ओम हॉस्पिटल सरायपाली  में  विशेषज्ञ डॉ. से ले प्रत्येक गुरुवार निःशुल्क सलाह।

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ओम हॉस्पिटल सरायपाली जुलाई माह में उपलब्ध चिकित्सक

डॉ. कमलेश अग्रवाल

(बर्न एवं प्लास्टिक सर्जन)

प्रत्येक माह के दूसरे रविवार सुबह 12 से दोप 2 बजे तक

स्त्री रोग विशेषज्ञ

डॉ. दीपिका अग्रवाल

प्रतिदिन उपलब्ध

सुबह 10 से दोप. 2 एवं शा. 5 बजे से 7 बजे तक

शिशु रोग विशेषज्ञ

डॉ. राम प्रकाश साहू

प्रत्येक बुधवार

सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक

मस्तिष्क एवं स्पाइन विशेषज्ञ

डॉ. चन्द्रमुकेश धावड़े

माह के प्रथम और तीसरे शुक्रवार

सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक

स्पाइन एवं मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ

डॉ. रजनी कांत साहू

माह के दूसरे और चौथे शुक्रवार)

सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक

प्रत्येक गुरुवार निःशुल्क परामर्श

हड्डी रोग विशेषज्ञ

डॉ. सौरभ अग्रवाल

प्रतिदिन उपलब्ध

सु. 10 से दोप. 2 बजे तथा शा. 5 से 7 बजे

मेडिसिन विशेषज्ञ

डॉ. मीरा देवराट्टी

प्रतिदिन उपलब्ध

सुबह 10 से दोप. 2 तथा शाम 5 से 7 बजे

जनरल सर्जन

राकेश साहू

प्रत्येक मंगलवार, शुक्रवार

गुर्दे व मूत्र रोग विशेषज्ञ

डॉ. राजेश अग्रवाल

माह के तीसरे शनिवार

दोपहर 1 से 3 बजे तक

आयुष्मान कार्ड / राशन कार्ड और इंश्योरेंस

से इलाज की सुविधा उपलब्ध

कार्ड से निःशुल्क इलाज की सुविधा

एक्स-रे, सीटी-स्कैन, सोनोग्राफी की सुविधा

• 24×7 आपातकालीन सेवा

संपर्क करें – Ph – 07725-299360, Mob- 83700-08558

स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय के पास, नेशनल हाइवे, सरायपाली (छ.ग.)

हमारे

अन्य ब्रांच

ओम हॉस्पिटल

एच. पी. पेट्रोल पम्प के पास महादेवघाट, रायपुर (छ.ग.)

संपर्क – 83700-08551

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हटा ग्राउंड के सामने, जगदलपुर (बस्तर)

संपर्क – 8435908123

ओम हॉस्पिटल

खरोरा रोड, बहेसर (तिल्दा )

संपर्क- 7000374946, 9302734809

सरायपाली/अग्रवाल नर्सिंग होम के विशेषज्ञ डॉ सरायपाली में 8 जुलाई मंगलवार सुबह 9 से 1बजे तक उपलब्ध 

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AGRAWAL NURSING HOME MULTISPECIALITY HOSPITAL डॉ एन एस पटानी

MD Dermatology

चर्म एवं गुप्त रोग

विशेषज्ञ

डॉ. महेंद्र धवने

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नाक, कान, गला

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डॉ. अमित अग्रवाल

MBBS DCH

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अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना

के विशेषज्ञ डॉक्टर्स

अब सरायपाली में भी उपलब्ध

08 जुलाई 2025 दिन मंगलवार को

सुबह 09 से 01 बजे तक

पंजीयन करवाएं:

93036-23130

77730-86100

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● मेन रोड, IDBI बैंक के पास, सरायपाली

सरायपाली/ 30 हजार डीजल की चोरी ट्रक मे सो रहा था ड्राइवर सुबह उठा तो चला पता!

सरायपाली/ 30 हजार डीजल की चोरी ट्रक मे सो रहा था ड्राइवर सुबह उठा तो चला पता!

