सरायपाली/ग्राम लिमऊगुडा में अवैध रूप से शराब पीने पिलाने की व्यवस्था करते आरोपी पकड़ाए रिपोर्ट दर्ज

सरायपाली/ग्राम लिमऊगुडा में अवैध रूप से शराब पीने पिलाने की व्यवस्था करते आरोपी पकड़ाए रिपोर्ट दर्ज

 

 

थाना सरायपाली में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ हूं कि आज दिनांक 03/07/2025 को हमराह आरक्षक 867, 53 को साथ लेकर अवैध शराब रेड कार्यवाही एवं जुर्म जरायम पतासाजी हेतु स्वयं के वाहन से मय विवेचना कीट के देहात रवाना हुआ था कि दौरान जरिये मुखबीर सूचना मिला कि ग्राम लिमऊगुडा पुल के पास एक व्यक्ति लोगों को शराब पिलाने का अवैध साधन उपलब्ध करा रहा है कि सूचना तस्दीक पर ग्राम बैदपाली से गवाह केशव चौहान एवं रामेश्वर सिन्हा को धारा 179 BNSS का नोटिस देकर साथ लेकर मुखबीर द्वारा बताये गये स्थान ग्राम लिमऊगुडा पुल के पास जाकर रेड कार्यवाही किये शराब पीने वाले पुलिस को देखकर भाग गये । एक व्यक्ति को पकड़े जो नाम पता पूछने पर अपना नाम परस राम निषाद पिता स्व दाऊराम निषाद उम्र 58 वर्ष साकिन लिमऊगुडा थाना सरायपाली जिला महासमुंद छ0ग0 का होना बताया एवं लोगो को अवैध रूप से शराब पिलाना स्वीकार किया । लोगो को शराब पीने पिलाने के संबंध में धारा 94 BNSS का नोटिस तामिल किया गया नोटिस में कोई वैध कागजात नहीं होना बताया । गवाहो के समक्ष परस राम के कब्जे से 02 नग देशी प्लेन शराब 180 ML वाली का खाली शीशी जिसमें शराब का कुछ अंश है एवं 02 नग खाली डिस्पोजल गिलास जिसमें शराब का गंध आ रही है को समक्ष गवाहन के मुताबिक जप्ती पत्रक के जप्तश किया गया । आरोपी परस राम निषाद का कृत्य अपराध धारा 36(C) आबकारी एक्ट का अपराध घटित करने पाये जाने पर आज दिनांक 03/07/2025 के 12/20 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया एवं अपराध जमानतीय होने से सक्षम जमानतदार पेश करने पर जमानत मुचलका में रिहा किया बाद हमराह स्टाफ एवं गवाहन के वापस स्टेशन आकर आरोपी के खिलाफ धारा 36(C) आबकारी एक्ट का अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्राइवेट स्कूलों को बारकोड स्कैनिंग के लिए 7 दिवस की दी मोहलत

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्राइवेट स्कूलों को बारकोड स्कैनिंग के लिए 7 दिवस की दी मोहलत

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के छात्रों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा पहली से दसवीं तक के सभी विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें वितरित की जा रही हैं। यह जिम्मेदारी पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा पूरी गंभीरता से निभाई जा रही है।

श्री पाण्डेय ने बताया कि पिछले शिक्षा सत्र में सामने आई कुछ अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष प्रत्येक पुस्तक पर दो बारकोड लगाए गए हैं।एक प्रिंटर की पहचान के लिए और दूसरा पुस्तक के गंतव्य विद्यालय की पहचान के लिए।

इस वर्ष कुल 2 करोड़ 41 लाख किताबें मुद्रित की गईं, जो 17-18 जून 2025 तक सभी डिपो में पहुँचा दी गईं। शासकीय विद्यालयों की कक्षा 9वीं, 10वीं की पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचा दी गई है तथा स्कूलों में बारकोड स्कैनिंग का कार्य भी 90 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। इसी तरह आत्मानंद विद्यालयों में भी पुस्तकों का वितरण तेजी से किया जा रहा है और 60 प्रतिशत किताबें पहुँच चुकी हैं, शेष कुछ ही दिनों में पहुँचा दी जाएंगी।

