नवंबर में शुरू होगा चौथा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान, पेंशनरों के लिए होगी अब तक की सबसे बड़ी पहल

नवंबर में शुरू होगा चौथा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान, पेंशनरों के लिए होगी अब तक की सबसे बड़ी पहल

नई दिल्ली, 10 सितंबर 2025।
देशभर के पेंशनभोगियों के लिए राहत की बड़ी खबर है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने घोषणा की है कि आगामी 1 से 30 नवंबर 2025 तक चौथा राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान देश के सभी 1600 जिलों और प्रमंडल मुख्यालयों में संचालित होगा। इसका मुख्य उद्देश्य पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने की प्रक्रिया को आसान, सुगम और डिजिटल बनाना है।

उच्च स्तरीय बैठक में तैयारियां अंतिम रूप में

9 सितंबर को पेंशन सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इसमें 19 पेंशन वितरण बैंकों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में पिछले वर्ष आयोजित तीसरे DLC अभियान की समीक्षा की गई और इस बार के अभियान को और सफल बनाने की रणनीति तैयार की गई।

बैठक में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक सहित कई बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि वे अपने नेटवर्क और डोरस्टेप सेवाओं के माध्यम से पेंशनरों तक अभियान का लाभ पहुंचाएंगे।

तीसरे अभियान की उपलब्धियां

पिछले वर्ष आयोजित तीसरे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान ने कई नए रिकॉर्ड बनाए। उस दौरान कुल 1 करोड़ 62 लाख जीवन प्रमाण पत्र जमा किए गए थे। इनमें से 50 लाख से अधिक DLC फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक (बायोमेट्रिक चेहरे की पहचान) के माध्यम से बने थे। इसके अलावा, बैंकों और विभिन्न संगठनों की मदद से 1,900 शिविर आयोजित किए गए, जिनसे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के पेंशनरों को काफी सुविधा मिली।

इस बार का लक्ष्य

चौथे DLC अभियान का लक्ष्य पिछले वर्ष से भी बड़ा रखा गया है। विभाग ने 2 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए:

1600 जिलों और प्रमंडल मुख्यालयों पर शिविर लगाए जाएंगे।

अत्यंत वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग पेंशनरों के लिए डोरस्टेप सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।

फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा ताकि पेंशनभोगियों को कहीं जाने की आवश्यकता न पड़े।

NIC पोर्टल के माध्यम से कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी और रिपोर्टिंग की जाएगी।

जागरूकता पर विशेष जोर

इस बार व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैंक और IPPB अक्टूबर 2025 से ही SMS, व्हाट्सएप, सोशल मीडिया, बैनर और स्थानीय मीडिया के जरिए पेंशनरों को अभियान के बारे में जानकारी देंगे। उद्देश्य यह है कि हर पेंशनर समय पर अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सके और उन्हें पेंशन मिलने में कोई बाधा न आए।

क्यों जरूरी है डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र?

पहले पेंशनभोगियों को अपने जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने के लिए बैंकों या कार्यालयों में लंबी कतारों में लगना पड़ता था। खासकर बुजुर्ग और दिव्यांग पेंशनरों के लिए यह प्रक्रिया बेहद कठिन थी। डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Jeevan Pramaan) के आने से यह काम अब घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से हो सकता है।

सरकार ने फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक को भी शामिल किया है, जिसके जरिए केवल मोबाइल कैमरे से चेहरे की पहचान कर जीवन प्रमाण पत्र जमा किया जा सकता है। यह तकनीक विशेष रूप से बुजुर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनरों के लिए बहुत उपयोगी है।

सबसे बड़ा आउटरीच अभियान

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने इसे अब तक का सबसे बड़ा आउटरीच कार्यक्रम बताया है। दो करोड़ पेंशनरों को इस अभियान से जोड़ने की योजना है। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए जीवन आसान बनेगा।

पेंशन सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पेंशनर को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में कठिनाई न हो। अभियान में बैंकों, डाक विभाग और पेंशनभोगी संघों की सक्रिय भागीदारी से इसे सफल बनाने का पूरा प्रयास किया जाएगा
नवंबर में शुरू होगा चौथा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान, पेंशनरों के लिए होगी अब तक की सबसे बड़ी पहल