थाना सरायपाली में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ हूं कि आज दिनांक 06/07/2025 को आवेदक दौलत राम अग्रवाल पिता स्व. द्वारकाप्रसाद अग्रवाल उम्र 64 साल साकिन वार्ड नंबर 10 सरायपाली थाना सरायपाली जिला महासमुंद छ.ग. का थाना उपस्थित आकर एक लिखित आवेदन पेश कर रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 28/06/2025 को शाम 06:00 बजे करीब मेरा ड्रायवर रंजीत मेरे ट्रक क्रमांक CG06 GM 5772 को मेरा दुकान बंसल आटो पार्टस बैतारी के सामने NH 53 रोड में खड़ा कर खाना खाकर ट्रक में ही सो गया था ।

 

अगले दिन 29/06/2025 के सुबह करीबन 04:00 बजे मेरा ड्रायवर सोकर उठा व देखा कि ट्रक का डीजल टंकी में लगा ताला टूटा हुआ था एवं डीजल टंकी से करीबन 300 लीटर डीजल कीमती 30000 / रूपये को कोई अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ले गया है कि लिखित आवेदन पर से अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध धारा 303(3) BNS कायम कर विवेचना में लिया गया लिखित आवेदन नकल जैल है- प्रति , श्रीमान थाना प्रभारी महोदय थाना-सरायपाली, जिला- महासमुंद (छ.ग.) विषय: ट्रक क्रमांक CG 06 GM 5772 से डीजल चोरी होने की सूचना के संबंध में । महोदय, निवेदन है कि मैं दौलत राम अग्रवाल पिता स्व. द्वारकाप्रसाद अग्रवाल उम्र 64 वर्ष पता- वार्ड नंबर 10 सरायपाली थाना सरायपाली जिला महासमुंद का रहने वाला हूं एवं ट्रासंपोर्ट का काम करता हूं ।

मेरा ड्रायवर रंजीत दिनांक 28/06/2025 को मेरे दुकान बसंल आटो पार्टस बैतारी मेन रोड NH 53 में करीबन शाम 06:00 बजे रोड किनारे खड़ा कर खाना खाकर ट्रक में ही सो गया था । दिनांक 29/06/2025 को सुबह करीबन 04:00 बजे उठकर देखा तो ट्रक के डीजल टंकी में लगे लाक टूटा हुआ था एवं डीजल टंकी में भरा लगभग 300 लीटर डीजल कीमती करीबन 30,000/ रूपये को कोई अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ले गया है । आसपास ट्रक ड्रायवरों मोटर गैरेज मालिकों से पता किये जो अज्ञात चोर के संबंध में कोई पता नही चला । अत: श्रीमान जी से निवेदन है कि अज्ञात चोर के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करे

बसना/ अरेकेल मे रथयात्रा के दौरान इट से हमला गाली गलौच पर FIR दर्ज!

बसना/ अरेकेल मे रथयात्रा के दौरान इट से हमला गाली गलौच पर FIR दर्ज!

मोहनदास ग्राम अरेकेल का निवासी हूं कक्षा 12 वीं तक पढा लिखा हूं टेन्ट व्यवसायी हूं कि दिनांक 05/07/2025 को रथ यात्रा में मेरा टेन्ट गांव में ही लगा था जिसे निकालने के लिए रात्रि करीबन 08/30 बजे मैं अपने दोस्त करन सिदार के साथ अपने वाहन छोटा हाथी को घर से निकाला मोड पर

पहुंचा था कि मेरा दोस्त पडोसी राजेश साव के छोटे बच्चे को गोद में लेकर बैठने वाला था जिसे देखकर प्रेमसागर साव मेरे भतिजे को क्यों बिठा रहे हो कहकर मुझे एवं मेरे दोस्त करन से कनवा अश्लील शब्द कहकर मां बहन का अश्लील गाली गुप्तार करके पास

में रखे ईंट के टुकडे को हमारी ओर फेंक कर मारा जो मेरे नाक में लगा है जिससे चोंट आयी है खून निकला है मां बहन की अश्लील गाली गुप्तार सुनकर मुझे अत्यन्त बुरा लगा है घटना को करन एवं अन्य लोग देखे सुने है रिपोर्ट करता हुं कार्यवाही की जावे रिपोर्ट धारा
115(2)-BNS, 296-BNS के तहत् पढकर देखा मेरे बताये अनुसार लिखा गया है ।

छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ किले के नाम / कैसे बटे थे 18 / 18 गढ़ किनका था साम्राज्य ?

छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ किले के नाम / कैसे बटे थे 18 / 18 गढ़ किनका था साम्राज्य ?