प्राइवेट विद्यालयों को इस बार बारकोड स्कैनिंग के पश्चात ही पुस्तकें डिपो से प्रदान की जा रही हैं, जबकि पूर्व में जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से यह प्रक्रिया की जाती थी। हालांकि, बीते तीन दिनों में डिपो में स्थान की कमी और स्कैनिंग प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता की कमी के कारण समस्याएं उत्पन्न हुईं।

इस संबंध में जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को अवगत कराया गया और बताया गया कि 1100 से अधिक सरस्वती शिक्षा मंदिर सहित बड़ी संख्या में प्राइवेट विद्यालयों को पुस्तकें मिलनी हैं, तब मुख्यमंत्री जी ने शीघ्र निर्णय लेते हुए निर्देशित किया कि सभी प्राइवेट विद्यालय अपनी आवश्यकता अनुसार जिलेवार किताबें डिपो से प्राप्त करें तथा 7 दिवस के भीतर अपने विद्यालय में बारकोड स्कैनिंग पूर्ण करें।

मुख्यमंत्री जी के इस निर्णय की सराहना करते हुए अध्यक्ष श्री पाण्डेय ने कहा कि यह शिक्षा के प्रति उनकी संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाता है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि सभी बच्चों की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके और कोई भी छात्र पुस्तक के अभाव में पीछे न रह जाए। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल एक बार फिर यह साबित करती है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित और सजगता से कार्य कर रहा है।

छत्तीसगढ़: किसानों के लिए खुशखबरी, डीएपी की जगह सरकार ने एनपीके और एसएसपी की व्यवस्था की!

छत्तीसगढ़: किसानों के लिए खुशखबरी, डीएपी की जगह सरकार ने एनपीके और एसएसपी की व्यवस्था की!

देश में डीएपी खाद के आयात में कमी के चलते चालू खरीफ सीजन में राज्य में डीएपी की आपूर्ति प्रभावित होने का वैकल्पिक मार्ग छत्तीसगढ़ सरकार ने निकाल लिया है। किसानों को डीएपी खाद की किल्लत के चलते परेशान होने की जरूरत नहीं है। डीएपी के बदले किसानों को भरपूर मात्रा में इसके विकल्प के रूप में एनपीके और एसएसपी खाद की उपलब्धता सोसायटियों के माध्यम सुनिश्चित की जा रही है। डीएपी की कमी को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एनपीके (20:20:013) और एनपीके (12:32:13) के वितरण लक्ष्य में 3.10 लाख मेट्रिक टन तथा एसएसपी के वितरण लक्ष्य में 1.80 लाख मेट्रिक टन की वृद्धि करने के साथ ही इसके भण्डारण एवं वितरण की भी पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की है। एनपीके और एसएसपी के लक्ष्य में वृद्धि होने के कारण चालू खरीफ सीजन में विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का वितरण लक्ष्य 14.62 लाख मेट्रिक टन से 17.18 लाख मेट्रिक टन हो गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि डीएपी खाद की कमी को लेकर किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके विकल्प के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अन्य रासायनिक उर्वरक जैसे-एनपीके और एसएसपी की भरपूर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इंदिरा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों के सुझाव के अनुरूप किसान डीएपी के बदले उक्त उर्वरकों का प्रयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। सोसायटियों से किसानों को उनकी डिमांड के अनुसार खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हो, इस पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। किसानों की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

