CG News: जवान ने सर्विस रायफल से साली और चाचा ससुर को उतारा मौत के घाट, गिरफ्तार

CG News: जवान ने सर्विस रायफल से साली और चाचा ससुर को उतारा मौत के घाट, गिरफ्तार

 

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक पुलिसकर्मी ने अपनी बंदूक से 2 रिश्तेदारों को गोली मार दी। इस घटना में दोनों की लोगों की जान चली गई। मृतकों में एक किशोरी भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, पारिवारिक मामले में झगड़े के दौरान आरोपी अपना आपा खो बैठा और ड्यूटी वाली बंदूक से ही दोनों रिश्तेदारों को गोली मार दी

यह घटना कोरबा के हरदीबाजार पुलिस स्टेशन स्थित छिंदपुर गांव की है। आरोपी कांस्टेबल का नाम शेशराम बिंझवार है, जो CAF (Chhattisgarh Armed Force) की 13वीं बटालियन का हिस्सा है। पुलिस ने कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है।

17 साल की युवती समेत 2 की मौत

कोरबा के एसपी सिद्धार्थ तिवारी के अनुसार, शेशराम ने अपनी ‘इंसास राइफल’ से 3 राउंड की फायरिंग की। सबसे पहले उसने अपनी साली (पत्नी की बहन) मंदासा बिंझवार को गोली मारी, जिसकी उम्र महज 17 साल थी। इसके बाद उसने अपनी पत्नी के चाचा राजेश बिंझवार पर गोली चलाई। इस घटना में दोनों की मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह सबकुछ एक पारिवारिक झगड़े के दौरान हुआ। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने भिलईबाजार स्थित रोड को पूरी तरह से जाम कर दिया है।

CM के दौरे में लगी थी ड्यूटी

बता दें कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देओ साई का कोरबा में ही एक दौरा था। कांस्टेबल शेशराम को भी सीएम की सिक्योरिटी में नियुक्त किया गया था, लेकिन वो ड्यूटी पर नहीं पहुंचा। कुछ देर बाद पुलिस को इस घटना की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने शेशराम को गिरफ्तार कर लिया।

तुमगांव पुलिस की बड़ी कार्रवाई : अवैध शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार

तुमगांव पुलिस की बड़ी कार्रवाई : अवैध शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार

 

महासमुंद /थाना तुमगांव पुलिस ने अवैध शराब परिवहन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति नीले रंग की डिलक्स मोटरसाइकिल (क्रमांक CG04KY3804) से नदी मोड़ की ओर से अवैध शराब लेकर तुमगांव आ रहा है।

सूचना पर थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस स्टाफ आरक्षक क्रमांक 317, 899 और 323 मौके पर रवाना हुए। रास्ते में मिले गवाह रमेश पटेल और जीवन लाल चौरे को साथ लेकर पुलिस टीम ने एनएच-53 रोड, अमावश चौक, तुमगांव में नाकाबंदी की। इसी दौरान कांपा की ओर से आ रही नीले रंग की डिलक्स मोटरसाइकिल को रोका गया।

मोटरसाइकिल चालक ने पूछताछ में अपना नाम उमेश महोबिया पिता चन्द्रहास महोबिया, उम्र 39 वर्ष, निवासी वार्ड नं. 06, तुमगांव बताया। आरोपी की तलाशी ली गई तो उसकी मोटरसाइकिल की डिक्की में रखे एक काले रंग के थैले से देशी मसाला शराब के 25 पौवा (प्रत्येक 180 एमएल, कुल 4500 एमएल, कीमत लगभग ₹2500) बरामद हुए।

शराब जब्ती के साथ ही आरोपी से मोटरसाइकिल (कीमत करीब ₹30,000) भी जप्त की गई। आरोपी को मौके पर ही धारा 34(1) आबकारी एक्ट के तहत विधिवत गिरफ्तार किया गया। बाद में मामले के जमानतीय होने से उसे मुचलका पर रिहा कर दिया गया।

थाना प्रभारी ने बताया कि अवैध शराब तस्करी व बिक्री पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस टीम की इस कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में छत्तीसगढ़ का कोई भी शहर टॉप-3 में नहीं, गुणवत्ता सुधारने के लिए करोड़ों का खर्च