रायपुर. मध्यप्रदेश से अलग होकर 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य अस्तित्व में आया था। राज्य का पौराणिक नाम तो कौशल राज्य है, जो भगवान श्रीराम की ननिहाल कहा जाता है। इसे छत्तीसगढ़ नाम 300 साल पहले यहां के गोंड जनजाति के शासनकाल के दौरान मिला था। गोंड राजाओं के यहां 36 किले थे। किलों को गढ़ भी कहा जाता है। इसी कारण इस क्षेत्र का नाम छत्तीसगढ़ पड़ा। छत्तीसगढ़ के नाम को लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं। पूर्व में अलग-अलग जगह इस नाम का उल्लेख हुआ है। इस बात के भी प्रमाण   मिले हैं कि लगभग 500 साल पहले 14वीं शताब्दी में साहित्यकार भी अपनी रचनाओं में छत्तीसगढ़ का प्रयोग किया करते थे। इतिहासविद डॉ. रमेंद्र नाथ मिश्र ने बताया कि सन 1497 में पहली बार छत्तीसगढ़ शब्द का प्रयोग खैरागढ़ के कवि दलरामराव ने किया। इसका जिक्र भोपाल के रहने वाले प्रोफेसर हीरालाल शुक्ल की किताब में भी मिलता है। दलरामराव ने अपनी कविता में लिखा था-

लक्ष्मीनिधि राय सुनो चित्त दै, गढ़ छत्तीस मे न गढ़ैया रही, मरदानगी रही नहीं मरदन में, गढ़ छत्तीस में न गढ़ैया रही, भाव भरै सब कांप रहे, भय नहीं जाए डरैया रही, दलराम भैन सरकार सुनो,

नृप कोउ न ढाल अड़ैया रही। रतनपुर के कवि गोपाल मिश्र ने \’खूब तमाशा\’ 1686 में लिखी थी। इसमें भी छत्तीसगढ़ नाम का प्रयोग हुआ। उन्होंने लिखा था:-

छत्तीसगढ़ गाढ़े जहां बड़े गड़ोई जान,

सेवा स्वामिन को रहे सकें ऐंड़ को मान। 1686 की रचना के करीब 150 साल बाद रतनपुर के बाबू रेवाराम ने भी अपने विक्रम विलास नाम के ग्रंथ में छत्तीसगढ़ शब्द का प्रयोग किया। उन्होंने लिखा :

तिनमें दक्षिन कोसज देसा,

जहं हरि ओतु केसरी बेसा,

तासु मध्य छत्तीसगढ़ पावन। पहली बार सरकारी दस्तावेजों में छत्तीसगढ़ शब्द का जिक्र सन् 1820 में मिलता है। इतिहासविद डॉ हेमू यदू ने बताया कि तब के अंग्रेज अधिकारी एग्न्यू की रिपोर्ट में उसने इस क्षेत्र को छत्तीसगढ़ प्रोविंस लिखा। इसे बाद में छत्तीसगढ़ प्रांत कहा गया। यह रिपोर्ट पारिवारिक जनगणना की थी। इस रिपोर्ट के मुताबिक तब के छत्तीसगढ़ में 1 लाख 6 सौ तिरपन परिवार रहा करते थे।

 

भोपाल के रहने वाले प्रोफेसर हीरालाल शुक्ल की किताब के मुताबिक रामायण काल से सत्रहवीं शताब्दी तक इस इलाके को कौशल या दक्षिण कौशल के तौर पर जाना जाता था। 1664 में गंगाधर मिश्र ने कोशलानंदम् महाकाव्य लिखा था। इसमें एक श्लोक में दक्षिण लिखा गया था – पुराणपठिता भूमिरियं दक्षिण कोशला, युगांतरेषू भूपानामेष दुर्गसनातन: इन पंक्तियों में दुर्ग यानि किलों का जिक्र है। इन्हें कुछ सालों बाद गढ़ कहा गया। गोंड जनजाति के शासन में इनकी संख्या 36 थी। वरिष्ठ पत्रकार बसंत तिवारी की किताब में इतिहासकार कनिंघम की बातों का जिक्र मिलता है। इसके मुताबिक कलचुरी वंश के चेदीराजा यहां के मूल निवासी थे। इस क्षेत्र का नाम चेदिदेश हुआ करता था। छत्तीसगढ़ राज्य के आंदोलन से जुड़ी छत्तीसगढ़ समाज पार्टी कि किताब में भी राज्य के नाम का जिक्र है। इस किताब के मुताबिक 15वीं श्ताब्दी में छत्तीसगढ़ नाम बोला-सुना जाने लगा था। छत्तीसगढ़ नाम को लेकर यह भी कहा गया है कि प्रदेश के 18-18 गढ़ शिवनाथ नदी के उत्तर और दक्षिण में स्थित थे, जिनपर कल्चुरी राजाओं का कब्जा था, इन्हीं की वजह से यह नाम मिला। 2000 में जब राज्य का गठन किया गया तब देश को छत्तीसगढ़ 26 वें राज्य के रूप में मिला।