नई दिल्ली, 10 सितंबर 2025।
देशभर के पेंशनभोगियों के लिए राहत की बड़ी खबर है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने घोषणा की है कि आगामी 1 से 30 नवंबर 2025 तक चौथा राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान देश के सभी 1600 जिलों और प्रमंडल मुख्यालयों में संचालित होगा। इसका मुख्य उद्देश्य पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने की प्रक्रिया को आसान, सुगम और डिजिटल बनाना है।

उच्च स्तरीय बैठक में तैयारियां अंतिम रूप में

9 सितंबर को पेंशन सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इसमें 19 पेंशन वितरण बैंकों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में पिछले वर्ष आयोजित तीसरे DLC अभियान की समीक्षा की गई और इस बार के अभियान को और सफल बनाने की रणनीति तैयार की गई।

बैठक में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक सहित कई बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि वे अपने नेटवर्क और डोरस्टेप सेवाओं के माध्यम से पेंशनरों तक अभियान का लाभ पहुंचाएंगे।

तीसरे अभियान की उपलब्धियां

पिछले वर्ष आयोजित तीसरे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान ने कई नए रिकॉर्ड बनाए। उस दौरान कुल 1 करोड़ 62 लाख जीवन प्रमाण पत्र जमा किए गए थे। इनमें से 50 लाख से अधिक DLC फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक (बायोमेट्रिक चेहरे की पहचान) के माध्यम से बने थे। इसके अलावा, बैंकों और विभिन्न संगठनों की मदद से 1,900 शिविर आयोजित किए गए, जिनसे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के पेंशनरों को काफी सुविधा मिली।

इस बार का लक्ष्य

चौथे DLC अभियान का लक्ष्य पिछले वर्ष से भी बड़ा रखा गया है। विभाग ने 2 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए:

1600 जिलों और प्रमंडल मुख्यालयों पर शिविर लगाए जाएंगे।

अत्यंत वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग पेंशनरों के लिए डोरस्टेप सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।

फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा ताकि पेंशनभोगियों को कहीं जाने की आवश्यकता न पड़े।

NIC पोर्टल के माध्यम से कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी और रिपोर्टिंग की जाएगी।

जागरूकता पर विशेष जोर

इस बार व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैंक और IPPB अक्टूबर 2025 से ही SMS, व्हाट्सएप, सोशल मीडिया, बैनर और स्थानीय मीडिया के जरिए पेंशनरों को अभियान के बारे में जानकारी देंगे। उद्देश्य यह है कि हर पेंशनर समय पर अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सके और उन्हें पेंशन मिलने में कोई बाधा न आए।

क्यों जरूरी है डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र?

पहले पेंशनभोगियों को अपने जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने के लिए बैंकों या कार्यालयों में लंबी कतारों में लगना पड़ता था। खासकर बुजुर्ग और दिव्यांग पेंशनरों के लिए यह प्रक्रिया बेहद कठिन थी। डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Jeevan Pramaan) के आने से यह काम अब घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से हो सकता है।

सरकार ने फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक को भी शामिल किया है, जिसके जरिए केवल मोबाइल कैमरे से चेहरे की पहचान कर जीवन प्रमाण पत्र जमा किया जा सकता है। यह तकनीक विशेष रूप से बुजुर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनरों के लिए बहुत उपयोगी है।

सबसे बड़ा आउटरीच अभियान

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने इसे अब तक का सबसे बड़ा आउटरीच कार्यक्रम बताया है। दो करोड़ पेंशनरों को इस अभियान से जोड़ने की योजना है। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए जीवन आसान बनेगा।

पेंशन सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पेंशनर को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में कठिनाई न हो। अभियान में बैंकों, डाक विभाग और पेंशनभोगी संघों की सक्रिय भागीदारी से इसे सफल बनाने का पूरा प्रयास किया जाएगा

कोमाखान पुलिस ने 7 सितम्बर को मुखबिर की सुचना पर 3 लोगों को गिरफ्तार किया है

कोमाखान पुलिस ने 7 सितम्बर को मुखबिर की सुचना पर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