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में छत्तीसगढ़ का कोई भी शहर टॉप-3 में नहीं, गुणवत्ता सुधारने के लिए करोड़ों का खर्च

 

छत्तीसगढ़: केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2025’ के नतीजों ने छत्तीसगढ़ के लिए निराशाजनक परिणाम दिए हैं। देश के 130 शहरों के बीच हुए इस सर्वेक्षण में राज्य का कोई भी शहर तीनों श्रेणियों में से किसी में भी शीर्ष तीन में जगह नहीं बना सका। यह परिणाम ऐसे समय में आया है जब वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए राजधानी में करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

रायपुर को मिली 11वीं रैंक

सर्वेक्षण में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में इंदौर ने 200 में से 200 अंक हासिल कर पहला स्थान हासिल किया है, जबकि जबलपुर 199 अंकों के साथ दूसरे और आगरा व सूरत 196 अंकों के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं। इस श्रेणी में रायपुर ने पिछले वर्ष के 12वीं रैंक से एक पायदान की छलांग लगाकर 11 वीं रैंक हासिल की है। लेकिन शीर्ष दस से बाहर रहा। रायपुर को 184 अंक मिले हैं।

कोरबा ने हासिल की 18वीं रैंक

3 लाख से 10 लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में अमरावती, मुरादाबाद और झांसी ने क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। इस श्रेणी में छत्तीसगढ़ के कोरबा ने 172.5 अंकों के साथ 18वीं रैंक प्राप्त की। वहीं, तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों में देवास, परवाणू और अंगुल ने क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया।

वायु सुधार के लिए हर वर्ष करोड़ों खर्च

वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए रायपुर नगर निगम द्वारा हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। स्वीपिंग मशीनों और जल छिड़काव जैसे उपायों के बावजूद, राजधानी न तो स्वच्छता सर्वेक्षण में और न ही वायु सर्वेक्षण में कोई खास सफलता हासिल कर पाई है। इसकी तुलना में, पिछले साल सातवें स्थान पर रहने वाले इंदौर ने इस साल अपनी रैंक में उल्लेखनीय सुधार करते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है, जो रायपुर के लिए एक सबक है। करोड़ों रुपये के खर्च के बाद भी उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिलना प्रशासन के प्रयासों पर सवाल खड़ा करता है।

सियासत: विजय शर्मा बोलें- भूपेश बघेल के मंत्री अकबर के इशारे पर हुई वोट चोरी, पायलट ने कहा- ‘पूरी दाल ही काली’

सियासत: विजय शर्मा बोलें- भूपेश बघेल के मंत्री अकबर के इशारे पर हुई वोट चोरी, पायलट ने कहा- ‘पूरी दाल ही काली’

 

छत्तीसगढ़: देशभर में कांग्रेस की वोट चोर, गद्दी छोड़ अभियान के बीच प्रदेश में भी इसपर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे पर लगातार एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए। वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी पार्टी के बड़े नेता सचिन पायलट ने भी मंगलवार को बिलासपुर से भाजपा पर निशाना साधा है।

मंगलवार को नवा रायपुर सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा कर शर्मा ने बताया कि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे मोहम्मद अकबर के इशारे पर गलत जानकारी देकर कवर्धा और रायपुर विधानसभा क्षेत्रों के दो-दो पोलिंग बूथ पर अलग-अलग एपिक नंबरों के साथ मतदाता सूची में नाम दर्ज कराया गया।

वे इन सारे मामलों को लेकर न्यायालय जाएंगे। उन्होंने कहा कि गलत ढंग से मतदाता सूचियों में नाम दर्ज कराने वाले लोगों के विरुद्ध चुनाव आयोग में शिकायत की गई है। अब उनके खिलाफ अपराध दर्ज कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। कांग्रेस वोट चोरी के मामले में उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है।

सूची दिखाकर बताया ऐसे जुड़वाए नाम

विजय शर्मा ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर के इशारे पर 75 वर्षीय रियाज हुसैन ने केवल मतदान के लिए कवर्धा में फार्म-6 भरकर नाम दर्ज कराया और परिणाम आने के बाद फार्म-8 से नाम हटवाकर रायपुर पश्चिम विधानसभा में जुड़वा लिया। उनका नाम पहले से रायपुर की सूची में मौजूद था।