छत्तीसगढ़ के 36 किले अधिकांश इतिहासकारों का मत है कि कल्‍चुरी राजाओं ने 36 किले या कई गांवों को मिलाकर गढ़ बनाए थे। रामायण काल से सत्रहवीं शताब्दी तक इस इलाके को कोसल या दक्षिण कोसल के तौर पर जाना जाता था। आज बिलासपुर के पास स्थित शहर रतनपुर, कल्चुरी राजाओं के दौर में छत्तीसगढ़ की राजधानी हुआ करता था।

 

उत्तर और दक्षिा में थे 18-18 गढ़ शिवनाथ नदी के उत्‍तर में कल्‍चुरियों की रतनपुर शाखा के अंतर्गत 18 गढ़ और दक्षिण में रायपुर शाखा के अंतर्गत 18 गढ़ बनाए थे।

रतनपुर राज्‍य के अधीनस्‍थ 18 गढ़: रतनपुर, विजयपुर, पंडर भट्टा, पेंड्रा, केन्‍दा, बिलासपुर, खरौद, मदनपुर (चांपा), कोटगढ़, कोसगई (छुरी), लाफागढ़ (चैतुरगढ़), उपरोड़ागढ़, मातिनगढ़, करकट्टी-कंड्री, मारो, नवागढ़, सेमरिया। रायपुर के अधीनस्‍थ 18 गढ़ : रायपुर, सिमगा, ओमेरा, राजिम, फिंगेश्‍वर, लवन, पाटन, दुर्ग, सारधा, सिरसा, अकलबाड़ा, मोहंदी, खल्‍लारी, सिरपुर, सुअरमार, सिंगारपुर, टैंगनागढ़, सिंघनगढ़ थे।

छत्तीसगढ़ को “छत्तीसगढ़” नाम 36 किलों के कारण मिला है, जो 18 शिवनाथ नदी के उत्तर में और 18 दक्षिण में स्थित थे। इनमें से कुछ प्रमुख किले हैं: रतनपुर, विजयपुर, पंडरभट्टा, पेंड्रा, केन्दा, बिलासपुर, खरौद, मदनपुर (चांपा), कोटगढ़, कोसगई (छुरी), लाफागढ़ (चैतुरगढ़), उपरोड़ागढ़, मातिनगढ़, करकट्टी-कंड्री, मारो, नवागढ़, और सेमरिया।
रायपुर के अधीन 18 गढ़ों में से कुछ हैं: रायपुर, पाटन, सिमगा, सिंगारपुर, लवन, अमोरा, दुर्ग, सारधा, सिरसा, मोहदी, खल्लारी, सिरपुर, फिंगेश्वर, राजिम, सिंगारगढ़, सुवर्मार, टेंगनागढ़, और अकलवाड़ा.

चैतुरगढ़, रतनपुर में किलों के साक्ष्य वर्तमान समय में चैतुरगढ़, रतनपुर में किलों के साक्ष्य मौजूद हैं। इतिहासकार रमेंद्र नाथ रायपुर शहर के बूढ़ापारा इलाके में किला होने का दावा करते हैं। हालांकि 36 में से अधिकांश गढ़ों के अवशेष वर्तमान में नहीं मिलते।

रायपुर : डबल इंजन से दोगुनी गति से हो रहा विकास : श्री अरुण साव

रायपुर : डबल इंजन से दोगुनी गति से हो रहा विकास : श्री अरुण साव

मोदी की गारंटी को अल्प समय में पूरा किया गया : श्री लखन लाल देवांगन

उप मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री ने किया 8 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन

उप मुख्यमंत्री तथा कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज अपने कोरबा प्रवास के दौरान पाली नगर पंचायत और बांकीमोंगरा नगर पालिका में आयोजित लोकार्पण व भूमिपूजन कार्यक्रमों में क्षेत्रवासियों को अनेक विकास कार्यो की सौगात दी। उन्होंने पाली में करीब 5 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यो के अंतर्गत 4 करोड़ 75 लाख 30 हजार रुपए के कार्यों का भूमिपूजन तथा 67 लाख 39 हजार रुपए के कार्यो का लोकार्पण किया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बांकीमोंगरा में 2 करोड़ 10 लाख 42 हजार रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। वाणिज्य व उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायकद्वय सर्वश्री तुलेश्वर मरकाम और प्रेमचंद पटेल, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, पाली नगर पंचायत के अध्यक्ष श्री अजय जायसवाल और बांकीमोंगरा नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती सोनी विकास झा भी इस दौरान मौजूद थीं।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार द्वारा विकास के कार्यों को दोगुनी गति से पूरा किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है, सरकार ने लोगों से जो भी वादा किया है उन्हें पूरा करने हेतु कटिबद्ध है।

