महासमुंद जन चौपाल में कलेक्टर श्री लंगेह ने सुनी जन समस्याएं जन चौपाल बना जनसमस्याओं के त्वरित समाधान मंच

महासमुंद जन चौपाल में कलेक्टर श्री लंगेह ने सुनी जन समस्याएं जन चौपाल बना जनसमस्याओं के त्वरित समाधान मंच

जन चौपाल में भारत ध्रुव को मिला मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल एवं देवमति को मिला श्रम कार्ड

महासमुंद, जिला कार्यालय के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जन चौपाल एक बार फिर आमजन के लिए राहत और उम्मीद का मंच साबित हुआ। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा जन चौपाल में कुल 45 आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की गई।

इस जन चौपाल की सबसे त्वरित समाधान के रूप में ग्राम खल्लारी निवासी श्री भारत ध्रुव को तत्काल मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल प्राप्त हुआ। उनके आवेदन पर कलेक्टर श्री लंगेह ने मौके पर ही समाज कल्याण विभाग को निर्देशित कर तत्काल ट्रायसाइकिल प्रदाय कराई। श्री ध्रुव ने हर्षित भाव से कलेक्टर के हाथों मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल प्राप्त की और कहा कि यह सहायता उन्हें न केवल आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि उनके जीवन में गति और सम्मान भी लौटाएगा। वहीं, ग्राम तिलईदादर की श्रीमती देवमति ध्रुव के श्रम कार्ड प्रकरण में भी त्वरित समाधान किया गया। तकनीकी कारणों से लंबित आवेदन को निरस्त कर नया पंजीयन कराया गया और श्रम अधिकारी को आज ही श्रम कार्ड देने निर्देशित किया गया। जिसके अनुपालन में श्रम विभाग द्वारा उन्हें नया श्रम कार्ड जारी कर दिया गया।

इसी तरह ग्राम नर्रा कोमाख़ान निवासी श्री लीलाराम पटेल ने जमीन अतिक्रमण पर रोक लगाने हेतु आवेदन, ग्राम आमकोनी निवासी श्रीमती सुशीला बाई चक्रधारी ने पीएम आवाज़ अंतर्गत रोजगार गारंटी का पैसा दिलाने हेतु आवेदन, ग्राम पंचायत जगदीशपुर पिथौरा में श्मशान भूमि को मुक्त कराने हेतु, ग्राम तिलाई दादर निवासी श्रीमती पुष्पा निर्मलकर ने वात्सल्य योजना से लाभ दिलाने एवं श्रीमती देवमती ध्रुव ने श्रमिक कार्ड बनवाने, ग्राम ठाकुरदियाखुर्द निवासी श्री लालचंद पटेल ने ट्रांसफार्मर लगाने हेतु आवेदन किया। कलेक्टर श्री लंगेह ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ : निर्यात प्रलेखन एवं प्रक्रियाओं पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न रैम्प योजना अंतर्गत अधिकारियों को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की दी गई व्यावहारिक जानकारी

छत्तीसगढ़: निर्यात प्रलेखन एवं प्रक्रियाओं पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न रैम्प योजना अंतर्गत अधिकारियों को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की दी गई व्यावहारिक जानकारी

छत्तीसगढ़ में रैम्प (RAMP) योजना के तहत जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्रों के अधिकारियों के लिए ‘निर्यात प्रक्रियाएँ और प्रलेखन‘ विषय पर तीन दिवसीय क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 19 से 21 जुलाई 2025 तक रायपुर स्थित उद्योग भवन में संपन्न हुआ, जिसे एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेंटर और भारतीय विदेश व्यापार संस्थान कोलकाता के सहयोग से आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों को अपने जिलों में निर्यात को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में दक्ष और समर्थ बनाने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ है।