इसी तरह रमीज कुट्टी ने भी फार्म-6 भरकर खुद को कवर्धा निवासी बताया, जबकि पासपोर्ट पर उसका पता रायपुर दर्ज है। राजधानी के एक मकान में 350 मतदाताओं के नाम सूची में इरादतन दर्ज कराए जाने की बात कहते हुए शर्मा ने कहा कि एसआइआर का विरोध करके कांग्रेस तो खुद कठघरे में है।

मैने कोई नाम नहीं जुड़वाया: मोहम्मद अकबर

वहीं उपमुख्यमंत्री के आरोपों पर पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री शर्मा के सभी आरोपों का मैं खंडन करता हूं। कवर्धा में मेरे द्वारा मतदाता सूची में कोई भी नाम नहीं जुड़वाया गया है।

भाजपा ने चुनावी व्यवस्था को कमजोर किया है- सचिन पायलट

प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि वोट चुराना लोकतंत्र का सबसे बड़ा अपराध है। जनता इसे माफ नहीं करेगी। भाजपा ने कांग्रेस के स्थापित चुनावी व्यवस्था को कमजोर किया है। जब निर्वाचन आयोग से सवाल किया जाता है तो जवाब भाजपा के प्रवक्ता देते हैं। वे मंगलवार को बिलासपुर के मुंगेली नाका स्थित ग्रीन गार्डन में प्रदेशव्यापी ”वोट चोर, गद्दी छोड़” आंदोलन की शुरुआत करते हुए सभा को संबाेधित कर रहे थे।

पायलट बोलें- पूरी दाल ही काली है

उन्होंने कहा कि वोट चोरी को लेकर हर जिले में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। निष्पक्ष चुनाव होने चाहिए। निर्वाचन आयोग का दोष नहीं है। जिन लोगों ने उन्हें वहां बैठाया है, उनका दोष है। शक होता है कि दाल में कुछ काला है, लेकिन पूरी दाल ही काली है। देश में आजादी के बाद लोकतंत्र की स्थापना हुई और लोगों को वोट का अधिकार मिला। लेकिन, उस व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है।

केंद्र और चुनाव आयोग के बीच साठगांठ का आरोप

देश के मुख्य निर्वाचन आयोग के चुनाव में चीफ जस्टिस की जगह गृहमंत्री को बैठा दिया गया। इससे निर्वाचन आयोग का मुखिया उनकी पसंद का बन गया। सीसीटीवी फुटेज 45 दिनों में डिलीट कर दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग और केंद्र सरकार के बीच साठगांठ है, जिससे भाजपा ने सत्ता में बने रहने के लिए षड्यंत्र रचा है। सभा में प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव आदि पदाधिकारी व नेता मौजूद थे।

Raipur News: 5 दिनों में दो दर्जन गोवशों की मौत, ग्रामीणों ने कहा- जहरीला मशरूम खाने से गई जान

Raipur News: 5 दिनों में दो दर्जन गोवशों की मौत, ग्रामीणों ने कहा- जहरीला मशरूम खाने से गई जान

 

रायपुर: राजधानी से लगभग 38 किलोमीटर दूर सारागांव के रायखेड़ा बांगोली गांव में दो दर्जन से अधिक गौवंश की अचानक मौत ने इलाके में तहलका मचा दिया है। ग्रामीणों, गो सम्मान संगठनों और हिंदू संगठनों में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप कि एक मशरूम कंपनी द्वारा खुले में जहरीला मशरूम फेंक दिया गया था। जिसे खाने से गौवंशों की मौत हो गई।

प्रशासन पर कंपनी के प्रति नरम रवैये का आरोप लग रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि गांव में चार-पांच दिनों से लगातार गौवंश की मौत की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने समय पर पोस्टमार्टम करवाया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की बजाय कंपनी को छूट देने का रास्ता अपनाया।

गौ सेवकों और संगठनों का आक्रोश

मामले की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों और गो सेवा दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृत गोवंश को देखकर गहरा दुख और आक्रोश जताया। हिंदू महासभा ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कुछ ही दिन पहले रायपुर में हिंदू महासभा और गो सेवकों के नेतृत्व में ‘गौ न्याय पदयात्रा’ निकाली गई थी। इस पदयात्रा का उद्देश्य गौवंश पर हो रहे अत्याचारों को रोकना और उन्हें न्याय दिलाना था। इसके बावजूद रायखेड़ा बांगोली जैसी घटना ने प्रशासन की भूमिका और गंभीरता से सवाल खड़े किए हैं।

