भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई एक बड़ी अर्थव्यवस्था है, जो समावेशी, टिकाऊ और सुदृढ़ विकास के लिए प्रतिबद्ध है: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज फिक्की लीड्स 2025 में मुख्य भाषण देते हुए कहा कि यह विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की उल्लेखनीय यात्रा को दर्शाता है और समावेशी, टिकाऊ एवं सुदृढ़ विकास के लिए देश की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि विभिन्न देश एक साथ आएं, एक साथ काम करें, एक साथ रहें और एक साथ आगे बढ़ें। उन्होंने नेतृत्व, उत्कृष्टता, अनुकूलनशीलता, विविधता और स्थिरता पर वैश्विक संवाद को आगे बढ़ाने में फिक्की के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थिरता भारत के विकास एजेंडे के केंद्र में है और भारतीय जीवन शैली का अभिन्न अंग है, जो 2047 तक विकसित भारत बनने की देश की आकांक्षाओं के साथ पूरी तरह से मेल खाती है।

श्री गोयल ने ज़ोर देकर कहा कि भारत की विकास गाथा तीन स्तंभों पर आधारित है। पहला, भारत ने लगातार संकटों को अवसरों में बदला है। सन् 2000 से लेकर वैश्विक वित्तीय संकट और कोविड-19 तक, भारत ने सुदृढ़ता दिखाई है। कोविड-19 के दौरान, भारत ने प्रतिकूल परिस्थितियों पर काबू पाया, 2.5 अरब टीके लगाए और यह सुनिश्चित किया कि कोई भी नागरिक भुखमरी से न मरे, और सबसे तेज़ी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा।

दूसरा, भारत का विकास समावेशी है। पिछले 10 वर्षों में, केंद्र सरकार द्वारा 4 करोड़ परिवारों को मुफ्त आवास प्रदान किए गए हैं, जिसमें पानी, बिजली, डिजिटल कनेक्टिविटी, रसोई गैस और सड़क तक पहुंच शामिल हैं। इससे जीवन में बदलाव आया है और समुदायों का उत्थान हुआ है, जिससे 25 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर निकले हैं। बढ़ती आकांक्षाएं, आय
और बुनियादी ढांचे तक पहुंच समावेशी विकास को बढ़ावा दे रही हैं।

तीसरा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कार्य-उन्मुख नेतृत्व ने भारत को मज़बूती और आत्मविश्वास के साथ दुनिया से जुड़ने में मदद की है। भारत ने मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया और ईएफटीए देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) सफलतापूर्वक संपन्न किए हैं। संयुक्त अरब अमीरात के साथ एफटीए पर रिकॉर्ड समय में बातचीत हुई, जबकि ऑस्ट्रेलिया समझौते का पहला चरण पहले ही कार्यान्वित किया जा चुका है और दूसरा चरण जल्द ही कार्यान्वित होने की उम्मीद है। ईएफटीए समझौता सदस्य देशों को अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध करता है, जिससे दस लाख प्रत्यक्ष रोज़गार सृजित होंगे।

भारत ने पिछले महीने यूनाइटेड किंगडम के साथ एक मज़बूत, निष्पक्ष और संतुलित मुक्त व्यापार समझौता भी किया है। यूरोपीय संघ के साथ बातचीत अग्रिम चरण में है और ओमान के साथ समझौतों को जल्द ही अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। अमेरिका, न्यूज़ीलैंड, कतर, चिली, पेरू और कई अन्य देशों के साथ सक्रिय वार्ता चल रही है, जिसे आने वाले महीनों में तेज़ किया जाएगा। इन समझौतों से सामूहिक रूप से नवाचार, विनिर्माण और सेवाओं के क्षेत्र में कम से कम 500 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आने की उम्मीद है, जो लगभग 45 लाख करोड़ रुपये के बराबर है।

मंत्री महोदय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ऐसे समझौते, घरेलू सुधारों के साथ मिलकर, विकास, उद्यमिता और नवाचार के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले दो दशकों में भारत के शेयर बाजार वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बाजारों में से एक रहे हैं, जो भारत के आर्थिक बुनियादी सिद्धांतों में वैश्विक विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) और नवाचार में भारत का निवेश 12 अरब अमेरिकी डॉलर है, जो यूरोप या यूके में 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के कार्य के बराबर परिणाम देता है, जो भारत की किफायती लागत और प्रतिभा की शक्ति को रेखांकित करता है। ये कारक भारत को एक विश्वसनीय, प्रतिस्पर्धी और भविष्य में निवेश गंतव्य के रूप में देखने के लिए वैश्विक भागीदारों को आकर्षित कर रहे हैं।