प्रशिक्षण के पहले दिन अधिकारियों को रैम्प योजना की रूपरेखा से अवगत कराया गया। भारतीय विदेश व्यापार संस्थान कोलकाता के विशेषज्ञ डॉ. के. रंगराजन और सुश्री सुमना दास ने अंतर्राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स, (आई.एन.सी.ओ) टर्म्स तथा भुगतान विधियों पर व्यावहारिक जानकारी दी। साथ ही बाजार पहचान एवं निर्यात योजना निर्माण पर संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए।

दूसरे दिन डॉ. गौतम दत्ता द्वारा राज्य के चयनित उत्पादों की निर्यात संभावनाओं, सूक्ष्म व लघु उद्यमों की मार्केटिंग रणनीतियों और वैश्विक व्यापार बाधाओं पर चर्चा की गई। इसके पश्चात निर्यात कार्य योजना में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की भूमिका और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। तीसरे दिन अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में (जीआई) उत्पादों के संवर्धन और ई-कॉमर्स निर्यात रणनीतियों पर विशेष सत्र आयोजित हुए। प्रशिक्षण के अंत में जिला निर्यात योजनाओं के निर्माण पर प्रतिभागियों को दिशा-निर्देश दिए गए। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र उप सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, सुश्री रेना जमील (आईएएस) द्वारा प्रदान किए गए। इस दौरान उद्योग संचालनालय के संयुक्त निदेशक श्री शिव राठौर उपस्थित रहे।

 

रायपुर : त्योहारी सीजन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने चलाया जांच अभियान

रायपुर : त्योहारी सीजन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने चलाया जांच अभियानस्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मिठाईयों एवं अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने खाद्य एवं औषधि प्रशासन को दिए निर्देश

आगामी दिनों में रक्षाबंधन सहित कई त्यौहार आने वाले हैं। त्यौहारी सीजन में मिठाईयों एवं अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा खाद्य एवं औषधि प्रशासन को निर्देश दिए हैं। इसके अनुसार विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है और लगातार कार्रवाई भी की जा रही है। इसी कड़ी में सिमगा एवं भाटापारा के कई  दुकानों में भी खाद्य पदार्थों की जांच की गई।

खाद्य एवं औषधि विभाग की  टीम  द्वारा  जिले के विभिन्न स्थानों के होटल का निरीक्षण किया गया। सिमगा स्थित बालाजी जोधपुर स्वीट्स से खोवा कतली एवं श्री कृष्णा डेयरी से पनीर  का नमूना  लिया गया।जांच के दौरान भाटापारा के ट्रांसपोर्ट ऑफिस एवं गैराज का भी निरीक्षण कर रिकॉर्ड खंगाला गया कि कोई अमानक या नियम विरुद्ध खाद्य पदार्थों का परिवहन तो नहीं हो रहा। जांच टीम के द्वारा बिना पक्का बिल व रसीद के खाद्य पदार्थ एवं मिठाइयों का ट्रांसपोर्ट नहीं करने की हिदायत दी गई है।

 

महासमुंद : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी नवलीन को बधाई – कहा, छत्तीसगढ़ की उभरती प्रतिभा को मिलेगा हरसंभव सहयोग

महासमुंद : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी नवलीन को बधाई – कहा, छत्तीसगढ़ की उभरती प्रतिभा को मिलेगा हरसंभव सहयोग

राज्य सरकार प्रतिबद्ध है प्रदेश के हर खिलाड़ी को अवसर, संसाधन और मंच देने के लिए : मुख्यमंत्री

महासमुंद की नवलीन कौर ने तीरंदाजी में नेशनल गेम्स में बनाया स्थान, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीता था गोल्ड मेडल

खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के हर खिलाड़ी को उसकी मेहनत, लगन और क्षमता के अनुरूप अवसर, संसाधन और मंच उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने महासमुंद जिले की नवोदित तीरंदाज नवलीन कौर को आगामी राष्ट्रीय खेलों में तीरंदाजी में स्थान बनाने पर बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवलीन जैसी खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव हैं और सरकार उन्हें खेल के हर स्तर पर निखारने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।