संवाददाता मोनेन्द्र कुमार व्यवहार मुखबिर की सुचना पर पुलिस चौखडी के पास NH353 रोड पहुंची, जहाँ एक काला रंग के पैशन प्रो मोटरसायकल क्र. OR 03 H 6221 एवं दूसरा बिना नंबर के मोटरसायकल में एक पीला रंग की प्लास्टिक बोरी के अंदर अवैध रूप से गांजा रखकर क्रय विक्रय कर रहे ग्राम अईलापाली थाना पटनागढ जिला बलांगीर (उडीसा) निवासी आरोपी आशाराम कुमार पिता मेघो कुमार उम्र 32 साल, पवित्र कुमार पिता लोकनाथ कुमार उम्र 45 साल तथा दुसरे मोटरसायकल में सवार ग्राम चुर्रूपाली चौकी बुंदेली थाना तेन्दुकोना (महासमुंद) निवासी सुरेश कुमार साहू पिता बृजलाल साहू उम्र 26 साल को पकड़ा.

पूछताछ के दौरान आशाराम कुमार ने बताया कि उसके गांव के अईलापाली, थाना पटनागढ, जिला बलांगीर (ओड़िशा) के आसपास के जंगलों में चोरी छिपे गांजा की खेती होती है, जहां से वे थोडा-थोडा ईकटठा कर गांजा रखे थे, जिसे छत्तीसगढ में पहचान के सुरेश कुमार साहू को पूर्व में भी दो-तीन बार गांजा लाकर दिया था तथा पुरानी जान पहचान होने से सुरेश फोन कर गांजा लाने को बोला था.

आरोपियों के कब्जे से 07 किलोग्राम गांजा कीमती 1,05,000 रूपये, आरोपी आशाराम कुमार से एक पुरानी इस्तेमाली मो0सा0 हीरो पैशन प्रो क्रं. OR 03 H 6221 कीमती 20,000 रूपये, आरोपी सुरेश कुमार साहू से एक पुरानी इस्तेमाली मो0सा0 हीरो पैशन प्रो बिना नंबर कीमती 20,000 रूपये सहित अन्य सामान जुमला कीमती 1,60,200 रूपये जप्त किया गया. आरोपियों के खिलाफ धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई.

महासमुन्द : पटवारी पर कोचिंग चलाने का आरोप, जांच की मांग

महासमुन्द : पटवारी पर कोचिंग चलाने का आरोप, जांच की मांग

महासमुंद, 02 सितंबर 2025।
जिला महासमुंद में पदस्थ राजस्व विभाग के अंतर्गत कार्यरत पटवारी महेश साहू के खिलाफ गंभीर शिकायत कलेक्टर कार्यालय में दर्ज कराई गई है।

शिकायत में आरोप है कि पटवारी महेश साहू द्वारा महासमुंद नगर के कालीबाड़ी रोड स्थित स्वास्थ्य केंद्र के पास किराए पर कोचिंग संस्था संचालित की जा रही है। संस्था में छात्रों से शुल्क लेकर प्रतिमाह लगभग 500 रुपये वसूले जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, शासकीय सेवक होने के बावजूद उन्होंने पदस्थ दायित्वों की अनदेखी कर आर्थिक लाभ उठाया, जो सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है।

शिकायत के आधार पर संबंधित अधिकारी ने मांग की है कि इस पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जाए और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्यवाही की जाए।

फिलहाल मामला शिकायत स्तर पर है और सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

बसना : पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज, गिरफ्तारी के बाद प्राथमिक शाला सोनामुंदी के शिक्षक निलंबित

बसना : पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज, गिरफ्तारी के बाद प्राथमिक शाला सोनामुंदी के शिक्षक निलंबित

महासमुन्द, 10 सितम्बर 2025।
महासमुन्द जिले के बसना विकासखण्ड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला सोनामुंदी में पदस्थ सहायक शिक्षक (एल.बी.) ज्योतिष कुमार साहू को गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, उनके विरुद्ध थाना बसना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं एवं पॉक्सो एक्ट के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में वे 48 घंटे से अधिक समय से न्यायिक अभिरक्षा में जेल में निरुद्ध हैं।

