सरायपाली/ग्राम जोगीडीपा के किसान की कार से टकराई टाटा कंपनी की गाड़ी, बड़ा हादसा टला

सरायपाली/ग्राम जोगीडीपा के किसान की कार से टकराई टाटा कंपनी की गाड़ी, बड़ा हादसा टला

थाना सरायपाली अंतर्गत ग्राम जोगीडीपा निवासी एक किसान की कार आज सुबह टाटा कंपनी के एक तेज रफ्तार वाहन से टकरा गई। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई घायल नहीं हुआ।

ग्राम जोगीडीपा निवासी किसान, जो कक्षा 11वीं तक शिक्षित हैं और खेती-किसानी का कार्य करते हैं, आज दिनांक 17 जुलाई को सुबह करीब 9 बजे अपने परिवार के साथ कार क्रमांक CG06 HD 9920 से सरायपाली अस्पताल जा रहे थे। जब वे बैदपाली मोड़, सरायपाली क्रॉसिंग के पास पहुंचे, तो सड़क पार करने के लिए उन्होंने अपनी कार को रोक दिया। उसी समय उड़ीसा की ओर से आ रहा टाटा कंपनी का भारी वाहन (क्रमांक CG04 NC 5966) तेज रफ्तार और लापरवाही पूर्वक चलाते हुए आया और कार के सामने बाईं ओर जोरदार टक्कर मार दी।

हादसे में कार के सामने का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि कार में सवार सभी लोग सुरक्षित रहे और किसी को भी कोई चोट नहीं आई।

पीड़ित ने सरायपाली थाना में वाहन चालक के विरुद्ध धारा 281-BNS के तहत शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषी चालक के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

महासमुंद देव संस्कृति विद्यालय में आत्मरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन

महासमुंद देव संस्कृति विद्यालय में आत्मरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन

महासमुंद देव संस्कृति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विगत दिनों किशोरी बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोर बालिकाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे संभावित खतरों से खुद को बचा सकें और अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकें।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. एकता लगेह, समाजसेविका और देव संस्कृति शिक्षण समिति अध्यक्ष शशि प्रभा थीटे जी उपस्थित थीं। इस अवसर पर डॉक्टर एकता जी ने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण का प्रथम उद्देश्य बच्चियों को शारीरिक हमले से खुद को बचाने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा न केवल शारीरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा देती है।

शशि प्रभा जी ने बताया कि यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है और हम सबको एकजुट होकर बच्चियों की आत्मरक्षा और अन्य कौशल पर कार्य करने के लिए जोर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण के माध्यम से हम बच्चियों को सशक्त बना सकते हैं और उन्हें अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

आत्मरक्षा प्रशिक्षक नीलकंठ साहू ने बताया कि मार्शल आर्ट अनुशासन और एकाग्रता की ओर ले जाता है और यह गुण बच्चों में व्यवस्थित अभ्यास और दोहराव के माध्यम से विकसित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण न केवल शारीरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा देती है।

तारिणी चंद्राकर ने बताया कि कराटे अकादमी और समाजिक संस्था के सहयोग से सभी बड़े स्कूलों में आत्मरक्षा हेतु निशुल्क मार्शल आर्ट, योग और मेडिटेशन की क्लास दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण के माध्यम से हम बच्चियों को सशक्त बना सकते हैं और उन्हें अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिव्या रंगारी को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन मार्शल आर्ट प्रशिक्षक नीलकंठ साहू द्वारा और आभार प्राचार्य कुबेर गिरी गोस्वामी द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से नरेंद्र नायक, रामकुमार साहू, तुषार चंद्राकर, जय तंबोली, दूषण साहू, पत्रकार उत्तरा विदानी और देव संस्कृति विद्यालय के स्टाफ और विद्यार्थियों का विशेष सहयोग रहा।

बलौदाबाजार: इको पर्यटन के साथ कृषि पर्यटन को जोड़ने वन विभाग की पहल देवहिल नेचर रिसॉर्ट के साथ परंपरागत खेती को बढ़ावा