न्याय की मांग, आंदोलन की चेतावनी

हिंदू महासभा रायपुर महानगर के पदाधिकारियों ने कहा कि गो हत्या के मामलों में प्रशासन ढुलमुल रवैया अपनाता है। संगठन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूछा “गो हत्या की सजा कौन देगा? बेजुबान गोवंश को न्याय कब मिलेगा?” महासभा ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

मामले की शिकायत मिली थी। जिसके बाद गौवशों का पोस्टमार्टम किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। अभी यह नहीं पता चला कि क्या खाने से मौत हुई है। -गौरव कुमार सिंह, कलेक्टर, रायपुर

सरायपाली: ओम हॉस्पिटल में हड्डियों और जोड़ों के दर्द से परेशान मरीजों के लिए ओम हॉस्पिटल में विशेष उपचार सुविधा प्रतिदिन 

सरायपाली: ओम हॉस्पिटल में हड्डियों और जोड़ों के दर्द से परेशान मरीजों के लिए ओम हॉस्पिटल में विशेष उपचार सुविधा प्रतिदिन

सरायपाली (छत्तीसगढ़)। आज के बदलते जीवनशैली और बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों और जोड़ों की बीमारियां तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक, हर आयु वर्ग के लोग घुटनों के दर्द, पीठ दर्द, जोड़ों की सूजन और अकड़न जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं। ऐसे में सरायपाली स्थित ओम हॉस्पिटल ने मरीजों को राहत देने के लिए हड्डी रोग विशेषज्ञ की सेवाएं उपलब्ध कराई हैं।

यहां हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ अग्रवाल (MBBS, D. Ortho) प्रतिदिन उपलब्ध रहकर मरीजों का परामर्श और उपचार करेंगे। डॉ. अग्रवाल सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक तथा शाम 5 बजे से 7 बजे तक ओपीडी में रहेंगे।

👉हर वर्ग के मरीजों के लिए राहत

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार ओम हॉस्पिटल में गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को भी विशेष सुविधा दी जा रही है। यहां पर आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड इंश्योरेंस और बीजू कार्ड के जरिए मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों को बड़ा सहारा मिलेगा।

👉निशुल्क परामर्श का अवसर

अस्पताल ने मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर गुरुवार को निशुल्क परामर्श शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसमें हड्डी रोग विशेषज्ञ मरीजों की जांच कर उचित परामर्श देंगे। यह पहल न केवल ग्रामीण इलाकों के मरीजों के लिए बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी बड़ी राहत साबित होगी।

👉हड्डी रोगों के बढ़ते मामले

विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान समय में हड्डी और जोड़ों की समस्याएं केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई हैं। युवाओं में भी गलत खानपान, शारीरिक श्रम की कमी और लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करने की वजह से हड्डी संबंधी दिक्कतें तेजी से बढ़ रही हैं। खासकर घुटनों और रीढ़ की हड्डी के दर्द के मामले आम हो गए हैं।

डॉ. सौरभ अग्रवाल का मानना है कि समय पर इलाज न करने पर ये समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं। उनका कहना है कि प्रारंभिक स्तर पर ही उचित जांच और दवा से अधिकांश रोगों पर काबू पाया जा सकता है। वहीं गंभीर रोगियों को जरूरत पड़ने पर सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

👉आधुनिक सुविधाओं से लैस

ओम हॉस्पिटल ने मरीजों के बेहतर इलाज के लिए आधुनिक उपकरण और विशेषज्ञ स्टाफ की व्यवस्था की है। यहां पर एक्स-रे, पैथोलॉजी और अन्य जांच की सुविधाएं भी मौजूद हैं, ताकि मरीजों को एक ही स्थान पर सभी सेवाएं मिल सकें।

👉मरीजों के लिए संपर्क सुविधा

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि हड्डियों और जोड़ों से संबंधित किसी भी समस्या के लिए मरीज 07725-299360 और 83700-08558 पर संपर्क कर सकते हैं। अस्पताल का स्थान स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय के पास, नेशनल हाइवे, सरायपाली है, जो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों के लिए भी आसानी से पहुंच योग्य है।