जन्म से ही स्वास्थ्यगत चुनौतियों से जूझने वाली नवलीन ने इसे अपनी कमज़ोरी नहीं, बल्कि ताकत में बदल दिया और खेल को अपना जीवन-मार्ग चुना। उन्होंने फरवरी 2025 में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि इच्छाशक्ति और मेहनत के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।

महासमुंद जिले के बागबाहरा की निवासी नवलीन कौर, श्री अरविंद एवं श्रीमती रंजीत कौर छाबड़ा की सुपुत्री हैं। उनका जन्म गर्भावस्था के सातवें महीने में हुआ था, जिससे प्रारंभिक वर्षों में स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियाँ रहीं। आस-पड़ोस, रिश्तेदार और परिचित हमेशा उनकी तबीयत के बारे में पूछते रहते थे, जिससे वह कभी-कभी उदास हो जाती थीं। लेकिन नवलीन ने इस जिज्ञासा को चुनौती के रूप में स्वीकार किया और खुद को एक नई दिशा में ढाल दिया।

वर्ष 2018 में नवलीन ने बागबाहरा से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित बिहाझर बालाश्रम में तीरंदाजी का प्रशिक्षण प्रारंभ किया। वे महासमुंद जिले की पहली महिला तीरंदाज बनीं। स्कूली शिक्षा के दौरान उन्होंने दो बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए और एक बार राष्ट्रीय स्तर की स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता में चौथा स्थान अर्जित किया। वर्ष 2023 में उन्होंने गुजरात में आयोजित एफजीएफआई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया और राज्य स्तरीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

नवलीन का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतना है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में कंपाउंड बो से खेला जाता है, जिसके लिए उनके परिजनों ने उन्हें एक नया आधुनिक कंपाउंड धनुष प्रदान किया है। उन्होंने सिटी ओपन तीरंदाजी प्रतियोगिता में कंपाउंड राउंड बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर इसकी शानदार शुरुआत की है। वर्तमान में नवलीन कोच श्री एवन साहू एवं खेल अधिकारी श्री मनोज धृतलहरे से तीरंदाजी के गुर सीख रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि क्रिकेट की लोकप्रियता के इस दौर में कोई खिलाड़ी यदि तीरंदाजी जैसे विशिष्ट खेल में कड़ी मेहनत करके प्रदेश और देश के लिए मेडल लाने की दिशा में काम कर रहा है, तो यह न केवल सराहनीय है बल्कि प्रेरणास्पद भी। नवलीन जैसी प्रतिभाएं छत्तीसगढ़ के युवाओं को यह संदेश देती हैं कि प्रतिबद्धता, अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

 

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर प्रदेश भर में नकली प्रसाधन सामग्री और नशीली दवाओं के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की बड़ी कार्रवाई

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर प्रदेश भर में नकली प्रसाधन सामग्री और नशीली दवाओं के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की बड़ी कार्रवाई

अवैध दवा सप्लाई चैन और नकली उत्पादों पर कसी नकेल, राज्य भर के 170 संस्थानों में मारे गए छापे

हेल्पलाइन नंबर +91-9340595097 पर नकली औषधियों, प्रसाधन सामग्री या नशीली दवाओं के अवैध व्यापार से संबंधित किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों की दे सकते हैं जानकारी

रायपुर अवैध रूप से संचालित फर्मों, नशीली दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला और बाजार में बिक रही नकली प्रसाधन सामग्री से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को प्रदेश स्तर पर एक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया था। इस अभियान के अंतर्गत राज्य भर में औषधि निरीक्षकों की टीमों ने सघन छापेमारी के साथ ही कार्रवाई की है।

रायपुर जिले में ड्रग विभाग की टीम द्वारा भाटागांव स्थित लक्ष्मी इंटरप्राइजेज पर छापा मारते हुए बिना अनुज्ञप्ति के निर्माण हो रहे फिनाइल और हैण्डवाश उत्पादों (कुल कीमत ₹4.5 लाख) को जब्त किया गया। इसी प्रकार गुढ़ियारी स्थित शोला इंडस्ट्रीज में भी बिना लाइसेंस साबुन और हैंडवॉश निर्माण की गतिविधियों पर छापेमारी कर कच्चा माल, कंटेनर, लेबलिंग और पैकेजिंग सामग्री (लगभग ₹2 लाख) जब्त की गई।