चालू खरीफ सीजन में 14.62 लाख मेट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य कृषि विभाग द्वारा निर्धारित किया गया था, जिसमें यूरिया 7.12 लाख मेट्रिक टन, डीएपी 3.10 लाख मेट्रिक टन, एनपीके 1.80 लाख मेट्रिक टन, एमओपी 60 हजार मेट्रिक टन, एसएसपी 2 लाख मेट्रिक टन शामिल था। डीएपी के कमी को देखते हुए कृषि विभाग ने इस लक्ष्य को संशोधित किया है। डीएपी की आपूर्ति की कमी चलते इसके लक्ष्य को 3.10 लाख मेट्रिक टन से कमकर 1.03 लाख मेट्रिक टन किया गया है, जबकि एनपीके के 1.80 लाख मेट्रिक टन के लक्ष्य को बढ़ाकर 4.90 लाख मेट्रिक टन और एसएसपी के 2 लाख मेट्रिक टन को बढ़ाकर 3.53 लाख मेट्रिक टन कर दिया गया है। यूरिया और एमओपी के पूर्व निर्धारित लक्ष्य को यथावत् रखा गया है। इस संशोधित लक्ष्य के चलते रासायनिक उर्वरकों के वितरण की मात्रा 14.62 लाख मेट्रिक टन से बढ़कर अब 17.18 लाख मेट्रिक टन हो गई है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि डीएपी की कमी को अन्य उर्वरकों के निर्धारित मात्रा का उपयोग कर पूरी की जा सकती है और फसल उत्पादन बेहतर किया जा सकता है। फसलों के लिए जरूरी पोषक तत्व जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश सहित मात्रा में मिले तो उपज में कोई कमी नहीं आती है। डीएपी की कमी को देखते हुए किसानों को अन्य फॉस्फेट खादों के उपयोग की सलाह दी है। डीएपी के प्रत्येक बोरी में 23 किलोग्राम फॉस्फोरस और 9 किलोग्राम नाइट्रोजन होता है। इसके विकल्प के रूप में तीन बोरी एसएसपी और एक बोरी यूरिया का उपयोग करने से पौधों को पर्याप्त मात्रा में फॉस्फोरस, कैल्सियम, नाइट्रोजन और सल्फर मिल जाता है। एसएसपी उर्वरक पौधों की वृद्धि के साथ-साथ जड़ों के विकास में भी सहायक है, इसके उपयोग से फसल की क्वालिटी और पैदावार बढ़ाने में मदद मिलती है। डीएपी की कमी को दूर करने के लिए किसान जैव उर्वरकों का भी उपयोग कर सकते हैं।

महासमुंद / कारखाना प्रबंधन एवं संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है। संयुक्त टीम द्वारा निर्माणाधीन पिकाडिली एग्रो इंडस्ट्रीज का किया गया निरीक्षण

संयुक्त टीम द्वारा निर्माणाधीन पिकाडिली एग्रो इंडस्ट्रीज का किया गया निरीक्षण
महासमुंद, 03 जुलाई 2025/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में संयुक्त टीम द्वारा आज बेलटुकरी स्थित निर्माणाधीन पिकाडिली एग्रो इंडस्ट्रीज का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण टीम में श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र, खनिज अधिकारी श्री योगेन्द्र सिंह, लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता श्री बी.के. पाण्डेय, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के उप संचालक श्री मनीष कुंजाम, एवं नापतौल विभाग के श्री सिद्धार्थ दुबे शामिल थे।
निरीक्षण के दौरान प्राप्त शिकायतों की पुष्टि हेतु दस्तावेजों की जांच की गई तथा प्रबंधन को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि कारखाने में अन्य राज्यों से आए लगभग 100 श्रमिक कार्यरत हैं, जिनकी सूची नाम-पता सहित श्रम विभाग को प्राप्त हुई है। हालांकि, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन एवं सेवा शर्त) अधिनियम 1996 के अंतर्गत श्रमिक पंजीयन प्रमाण पत्र तथा संबंधित रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके लिए कारखाना प्रबंधन एवं संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग बलौदाबाजार द्वारा निरीक्षण में पाया गया कि कुछ श्रमिक बिना आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के कार्यरत हैं, जिस पर प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। विधिक माप विज्ञान विभाग की जांच में चूंकि कारखाना निर्माणाधीन है, इसलिए किसी प्रकार की माप तौल संबंधी अनियमितता नहीं पाई गई। वहीं खनिज विभाग की रिपोर्ट में उद्योग द्वारा खनिज अधिनियम या नियमों का कोई उल्लंघन नहीं पाया गया है।
निरीक्षण के दौरान यह भी अवगत कराया गया कि भारी वाहनों के आवागमन व वर्षा के चलते भोरिंग से अछोली ग्रामीण मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। इस मार्ग की मरम्मत खनिज विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा पिकाडिली एग्रो इंडस्ट्रीज एवं करणी कृपा संस्था के सहयोग से फर्शी पत्थर खदान के गिट्टी व बजरी से की जा रही है। लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता द्वारा निरीक्षण के दौरान बताया गया कि मार्ग मरम्मत कार्य लगभग 70 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है तथा कार्य की निगरानी संबंधित उद्योग प्रबंधन द्वारा की जा रही है।