निष्कर्ष :ओम हॉस्पिटल द्वारा शुरू की गई यह पहल हड्डी और जोड़ों की समस्याओं से जूझ रहे हजारों मरीजों के लिए वरदान साबित हो सकती है। खासकर उन लोगों के लिए जो आर्थिक तंगी के कारण बड़े शहरों में इलाज कराने में असमर्थ रहते हैं। विशेषज्ञ परामर्श, आधुनिक इलाज और निशुल्क शिविर जैसी सुविधाएं निश्चित रूप से इस क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में नया आयाम जोड़ेंगी।

छत्तीसगढ़ राजभवन ने रोकी कृषि विवि में 60 से अधिक पदों की भर्तियां, कुलपति को किया तलब

छत्तीसगढ़ राजभवन ने रोकी कृषि विवि में 60 से अधिक पदों की भर्तियां, कुलपति को किया तलब

 

रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में चल रही 60 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया को राजभवन ने रोक दी है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार सोमवार की देर रात विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर मंगलवार से होने जा रहे साक्षात्कार की प्रक्रिया को स्थगित करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल को भी राजभवन ने तलब किया है। भर्ती प्रक्रिया को स्थगित करने की पुष्टि कुलपति ने नईदुनिया से की है।

बता दें कि विवि में 18 सहायक प्राध्यापक सहित कुल 60 से अधिक पद के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू होनी थी। इनमें प्रदेशभर में संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए विषय विशेषज्ञ (37 पद), फार्म मैनेजर (8 पद), प्रोग्राम असिस्टेंट (सात पद) के अलावा ड्राइवर, कंप्यूटर ऑपरेटर, प्यून जैसे पद भी शामिल थे। बैकलॉग श्रेणी के 12 पद और खाद्य कॉलेज के लिए छह पदों पर भी भर्ती प्रस्तावित थी।

ये साक्षात्कार विषयवार 22 सितंबर तक चलने वाले थे। भर्ती प्रक्रिया को लेकर पिछले कई दिनों से कुलाधिपति कार्यालय और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच खींचतान चल रही थी। बताया जाता है कि राजभवन का प्रतिनिधि साक्षात्कार बोर्ड में शामिल करने का दबाव बनाया जा रहा था। जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कहते हुए आपत्ति दर्ज की थी कि नियमों में इसका कोई प्रविधान नहीं है।

इसी स्थिति को स्पष्ट करने के लिए कुलपति को राजभवन बुलाया गया, जहां लंबी चर्चा के बाद कुलाधिपति भी विश्वविद्यालय प्रशासन के पक्ष से सहमत हो गए थे। इसके बाद भी खींचतान नहीं रुकी और चर्चा है कि रविवार को भी कुलपति को तलब किया गया था, लेकिन उनके भाई की गंभीर अस्वस्थता और सोमवार को निधन के कारण वे उपस्थित नहीं हो पाए। इसके बाद सोमवार रात करीब आठ बजे राजभवन की ओर से विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर आज से शुरू होने वाले साक्षात्कार स्थगित करने का निर्देश दिया गया।

अभ्यर्थी लौटे निराश,लेन-देन की शिकायतों के बाद कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार का कहना है कि इन भर्तियों को लेकर राजभवन को लेन-देन और अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। कुछ प्रमाण भी प्रस्तुत किए गए थे। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। निर्धारित पदों के लिए मंगलवार साक्षात्कार देने पहुंचे अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने सूचित किया कि साक्षात्कार स्थगित कर दिए गए हैं।इससे अभ्यर्थियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा

हालांकि विवि प्रबंधन का कहना है कि अभी भर्ती हुई नहीं और चयन ही नहीं हुआ है, ऐसे में किसी भी तरह की गड़बड़ी कहना उचित नहीं है। फिलहाल स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही नए सिरे से साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।

बिलासपुर में किशोर की मौत पर HC सख्त… DJ और Sound Box से शोर पर सरकार से मांगा जवाब

बिलासपुर में किशोर की मौत पर HC सख्त… DJ और Sound Box से शोर पर सरकार से मांगा जवाब

 

बिलासपुर डीजे और साउंड बॉक्स से होने वाली शोरगुल की समस्या पर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। राज्य शासन ने कोर्ट को बताया कि ठोस कार्रवाई के लिए कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 में संशोधन जरूरी है और इस दिशा में पहल की जा रही है।