डूमरतराई स्थित औषधि वाटिका में ड्रग विभाग द्वारा नशीली दवाओं की जांच की गई, जहां मेसर्स वेनोर में नारकोटिक दवाओं के रिकॉर्ड और रजिस्टर में अनियमितताएं पाई गईं। निरीक्षण के दौरान कुछ फर्जी प्रिस्क्रिप्शन भी बरामद हुए, जिसके आधार पर संबंधित फर्म को नोटिस जारी किया गया है।

बिलासपुर जिले के तेलीपारा स्थित मेसर्स आकाश बैंगल्स एंड कास्मेटिक में बिना लाइसेंस औषधियों का संधारण पाया गया, जहां से ₹30,000 मूल्य की औषधियां जब्त कर कार्यवाही की गई। इसी क्षेत्र के तेलीपारा एवं व्यापार विहार की कास्मेटिक दुकानों से 5 नमूने लिए गए।

रायगढ़ जिले के रोज लाइफ, पुरानी हटरी में भी बिना लाइसेंस बिक रही औषधियों पर कार्यवाही की गई। वहीं धमतरी के भटगांव में धनेश्वर देवांगन के क्लिनिक से एलोपैथिक दवाओं को जब्त कर कानूनी कार्रवाई की गई।

मुंगेली जिले के प्रकाश मेडिकल एजेंसीज में आयुर्वेदिक दवाओं में एलोपैथिक दवाओं की मिलावट की आशंका के आधार पर टेबलेट का नमूना लिया गया और शेष स्टॉक को फॉर्म-15 में रोका गया। इसी प्रकार कबीरधाम जिले में शिव हर्बल एजेंसीज एवं विश्वमात्र आयुर्वेदिक चिकित्सालय से भी नमूना संग्रहण किया गया।

जांजगीर-चांपा जिले के महेश मेडिकल, सुभाष मेडिकल, अशोक मेडिकल, अरविन्द मेडिकल, आर.के. मेडिकल, अनिल मेडिकल, सोंकेसरिया मेडिकल, कृष्णा मेडिकल आदि में नारकोटिक दवाओं के क्रय-विक्रय रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाई गईं। जिनके विरुद्ध फॉर्म-35 में कार्यवाही दर्ज कर नोटिस जारी किया जा रहा है। जशपुर व कांकेर जिलों में भी ऐसी ही जांचें की गईं।

बेमेतरा जिले के शिवम् जनरल स्टोर एवं मेहनलाल मांगीलाल राठी किराना दुकान में कास्मेटिक उत्पादों के बिल प्रस्तुत न कर पाने पर उत्पादों को फॉर्म-15 में दर्ज कर बिक्री से रोका गया।

आम जनता द्वारा नकली कास्मेटिक उत्पादों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के विभिन्न बाजारों में छापेमारी की गई। कुल 48 कास्मेटिक उत्पादों जैसे साबुन, हेयर ऑयल, बेबी लोशन, शैम्पू, फेयरनेस क्रीम, टेलकम पाउडर, शेविंग क्रीम, हेयर डाई आदि के विधिवत नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

इस अभियान के तहत राज्य के सभी जिलों में तैनात कुल 78 औषधि निरीक्षकों की टीम ने 170 संस्थानों में छापेमारी कर आवश्यक नमूने एकत्रित किए और नियमानुसार कार्यवाही की।  खाद्य एवं औषधि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि आमजन को नकली औषधियों और प्रसाधन सामग्रियों के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखा जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगे भी दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनमानस से अपील है कि नकली औषधियों, प्रसाधन सामग्री या नशीली दवाओं के अवैध व्यापार से संबंधित किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी हेल्पलाइन नंबर +91-9340595097 पर अवश्य दें।