राज्यपाल श्री रमेन डेका शुक्रवार को पिथौरा प्रवास पर रहेंगे

राज्यपाल श्री रमेन डेका शुक्रवार को पिथौरा प्रवास पर रहेंगे

महासमुंद, 3 जुलाई 2025/
राज्यपाल श्री रमेन डेका 4 जुलाई 2025, शुक्रवार को पिथौरा प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे दोपहर 1:30 बजे राजभवन,रायपुर से प्रस्थान करेंगे तथा दोपहर 3:00 बजे सर्किट हाउस पिथौरा में अधिकारियों की बैठक लेंगे।

बैठक के दौरान वे जिले के विकास कार्यों, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। बैठक के पश्चात राज्यपाल श्री डेका पिथौरा से पुनः राजभवन के लिए प्रस्थान करेंगे।

महासमुंद : महासमुंद जिले में सहकारी समिति झालखम्हारिया में खाद की पर्याप्त उपलब्धता  

महासमुंद : महासमुंद जिले में सहकारी समिति झालखम्हारिया में खाद की पर्याप्त उपलब्धता

 

किसानों को मिल रही जरूरत के अनुसार खाद कृषि कार्यों के लिए आवश्यक खाद-बीज की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु महासमुंद जिले की सहकारी समिति झालखम्हारिया में खाद का पर्याप्त भंडारण किया गया है। जिले में कृषकों की मांग को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार की खाद उपलब्ध कराई गई है, जिससे किसानों को सहज रूप से खाद प्राप्त हो रही है। सोसायटी प्रबंधक श्री भोजराम साहू ने बताया कि उपलब्ध खाद में यूरिया 222.57 टन, सुपर फॉस्फेट 30 टन, पोटाश 31.95 टन, डी.ए.पी. 161.60 टन, एन.पी.के. 12.50 टन शामिल है। वर्तमान में 64.10 टन खाद विक्रय हेतु शेष है। किसानों की मांग के अनुरूप खाद का सतत वितरण जारी है।

इस सोसायटी में खाद लेने आए लघु कृषक श्री संदीप विश्वकर्मा ने बताया कि शासन द्वारा खाद की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें तत्काल खाद प्राप्त हो सका। उन्होंने आज 6 बोरी डी.ए.पी., 10 बोरी नीम लेपित यूरिया, और 2 बोरी पोटाश प्राप्त किया। संदीप विश्वकर्मा ने कहा कि खाद वितरण की इस सरल और पारदर्शी व्यवस्था से किसानों को काफी राहत मिली है। इसके लिए उन्होंने शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। समय पर खाद मिलने से फसल अच्छी होगी। जिससे आमदनी भी बढ़ेगी।

कृषि विभाग द्वारा जिले में किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार किसानों को खाद-बीज समय पर और आसानी से उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। सहकारी समितियों में पर्याप्त भंडारण और त्वरित वितरण व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अधिकृत सहकारी समितियों से ही खाद-बीज प्राप्त करें तथा कालाबाजारी से बचें। जिले में खाद की कमी नहीं है और सभी कृषकों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी। डीएपी के विकल्प के तौर पर भी सुपर फॉस्फेट और यूरिया का उपयोग किया जा सकता है।

सरायपाली/ओम हॉस्पिटल डॉ. चन्द्रमुकेश धावड़े मस्तिष्क एवं स्पाइन रोग विशेषज्ञ 4जुलाई को सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक उपलब्ध रहेंगे

सरायपाली/ओम हॉस्पिटल डॉ. चन्द्रमुकेश धावड़े मस्तिष्क एवं स्पाइन रोग विशेषज्ञ 4जुलाई को सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक उपलब्ध रहेंगे

ओम हॉस्पिटल NABH एंट्री लेवल से मान्यता प्राप्त हॉस्पिटल

प्रसिद्ध मस्तिष्क एवं स्पाइन रोग विभाग प्रदेश के प्रसिद्ध मस्तिष्क एवं स्पाइन रोग विशेषज्ञ

डॉ. चन्द्रमुकेश धावड़े

(MBBS. MS, MCH ) ( Neuro Surgeon)  मस्तिष्क एवं स्पाइन विशेषज्ञ

4 जुलाई 2025 शुक्रवार, को उपलब्ध रहेंगे

समय :- सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक

उपलब्ध इलाज:-

• सर का बड़ा होना

•शंट सर्जरी

• सर की चोट

• असामान्य सर दर्द

• चक्कर आना

•माइग्रेन एवं मिर्गी

नसों का दबना

• स्ट्रोक लकवा

आयुष्मान कार्ड / राशन कार्ड और इंश्योरेंस

से इलाज की सुविधा उपलब्ध

ओम हॉस्पिटल

नोट- प्रत्येक माह के

प्रथम और तीसरे शुक्रवार

को उपलब्ध रहेंगे

अग्रिम पंजीयन अनिवार्य

बीजू कार्ड से नि:शुल्क इलाज

की सुविधा

संपर्क करें-Ph-07725-299360,

Mob-83700-08558

प्रत्येक गुरुवार निःशुल्क परामर्श

19 स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय के पास, नेशनल हाइवे, सरायपाली (छ.ग.)

