारा भुगतान नहीं किया गया।

सीजी रेरा ने कहा कि इस प्रकार के मामलों में यदि आबंटी अपने दायित्वों से बचते हैं तो इससे प्रमोटरों की परियोजना संचालन प्रक्रिया बाधित होती है। और यह रियल एस्टेट अधिनियम के प्रावधानों के विरुद्ध है।

रेरा ने अपने आदेश में इस बात पर जोर दिया कि वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही रियल एस्टेट सेक्टर की मजबूती के लिए अनिवार्य है। यह आदेश इस दिशा में एक दृढ़ कदम है जो आबंटितियों को वित्तीय अनुशासन अपनाने और प्रमोटरों को उनके वाजिब अधिकार दिलाने की दिशा में मददगार साबित होगा।

 

Cg: राजिम मेला को मिलेगा नया रूप: 20 करोड 23 लाख की लागत से विकसित होंगे स्नान घाट, प्लेटफार्म और आरती स्थल

Cg: राजिम मेला को मिलेगा नया रूप: 20 करोड 23 लाख की लागत से विकसित होंगे स्नान घाट, प्लेटफार्म और आरती स्थल

छत्तीसगढ़ शासन के जलसंसाधन विभाग द्वारा गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखंड स्थित प्रसिद्ध राजिम मेला के विकास हेतु 20 करोड़ 23 लाख 50 हजार रुपये की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह राशि महानदी तट पर श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक आयोजन के बेहतर प्रबंधन के लिए मंजूर की गई है।

इस परियोजना के तहत 480 मीटर लंबाई में स्नान प्लेटफार्म, गंगा आरती घाट, शाही स्नान कुण्ड और सीढ़ियों का निर्माण किया जाएगा, जो चौबेबांचा पुल तक फैला होगा। यह राशि राज्य योजना के बजट शीर्ष ‘महानदी परियोजना‘ के अंतर्गत खर्च की जाएगी।

राज्य शासन का उद्देश्य राजिम मेले को और अधिक सुव्यवस्थित तथा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाना है। इस दिशा में यह विकास कार्य एक महत्वपूर्ण कदम है। शासन का प्रयास है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को सशक्त किया जाए, जिससे राज्य की सांस्कृतिक विरासत को और अधिक समृद्ध किया जा सके।

 

महासमुंद/बागबाहरा ब्लॉक में सुपर 40 संस्था द्वारा बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कमर कसी

महासमुंद/बागबाहरा ब्लॉक में सुपर 40 संस्था द्वारा बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कमर कसी

महासमुंद/बागबाहरा नवोदय एवं प्रयास प्रवेश परीक्षा पूर्व तैयारी हेतु आयोजित परीक्षा में 850 विद्यार्थियों की सहभागिता पिछले सत्र में 40 विद्यार्थियों का हुआ था चयन  बच्चों को बेहतर प्रतियोगी वातावरण उपलब्ध कराने और परीक्षा की बारीकियों से अवगत कराने बागबाहरा विकासखण्ड में शिक्षा विभाग द्वारा अभिनव पहल की जा रही है।

जिसके अंतर्गत इस वर्ष भी सुपर 40 संस्था द्वारा नवोदय प्रवेश परीक्षा एवं प्रयास प्रवेश परीक्षा पूर्व तैयारी हेतु प्रवेश परीक्षा का सफल आयोजन किया गया, जिसमें विकासखंड बागबाहरा सहित अन्य विकासखंडों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रयास प्रवेश हेतु 450 तथा नवोदय प्रवेश हेतु 400 विद्यार्थियों ने उत्साह पूर्वक परीक्षा दी। इस परीक्षा के आधार पर संस्था में सत्र 2025-26 हेतु 40-40 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा जिन्हें ग्रीष्मकालीन अवकाश में निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जाएगी। विद्यार्थियों का अध्यापन सत्र 15 अगस्त पश्चात प्रारंभ होगा। विगत वर्ष 40 बच्चों का चयन हुआ था। जिसमें 02 नवोदय में एवं 38 बच्चों का प्रयास आवासीय विद्यालय में चयन हुआ था। संस्था की सफलता से प्रभावित होकर अभिभावकों ने इस परीक्षा को अपने पाल्यों हेतु विशेष अवसर के रूप में देखा।