 

छत्तीसगढ़: खरीफ सीजन 2025 : प्रदेश के किसानों को 5560 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित 

छत्तीसगढ़: खरीफ सीजन 2025 : प्रदेश के किसानों को 5560 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य के अधिक से अधिक किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में किसानों को अब तक राज्य सहकारी बैंकों द्वारा 2058 सहकारी समितियों के माध्यम से 5560 करोड़ 34 लाख रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया गया है। इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा किसानों को 7800 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। अब तक वितरित कुल राशि लक्ष्य का लगभग 71.28 प्रतिशत है। किसानों को उनके मांग और रकबे के अनुरूप अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया जा रहा है। जबकि पिछले वर्ष आज की स्थिति में 5549 करोड़ रूपए के अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किए गए थे।

गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को खेती-किसानी की प्रारंभिक जरूरतों को पूरा करने तथा खेती-किसानी में सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना प्रारंभ किए गए थे। इसके अलावा किसानों को साहूकारों के चंगुलों से बचाना इसका एक प्रमुख उद्देश्य था। वर्तमान समय में इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों को प्रारंभिक जरूरतों के लिए न सिर्फ राहत मिली है, बल्कि फसलों के उत्पाद में लगातार वृद्धि हो रही है।

 

महासमुंद समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती अवसर पर कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाने के निर्देश

महासमुंद समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती अवसर पर कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाने के निर्देश

सहकारी समिति खाद भंडारण होने के पश्चात किसानों को वितरण सुनिश्चित करेंकृषक उन्नति योजना का लाभ लेने किसान पंजीयन अनिवार्य

महासमुंद, कलेक्टर श्री विनय लंगेह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में जिले के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी श्री मयंक पांडेय, अपर कलेक्टर श्री रवि साहू, जिला पंचायत सीईओ श्री रविराज ठाकुर, सभी विभाग के जिला अधिकारी सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वीसी के माध्यम से जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के प्रतिनिधि, सीएमओ सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती समारोह की तैयारी को लेकर निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी विभाग निर्देशानुसार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें और शीघ्र प्रस्तुत करें। उन्होंने बताया कि 16 अगस्त से 31 मार्च तक रजत जयंती समारोह के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। जिसमें राज्य स्थापना के पश्चात विकास और उपलब्धियों की सफर को रेखांकित जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, बहुद्देशीय केंद्र, आयुष्मान कार्ड वितरण सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से तालमेल के साथ कार्य करने कहा। प्रधानमंत्री आवासों की समीक्षा की और निर्देशित किया कि किसी भी स्थिति में निर्माण कार्य बाधित न हो, हर हितग्राही को समय पर लाभ मिले।

कलेक्टर ने सभी कार्यालयों को समयबद्ध और पारदर्शी कार्य प्रणाली अपनाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी समय पर कार्यालय पहुंचे। साथ ही अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी समय पर कार्यालय में उपस्थित होकर कार्य करने निर्देशित किए। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यां में किसी भी प्रकार की अनुचित लेन-देन की शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में आगामी माह प्रस्तावित रोजगार मेले की तैयारी को लेकर भी समुचित तैयारी करने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण को लेकर “एक पेड़ मां के नाम“ अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को पोर्टल में एंट्री सुनिश्चित करने को कहा। वहीं “मोर गांव मोर पानी“ अभियान के अंतर्गत गांवों में पेयजल स्रोतों की सफाई, खुले में गंदगी की रोकथाम और स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बड़े तालाबों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही बच्चों को खतरनाक जलस्रोतों से दूर रखने हेतु पालक-शिक्षक बैठकों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाएं। खनन स्थलों पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा करते हुए गड्ढों की चिन्हांकन और सतर्कता के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने युक्तियुक्तकरण के तहत कार्यभार ग्रहण न करने वाले शिक्षकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शिक्षा विभाग को लंबित मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया। कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों का पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं का लाभ तभी संभव है जब सभी पात्र किसान समय पर पंजीकृत हों। उन्होंने कृषि विभाग को पंजीयन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सहकारी समितियों में भंडारित खाद के त्वरित वितरण के निर्देश देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी समिति भंडारित खाद रोक कर न रखें, यह किसानों की प्राथमिक आवश्यकता है। इसे तत्काल वितरित करें। सड़कों पर आवारा मवेशियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने नगरीय निकाय और जनपद सीईओ की नामजद ड्यूटी लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि निरंतर अभियान चलाकर इस पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए।