हमारे अन्य ब्रांच

ओम हॉस्पिटल एच. पी. पेट्रोल पम्प के पास महादेवघाट, रायपुर (छ.ग.)

संपर्क – 83700-08551

ओम हॉस्पिटल हटा ग्राउंड के सामने, जगदलपुर (बस्तर) संपर्क – 8435908123

ओम हॉस्पिटल

खरोरा रोड, बहेसर (तिल्दा )संपर्क- 7000374946, 9302734809

महासमुंद/ सिंघोड़ा शराब पीकर गाली गलौज मारपीट की घटना

महासमुंद/ सिंघोड़ा शराब पीकर गाली गलौज मारपीट की घटना

 

थाना सिंघोडा धारा 296, 115(2), 351(2)के तहत, अश्लील गाली गलौच करते हुए लकडी से मारपीट करने एवं जान से मारने की धमकी देने के संबंध मे रिपोर्ट बाबत् मै लता कुलदीप पति हेमसागर कुलदीप उम्र 40 साल जाति गांडा साकिन मानपाली थाना सिंघोडा जिला महासमुंद की निवासी हू घरेलु कार्य करती हूं आ‍ज दिनांक 02/07/2025 के दोपहर 02:30 बजे मेरा देवर तहसील कुलदीप पिता गौतम कुलदीप उम्र 38 साल साकिन मानपाली थाना सिंघोडा जिला महासमुंद शराब पीकर मुझे गाली गलौच कर रहा था मना करने पर लकडी से मारपीट कर चोट पहूंचाया है एवं जान से मारने की धमकी दिया है, मारपीट करने से मेरे बांये हाथ के अंगुठे के उपर एवं दाहिने हाथ के कोहनी मे चोट लगा है खून निकल रहा है दर्द हो रहा है घटना को मेरे पुत्र संजय दीप एवं टेकलाल तांडी देखे सुने एवं बीच बचाव किये है। तहसील कुलदीप के द्वारा मां बहन की अश्लील गाली गलौच कर लकडी से मारपीट कर चोट पहूंचाकर जाने से मारने की धमकी दिया है जिसकी रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही की मांग।

रायपुर : हमने सच्चे राष्ट्र सेवक, संवेदनशील प्रशासक और एक महान व्यक्ति को खो दिया है-श्री रमेन डेका

रायपुर : हमने सच्चे राष्ट्र सेवक, संवेदनशील प्रशासक और एक महान व्यक्ति को खो दिया है-श्री रमेन डेका

पूर्व राज्यपाल श्री शेखर दत्त को राजभवन में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल श्री शेखर दत्त के निधन पर आज राजभवन में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि हमने सच्चे राष्ट्रसेवक, संवेदनशील प्रशासक और एक महान व्यक्ति को खो दिया है।

पूर्व राज्यपाल श्री शेखर दत्त के निधन पर राजभवन में शोक सभा का आयोजन किया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने स्वर्गीय श्री दत्त के छायाचित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित की। राजभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने मृतात्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन धारण किया। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि हम सभी के लिए यह अत्यंत दुखद क्षण है। श्री शेखर दत्त जी का जीवन अनेक आदर्शों से भरा रहा। वे केवल एक उच्चपदस्थ अधिकारी नहीं थे, बल्कि एक वीर सैनिक और एक संवेदनशील जनसेवक भी थे। उन्होंने भारतीय सेना में कमीशंड अधिकारी के रूप में सेवा दी थी और वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में भाग लिया था। देश के लिए उनके इस वीरता और साहस पर हम सभी को गर्व है। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि चाहे आप सैनिक हों, प्रशासक हों या नागरिक, देशसेवा का जज्बा और मानवीय  संवेदनाएं ही किसी को महान बनाती हैं।