श्री साव ने कहा कि राज्य की तरक्की और बेहतरी के लिए नई औद्योगिक नीति का संचालन कर सरकार नौजवानों को रोजगार उपलब्ध करा उनके जीवन में परिवर्तन लाने का कार्य कर रही है। शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए युक्तियुक्तकरण का बड़ा फैसला लिया गया है। युक्तियुक्तकरण नीति का लाभ पाली-तानाखार विधानसभा के पोड़ी उपरोड़ा के सुदूरवर्ती क्षेत्रों के स्कूलों को मिला है। शिक्षकविहीन व एकल शिक्षकीय विद्यालयों में नियमित शिक्षकों की पदस्थापना की गई है जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि आज पोड़ी उपरोड़ा के सुदूर वनांचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए आठ उप स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण का भूमिपूजन किया गया है। कोरबा की तस्वीर बदल रही है। अब विकास कार्यो से जिले  को नई पहचान मिल रही है। जनता के पैसे का उपयोग जनता के हित में किया जा रहा है। पाली नगर पंचायत में पिछले डेढ़ साल में लगभग 8 करोड़ के विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है।

नगर पंचायत पाली में 2 करोड़ के विकास कार्यो की घोषणा

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने पाली में दो करोड़ रुपए के विकास कार्यों की स्वीकृति की घोषणा की। इसमें नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग  के अंतर्गत एक करोड़ रुपए की लागत से नगरीय क्षेत्र पाली में एक पुल निर्माण, सर्व कलार समाज के लिए सामुदायिक भवन व साहू समाज की भक्त माता कर्मा सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 25-25 लाख रुपए की राशि शामिल हैं। उन्होंने डीएमएफ से एक करोड़ रुपए के विकास कार्यो को मंजूर करने की भी बात कही।

मार्ग में खड़े लोगों ने पुल निर्माण की घोषणा होने की जानकारी मिलते ही जताई खुशी

पाली नगर पंचायत के वार्ड नम्बर-3 में पत्ता गोदाम के पास स्थित पुल के पुराने होने के कारण बारिश के दिनों में पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण आवागमन अवरुद्ध होने की शिकायत उप मुख्यमंत्री श्री साव के समक्ष स्थानीय जनप्रतिनिधियों व नगरवासियों द्वारा करते हुए नवीन पुल निर्माण की मांग की गई। संवेदनशील उप मुख्यमंत्री श्री साव ने पाली के कार्यक्रम में ही मंच से जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों की मांग पर वार्ड नंबर-3 में मेन रोड के पास नए पुल के निर्माण की घोषणा की।

श्री साव की इस घोषणा से अनभिज्ञ वार्ड-3 के रहवासी उनसे मिलने के लिए रास्ते में खड़े थे। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने रास्ते में खड़े लोगों को जब बताया कि प्रभारी मंत्री श्री साव द्वारा पुल निर्माण की घोषणा की गई है तो सभी ने खुशी प्रकट करते हुए उप मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

बांकीमोंगरा में 11 करोड़ के विकास कार्यो की दी मंजूरी

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बांकीमोंगरा नगरीय क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति हेतु जल आवर्धन योजना के लिए आठ करोड़ रुपए और विभिन्न विकास कार्यों के लिए तीन करोड़ रुपए की स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को उनके नवनिर्मित आवासों की चाबी सौंपी। उन्होंने मिशन क्लीन सिटी में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वच्छता दीदियों को सम्मानित भी किया।

प्रदेश को ले जा रहे तरक्की की राह पर : श्री लखन लाल देवांगन

लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय ने मोदी की गारंटी के वादों को पूरा करने का कार्य किया एवं अल्प समय में अनेक वादों को पूरा कर दिखाया है। सरकार गठन के साथ ही 18 लाख आवास निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। 2 साल के धान का बकाया बोनस, 3100 रुपए प्रति क्विंटल व 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी कर किसानों का मान बढ़ाया। महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया।  5500 रुपए मानक बोरा में तेंदूपत्ता की खरीदी संग्राहक परिवारों को राहत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन देकर सुरक्षा का एहसास दिया।