बैठक में राजस्व प्रकरणों और समय-सीमा पत्रकों की भी गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जनता से जुड़े प्रकरणों को समय पर और प्राथमिकता से हल किया जाए। साथ ही सभी कार्यालयों को ई-ऑफिस प्रणाली के तहत फाइल मूव करने और प्रशासनिक प्रक्रिया को डिजिटल रूप से मजबूत करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि वे उनके कार्यां की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। अतः पूरी ईमानदारी के साथ विकास योजनाओं को गति और पारदर्शिता के साथ जमीनी स्तर तक पहुँचा

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आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 27 जुलाई को परीक्षा के सुचारू एवं निर्विघ्न संचालन हेतु 25 परिवहन अधिकारी व पर्यवेक्षक नियुक्त

महासमुंद आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 27 जुलाई को परीक्षा के सुचारू एवं निर्विघ्न संचालन हेतु 25 परिवहन अधिकारी व पर्यवेक्षक नियुक्त

महासमुंद, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा आयोजित की जाने वाली आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन रविवार 27 जुलाई 2025 को पूर्वान्ह 11ः00 से 01ः15 बजे तक एक पाली में होगा। जिला मुख्यालय महासमुन्द के निर्धारित 25 परीक्षा केन्द्रों में आयोजित परीक्षा में जिले के 7,063 परीक्षार्थी शामिल होंगे।

कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा परीक्षा के सुचारू एवं निर्विघ्न रूप से संचालन के लिए परीक्षा केन्द्रों तक गोपनीय सामग्री पहुंचाने हेतु 25 परिवहन अधिकारी/पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया हैं। परीक्षा केन्द्रो की दूरी को दृष्टिगत रखते हुए, नियुक्त परिवहन अधिकारी/पर्यवेक्षक 27 जुलाई को प्रातः 8ः30 बजे जिला कोषालय महासमुंद से गोपनीय सामग्री प्राप्त कर, संबंधित परीक्षा केन्द्र में उपलब्ध कराएंगे तथा परीक्षा समाप्ति के उपरांत गोपनीय सामग्री को कोऑर्डिनेटर के माध्यम से सील बंद करके जिला/उप कोषालय में जमा करेंगे। कार्यमुक्त होने के पूर्व परिवहन अधिकारी पर्यवेक्षक ओ० के० रिपोर्ट नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी को अनिवार्यतः सौपेगें।

छत्तीसगढ़: धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान 

छत्तीसगढ़: धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान

कोरिया जिले जनजाति बहुल गांवों में 65 हजार से अधिक लोगों का हुआ सिकलसेल जांच

जनजातीय विकास को समर्पित धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान ने कोरिया जिले के सुदूर अंचलों में सामाजिक परिवर्तन की नई लहर पैदा की है। 15 जून से 15 जुलाई तक चले इस एक माह के विशेष अभियान के दौरान 154 जनजातीय ग्रामों में शिविरों और डोर-टू-डोर सेवाओं के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाएं और ज़रूरी दस्तावेज़ आमजन तक पहुँचाए गए।

कोरिया जिले के अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन के इस अभियान में बैकुंठपुर विकासखंड 138 तथा सोनहत विकासखण्ड के 16 ग्रामों में आयोजित 175 शिविरों में 37,469 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिसमें 65,298 लोगों की सिकलसेल एनीमिया की जांच की गई। जांच में 23 क्षय रोगी भी चिन्हित किए गए, जिन्हें आवश्यक उपचार के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