अदालत ने शासन से विस्तृत जवाब मांगा

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बलरामपुर जिले की उस घटना को भी गंभीरता से लिया, जिसमें गणेश विसर्जन के दौरान डीजे की तेज आवाज में नाचते समय 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई थी। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि रोक के बावजूद डीजे इतने शोर के साथ कैसे बज रहे थे और अब तक इसमें किसकी जिम्मेदारी तय की गई है। अदालत ने शासन से विस्तृत जवाब मांगा है।

रोक के बावजूद तेज आवाज में कैसे बज रहा था डीजे

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने बलरामपुर जिले की उस घटना को गंभीरता से लिया, जिसमें गणेश विसर्जन के दौरान डीजे पर नाचते समय 15 वर्षीय प्रवीण गुप्ता की मौत हो गई थी। तेज आवाज में डांस करते समय अचानक उसे सांस लेने में तकलीफ हुई और वह गिर पड़ा। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कोर्ट ने पूछा कि रोक के बावजूद इतनी तेज आवाज में डीजे कैसे बज रहा था और अब तक इसमें किसकी जिम्मेदारी तय की गई है।

बलरामपुर में डीजे पर रोक ही नहीं

बहस के दौरान यह तथ्य सामने आया कि बलरामपुर जिले में डीजे पर कोई रोक नहीं लगाई गई थी, इसलिए वहां तेज आवाज में डीजे बजते रहे। कोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई और शासन से पूछा कि आखिर आम लोगों की जान को खतरे में डालने वाली इस स्थिति को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

ढीले प्रावधान पर सवाल

सुनवाई में बताया गया कि कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 में कड़े प्रावधान नहीं हैं। एक-दो बार 500 से 1000 रुपये का जुर्माना लगाकर ही छोड़ दिया जाता है। न तो उपकरण जब्त होते हैं और न ही कोई ठोस कार्रवाई होती है। कोर्ट ने कहा कि ऐसी कमजोर व्यवस्था में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती।

2000 के नियम ज्यादा कठोर

विधि विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कोर्ट को बताया गया कि ध्वनि प्रदूषण (नियंत्रण और विनियमन) नियम, 2000, राज्य के कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की तुलना में कहीं अधिक कठोर हैं। 2000 के नियम केंद्रीय अधिनियम के तहत बने हैं और कानूनी रूप से राज्य अधिनियम पर प्रबल हैं। इन नियमों में लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए अनुमति लेना और ध्वनि सीमा निर्धारित करना अनिवार्य किया गया है। पूर्व की सुनवाई में महाधिवक्ता ने भी स्वीकार किया था कि राज्य सरकार प्रावधानों में संशोधन की तैयारी कर रही है, ताकि ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 के अनुरूप कड़े प्रावधान लागू किए जा सकें। हाई कोर्ट ने इस मामले में शासन से विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

6 पन्नों का सुसाइड नोट लिखकर सीआपीएफ जवान ने खुद को मारी गोली

6 पन्नों का सुसाइड नोट लिखकर सीआपीएफ जवान ने खुद को मारी गोली

 

सुकमा। जिले के कोंटा थानाक्षेत्र स्थित इंजरम सीआरपीएफ 219 बटालियन का जवान निलेश कुमार गर्ग ने डयूटी के दौरान अपनी सर्विस रायफल से खुद को गोली मारकर आत्म हत्या कर दी। मृत जवान ने 6 पन्नों का इमोशनल सुसाइड नोट लिखा है जिसमें गांव के एक व्यक्ति पर परेशान करने का आरोप लगाया है।

जिसके नाम का खुलासा पुलिस ने नहीं किया। वही जवान ने अपनी पत्‍नी और बच्चों से माफी मांगते हुए सात जन्मों तक रिश्ता निभाने की बात लिखी है। मृत जवान का पोस्ट मार्टम उपरांत शव को गृहग्राम के लिए भेजा गया। एसपी किरण चव्हाण ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की विवेचना की जा रही है।

मध्यप्रदेश के कटनी जिले का रहने वाला सीआरपीएफ जवान निलेश कुमार गर्ग 30 जुलाई को अवकाश से वापस कैंप लोटा था। सोमवार रात 10 बजे कैंप में प्रेटालिंग डयूटी पर था। डयूटी के दौरान जवान ने खुर्सी पर बैठकर अपनी सर्विस रायफल से सिर के बीच में गोली मार दी जिसके कारण मौके पर ही जवान की मौत हो गई।