श्री गोयल ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि स्थिरता भारत के लोकाचार के मूल में है, यह कोई बाहरी चीज़ नहीं है, बल्कि यह देश के सांस्कृतिक डीएनए में निहित है। उन्होंने नदियों, जंगलों और पहाड़ों के प्रति भारत के सम्मान को याद करते हुए कहा कि जब इस दर्शन को एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और मशीन लर्निंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के साथ जोड़ा जाता है, तो यह भारत की विकास क्षमता को कई गुना बढ़ा देता है।

भारत के मज़बूत लोकतांत्रिक ढांचे, सुरक्षित निवेश माहौल और युवा आकांक्षी आबादी का उल्लेख करते हुए, श्री गोयल ने कहा कि भारत आने वाले दशकों तक दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की विकास गाथा केवल घरेलू प्रगति के बारे में नहीं है, बल्कि वैश्विक समृद्धि, मुक्त व्यापार और दुनिया भर के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में योगदान देने के बारे में भी है।

अपने संबोधन का समापन करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारा भविष्य सुदृढ़ता, समावेशिता और वैश्विक साझेदारी से प्रेरित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि फिक्की लीड्स जैसी पहल एक बेहतर दुनिया के लिए सहयोग और नवाचार को प्रेरित करती रहेंगी।

महासमुंद:  बसना में मिलेगा गठिया रोग का आधुनिक इलाज, 12 सितंबर को देंगे परामर्श डॉ. नमन जैन बसना के अग्रवाल नर्सिंग होम में 

महासमुंद:  बसना में मिलेगा गठिया रोग का आधुनिक इलाज, 12 सितंबर को देंगे परामर्श डॉ. नमन जैन बसना के अग्रवाल नर्सिंग होम में

बसना। गठिया और जोड़ों के दर्द से परेशान मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के प्रसिद्ध रूमेटोलॉजिस्ट डॉ. नमन जैन अब हर माह के दूसरे शुक्रवार को अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना में मरीजों को परामर्श और इलाज देंगे।

डॉ. जैन आगामी 12 सितंबर 2025, शुक्रवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक मरीजों की जांच करेंगे।
उनके मार्गदर्शन में मरीजों को जोड़ों का दर्द, सूजन, अकड़न, कमर-गर्दन का दर्द, पुराना गठिया, ऑटोइम्यून बीमारियाँ, मांसपेशियों की कमजोरी, बार-बार बुखार, त्वचा पर गांठ, नॉन हीलिंग अल्सर, SLE, Sjögren’s जैसी बीमारियों के इलाज और परामर्श की सुविधा मिलेगी

बागबाहरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: शराब तस्करी के तीन मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी

बागबाहरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: शराब तस्करी के तीन मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी

 

महासमुंद बागबाहरा पुलिस की शराब तस्करी के तीन  मामलों में बड़ी कारवाई:

1.थाना बागबाहरा में शराब तस्करी का मामला, आरोपी गिरफ्तार

थाना बागबाहरा के प्रधान आरक्षक के नेतृत्व में हमराह स्टाफ आर 286 के साथ पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि वार्ड नंबर 13, फूलवारीपारा में रवि निषाद का नास्ता ठेला लोगों को शराब पीने की सुविधा दे रहा है।

सूचना पर पुलिस ने रेड कार्यवाही की और मौके पर घेराबंदी कर कैलाश निषाद (41 वर्ष, पिता: बोधन निषाद, निवासी: वार्ड 13, फूलवारीपारा) को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से दो देशी प्लेन शराब की 50-50 एमएल वाली शीशियां, तीन प्लास्टिक गिलास और दो पानी पाउच जब्त किए गए।

आरोपी ने जुर्म स्वीकार किया। धारा 36 (C) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी जमानतदार पेश करने पर जमानत मुचलके पर रिहा किया गया।

2. फूलवारीपारा में अवैध शराब बेचते हुए आरोपी गिरफ्तार

बागबाहरा,  प्रधान आरक्षक और हमराह स्टाफ आर 286 पेट्रोलिंग पर थे, तभी मुखबिर ने सूचना दी कि हनुमान नाग (32 वर्ष, पिता: नेहरू नाग, वार्ड 13, फूलवारीपारा) लोगों को शराब पीने की सुविधा उपलब्ध करा रहा है।

पुलिस ने मौके पर रेड कर आरोपी को पकड़ा। आरोपी के कब्जे से दो देशी प्लेन शराब की 50-50 एमएल शीशियां, तीन प्लास्टिक डिस्पोजल गिलास और दो पानी पाउच जब्त किए गए।

आरोपी ने जुर्म स्वीकार किया और धारा 36 (C) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ। सक्षम जमानतदार पेश करने पर आरोपी जमानत मुचलके पर रिहा किया गया।

3. बस स्टैण्ड के पीछे शराब परोसे जाने का मामला, आरोपी गिरफ्तार

बागबाहरा, महासमुंद (10/09/2025): प्रधान आरक्षक और स्टाफ आर 286 पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ईश्वर ध्रुव (35 वर्ष, पिता: पांडूराम ध्रुव, वार्ड 07, बस स्टैण्ड के पीछे) शराब पीने की सुविधा दे रहा है।

पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। आरोपी के कब्जे से दो देशी प्लेन शराब की 50-50 एमएल वाली शीशियां, तीन प्लास्टिक गिलास और दो पानी पाउच जब्त किए गए।

आरोपी ने जुर्म स्वीकार किया। धारा 36 (C) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। जमानतदार पेश करने पर आरोपी को जमानत मुचलके पर रिहा किया गया।

नकली जेवर देकर असली सोना ठगने का खेल, UP के मां-बेटे रायपुर में गिरफ्तार

नकली जेवर देकर असली सोना ठगने का खेल, UP के मां-बेटे रायपुर में गिरफ्तार

राजधानी पुलिस ने ठगी का पर्दाफाश करते हुए नकली सोना देकर लाखों रुपये कीमत का असली सोना ठगने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह के मां-बेटे को गिरफ्तार किया है। आरोपी सविता सिंह उर्फ सपना उर्फ सप्पो (43 वर्ष) और उसके पुत्र इशांत उर्फ अनुज वर्मा (23 वर्ष), निवासी गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) है। आरोपितों के कब्जे से एक नग सोने का ब्रेसलेट, एक नग सोने की चैन, 82,170 रुपये,घटना में प्रयुक्त वेगनआर कार को जब्त किया गया है।

ज्वेलर्स की दुकान को बनाया निशाना

घटना थाना कोतवाली क्षेत्र के सदर बाजार स्थित धाडीवाल ज्वेलर्स की है। नौ सितंबर की शाम आरोपी महिला दुकान पर पहुंची और नकली सोने का ब्रेसलेट रिपेयर कराने के बहाने दुकानदार को दिया। दुकानदार द्वारा रिपेयर संभव न होने की बात कहने पर महिला ने ब्रेसलेट के बदले असली सोने की चैन मांगी। विश्वास में आकर दुकानदार ने 13 ग्राम 880 मिलीग्राम वजनी चैन जिसकी कीमत 1.68 लाख रुपये थी, महिला को दे दी।

बाद में जांच में ब्रेसलेट नकली निकला और महिला फरार हो गई। धोखाधड़ी का एहसास होते ही दुकानदार ने तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।दुकानदार ने दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज भी सुरक्षित कर लिया है, जिसे पुलिस को उपलब्ध कराया गया।

सीसीटीवी से मिले सुराग, मां-बेटा गिरफ्तार

ठगी की घटना को गंभीरता से लेते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज से राजफाश हुआ कि महिला के साथ एक युवक और चारपहिया वाहन भी है। टीम ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार किया।

बिलासपुर में भी की थी ठगी

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि रायपुर में वारदात से पहले उन्होंने बिलासपुर के सदर बाजार स्थित अजय ज्वेलर्स से भी इसी तरह नकली ब्रेसलेट देकर असली सोना ठगा था।

छत्तीसगढ़ में अब उज्ज्वला कनेक्शन पर OTP से ही मिलेगा सिलेंडर, कालाबाजारी पर कसेगा शिकंजा

छत्तीसगढ़ में अब उज्ज्वला कनेक्शन पर OTP से ही मिलेगा सिलेंडर, कालाबाजारी पर कसेगा शिकंजा

 

रायपुर: प्रदेश में उज्ज्वला और एनएफएसए कनेक्शनधारियों के नाम पर हो रही रसोई गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर अब शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। विभाग ने कड़े कदम उठाते हुए आदेश जारी किया है कि अब इन उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की डिलीवरी ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) बताने के बाद ही दी जाएगी। सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य सीधे तौर पर सब्सिडी के दुरुपयोग और गैस की ब्लैक मार्केटिंग को रोकना है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में उज्ज्वला योजना के अंतर्गत कुल 36,76,260 गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं। अकेले रायपुर जिले में 1,65,918 उज्ज्वला कनेक्शन हैं। इन उपभोक्ताओं को राज्य सरकार की ओर से प्रति सिलेंडर 450 रुपए की सब्सिडी और केंद्र सरकार की ओर से 300 रुपए की सब्सिडी सीधे डीबीटी के जरिए दी जाती है।

गैस एजेंसियों को दिए गए निर्देश

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि राज्य में उज्ज्वला और एनएफएसए कनेक्शनधारियों को अब केवल ओटीपी सत्यापन के बाद ही गैस सिलेंडर रिफिल की डिलीवरी की जाए।