अभियान के दौरान 768 आधार कार्ड, 320 आयुष्मान भारत कार्ड, 391 जाति प्रमाण पत्र, 361 निवास प्रमाण पत्र,1,231 सुकन्या समृद्धि योजना खाते जैसी विभिन्न सेवाएं प्रदान की गईं। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जनधन, मुद्रा योजना, जीवन ज्योति बीमा, सुरक्षा बीमा, वन अधिकार पत्र, उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड और मनरेगा जैसी दर्जनों योजनाओं का लाभ भी पात्र हितग्राहियों को प्रदान किया गया।

इस व्यापक अभियान के दौरान अधिकारियों ने गांव-गांव जाकर लोगों को योजनाओं के प्रति जागरूक किया और मौके पर ही दस्तावेज़ बनाकर सौंपे, जिससे आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

गौरतलब है कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार की संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य आदिवासी बहुल क्षेत्रों में समावेशी विकास और योजनाओं की सीधी पहुँच सुनिश्चित करना है। इस अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों की समन्वय टीमों की तैनाती की गई थी। जो लगातार जनजातिय परिवारों और बसाहटों को शत-प्रतिशत संतृप्त करने मूलभुत सुविधाओं के साथ ही अन्य सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में कार्य कर रही है।

 

छत्तीसगढ़ : आईटीबीपी जवान बलजीत सिंह ने पेश की मानवता की मिसाल रक्तदान कर बचाई आदिवासी महिला की जान, बना प्रेरणा का स्रोत

छत्तीसगढ़ : आईटीबीपी जवान बलजीत सिंह ने पेश की मानवता की मिसाल रक्तदान कर बचाई आदिवासी महिला की जान, बना प्रेरणा का स्रोत

छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित आदिवासी अंचल नारायणपुर में इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के एक जवान ने असाधारण संवेदनशीलता और मानवता का परिचय देते हुए एक महिला की जान बचाई। यह घटना जिला अस्पताल नारायणपुर की है, जहां गंभीर रूप से बीमार महिला को परिजनों द्वारा भर्ती कराया गया था।

महिला अत्यधिक एनीमिया (एचबी 5.2), उच्च रक्तचाप, अनियंत्रित मधुमेह और एक्यूट किडनी इंजरी जैसी जटिल समस्याओं से ग्रस्त थी। डॉक्टरों ने तत्काल तीन यूनिट रक्त की आवश्यकता बताई, लेकिन महिला का रक्त समूह दुर्लभ होने के कारण परिवार के सभी प्रयास असफल रहे। ऐसे संकट की घड़ी में आईटीबीपी की 41वीं बटालियन में पदस्थ कांस्टेबल (सीटी जीडी) श्री बलजीत सिंह फरिश्ता बनकर सामने आए।

परिजनों के अनुरोध पर बलजीत सिंह ने बिना किसी हिचकिचाहट के तत्क्षण रक्तदान कर दिया। उनका यह साहसिक और मानवीय कदम न केवल एक महिला की जान बचाने में सहायक बना, बल्कि समाज के प्रति सुरक्षाबलों की समर्पण भावना को भी दर्शाता है।  मरीज के परिजनों ने भावुक होकर कहा जब हर रास्ता बंद हो गया, तब आईटीबीपी कैंप से मिली यह मदद हमारे लिए जीवनदान साबित हुई। बलजीत सिंह का यह योगदान हमारे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं। अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों ने भी जवान के इस कार्य की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

यह घटना बताती है कि वर्दी केवल सीमा की सुरक्षा का प्रतीक नहीं, बल्कि मानवता की रक्षा और सेवा का भी प्रतीक बन चुकी है। बलजीत सिंह का यह सेवा भाव न केवल सुरक्षाबलों की संवेदनशील छवि को सुदृढ़ करता है, बल्कि युवाओं को भी समाज सेवा के प्रति प्रेरित करता है।