गिरफ्तारी के बाद निलंबन आदेश

विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, बसना कार्यालय ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9(2)(क) के तहत किसी भी शासकीय सेवक की गिरफ्तारी की स्थिति में निलंबन स्वतः प्रभावी हो जाता है। इसी प्रावधान के अंतर्गत शिक्षक ज्योतिष कुमार साहू का निलंबन आदेश उनकी गिरफ्तारी की तिथि से लागू कर दिया गया है।

निलंबन अवधि की शर्तें

निलंबन की अवधि में श्री साहू का मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बसना निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें सेवा नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) प्राप्त होगा। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह एक अंतरिम व्यवस्था है और मामले की न्यायिक तथा विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

शिक्षा विभाग की सख्ती

शिक्षा विभाग ने इस कार्रवाई को कानून और नियमों के अनुसार आवश्यक कदम बताते हुए कहा है कि किसी भी शासकीय सेवक पर गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होने पर नियमों का पालन करते हुए तुरंत निलंबन किया जाता है। विभाग ने यह भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनके हित सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए इस तरह के मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है।

महासमुन्द जिले की 07 देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान हेतु किराए पर भवन लिए जाने 18 सितम्बर तक निविदा आमंत्रित

महासमुन्द जिले की 07 देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान हेतु किराए पर भवन लिए जाने 18 सितम्बर तक निविदा आमंत्रित

 

महासमुन्द/ वर्ष 2025-26 के लिए जिले की 07 देशी कम्पोजिट मदिरा दुकानों के संचालन के लिए भवन किराए पर लिए जाने हेतु जिला आबकारी विभाग द्वारा द्वितीय निविदा आमंत्रित की गई है। इच्छुक व्यक्ति निर्धारित शर्तों एवं निविदा फार्म 18 सितम्बर 2025 को दोपहर 1ः00 बजे तक जिला आबकारी कार्यालय, महासमुंद से प्राप्त कर सकते हैं।

निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 18 सितम्बर 2025 को दोपहर 2ः00 बजे तक निर्धारित की गई है। निविदा से संबंधित नियम, शर्तें एवं विस्तृत जानकारी जिला आबकारी विभाग महासमुंद तथा विभाग की वेबसाईट www.cg.nic.in/mahasamund पर अवलोकन किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि महासमुंद जिले के 09 देशी मदिरा दुकानों को नवीन स्थलों पर स्थानांतरण कर कम्पोजिट मदिरा देशी दुकानों में परिवर्तित कर संचालन करने की अनुमति शासन द्वारा दी गई है। नवीन 07 मदिरा दुकानों का स्थानांतरण किए जाने व स्वरूप परिवर्तन कर दुकानों के संचालन हेतु भवन किराए पर लिया जाना है। उक्त दुकानों में ग्राम पंचायत रायतुम, खट्टी, बम्हनी, बिरकोल, चनाट, आंवराडबरी एवं ग्राम पंचायत तेंदुकोना में संचालित किया जाएगा

महासमुंद जिले में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में 45 पदों पर होगी संविदा भर्ती

महासमुंद जिले में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में 45 पदों पर होगी संविदा भर्ती

 

महासमुंद जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय नयापारा (महासमुंद), बागबाहरा, पिथौरा, बसना, सरायपाली, पटेवा, तुमगांव, कोमाखान, सांकरा, पिरदा, भूकेल एवं भंवरपुर में संविदा भर्ती वर्ष 2025-26 के अंतर्गत अंग्रेजी एवं हिन्दी विषय के कुल 45 पदों पर भर्ती की जाएगी।

इस संबंध में विस्तृत जानकारी एवं पदों का विवरण, न्यूनतम अर्हताएं, नियम एवं शर्तें जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.mahasamund.gov.in पर 20 सितम्बर 2025 तक उपलब्ध रहेगा, जिसे डाउनलोड कर इच्छुक अभ्यर्थी अवलोकन कर सकते हैं।

महासमुंद सहायक शिक्षक (एल.बी.) ज्योतिष कुमार साहू निलंबित

महासमुंद सहायक शिक्षक (एल.बी.) ज्योतिष कुमार साहू निलंबित

 