बलौदाबाजार: इको पर्यटन के साथ कृषि पर्यटन को जोड़ने वन विभाग की पहल देवहिल नेचर रिसॉर्ट के साथ परंपरागत खेती को बढ़ावा

वन विभाग द्वारा बलौदाबाजार के  कसडोल ब्लॉक के  वनांचल क्षेत्र  में स्थित ग्राम अचानकपुर में  कृषि को ईको पर्यटन के साथ जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस पहल के अंतर्गत अचानकपुर ग्राम में संचालित देवहिल नेचर रिसॉर्ट  के साथ गांव के कृषकों को परंपरागत फसल जैसे कोदो , सुगंधित धान की वैरायटी– विष्णुभोग एवं दुबराज की खेती के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है l

वनमंडल अधिकारी  गणवीर धम्मशील के मार्गदर्शन में एसीएफ (प्रशिक्षु) गजेन्द्र वर्मा, परिक्षेत्र अधिकारी श्री संतोष कुमार पैकरा एवं बीएफओ  योगेश सोनवानी  द्वारा ग्रामीणों को इस पहल के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा हैl संयुक्त वन प्रबंधन समिति के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को जैविक खेती की ओर प्रेरित किया गया जिससे न केवल वनों के संरक्षण बल्कि स्थानीय आजीविका और पोषण सुरक्षा को भी बल मिलेगा।साथ ही यह क्षेत्र अब कृषि पर्यटन के रूप में विकसित हो रहा है, जहाँ आने वाले पर्यटक परंपरागत कृषि पद्धतियों को प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे, समझ सकेंगे और अनुभव भी कर सकेंगे। इससे न केवल जैविक उत्पादों की माँग बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय संस्कृति और कृषि विरासत का भी प्रचार प्रसार होगा l जैविक खेती से जहां एक ओर मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि होती है, वहीं रासायन मुक्त फसलें मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती हैं। इन जैविक उत्पादों से तैयार खाद्य पदार्थों को देव हिल नेचर रिसॉर्ट पर्यटन में उपयोग किया जाएगा, जिससे कृषि-पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

ग्राम अचानकपुर के कृषक रामसिंह बरिहा, पानसिंह बरिहा, फूलसिंह बरिहा, रामायण बरिहा सहित कई कृषकों द्वारा विष्णुभोग, दुबराज, कोदो, देसी अरहर की खेती करना प्रारंभ किया है l किसानों ने विशेष उत्साह के साथ बीजों की बुवाई शुरू की और जैविक पद्धति को अपनाते हुए खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण संतुलन और पारंपरिक खेती को पुनर्जीवित करने की दिशा में सराहनीय कदम उठाए हैं।

बसना अग्रवाल नर्सिंग होम नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनीष सक्सेना 19 जुलाई को बसना में देंगे अपनी सेवाएं  

बसना अग्रवाल नर्सिंग होम नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनीष सक्सेना 19 जुलाई को बसना में देंगे अपनी सेवाएं

बसना। अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी सेंटर में दिनांक 19 जुलाई 2025 (शनिवार) को नेत्र रोग विभाग द्वारा एक दिवसीय नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में प्रदेश के ख्याति प्राप्त नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनीष सक्सेना (MBBS, MS, FMRF – चेन्नई) एवं उनकी विशेषज्ञ टीम, अरविंदो नेत्रालय, रायपुर से पहुंचकर अपनी सेवाएं देंगे।

शिविर में सुबह 11 बजे से नेत्र परीक्षण प्रारंभ होगा, जिसमें मोतियाबिंद, काला मोतिया, डायबिटिक रेटिनोपैथी, आंखों की चोट, बच्चों की आंखों की समस्याएं, चश्मा नंबर, आंखों की खुजली/जलन, आंखों का सूखापन, कम्प्यूटर विजन सिंड्रोम आदि रोगों की कंप्यूटराइज्ड जांच एवं परामर्श किया जाएगा।