हर महीने सिलेंडर रिफिल पर संदेह

खाद्य विभाग के अनुसार, पहले जब इन लाभार्थियों को सब्सिडी नहीं दी जाती थी, तब एक साल में उनकी औसत रिफिल संख्या छह से नौ के बीच होती थी। लेकिन अब हर माह सिलेंडर रिफिल करवाया जा रहा है, जिससे संदेह पैदा हुआ है कि कहीं इन कनेक्शनधारियों के नाम पर गैस एजेंसी संचालक या अन्य व्यक्ति अवैध रूप से सिलेंडर बुक करवा रहे हैं और उन्हें बाजार में ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं।

सरकार को करोड़ों का नुकसान

फर्जी बुकिंग और कालाबाजारी के चलते राज्य सरकार को हर माह करोड़ों रुपए की सब्सिडी का नुकसान उठाना पड़ रहा है। बुकिंग लाभार्थी के नाम से होती है, लेकिन सिलेंडर किसी और को मिल जाता है, और सरकार को सब्सिडी ट्रांसफर करनी पड़ती है। नए आदेश के तहत अब जब तक लाभार्थी गैस सिलेंडर की डिलीवरी के वक्त मोबाइल पर आए ओटीपी नंबर को नहीं बताएगा, तब तक उसे सिलेंडर नहीं दिया जाएगा। इससे यह तय होगा कि रिफिल की गई गैस उसी व्यक्ति को मिले, जिसके नाम से बुकिंग हुई है।

ओटीपी से गैस डिलवरी का आदेश जारी किया गया है। यह व्यवस्था पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी को रोकने के लिए की गई है।

भूपेंद्र मिश्रा, नियंत्रक, खाद्य विभाग रायपुर

बलौदाबाजार: जिला अस्पताल बलौदाबाजार के इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब की स्टैंडर्ड परखने आएगी एनक्यूएएस की टीम  

बलौदाबाजार: जिला अस्पताल बलौदाबाजार के इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब की स्टैंडर्ड परखने आएगी एनक्यूएएस की टीम

 

जिला अस्पताल बलौदाबाजार में संचालित इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब(आईपीएचएल) के स्टैंडर्ड का आकलन एवं परीक्षण करने 11 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन स्टैंडर्ड की विशेषज्ञ टीम आएगी। टीम के आकलन एवं परीक्षण में तय मानकों पर खरा उतरने पर  एनक्यूएएस सर्टिफिकेट प्राप्त होगा जो जिला व राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि होगा।

सर्टिफिकेट प्राप्त होने पर जिला अस्पताल में संचालित आईपीएचएल देश का पहला एनक्यूएएस सर्टिफाइड सरकारी लैब होगा। कलेक्टर दीपक सोनी ने  जिला अस्पताल पहुंचकर आईपीएचएल का निरीक्षण एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पब्लिक सुविधाओं के साथ ही हाइजिन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

बताया गया कि जिला अस्पताल में संचालित इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब का एनक्यूएएस  सर्टिफिकेशन के लिए पहली बार आवेदन किया है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा मानक पर खरा उतरने सभी सुविधाएं व व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में इस लैब में लगभग 103 प्रकार की जांच सुविधा उपलब्ध है। इसमें हिमेटोलॉज़ी अंतर्गत 16 टेस्ट, क्लिनिकल पैथोलॉजी अंतर्गत 14 टेस्ट, क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री अंतर्गत 30 टेस्ट,सिरोलॉजी अंतर्गत 8 टेस्ट,इम्युनोलॉजी अंतर्गत 28 टेस्ट एवं माइक्रोबायोलॉजी अंतर्गत 7 टेस्ट शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि  राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक, भारत सरकार स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित एक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाना और सुनिश्चित करना है। ये मानक विशिष्ट आवश्यकताओं और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं पर आधारित हैं।प्रमाण-पत्र प्रदान करने के पूर्व विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का कई मानकों पर परीक्षण किया जाता है। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जारी किये जाते हैं।

 

बलौदाबाजार : जान से मारने की धमकी और मारपीट करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार

बलौदाबाजार : जान से मारने की धमकी और मारपीट करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार

बलौदाबाजार। भाटापारा शहर में एक गंभीर मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार आरोपीगणों ने जान से मारने की धमकी देते हुए अश्लील गाली-गलौज की तथा हॉकी स्टिक, सरिया और लोहे के पंच से हमला कर पीड़ित को गंभीर चोटें पहुंचाई।

इस घटना का मुख्य आरोपी देवेंद्र कुमार सचदेव (52 वर्ष) है, जिसने अपने पुत्रों और कर्मचारियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं –
1. देवेंद्र कुमार सचदेव (52 वर्ष) निवासी सचदेव साइकिल स्टोर्स, बस स्टैंड के पास, भाटापारा थाना भाटापारा शहर
2. माधव सचदेव (23 वर्ष) निवासी सचदेव साइकिल स्टोर्स, बस स्टैंड के पास, भाटापारा थाना भाटापारा शहर
3. देवांश सचदेव (27 वर्ष) निवासी सचदेव साइकिल स्टोर्स, बस स्टैंड के पास, भाटापारा थाना भाटापारा शहर
4. आशीष कुमार सविता (29 वर्ष) निवासी मोहन गार्डन उत्तम नगर वेस्ट दिल्ली, वर्तमान निवासी ग्राम चंदेरी थाना सिमगा
पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ कर