विधायक श्री तुलेश्वर मरकाम ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि पाली-तानाखार के दूरस्थ क्षेत्रों में हाथी रहवास इलाकों में मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। डीएमएफ से स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, पीडीएस भवन , पुल-पुलिया निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही आज कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक स्थानों में उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण हेतु भूमिपूजन किया गया है जिससे दूरदराज के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा सांय-सांय विकास कार्य कराए जा रहे हैं। पिछली सरकार की तुलना में दस गुणा ज्यादा कार्य कराए जा रहे हैं।

विधायक श्री प्रेमचंद पटेल ने कार्यक्रम में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अगुवाई में प्रदेश तरक्की के मार्ग में अग्रसर है। जनहितकारी योजनाओं से सभी वर्गों के लोगों को लाभ मिल रहा है। कलेक्टर श्री अजीत वसंत, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी और कोरबा नगर निगम के आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय सहित जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी बड़ी संख्या में दोनों कार्यक्रमों में उपस्थित थे।

 

छत्तीसगढ़ / शिक्षिका ने खोया आपा: 7 वीं के छात्र को मारा ऐसा चांटा, फट गया कान का पर्दा… चौंकाने वाली है नाराजगी की वजह

छत्तीसगढ़ / शिक्षिका ने खोया आपा: 7 वीं के छात्र को मारा ऐसा चांटा, फट गया कान का पर्दा… चौंकाने वाली है नाराजगी की वजह

डोंगरगढ़ शहर के खालसा पब्लिक स्कूल की एक शिक्षिका ने स्टूडेंट के गाल पर ऐसा तमाचा जड़ा कि उसके कान का पर्दा फट गया। डोंगरगढ़ शहर के खालसा पब्लिक स्कूल की एक शिक्षिका ने स्टूडेंट के गाल पर ऐसा तमाचा जड़ा कि उसके कान का पर्दा फट गया। बच्चे का उपचार राजनांदगांव के निजी अस्पताल में चल रहा है। वहीं जानकारी होने के बाद भी स्कूल प्रबंधन ने अब तक दोषी शिक्षिका के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया है।

निजी स्कूलों की मनमानी की खबरें कोई नई बात नहीं है। इस बार शहर के प्रतिष्ठित विद्यालय का नया कारनामा सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन के खिलाफ लोगों में आक्रोश है। कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना चार दिन पहले की बताई जा रही है, जिसमें एक शिक्षिका प्रियंका सिंह ने कक्षा सातवीं में पढ़ने वाले स्टूडेंट सार्थक सहारे को मामूली बात पर जोरदार चार तमाचा जड़ दी। सार्थक जब घर पहुंचा तो उसने अपने पिता को बताया कि उसे कम सुनाई दे रहा है। इस पूरे मामले को मैनेजमेंट के सामने रखा गया है। परिजनों से भी चर्चा की जाएगी। घटना सही पाई जाएगी कड़ा एक्शन लेंगे।

 

उसे हॉस्पिटल लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने बताया कि गाल पर जोरदार तमाचा मारने से यह हुआ है। सार्थक पहले तो बात छिपाई लेकिन आखिर में उसने बताया कि टीचर ने मारा है। राजनांदगांव के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां स्टूडेंट को एडमिट कर उपचार किया जा रहा है। पिता ने बताया कि अभी विशेषज्ञ डॉक्टर की निगरानी में रखा गया है। डॉक्टर के हिसाब से कान का ऑपरेशन किया जाएगा। छात्र ने बताया कि बैग से कॉपी निकालने में देरी होने पर टीचर भड़क गई और आवेश में आकर लगातार गाल में जोरदार तमाचे जड़े। छात्र के कान में दर्द उठने लगा।

लिखित शिकायत करने कहा
छात्र के परिजन ने बताया कि वह रेलवे का कर्मचारी है। 13 वर्षीय छात्र सार्थक ने इस घटना की जानकारी हम लोगों को नहीं दी थी। बस कान में दर्द को लेकर बच्चा शिकायत कर रहा था। सर्वप्रथम हम लोगों ने गुरुवार को बम्लेश्वरी अस्पताल में उसका इलाज करवाया। वहां डॉक्टर इलाज के दौरान यह सब बातें सामने आई। छात्र के पिता सुधाकर सहारे ने बताया कि स्कूल प्रबंधन के सामने पूरे घटनाक्रम को सामने लाया गया है। प्रबंधन ने कहा है कि शिक्षिका के विरुद्ध लिखित शिकायत करेंगे तो एक्शन लेंगे।