विशेष सेवाएं:

नवजात बच्चों की आरओपी जांच

आंखों का संपूर्ण परीक्षण

चश्मा व कॉन्टैक्ट लेंस संबंधी परामर्श

नेत्रदान जानकारी एवं प्रेरणा

आंखों में जलन, धुंधलापन या झर-गिरने की शिकायत की जांच

👉 रजिस्ट्रेशन हेतु संपर्क करें:

📞 77730-86100, 84618-11000, 77708-68473 📝 अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना (जिला – महासमुंद)

रायपुर : 7 सेंटीमीटर तक चेहरे में घुसा औजार, घायल बालक को जान के जोखिम से बाहर लाया, ईएनटी विभाग के डॉक्टरों ने रचा कीर्तिमान

रायपुर : 7 सेंटीमीटर तक चेहरे में घुसा औजार, घायल बालक को जान के जोखिम से बाहर लाया, ईएनटी विभाग के डॉक्टरों ने रचा कीर्तिमान

चेहरे के अंदर लार ग्रंथि में घुसे लोहे के तीरनुमा औजार को निकाला बिना नस को क्षति पहुँचाए, ईएनटी के डॉक्टरों ने किया जटिल ऑपरेशन

रायपुर, पंडित नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के ईएनटी विभाग के डॉक्टरों की टीम ने एक बार फ़िर अत्यंत जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। कोरबा जिले के ग्राम मधुनारा से आए 14 वर्षीय बालक के चेहरे की दाईं ओर एक लोहे का तीरनुमा औजार दुर्घटनावश घुस गया, जो मांसपेशियों को चीरता हुआ मुख्य लार ग्रंथि (Parotid Gland) के भीतर तक जा पहुँचा। यह औजार करीब 17.5 से.मी. लंबा था, जिसमें से लगभग 7 से.मी. हिस्सा चेहरे और गले के भीतर फंसा था, और वह गले की मुख्य रक्त वाहिनियों के बीच से होता हुआ पैरास्पाइनल स्पेस (Spinal cord के पास) तक जा पहुँचा था। इस अत्यंत संवेदनशील सर्जरी का नेतृत्व ईएनटी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. हंसा बंजारा ने किया।

आईये जानते हैं इस केस की विस्तृत कहानी, डॉ. हंसा बंजारा की जुबानी

ई.एन.टी. विभाग में एक बालक की बिल्कुल ही अलग और विशेष प्रकार की सर्जरी की गई जिसमें ग्राम मधुनारा जिला कोरबा से आए एक 14 वर्षीय बालक के चेहरे के दाईं तरफ लोहे का तीरनुमा औजार दुर्घटनावश घुस गया जो चेहरे की मांसपेशी को चीरते हुए कान के नीचे मुख्य लारग्रंथि (पैरोटिड ग्लैंड) के अंतः भाग के पार तक जा कर करीब 7.00 से.मी. चेहरे एवं गले में फंस गया था, जिसकी कुल लम्बाई 17.5 से.मी. थी। गले में यह औजार मुख्य खून की नलियों के बीच से होता हुआ स्पाईनल कार्ड (पैरास्पाइनल स्पेस) के बहुत ही करीब जाकर धंसा था।