CGसरायपाली : सरपंच की रिपोर्ट पर ट्रक चालक पर FIR ट्रक से सार्वजनिक ढांचे को नुकसान का मामला

CGसरायपाली : सरपंच की रिपोर्ट पर ट्रक चालक पर FIR ट्रक से सार्वजनिक ढांचे को नुकसान का मामला

महासमुंद। ग्राम पंचायत भोथलडीह (थाना सिंघोड़ा) में एक ट्रक की लापरवाही से बड़ा हादसा टल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम खम्हारपाली थाना सिंघोड़ा निवासी, जो कक्षा सातवीं तक शिक्षित एवं वर्तमान में ग्राम पंचायत भोथलडीह के सरपंच हैं, ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि दिनांक 05 सितंबर 2025 की रात्रि लगभग 8 बजे ट्रक क्रमांक HR 55 AC 7827 का चालक अपने वाहन को तेज़ी एवं लापरवाहीपूर्वक चलाते हुए NH-53 मार्ग पर स्थित यात्री प्रतिक्षालय एवं सामुदायिक शौचालय को ठोकर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया।

सौभाग्य से इस घटना में किसी व्यक्ति या पशु को चोट नहीं पहुँची। सरपंच ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि आवेदन को पढ़कर देखा गया है और यह उनके बताए अनुसार ही दर्ज किया गया है। साथ ही, मामले पर शीघ्र कार्यवाही की मांग की गई है। थाना सिंघोड़ा पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर ट्रक चालक के विरुद्ध FIR दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।

CG: कोरिया की ऐतिहासिक गाथा: कोल, गोंड, चौहान वंश और मराठा संघर्षों की अनकही कहानी, कूदेरगढ़ के मंदिर से लेकर बैकुंठपुर के महलों तक,स्वतंत्र भारत में विलय की कहानी

CG: कोरिया की ऐतिहासिक गाथा: कोल, गोंड, चौहान वंश और मराठा संघर्षों की अनकही कहानी,
कूदेरगढ़ के मंदिर से लेकर बैकुंठपुर के महलों तक,स्वतंत्र भारत में विलय की कहानी,

भारत के छत्तीसगढ़ मे 1600 से पहले कोरिया का इतिहास अस्पष्ट है। डाल्टन के अनुसार, बलेंद कोरिया के मूल शासक थे। बलेंद राजा की राजधानी सीधी में थी। (उनके वंशजों सीधी जिले के मदवास मे रह रहे है)। इनके महत्वपूर्ण पारंपरिक कार्यो के ध्वंसावशेष उनके बारे मे बताते है। सरगुजा ज़िले के भैयाथान ब्लॉक मे कूदेरगढ़ मे स्थित देवी महामाया का मंदिर उनके द्वारा बनाया गया था। सोनहत के पास मेन्द्रा गाँव की उत्तर पहाड़ बलेंद पहाड के नाम से जाना जाता है।

डाल्टन के अनुसार, कोल राजा और गोंड ज़मीनदारों की एक संयुक्त सैन्य बल ने बलेंद शासको को कोरिया से खदेर दिया था। कोल कोंच , कोल के रूप में जाने जाते थे और ग्यारह पीढ़ियों तक शासन किया है, कहा जाता है। एक राय यह है कि वे कोरियागढ़ उनकी राजधानी थी। वहाँ कोरियागढ़ के शीर्ष पर एक पठार है और वहाँ कुछ खंडहर देख सकते हैं। वहाँ खंडहर के निकट एक बौली है। अन्य का मानना है कि कोल राजा की राजधानी गाँव बचरा मे थी जो की पोडी के नजदीक है और उस समय राजा कोरियागढ़ में अपनी राजधानी निर्माण कर रहे थे बचरा गांव में एक मिट्टी का टीला है और ग्रामीणों का कहना है कि यह कोल राजा का निवास स्थल था। यह भी संभव है कि कोरिया के दक्षिणी भाग मे कोल राजा का और उत्तरी भाग पर बलेंद राजा शासन था।