महासमुन्द/ विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बसना कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय प्राथमिक शाला सोनामुंदी में पदस्थ सहायक शिक्षक (एल.बी.) श्री ज्योतिष कुमार साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार उनके विरुद्ध थाना बसना में बीएनएस की धाराओं एवं पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। वर्तमान में वे 48 घंटे से अधिक समय से न्यायिक अभिरक्षा में जेल में निरुद्ध हैं।

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के उपनियम (2)(क) के तहत उनकी गिरफ्तारी की तिथि से ही निलंबन आदेश प्रभावी कर दिया गया है। निलंबन की अवधि में श्री साहू का मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बसना नियत किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नंदनवार ने किया लाइवलीहुड कॉलेज एवं आरसेटी का निरीक्षण बदलते दौर में एआई टेक्नोलॉजी से संबंधित भी प्रशिक्षण देने पर जोर

मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नंदनवार ने किया लाइवलीहुड कॉलेज एवं आरसेटी का निरीक्षण बदलते दौर में एआई टेक्नोलॉजी से संबंधित भी प्रशिक्षण देने पर जोर

 

महासमुन्द/ जिला पंचायत महासमुंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार द्वारा आज लाइवलीहुड कॉलेज में संचालित कौशल प्रशिक्षण का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से सीधे संवाद कर उन्हें कैरियर मार्गदर्शन, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई। साथ ही, बदलते समय की जरूरत को देखते हुए एआई टेक्नोलॉजी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युवा केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि स्वयं उद्यम स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाला बने। आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की ओर बढ़ना ही सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र की नींव है।

निरीक्षण के दौरान बड़ौदा आर-सेटी में संचालित एफ.एल.सी.आर.पी. प्रशिक्षण की गुणवत्ता परखने के लिए अधिकारी स्वयं प्रशिक्षणार्थी की तरह कक्षा में शामिल हुए। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता का प्रत्यक्ष अवलोकन करते हुए प्रशिक्षुओं से चर्चा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्व-सहायता समूह की दीदियों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों का जायजा लिया। इस अवसर पर निर्देशित किया गया कि अधिक से अधिक महिला समूहों को उद्योग आधारित इंटरप्राइजेज से जोड़ा जाए। आजीविका गतिविधियों को सतत एवं लाभकारी उद्यम में बदलने हेतु प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

सीईओ श्री नंदनवार ने संचालित प्रशिक्षण के हितग्राहियों से सीधे चर्चा कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना। उन्होंने सभी को भरोसा दिलाया कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार से जोड़ना और आत्मनिर्भर बनाना है।

महासमुंद युक्तियुक्तकरण से शिक्षा में आई नई रोशनी: हायर सेकेंडरी पिरदा में अब हर विषयों की पढ़ाई

महासमुंद युक्तियुक्तकरण से शिक्षा में आई नई रोशनी: हायर सेकेंडरी पिरदा में अब हर विषयों की पढ़ाई

 

महासमुन्द/छत्तीसगढ़ शासन की युक्तियुक्तकरण नीति ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को विषयवार शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। इसी का जीवंत उदाहरण है हायर सेकेंडरी विद्यालय पिरदा (जिला महासमुंद), जहां हाल ही में इस नीति का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। अर्थशास्त्र और विज्ञान की पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी विद्यार्थी लेने लगे हैं रूचि

विद्यालय के प्राचार्य श्री संतोष कुमार डहरिया ने बताया कि पहले यहां केवल 6 शिक्षक कार्यरत थे। यद्यपि वे अपनी क्षमता से अधिक मेहनत कर रहे थे, लेकिन विज्ञान सहायक, अर्थशास्त्र एवं व्यायाम शिक्षक उपलब्ध न होने के कारण कक्षाओं का संचालन अधूरा रह जाता था। विज्ञान विषय पढ़ने वाले छात्र जटिल विषयों की गहराई समझने से वंचित हो रहे थे। अर्थशास्त्र विषय की अनुपस्थिति से बारहवीं कक्षा के बच्चों की उच्च शिक्षा की तैयारी अधूरी रह जाती थी। व्यायाम शिक्षक न होने से खेलकूद जैसी शारीरिक एवं मानसिक विकास की गतिविधियाँ प्रभावित हो रही थीं। इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर ही नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और उत्साह पर भी पड़ रहा था। अभिभावक और ग्रामीण भी इस कमी से चिंतित थे।