बतौर ई.एन.टी. विभागाध्यक्ष मेरे नेतृत्व में डॉ. दुर्गेश गजेन्द्र, डॉ. अंकुर कुमार चन्द्राकर, डॉ. प्रियंका साहू (पी.जी. छात्र) एवं एनीस्थिसिया विभाग से डॉ. प्रतिभा जैन शाह, डॉ. अमृता एवं डॉ. नीरज (पी.जी. छात्र) द्वारा यह जटिल सर्जरी की गई। इस विशेष प्रकार की सर्जरी में लार ग्रंथि (पैरोटिड टिश्यू) को अपनी जगह से हटाकर और ग्रंथि के अंदर से होकर जाने वाली चेहरे की नस (फेशियल नर्व) के बीच से जाकर औजार को बड़ी बारीकी से निकाला गया। औजार का किनारा गले की मुख्य खून की नलियों के बिल्कुल नजदीक होने के कारण यह सर्जरी अत्यंत जटिल थी। अंततः सारी सावधानियों को ध्यान में रखते हुए औजार के आखिरी हिस्से को जो कि स्पाइनल कार्ड और स्पाइनल नसों के पास था, बड़ी बारीकी से बचाते हुए निकाल लिया गया। थोड़ी सी भी चूक की स्थिति में खून की नली में चोट लगने से, फेशियल और अन्य नसों में चोट लगने से, मरीज के शरीर या चेहरे के लकवाग्रस्त होने की संभावना थी और ज्यादा खून बहने से जान का खतरा भी हो सकता था परंतु इन सभी कॉप्लीकेशन (जटिलताओं) से बचते हुए सर्जरी को संपन्न किया गया। मरीज उपचार के बाद ठीक हो गया है। इस जटिल सर्जरी के सफल होने पर मरीज के परिजन भी बहुत खुश हैं।

…और विश्वास बढ़ता गया

मरीज के परिजनों ने सर्जरी करने वाली टीम के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि टीम ने अत्यंत दक्षता और संयम से यह सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की जिससे हमारा विश्वास इस संस्थान के प्रति और भी बढ़ गया। हम अस्पताल प्रबंधन की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।

 

छत्तीसगढ़ : हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े और चप्पल पहनकर अभ्यर्थियों को देना होगा परीक्षा महिलाओं को कान में आभूषण पहनना रहेगा वर्जित परीक्षा शुरू होने के 15 मिनट पहले बंद हो जाएगा मेन गेट व्यापम की परीक्षा में अभ्यर्थियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी  

छत्तीसगढ़ : हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े और चप्पल पहनकर अभ्यर्थियों को देना होगा परीक्षा महिलाओं को कान में आभूषण पहनना रहेगा वर्जित परीक्षा शुरू होने के 15 मिनट पहले बंद हो जाएगा मेन गेट व्यापम की परीक्षा में अभ्यर्थियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी

व्यावसायिक परीक्षा मण्डल की परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए नये दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अभ्यार्थियों को परीक्षा के दिन निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में दो घंटे पूर्व अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने आना होगा। फुटवियर के रूप में चप्पलों का उपयोग करना होगा। महिला अभ्यर्थियों को कान में किसी भी प्रकार का आभूषण पहनना वर्जित है।

व्यापम से मिली जानकारी के अनुसार यदि इंटरनेट से प्राप्त प्रवेश पत्र पर फोटो नहीं आता है, तो अभ्यर्थी अपने साथ दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो ले कर परीक्षा केंद्र में आना होगा। निर्देशों का पालन ना करने पर अभ्यर्थी को परीक्षा देने से वंचित किया जायेगा। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जावेगी।

परीक्षार्थी, परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिस्किंग (Frisking) एवं पहचान पत्र का सत्यापन किया जा सके। परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जायेगा। उदाहरण के लिए यदि कोई परीक्षा प्रातः 10.00 बजे से प्रारंभ हो रहा है तो मुख्य द्वार प्रातः 9.45 बजे बंद कर दिया जावेगा इसलिए समय का विषेश ध्यान रखा जाए।

परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधा घंटा में एवं परीक्षा समाप्ति के आखिरी आधा घंटा में परीक्षा कक्ष से बाहर जाना वर्जित होगा। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रानिक उपकरण, इलेक्ट्रानिक घडी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित किया गया है। प्रवेष पत्र के सभी पेज का प्रिंट आउट ले और पेज के केवल एक तरफ प्रिंट करें, क्योंकि प्रत्येक परीक्षा हेतु व्यापम की प्रति परीक्षा केंद्र में जमा हो जाएगी।