श्री डेका ने कहा कि सेना से भारतीय प्रशासनिक सेवा में आए शेखर दत्त जी ने अपने करियर में अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। रक्षा मंत्रालय में रक्षा सचिव के रूप में उन्होंने देश की सुरक्षा नीतियों को मजबूती दी। बाद में जब उन्हें छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त किया गया, तब उन्होंने इस राज्य की   सांस्कृतिक और प्रशासनिक संरचना को मजबूती देने में उल्लेखनीय योगदान दिया। छत्तीसगढ़ में उनके कार्यकाल के दौरान, उन्होंने विशेष रूप से जनजातीय समाज की समस्याओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, और ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर गंभीरता से कार्य किया। वे सादगी, कर्मठता और समर्पण की प्रतिमूर्ति थे। उनका व्यवहार सभी से आत्मीयता से भरा होता था।   राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना ने श्री शेखर दत्त के जीवन परिचय एवं उनके कार्यो का स्मरण किया।

इस अवसर पर राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय, उप सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

 

रायपुर : महतारी वंदन योजना से लाखों महिलाओं की बदली जिंदगी

रायपुर : महतारी वंदन योजना से लाखों महिलाओं की बदली जिंदगी

 छत्तीसगढ़ की महिला सशक्तिकरण यात्रा में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में इस योजना ने महिलाओं को न केवल आर्थिक संबल दिया है, बल्कि आत्मनिर्भर और गरिमामयी जीवन जीने की राह भी दिखाई है।

इस योजना के अंतर्गत जशपुर जिले की 2 लाख से अधिक महिलाओं को मार्च 2024 से जून 2025 तक 342 करोड़ 39 लाख 31 हजार 950 रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि यह योजना जमीनी स्तर पर महिलाओं के जीवन में ठोस परिवर्तन ला रही है।

आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संचार

महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर पात्र महिला को प्रति माह 1000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इस पहल ने महिलाओं को छोटे-छोटे निर्णय स्वयं लेने की स्वतंत्रता दी है।

जशपुर की हितग्राही श्रीमती ममता यादव, जो सिलाई का काम करती हैं, बताती हैं कि योजना की राशि और उनके काम से प्राप्त आमदनी मिलाकर अब वह अपने परिवार का पालन-पोषण बेहतर ढंग से कर रही हैं। वे बच्चों के भविष्य के लिए बचत भी कर पा रही हैं।

इसी तरह श्रीमती सरिता यादव, श्रीमती अनीता सोनकर, श्रीमती बिरसमुनी सिंह, श्रीमती लक्ष्मी बाई और श्रीमती अनीशा बाई सहित जिले की हजारों महिलाएं इस योजना की मदद से आत्मनिर्भर बन रही हैं।

राशि का निवेश : सिर्फ खर्च नहीं, भविष्य की नींव

योजना से मिली आर्थिक सहायता को महिलाएं केवल घरेलू खर्च तक सीमित नहीं रख रहीं, बल्कि इसे सुकन्या समृद्धि योजना, छोटे व्यवसाय, और स्वरोजगार में निवेश कर रहीं हैं।

सरकार की महतारी शक्ति ऋण योजना के तहत जशपुर की 875 महिलाओं को 25 हजार रुपए तक का ऋण 48 आसान किश्तों में न्यूनतम ब्याज दर पर उपलब्ध कराया गया है, जिससे वे व्यवसायिक गतिविधियों में भाग ले रही हैं।

प्रदेशभर में 11081.68 करोड़ रुपए की सहायता

मार्च 2024 में शुरू हुई महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 17 माहों में 11081.68 करोड़ रुपए की राशि 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा व परित्यक्ता महिलाओं को प्रदान की जा चुकी है।यह योजना प्रदेश के हर कोने में महिलाओं के जीवन में बदलाव की कहानी लिख रही है और सामाजिक ढांचे में महिलाओं की भूमिका को और सशक्त बना रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस योजना को मातृत्व के सम्मान और महिलाओं के आत्मनिर्भर भविष्य की संकल्पना के साथ लागू किया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने स्वयं ज़मीनी स्तर पर योजना के प्रभाव की निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया कि इसका लाभ हर पात्र महिला तक पहुंचे।

श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को समाज में वह स्थान दिलाना है जिसकी वे हकदार हैं। महतारी वंदन योजना इसी दिशा में एक सशक्त कदम है।