17 वीं सदी में, मैनपुरी, अग्निकुल चौहान राजा के दो चचेरे भाई दलथंबन साही और धारामल साही जगन्नाथ पुरी से तीर्थ यात्रा के बाद लौट रहे थेवे उन लोगों के साथ एक छोटे से बल था। मैनपुरी का मार्ग वाराणसी, मिर्जापुर, सीधी, सरगुजा, छोटानागपुर और संबलपुर से हो कर जाता था। अपनी वापसी के दौरान वे सरगुजा की राजधानी विश्रामपुर मे रुके थे इसके बाद इसे अंबिकापुर नाम दिया गया है। उन्होंने जोडा तालाब के निकट अपना डेरा डाला था जो आज भी वहाँ मौजूद है । उस समय सरगुजा के महाराजा राजधानी से दूर गए हुये थे और राज्य के कुछ बागी सरदार महल को घेर लिया था। रानी को जब ये पता चला है कि चौहान भाइयों ने जोडा तालाब के पास ठहरे है। रानी ने पारंपरिक राखी उन्हे भेज दिया। दलथंबन साही और धारामाल साही उसके बचाव के लिए आये था और बागी सरदारों खदेर दिया। उनके सैन्य बल का एक प्रमुख हिस्सा मुठभेड़ में मारे गए। कुछ समय के बाद महाराजा लौट आए। उन्होंने चौहान भाईयो को रानी को बचाने के लिए धन्यवाद किया और उन्हें राज्य के पूर्वी हिस्से के क्षेत्र की जागीरदारी की पेशकश की जो झिलमिली के नाम से जाना जाता है यह बड़े भाई दलथंबन साही द्वारा स्वीकार कर लिया गया। झिलमिली क्षेत्र का एक हिस्सा बलेंद राजाओं के नियंत्रण में था।

चौहान भाइयों ने रहर नदी के पास कसकेला गांव में बस गए। वे इस क्षेत्र और आस पास के क्षेत्र से बलेंद की सैन्य बल को खदेर दिया। पकरियस जो हमेशा ही सरगुजा राज्य के खिलाफ विद्रोही रहे । वे सरगुजा राज्य को वार्षिक कर दिया करते थे। भैया का खिताब महाराजा अमर सिंह द्वारा परिवार के नाम पर किया गया। चूंकि भाइयों को राखी बांधने के बाद से, वे रानी के भाई बन गया थे, इसलिए वो क्षेत्र भैयास्थान के नाम से जाना जाता है। (सरगुजा जिले के ब्लॉक में से एक)। कुछ समय के लिए छोटे भाई धारामाल साही केशकेला में अपने भाई के साथ रहा और फिर उसने अपना अलग राज्य बनाने के फैसला किया। उसने अपनी सैन्य शक्ति एकत्र किया और सरगुजा राज्य की सीमा से लगे कोरिया राज्य जहां पर कोल राजा का शासन था के पश्चिम की ओर चले गए। वे कोरियागढ़ के आस-पास क्षेत्र जो चिरमिके रूप में जाना जाता था के गांव में ठहरे। उसने कोल राजा पर हमला किया और लड़ाई में उसे परास्त कर दिया और कोरिया के राज्य पर कब्जा कर लिया। वे कुछ समय के लिए वे चिरमी पर रुके थे और उसके बाद नगर गांव है, जिसे उन्होने अपनी राजधानी बनाया ।

जैसा कि पहले कहा गया है कि, राज्य के उत्तरी भाग सीधी के राजा बलेंद के अधीन था। धारामल साही या उसके वंशजो ने कोरिया राज्य के उत्तरी क्षेत्र से बलेंद को खदेर दिया। धारामल साही के तीन बेटे देवराज साही, अधोराय देव और रघोराय देव था। धारामल साही मृत्यु के पश्चात, परंपरा के अनुसार सबसे बड़े पुत्र देवराज साही गद्दी पर बैठा। वह निस्संतान था और उसका छोटे भाई का बेटा नरसिंह देव उसका उत्तराधिकारी बना। उसके बाद उसका बेटा राजा जीत राय देव सत्ता संभाल मे सफल हो गया था। उसके बाद उसका बेटा राजा सागर साही देव उत्तराधिकारी बना। उनकी मृत्यु पर, उनके बेटे राजा अफहर साही देव गद्दी चढ़ा। उसके बाद उसका पुत्र राजा जहान साही देव गद्दी पर बैठा रहा। उसके बाद उसका बेटा राजा सावल साही देव बना। उनकी मृत्यु पर उनका बेटा राजा गजराज सिंह देव राजा बना। वह निस्संतान था और उसने अपने भतीजे राजा गरीब सिंह उत्तराधिकारी बनाया जो लाल दिलीप सिंह देव का बेटा था । राजा गरीब सिंह के छोटे भाई लाल मानसिंह को एक जागीर, दिया गया जो चंगभकर था। वह चंगभकर का जगीरदार बना जिसकी राजधानी भरतपुर था। राजा गरीब सिंह नगर में 1745 में पैदा हुये थे सन 1765 मे नागपुर के भोसले की फौजों ने नगर पर हमला किया और चौथ का भुगतान करने के लिए राजा के गरीब सिंह को मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए चौथ का भुगतान किया और फिर बाद भुगतान बंद कर दिया। उसने अपनी राजधानी रजौरी मे प्रतिस्थापित कर दिया और फिर बाद मे सोनहत । राजधानी को बाद मे मराठा हमलों के डर से अंदरूनी क्षेत्र मे ले जाया गया