परीक्षार्थी को परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र के साथ पहचान पत्र के रूप में मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड, आधार कार्ड जिसमें अभ्यर्थी का फोटो हो, का एक मूल पहचान पत्र परीक्षा दिवस में परीक्षा केंद्र में लाना अनिवार्य होगा। मूल पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जायेगा जिसके लिए अभ्यर्थी स्वयं जिम्मेदार होंगे।

परीक्षार्थी परीक्षा कक्षा में केवल काले या नीले बाल पॉइंट पेन को ही उत्तर अंकित करने हेतु उपयोग किया जा सकता है। किसी भी प्रकार के संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी या अन्य सामग्री लेकर जाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। परीक्षा कक्ष में पर्स, पाउच, स्कार्फ बेल्ट, टोपी जैसे अन्य सामान पूर्णतः वर्जित है। चयन तथा प्रवेश के समय प्रवेश पत्र मांगा जाता है, अतः इसे सुरक्षित रखें। व्यापम द्वारा दोबारा प्रवेष पत्र जारी नहीं किया जावेगा।

धार्मिक या सांस्कृतिक पोषाक वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर सामान्य समय से पहले रिपोर्ट करना होगा। उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ेगा तभी उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति होगी।

 

बलौदाबाजार : खाद्य विभाग की अवैध घरेलू गैस सिलेंडर पर बड़ी कार्रवाई,1619 नग गैस सिलेंडर जब्त

बलौदाबाजार : खाद्य विभाग की अवैध घरेलू गैस सिलेंडर पर बड़ी कार्रवाई,1619 नग गैस सिलेंडर जब्त

बलौदाबाजार कलेक्टर  दीपक सोनी के निर्देश पर खाद्य विभाग द्वारा जिले में अवैध रूप से घरेलू गैस सिलेण्डर भण्डारण व विक्रय पर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गुरूवार क़ो खाद्य विभाग की टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानो में दबिश देकर भरे हुए 41 नग एवं 1578 खाली घरेलु गैस सिलेंडर जब्त किया गया।

जिला खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा ने बताया कि घरेलू गैस सिलेण्डर भण्डारण कर अधिक दाम में विक्रय करने के संबंध में लगातार शिकायते प्राप्त होने पर जिला मुख्यालय में जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान हीरा सेल्स (हीरा किचन) से 02 भरे हुए एवं 03 नग खाली घरेलू गैस सिलेण्डर, तथा अवैध रूप से रखे हुए 19 नग उपभोक्ता गैस कार्ड, 04 नग सबकिप्सन वाउचर तथा 20 नग प्रेशर गैस रेगुलेटर का जब्त किया गया है एवं बम्लेश्वरी गैस एजेंसी बलौदाबाजार के विरूद्ध उपभोक्ताओं से गैस सिलेण्डर डिलिवरी एवं उपलब्धता के संबंध में नियमित शिकायत प्राप्त हो रही थी। बम्लेश्वरी गैस एजेंसी के जांच में अनियमितता पाये जाने पर भरे हुए 39 नग घरेलू गैस सिलेण्डर, 1575 नग खाली घरेलू गैस सिलेण्डर को जब्त कर द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की गई।

बलौदाबजार : आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई 135 बल्क लीटर अवैध देशी मदिरा एवं चार पहिया वाहन जब्त

बलौदाबजार : आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई 135 बल्क लीटर अवैध देशी मदिरा एवं चार पहिया वाहन जब्त

राज्य शासन के निर्देशानुसार अवैध मदिरा की धरपकड़ के लिए संचालित जांच-पड़ताल अभियान के तहत आबकारी विभाग बलौदाबाजार द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए 135 बल्क लीटर नॉन ड्यूटी पेड देशी मदिरा मसाला तथा एक चार पहिया वाहन को जब्त किया गया है।