इस पूरे मामले को मैनेजमेंट के सामने रखा गया है। परिजनों से भी चर्चा की जाएगी। घटना सही पाई जाएगी कड़ा एक्शन लेंगे। – शिवप्रीत कौरप्राचार्य खालसा स्कूल डोंगरगढ़

सरायपाली/ शिशुपाल पर्वत… जितना खूबसूरत, उतना ही खतरनाक: 5 साल में यहां से गिरकर कई लोगों की मौत, फिर भी ले रहे ‘जानलेवा सेल्फी’

सेशरायपाली/ शुपाल पर्वत… जितना खूबसूरत, उतना ही खतरनाक: 5 साल में यहां से गिरकर कई लोगों की मौत, फिर भी ले रहे ‘जानलेवा सेल्फी’

घूमने के शौकीनों के लिए बारिश का सीजन सुहाना है ही, लेकिन इसने खतरे भी बढ़ा दिए हैं। फिसलन भरे पहाड़ों में सेल्फी लेने के चक्कर में युवा खुद को खतरे में डाल रहे हैं। सरायपाली से आगे शिशुपाल पहाड़ पर भी यही स्थिति है। खड़ी ढाल वाले इस पहाड़ पर अब जलप्रपात भी बन चुका है।

दैनिक भास्कर लेखक: भूपेश केशरवानी के अनुसार
पिछले पांच साल में यहां से गिरकर करीब लगभग 15 मौतें हो चुकी हैं। भास्कर टीम इस खतरे का जायजा लेने पहाड़ के ऊपर तक गई। यहां चढ़ते-चढ़ते सांस फूल गई और कई बार रुकना पड़ा। यहां कुछ दूर तक सीढ़ियां हैं मगर उसके आगे पत्थरों पर चलकर ही जाना पड़ा।

रास्ते भर युवा पर्यटक आते-जाते मिलते रहे। ऊपर एक बड़ा पथरीला मैदान जैसा इलाका है। यहीं से बारिश का पानी जलप्रपात के रूप में पहाड़ से 350 मीटर नीचे गिरता है। यहां से नीचे का नजारा बहुत भव्य है। लेकिन इस पहाड़ के किनारे जाना बेहद खतरनाक है। काई के कारण पत्थरों पर फिसलन बढ़ गई है।

पर लापरवाह युवा कगार के नजदीक तक पहुंचकर फोटो खिंचवाते नजर आए। उन्हें ऐसा करने से रोकने के लिए न बोर्ड है न कोई रेलिंग। एक स्थानीय ग्रामीण ने बताया कि एक बार युवाओं का एक दल यहां था। अचानक बारिश शुरू हो गई। इससे बचने सब दौड़ने लगे। इसी दौरान फिसलने से एक युवक नीचे गिर गया और उसकी जान चली गई थी। वन विभाग ने चढ़ाई की शुरुआत में ही एक बैरियर लगाया है,जहां 20 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क लिया जाता है।

रील बनाने के ट्रेंड से खतरे बढ़े हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पहाड़ पर रेलिंग लगाई जाएगी, जिससे आगे जाने पर प्रतिबंध लग सके। ऊपर चढ़ने में आसानी के लिए सीढ़ियां बनाई जा रही हैं। – मयंक पांडे, डीएफओ, महासमुंद l

सांकरा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़के के अपहरण के आसंका पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच मे लगी है!

सांकरा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़के के अपहरण के आसंका पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच मे लगी है!

संकरा थाना मे दर्ज एफआईआर के अनुसार लड़के के पिता गोविंद दास बैरागी निवासी बारिकपाली टुकड़ा थाना सांकरा ने बताया कि उनका पुत्र खिरोद्र दास बैरागी उम्र 16 साल 08 माह 27 दिन 27 जून 2025 को लगभग 12:00 बजे के आसपास सायकल लेकर किसी को बिना बताये घर से कहीं चला गया है, गुम इंसान का हुलिया रंग सावंला शरीर सामान्य ऊंचाई लगभग 5 फीट 4 इंच है चेहरा लम्बा बाल काला, काला रंग का फुल पेंट, सफेर रंग का चेक शर्ट पहना है कक्षा 9 वीं तक पढ़ा है हिन्दी, छत्तीसगढी बोलता है!