गोली की आवाज से कैंप में अफरा—तफरी मच गई, और बाकी जवान मौके पर पहुंच गए। मृत जवान का शरीर कोंटा लाया गया जहां पीएम होने के बाद गृहग्राम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में जुट गई है। इसके अलावा सीआरपीएफ अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंची और पुरे घटनाक्रम की जानकारी ले रही है।

मृत जवान ने 6 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा है। जिसमें गांव के एक व्यक्ति पर परेशान करने का आरोप लगाया है, जिसका नाम पुलिस एतिहात बरतते हएु गोपनीय रखी है।

सुसाइड नोट काफी इमोशनल लिखा हुआ है जिसमें जवान ने अपनी पत्नि और बच्चों से माफी मांगते हुए लिखा है कि अगले सात जन्मों तक में तुम्हारा पति और बच्चों का पिता बनना चाहूंगा। वही उसने अपने परिवार से बहुत प्यार करने बात लिखी है।

तुमगांव / महावीर च्वाइस सेंटर में नकाबपोश चोरों का धावा, नगदी लेकर फरार – पीड़ित ने थाने में दी शिकायत

तुमगांव / महावीर च्वाइस सेंटर में नकाबपोश चोरों का धावा, नगदी लेकर फरार – पीड़ित ने थाने में दी शिकायत

नगर पंचायत तुमगांव के वार्ड क्रमांक 11 में स्थित महावीर च्वाइस सेंटर में बीती रात अज्ञात चोरों ने सेंधमारी कर नगदी चोरी कर ली। नकाबपोश चोर देर रात दुकान का ताला तोड़कर अंदर घुसे और आलमारी में रखी 7 से 8 हजार रुपये नगदी लेकर फरार हो गए। घटना का पूरा घटनाक्रम दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। पीड़ित संचालक लिलेश साहू ने थाने में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर मामले की जांच व कार्रवाई की मांग की है।

घटना का विवरण
पीड़ित लिलेश साहू पिता स्व. बसंत साहू ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि वे वार्ड क्रमांक 11, नगर पंचायत तुमगांव के निवासी हैं और महावीर च्वाइस सेंटर का संचालन करते हैं। यह दुकान जिला सहकारी बैंक के बाजू में स्थित है।
उन्होंने बताया कि 7 सितंबर 2025 की रात लगभग 7:40 बजे दुकान बंद कर शटर में दोनों ओर ताला लगाकर घर चले गए थे। अगली सुबह 8 सितंबर को जब वे दुकान पहुंचे तो देखा कि शटर का ताला टूटा हुआ है।

अंदर जाकर जांच करने पर पता चला कि आलमारी में रखे लगभग सात से आठ हजार रुपये नगदी (50, 20 और 10 रुपये के नोट सहित) चोरी हो चुके हैं। साहू ने बताया कि यह रकम उन्होंने पिछली रात तिजोरी में ही छोड़ दी थी।

कैमरे में कैद नकाबपोश चोर
घटना के बाद जब पीड़ित ने सीसीटीवी फुटेज देखा तो उसमें साफ दिखा कि रात लगभग 1:45 बजे एक नकाबपोश युवक दुकान का शटर तोड़कर अंदर घुसा और सीधे तिजोरी के पास पहुंच गया। कुछ ही मिनटों में उसने तिजोरी से नगदी निकाली और फरार हो गया।

थाने में दर्ज शिकायत
पीड़ित ने थाना तुमगांव में लिखित आवेदन देकर पूरी घटना की जानकारी दी। आवेदन में उन्होंने अनुरोध किया कि चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को पकड़ा जाए और उचित कार्रवाई की जाए। थाना प्रभारी ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद इलाके के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया। व्यापारियों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे छोटे व्यवसायी और दुकानदार असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। रात में गश्त की कमी और सुरक्षा व्यवस्था में ढिलाई को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई।

पुलिस की कार्रवाई
थाना प्रभारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अज्ञात आरोपी की पहचान की कोशिश की जा रही है। आसपास के क्षेत्रों में भी संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।

व्यापारियों ने मांगी सुरक्षा
चोरी की इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए और जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।