प्राप्त सूचना के आधार पर चौरेंगा से दरचुरा मार्ग में एक सफेद रंग की आई-20 वाहन की तलाशी ली गई, जिसमें आरोपियों के कब्जे से कुल 750 पाव देशी मदिरा मसाला (135 बल्क लीटर) बरामद की गई। आरोपियों की पहचान थाना सिमगा अंतर्गत ग्राम चौरेंगा निवासी मोनू उर्फ गिरीत वर्मा पिता सुखनंदन वर्मा एवं राकेश कुमार सेन पिता स्वर्गीय रघुनंदन सेन के रूप में की गई। उक्त मदिरा 11 प्लास्टिक बोरियों (प्रत्येक में 50 पाव) एवं एक नीले रंग की बैग (200 पाव) में रखी गई थी। आरोपियों को गवाहों के समक्ष गिरफ्तार किया गया।

बरामद मदिरा का बाजार मूल्य लगभग 75 हजार रूपए आंका गया है, वहीं जब्त आई-20 वाहन का बाजार मूल्य 5 लाख रूपए बताया गया है। आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2), 59(क) एवं 36 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विधिसंगत कार्रवाई की जा रही है। उक्त कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री जलेश कुमार सिंह, आबकारी उपनिरीक्षक श्री मनराखन नेताम एवं श्री दिनेश कुमार साहू, आबकारी मुख्य आरक्षक श्रीमती राधा गिरी गोस्वामी एवं नगर सैनिक श्रीमती राजकुमारी पैकरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिला आबकारी अधिकारी ने कहा कि अवैध मदिरा के विरुद्ध यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

 

महासमुंद/कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने पिथौरा विकासखण्ड के ग्रामों का किया निरीक्षण स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, योजनाओं की समीक्षा अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश

महासमुंद/कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने पिथौरा विकासखण्ड के ग्रामों का किया निरीक्षण स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, योजनाओं की समीक्षा अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश

महासमुंद, कलेक्टर श्री विनय लंगेह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री एस. आलोक द्वारा पिथौरा विकासखण्ड के ग्राम भुरकोनी एवं बुन्देली का निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रधानमंत्री आवास योजना, अधोसंरचना विकास, जल जीवन मिशन, पोषण, सड़क एवं खाद-बीज आपूर्ति सहित अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई एवं आवश्यक निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

ग्राम भुरकोनी के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान आर.एम.ए. स्टाफ की उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर नहीं होने की स्थिति पाई गई, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित स्टाफ के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से अटैचमेंट को समाप्त कर तत्काल भुरकोनी में सेवा देने के निर्देश दिए।

स्वीपर श्री टेकराम साहू के बिना सूचना लंबे समय तक अनुपस्थित रहने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।दवाओं एवं पेयजल की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, वहीं आयसोलेशन वार्ड के 4 वर्षों से प्रारंभ न होने पर उसे शीघ्र शुरू कराने के निर्देश भी दिए गए।

ग्रामीणों द्वारा एम्बुलेंस की मांग पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया। साथ ही, ओपीडी पंजीयन की प्रक्रिया तत्काल ऑनलाइन प्रारंभ करने, रात्रिकालीन ड्यूटी हेतु मेडिकल स्टाफ का रोस्टर बनाने, और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

ग्राम पंचायत बुन्देली में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों का अवलोकन किया गया। अभी भी कई आवास निर्माण प्रारंभ नहीं हुए हैं, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए 5 दिवस में कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद सीसी रोड को नहीं भरने की शिकायत पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

भुरकोनी से बुन्देली (5 किमी), भुरकोनी से मोहंदा (7 किमी, जिसमें 1.5 किमी वन क्षेत्र) एवं बुन्देली से ठाकुरदियाखुर्द (10 किमी) मार्ग की खराब स्थिति पर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग एवं वन विभाग को तत्काल प्राक्कलन तैयार कर मरम्मत/निर्माण कार्य करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने प्राथमिक विद्यालय बुन्देली का निरीक्षण किया, जो मरम्मत योग्य पाया गया। ग्रामीणों द्वारा जानकारी दी गई कि मरम्मत कार्य हेतु राशि आहरित की जा चुकी है, परंतु कार्य प्रारंभ नहीं हुआ। इस पर जांच कर 3 दिवस में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने और आवश्यकतानुसार वसूली कर आरसीसी प्रकरण बनाने के निर्देश दिए गए।