प्रार्थी के रिपोर्ट पर सांकरा थाना पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट गाईड लाईन के अनुसार बालक के अपहरण होने की आशंका पर धारा 137(2) BNS के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना में लिया है!

बताया जा रहा है की उक्त बालक की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं बताई जा रही है, किसी को भी बालक के बारे मे जानकारी मिलता है कृपया थाना सांकरा में सूचना दे कर सहयोग करें। संपर्क सूत्र :- 6268918718!

रायपुर : अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में शामिल हुए मंत्री श्री केदार कश्यप

रायपुर : अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में शामिल हुए मंत्री श्री केदार कश्यप

प्रेम को प्रकृति के साथ जोड़ता है एक पेड़ माँ के नाम अभियान: मंत्री श्री कश्यप

गौपालक किसानों व मत्स्य सहकारी किसानों को रुपे केसीसी कार्ड एवं डेयरी सोसायटियों को माइक्रो एटीएम वितरित किया

सहकारिता एवं जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी में शामिल हुए। संगोष्ठी नवा रायपुर, अटल नगर में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) परिसर में आयोजित की गई। उन्होंने इस अवसर पर एक पेड़  माँ के नाम अभियान के तहत परिसर में पौधरोपण किया। मंत्री श्री कश्यप ने इस मौके पर गौपालक तथा मत्स्य पालक किसानों को रुपे केसीसी कार्ड और दुग्ध सहकारी समितियो को माइक्रो एटीएम वितरित किया।

मंत्री श्री कश्यप ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है और माँ के प्रति हमारी श्रद्धा। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक अनूठा तरीका भी है। माँ और प्रकृति दोनों ही जीवनदायिनी हैं, पोषण करती हैं, और बिना किसी स्वार्थ के अपनापन देती हैं ।

मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि माँ के नाम पर एक पेड़ लगाना माँ के प्रेम को प्रकृति के साथ जोड़ता है। यह एक जीवंत श्रद्धांजलि है, जो न केवल माँ के प्रति हमारी भावनाओं को व्यक्त करती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक उपहार है। उन्होंने कहा कि यह अभियान, ‘सहकारिता‘ के साथ, भारत में सामाजिक और पर्यावरणीय उत्थान के लिए महत्वपूर्ण पहल है। ये सामूहिक भागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी पर आधारित हैं, और इनकी मूल भावना सहयोग, संरक्षण और समाज में योगदान देने की है। ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ पहल की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा 5 जून 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर की गई थी। इसका उद्देश्य माताओं की स्मृति में पेड़ लगाने को प्रोत्साहित करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। यह अभियान प्रकृति और मातृत्व के बीच समानता को रेखांकित करता है , क्योंकि दोनों ही जीवन का पोषण करते हैं ।

अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी श्री केदार नाथ गुप्ता ने कहा कि इस अभियान का संदेश है – ‘माँ के लिए एक पेड़, धरती के लिए एक कदम‘ इस संदेश के साथ सभी सहकारी समितियों को इस नेक कार्य में हिस्सा लेने और अपनी माँ के प्रेम को प्रकृति के साथ जोड़ने का आह्वान किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की मंशा है कि पैक्स सोसायटियो को मजबूत किया जाए।

अपर मुख्य सचिव, सहकारिता, छत्तीसगढ़ शासन श्री सुब्रत साहू ने राज्य स्तरीय सहकारी संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में ‘सहकार से संमृद्धि‘ अंतर्गत अनेक कार्यक्रम व नवाचार सहकारिता के माध्यम से किये जा रहे हैं, जिसमे सहकारिता क्षेत्र की इकाई-समितियो को बहुउद्देशीय बनाना व इस आंदोलन को और विस्तारित करना है। सहकारिता की महत्ता को ध्यान में रखते हुए 2021 में केंद्र सरकार द्वारा पृथक से सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया, जो इस आंदोलन के प्रति सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है।

संगोष्ठी में छत्तीसगढ़ सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री शशिकांत द्विवेदी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी आर प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता श्री कुलदीप शर्मा, एमडी अपेक्स बैंक श्री के एन कांडे, अपर आयुक्त श्री एच के दोषी सहित जिला सहकारी बैंको, मार्कफेड, लघुवनोपज तथा एनसीडीसी तथा बड़ी संख्या में अपेक्स बैंक, जिला सहकारी बैंकों, जिला सहकारी संघ के अधिकारी गण मौजूद थे।