1797 में मराठो ने ,सूबेदार गुलाब खान के नेतृत्व मे सोनहत पर हमला कर दिया और चौथ का भुगतान करने के लिए राजा के गरीब सिंह को मजबूर कर दिया। गुलाब खान मराठा सूबेदार था जो रतनपुर (बिलासपुर जिला) में तैनात था। वे फौजी सिपाही की बंदूक के साथ 200 पैदल सैनिकों और 30 अश्वारोही साथ आ धमका था। सरगुजा के महाराजा ने भी जो 80 अश्वारोही और पैदल सैनिकों भेजा करउनकी सहायता की थी। वे ग्रामीण इलाकों को तबाह कर दिया। पटना जमींदार की फौजों ने लतमा गांव में उनकी वापसी के समय उन पर हमला कर दिया। मराठों सरगुजा राज्य में जल्दबाजी में वापसी मे हारे। पटना जमींदार अभी भी दस तलवार और युद्ध ड्रम को मुठभेड़ में कब्जा कर लिया। ईस्ट इंडिया कंपनी ने नागपुर के मोद जी भोसले की हार के बाद, छत्तीसगढ़ राज्यों को ईस्ट इंडिया कंपनी के आधिपत्य में कर लिया। गरीब सिंह द्वारा 24 दिसंबर 1819 को कबूलियत क्रियान्वयन मे यह सहमति हुयी कि कोरिया राज्य वार्षिक कर 400 रुपये कि भेट अर्पित करेगा। चंदभाकर कोरिया के एक सामंती निर्भरता के रूप में था और Rs.386 के लिए एक श्रद्धांजलि ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए किया । कर कोरिया राज्य के माध्यम से भुगतान किया जा रहा था। राजा गरीब सिंह के बाद राजा अमोल सिंह (जन्म 1785) जून 1828 को पद पर बैठे। वे 1848 में ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जिसमे कर की राशि यथावत बनी रहे। बाद मे 1848 चंदभाकर इस कर को सीधे भुगतान करना शुरू किया। राजा अमोल सिंह एक कमजोर राजा थे, राज्य वस्तुतः उनकी पत्नी रानी कदम कुंवर द्वारा शासन किया गया था। अमोल सिंह की मृत्यु के बाद (1864) उसका बेटा राजा प्राण सिंह (जन्मे 1857) राजा बने ।

राजा प्राण सिंह देव निस्संतान थे। उनकी मृत्यु के बाद (1897) राजा शिवोमंगल सिंह देव (सन 1874 मे जन्मे, लाल रघो राय देव के उत्तराधिकारी, राजा धारामाल साही के तीसरे बेटे ) सन 1899 राजा बने । शिवोमंगल सिंह देव राजा वर्ष 1900 मे अपनी राजधानी सोनहत से बैकुंठपुर स्थानांतरित कर दिया ।उस समय बैकुंठपुर केन्द्र मे स्थित था और इस राज्य को बैकुंठपुर से बेहतर प्रशासित किया जा सकता है। उसने नए महल के पास दो टैंक और एक मंदिर का निर्माण किया। उनकी मृत्यु (18 नवंबर 1909) के बाद, उनके सबसे बड़े पुत्र राजा रामानुज प्रताप सिंग देव (जन्म 1901) 18 नवंबर 1909 को राजा बने । वे नाबालिग थे इसलिए कोरिया राज्य के अधीक्षक गोरे लाल पाठक के देख रेख मे रखा गया था। यह 1916 तक चला । पंडित गंगादीन पद भार उनसे लेकर 1918 तक रहे । इसके बाद रघुवीर प्रताप वर्मा द्वारा शासन किया गया । अंत में, जनवरी 1925 में, राजा रामानुज प्रताप सिंह देव ने अपनी पूरा सत्तारूढ़ शक्तियों के साथ संपूर्ण सत्ता पर शासन किया और कोरिया राज्य का स्वतंत्र भारत मे सम्मिलित होने तक शासन किया । राजा रामानुज प्रताप सिंह देव एक सख्त प्रशासक था और उनका प्रशासन भ्रष्टाचार से मुक्त था। वे 1931 में लंदन में आयोजित दूसरे गोलमेज सम्मेलन में सत्तारूढ़ मुख्य शासक का प्रतिनिधित्व किया ।वे असाधारण रूपसे ईमानदार और सरल थे। वह हमेशा खुद को राज्य का संरक्षक माना और ईमानदारी और कुशलता के साथ यह शासन किया। 1925 जब वो गद्दी पर बैठे कोरिया राज्य की आय 2.25 लाख से बढ़कर 1947-1948 में 44 लाख हो गयी जब राज्य मध्य प्रांत और बरार के साथ विलय कर दिया गया था तब आरक्षित रुपये एक करोड़ रुपये तक हो गया था। इस अवधि में बहुत सारे काम किए थे। 1928 में, बिजुरी का निर्माण – चिरमिरी रेलवे लाइन का काम शुरू किया और 1931 पर पूरा कियागया। 1928 चिरमिरी कोलरी बंसी लाल अबीरचंद द्वारा खोला गया । 1928 में खुरसिया कॉलेरी शुरू कर दिया है। 1929 में, झगराखंड कॉलेरी खोला गया। 1930 में मनेन्द्रगढ़ के लिए रेलवे संचार शुरू कर दिया । सन् 1935 में रामानुज हाई स्कूल खोला गया। 15 दिसंबर 1947 को राजा रामानुज प्रतापसिंह देव ने राज्य को मध्य प्रांत और बरार मे विलय के समझौते पर हस्ताक्षर किया और अंत में 1 जनवरी 1948 राज्य को मध्य प्रांत और बरार के साथ विलय कर दिया