इसी क्रम में पीएम श्री सेजेस विद्यालय बागबाहरा में प्रवेश हेतु विशेष टेस्ट का आयोजन किया गया। इस परीक्षा में न केवल बागबाहरा अपितु अन्य विकासखंडों से भी पांचवी एवं आठवीं के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसमें शासकीय एवं निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही। अनुविभागीय अधिकारी बागबाहरा श्री उमेश कुमार साहू ने संस्था के प्रयासों का प्रशंसा करते हुए कहा कि सुपर 40 जैसी पहल ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा एवं प्रतिस्पर्धी वातावरण देकर नवोदय एवं प्रयास जैसी संस्थाओं में प्रवेश हेतु सक्षम बनाती हैं। उन्होंने कहा कि सफलता शिक्षकों के मार्गदर्शन के साथ अभिभावकों के सहयोग एवं घर के वातावरण पर भी निर्भर करती है।

उन्होंने अभिभावकों से घर में अध्ययन हेतु अनुकूल वातावरण निर्मित करने, समय पर अध्ययन के लिए प्रेरित करने एवं मोबाइल जैसे व्यर्थ साधनों से बच्चों को दूर रखने की अपील की। उन्होंने सुपर 40 के शिक्षकों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से अनेक विद्यार्थियों ने नवोदय एवं प्रयास में सफलता प्राप्त की है। सुपर 40 का उद्देश्य ग्रामीण अंचल के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु सशक्त करना है।आज आयोजित टेस्ट से यह स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थी इस पहल से लाभान्वित हो रहे हैं।सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी रामता डे ने बताया कि सुपर 40 बागबाहरा निःशुल्क संचालित संस्था है जो समर्पित शिक्षकों द्वारा ग्रामीण विद्यार्थियों को जवाहर नवोदय विद्यालय एवं प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रवेश की तैयारी हेतु मार्गदर्शन प्रदान कर रही है।आयोजन में पालक एवं विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी विजय लहरे,जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा रेखराज शर्मा सहायक संचालक द्वय (शिक्षा) सतीश नायर, नंदकिशोर सिन्हा,बीईओ केके वर्मा,एसएमडीसी अध्यक्ष संजय मालवे ने संस्था की सराहना की। सुपर 40 के संयोजक हीरासिंग नायक ने विद्यार्थियों को परिश्रम, अनुशासन एवं नियमित अध्ययन के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि सफलता कठिन परिश्रम एवं उचित मार्गदर्शन पर आधारित है। उन्होंने अभिभावकों एवं शिक्षकों से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य हेतु निरंतर प्रयासरत रहने का आग्रह किया।

यह आयोजन सुपर 40 संस्था की प्रतिबद्धता एवं विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए किए जा रहे समर्पित प्रयासों का प्रतीक है। इस अवसर पर शिक्षक प्रकाश बघेल, मोहिंदर पांडे, गजानंद दीवान ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं एवं कोचिंग का लाभ लेने का आग्रह किया। परीक्षा संचालन में शिक्षक अनिल चक्रधारी, केदार साहू, कुलदीप साहू, रश्मि शर्मा, धीरज तिवारी, सुभाष चंद्राकर, राजेंद्र साहू, दौलत दीवान, प्रेमचंद डडसेना, लोकनाथ रैदास, राजकुमार चंद्राकर, जगदेव साहू, छोटू निषाद, रहमान खान एवं परस ठाकुर का विशेष सहयोग रहा। परीक्षा के सफल आयोजन पर संयोजक हीरासिंग नायक ने छात्र-छात्राओं को बधाई दी एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।

महासमुंद/जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार ने पदभार ग्रहण किया

महासमुंद/जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार ने पदभार ग्रहण किया

 

महासमुंद/ जिला पंचायत के नवपदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत रमेश नंदनवार (आईएएस) बैच 2020 ने आज पूर्वाह्न में जिला पंचायत महासमुंद में अपना पदभार ग्रहण कर लिया। निवर्तमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस. आलोक ने उन्हें कार्यभार सौंपा। ज्ञात है कि श्री नंदनवार भारतीय प्रशासनिक सेवा 2020 के अधिकारी है, इसके पूर्व वे महासमुंद जिले के सरायपाली अनुविभाग में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के रूप में एवं बीजापुर में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में पदस्थ थे।