शासन की युक्तियुक्तकरण नीति लागू होने के बाद विद्यालय को 3 नए शिक्षक उपलब्ध कराए गए। विज्ञान सहायक शिक्षक श्री महेन्द्र ध्रुव की नियुक्ति से अब विज्ञान की पढ़ाई व्यवस्थित ढंग से हो रही है। श्रीमती मधुमती चंद्राकर व्याख्याता अर्थशास्त्र की नियुक्ति से कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु मजबूत आधार मिला है। व्यायाम शिक्षक श्री ओ.पी. जायसवाल की उपलब्धता से खेलकूद गतिविधियों में नई जान आ गई है, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास हो रहा है।

वर्तमान में विद्यालय में कक्षा 9वीं से 12वीं तक कुल 89 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। नए शिक्षकों की नियुक्ति से उनकी पढ़ाई में नई ऊर्जा आई है। बच्चे नियमित रूप से कक्षाओं में शामिल हो रहे हैं और पढ़ाई में गहरी रुचि ले रहे हैं। गाँव के लोग भी इस बदलाव को महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब हमारे बच्चों को वही शिक्षा मिल रही है, जिसकी हमें लंबे समय से उम्मीद थी। शासन की यह पहल बच्चों का भविष्य संवार देगी।

महासमुन्द पुलिस ने बरामद किए 200 गुम हुए मोबाइल, जनता को दी राहत

महासमुन्द पुलिस ने बरामद किए 200 गुम हुए मोबाइल, जनता को दी राहत

महासमुन्द पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम और चोरी हुए करीब 200 मोबाइल फोन बरामद कर आम जनता को बड़ी राहत दी है। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 30 लाख रुपये आंकी गई है।

गुम मोबाइलों की बरामदगी

जिले के कई नागरिक अपने मोबाइल फोन के गुम या चोरी होने से परेशान थे। इनमें से अधिकांश लोग मोबाइल की कीमत से ज्यादा उसमें सुरक्षित डाटा, कॉन्टेक्ट नंबर और व्यक्तिगत जानकारी के कारण अपने फोन को वापस पाना चाहते थे। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए जिला सायबर सेल में एक विशेष सायबर डेस्क का गठन किया गया।

इस डेस्क की टीम ने अथक प्रयास कर 200 मोबाइल फोन खोज निकाले। जांच के दौरान कई मामलों में यह सामने आया कि कुछ लोग मोबाइल गिरा हुआ या पड़ा मिलने की बात कह रहे थे, वहीं कुछ ने अनजाने में खरीदा हुआ बताया। पुलिस ने ऐसे नागरिकों को समझाइश दी कि यदि किसी को कहीं पर मोबाइल गिरा हुआ या पड़ा मिले, तो उसकी सूचना नजदीकी थाने में देकर मोबाइल जमा कराना चाहिए।

सीईआईआर पोर्टल से भी मिल सकती है मदद

भारत सरकार ने दूरसंचार विभाग के माध्यम से CEIR पोर्टल (ceir.gov.in) शुरू किया है। इस पोर्टल पर चोरी या गुम हुए मोबाइल की शिकायत दर्ज की जा सकती है। पोर्टल के Block Stolen/Lost Mobile सेक्शन में जाकर फॉर्म भरने पर, मोबाइल मिलने की स्थिति में संबंधित जानकारी सीधे पंजीकृत मोबाइल नंबर या ई-मेल पर भेज दी जाती है।

पुलिस की अपील

महासमुन्द पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत नजदीकी थाने या सायबर सेल में रिपोर्ट दर्ज कराएं। इससे मोबाइल बरामदगी में आसानी होगी और नागरिक अपने महत्वपूर्ण डाटा को दोबारा प्राप्त कर सकेंगे।

यह पूरी बरामदगी महासमुन्द पुलिस और सायबर सेल की टीम की संयुक्त कार्रवाई से संभव हुई है, जो जिले में तकनीकी साधनों के उपयोग और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण है।