भारतीय नौसेना का ऐतिहासिक कदम: पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन लंबी दूरी के प्रशिक्षण अभियान पर रवाना

भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन की लंबी दूरी हेतु प्रशिक्षण के लिए तैनाती

भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टीएस) के जहाज आईएनएस तीर और आईसीजीएस सारथी व आईएनएस शार्दुल दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी लंबी दूरी की प्रशिक्षण तैनाती के हिस्से के रूप में 08 सितंबर, 2025 को क्रमशः ला रियूनियन तथा पोर्ट लुईस पहुंचे।

ला रियूनियन में तिर व सारथी का स्वागत फ्रांसीसी नौसेना के जहाज एफएस निवोस द्वारा किया गया और स्वागत के दौरान एक सयुंक्त नौसैन्य अभ्यास (पैसेक्स) भी आयोजित किया गया। इस यात्रा में क्रॉस-ट्रेनिंग दौरे, संयुक्त डाइविंग अभ्यास, योग सत्र और खेलकूद जैसी प्रमुख गतिविधियां शामिल हैं, जिससे भारत-फ्रांस नौसैनिक साझेदारी सशक्त होगी। 1टीएस के वरिष्ठ अधिकारी ने फ्रांसीसी नौसेना बेस कमांडर और कमांडेंट सुपीरियर डेस एफएजेडएसओआई से भी मुलाकात की, जहां चर्चा क्षेत्रीय सुरक्षा, संयुक्त अभ्यासों की भविष्य की संभावनाओं तथा मित्रवत संबंधों को विस्तार देने के साझा दृष्टिकोण के तहत समुद्री सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर केंद्रित रही।

इसके साथ ही आईएनएस शार्दुल ने मॉरीशस के पोर्ट लुईस में प्रवेश किया, जहां उसने आगमन से पहले एमसीजीएस विक्ट्री और मॉरीशस तटरक्षक डोर्नियर के साथ संयुक्त गश्त एवं विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) निगरानी की। बंदरगाह पर प्रवास के दौरान, आईएनएस शार्दुल के कमांडिंग ऑफिसर ने पुलिस आयुक्त, राष्ट्रीय तटरक्षक बल के कमांडेंट और गृह मामलों के सचिव सहित मॉरीशस के वरिष्ठ नेतृत्व से भेंट की। इस बातचीत से भारत और मॉरीशस के बीच विश्वास, व्यावसायिक सहयोग एवं सांस्कृतिक संबंधों के मूल्यांवान बंधन की पुष्टि हुई।

मॉरीशस के राष्ट्रीय तटरक्षक बल के साथ संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यासों की एक श्रृंखला की योजना बनाई गई है, जिसमें गोताखोरी संचालन, अग्निशमन, क्षति नियंत्रण और जहाज पर परिचयात्मक अभ्यास शामिल हैं। सौहार्द और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक आउटरीच, योग सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा मैत्रीपूर्ण खेल आयोजनों का आयोजन किया जा रहा है। क्रॉस-डेक दौरे, स्कूल भ्रमण और खुले जहाज के कार्यक्रम, आम जनता व प्रवासी भारतीयों को समुद्री जीवन एवं भारतीय नौसेना की भूमिका के बारे में जानकारी प्राप्त करने के अवसर प्रदान करेंगे।

ला रियूनियन और मॉरीशस में पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के समवर्ती बंदरगाह आगमन से साझेदार देशों के साथ समुद्री सहयोग को बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता उजागर होती है। यह तैनाती क्षेत्रीय स्थिरता, संवर्धित आपसी सहभागिता और महासागर के दृष्टिकोण के अनुरूप घनिष्ठ सहयोग की साझा आकांक्षाओं को भी दर्शाती है, जो हिंद महासागर क्षेत्र में मैत्री सेतु को सशक्त करने में भारतीय नौसेना की भूमिका की पुष्टि करती है।