श्री नंदनवार ने कार्यभार ग्रहण करते ही जिला पंचायत के विभिन्न शाखाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यालय में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, साफ-सफाई, फाईलों का सुव्यवस्थित रख-रखाव के लिए निर्देश दिए। उन्होंने स्टाफ का परिचय लेते हुए कामकाज की जानकारी ली। इस दौरान जिला पंचायत परिसर में आयोजित आकांक्षा हाट का अवलोकन भी किया। उन्होंने महिला समूह द्वारा लगाए गए विभिन्न उत्पादों के संबंध में जानकारी लेते हुए मार्केटिंग और ब्रांडिंग के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान निवर्तमान सीईओ श्री एस. आलोक भी मौजूद थे।

महासमुंद/नयारावण भाठा में गाली गलौच व मारपीट का मामला दर्ज: युवक ने रास्ते में रोककर की बदसलूकी, जान से मारने की दी धमकी

महासमुंद/नयारावण भाठा में गाली गलौच व मारपीट का मामला दर्ज: युवक ने रास्ते में रोककर की बदसलूकी, जान से मारने की दी धमकी

 

महासमुंद। वार्ड क्रमांक 30 नयारावण भाठा निवासी एक युवक के साथ रास्ते में गाली-गलौच कर मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने इस संबंध में थाना महासमुंद में शिकायत दर्ज कराई है।

 

पीड़ित युवक ने बताया कि वह बीए तक शिक्षित है और पेंटिंग का कार्य करता है। दिनांक 3 अगस्त 2025 को वह शिवालिया पार्क स्थित पुष्पेन्द्र चन्द्राकर के निर्माणाधीन मकान में कार्य कर रात करीब 9 बजे अपने घर लौट रहा था। जैसे ही वह कृष्णा मंदिर के पास पुष्पेन्द्र चन्द्राकर के घर के सामने पहुँचा, तभी वहां पहले से मौजूद सिद्धू सेन्द्रे गली में गाली गलौच कर रहा था।

 

पीड़ित ने बताया कि जैसे ही सिद्धू ने उसे देखा, वह उससे पैसे की मांग करने लगा। जब उसने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपी ने उसे अश्लील गालियाँ दी और “पैसा नहीं देगा मादरचोद” कहते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी ने अपने पास रखी किसी नकली वस्तु से पीड़ित के दाहिने पैर पर वार कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोट आई है।

 

घटना को विनोद कुमार साहू एवं संतोष सोनवानी ने देखा और बीच-बचाव भी किया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 115(2)-BNS, 296-BNS, 351(3)-BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बागबाहरा/मनबाय गांव में अवैध शराब पिलाने की सुविधा दे रहा था युवक, पुलिस ने की कार्यवाही

बागबाहरा/मनबाय गांव में अवैध शराब पिलाने की सुविधा दे रहा था युवक,  पुलिस ने की कार्यवाही

 

थाना बागबाहरा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर ग्राम मनबाय में एक युवक द्वारा अपने घर के सामने आम लोगों को शराब पीने-पिलाने की सुविधा देने की जानकारी पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा।

 

प्रधान आरक्षक की अगुवाई में पुलिस टीम आरक्षक क्रमांक 286 के साथ शासकीय वाहन (क्रमांक CG 03 8938) में रवाना हुई। रास्ते में धान मंडी बागबाहरा के पास से गवाह अशोक बघेल एवं रूपेश टंडा को साथ लेकर बताये गए स्थान पर पहुंची। पुलिस वाहन को देखकर मौके पर शराब पी रहे लोग भाग खड़े हुए, किन्तु एक व्यक्ति को पकड़ लिया गया।

 

पूछताछ में उसने अपना नाम सुभाष सतनामी पिता रमेशर सतनामी (उम्र 28 वर्ष), निवासी ग्राम मनबाय, थाना बागबाहरा बताया। पूछताछ में आरोपी ने शराब बेचना नहीं बल्कि केवल शराब पीने-पिलाने की सुविधा उपलब्ध कराना स्वीकार किया।

 

पुलिस ने मौके से गवाहों के समक्ष एक लीटर क्षमता वाली पानी की बोतल में रखी लगभग 90 एमएल महुआ शराब (कीमत ₹35), शराब की गंध युक्त प्लास्टिक डिस्पोजल गिलास, तथा दो पानी के पाउच (कीमत ₹4) सहित कुल ₹39 की सामग्री जब्त की।

 

आरोपी का कृत्य छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 36 (C) के तहत अपराध पाया गया। आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर थाने लाया गया, जहां मामला जमानतीय होने के कारण सक्षम जमानतदार प्रस्तुत करने पर उसे जमानत मुचलका पर रिहा किया गया।

पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। थाना प्रभारी ने कहा कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आगे भी कड़ी कार्यवाही जारी रहेगी।