आंगनबाड़ी भवन में छत से पानी टपकने की शिकायत पर भवन की मरम्मत 15वें वित्त आयोग एवं पंचायत मद से कराने के निर्देश दिए गए।

ग्रामीणों ने डीएपी खाद की कमी बताई, जिस पर कलेक्टर ने सहकारी समिति बुन्देली में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के निर्देश उपसंचालक कृषि को दिए।

कृषि विस्तार अधिकारी की नियमित अनुपस्थिति की शिकायत पर कलेक्टर ने सख्त कार्यवाही करने को कहा।

गांव में अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री की शिकायत पर पुलिस एवं आबकारी विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।इसके अलावा कलेक्टर ने गजगिजनी एवं नया तालाब जलाशय की प्रशासकीय स्वीकृति हेतु संबंधित विभाग को पहल करने के निर्देश दिए ।

कन्या शाला भवन के पास बनाए गए निजी मकान से जल निकासी बाधित होने पर अतिक्रमण हटाने हेतु ग्राम पंचायत को प्रस्ताव पारित कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

स्कूल के बगल में बने अवैध निर्माण पर नोटिस जारी कर, तहसीलदार को आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

महासमुंद /आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 27 जुलाई को परीक्षार्थियों के लिए व्यापम द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य

महासमुंद /आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 27 जुलाई को परीक्षार्थियों के लिए व्यापम द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य

महासमुंद छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर द्वारा आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन रविवार 27 जुलाई 2025 को किया जाएगा। यह परीक्षा जिला मुख्यालय के 25 परीक्षा केंद्रों में संपन्न होगी। परीक्षा के सफल संचालन और सुचारु व्यवस्था के लिए व्यापम द्वारा परीक्षार्थियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है। इन निर्देशों का उद्देश्य परीक्षा में पारदर्शिता एवं अनुशासन बनाए रखना है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षाओं में सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

व्यापम द्वारा सख्त निर्देशानुसार परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम 2 घंटे पूर्व परीक्षा केंद्र पर अनिवार्य रूप से पहुंचना है। ताकि फ्रिस्किंग (शारीरिक जांच) और पहचान पत्र सत्यापन की प्रक्रिया समय पर पूर्ण की जा सके। परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। परीक्षार्थी हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर आएं। फुटवियर के रूप में केवल चप्पल पहनना अनिवार्य है। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण पहनना वर्जित है। मोबाइल फोन, स्मार्ट घड़ी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पर्स, पाउच, बेल्ट, टोपी, स्कार्फ आदि लाना पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा कक्ष में केवल नीले या काले बाल पॉइंट पेन से उत्तर लेखन की अनुमति होगी।

परीक्षार्थी को व्यापम की वेबसाइट से डाउनलोड किया गया प्रवेश पत्र और ’फोटो युक्त मूल पहचान पत्र जैसे- आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड साथ लाना अनिवार्य है। फोटो रहित प्रवेश पत्र होने पर दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना होगा। प्रवेश पत्र के सभी पेज का एक तरफा प्रिंट निकालें, क्योंकि परीक्षा केंद्र में व्यापम की प्रति जमा करनी होगी। परीक्षा प्रारंभ और समाप्ति के 30 मिनट के भीतर परीक्षा कक्ष से बाहर जाना वर्जित है। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर परीक्षार्थी की अभ्यर्थिता रद्द कर दी जाएगी और कठोर कार्रवाई की जाएगी। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा से वंचित किया जा सकता है। व्यापम ने परीक्षार्थियों से अनुरोध किया है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करें एवं परीक्षा में समय पर उपस्थित होकर शांतिपूर्ण वातावरण में परीक्षा संपन्न कराएं।