रायपुर : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव पहुंचे मातृ-शिशु अस्पताल, भर्ती महिलाओं तथा नवजातों के परिजनों से मिलकर सेहत की जानकारी ली

रायपुर : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव पहुंचे मातृ-शिशु अस्पताल, भर्ती महिलाओं तथा नवजातों के परिजनों से मिलकर सेहत की जानकारी ली  में निर्माणाधीन कार्यों का लिया जायजा, समय-सीमा में काम पूरा करने के दिए निर्देश

नए भवन के निर्माण से बढ़ेगी बिस्तरों की संख्या उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज मुंगेली जिले के लोरमी स्थित मातृ-शिशु अस्पताल पहुंचकर महिला वार्ड, प्रसव कक्ष एवं पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड में भर्ती महिलाओं तथा शिशुओं के परिजनों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य और इलाज के इंतजामों की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों को फल भी वितरित किए। श्री साव ने डॉक्टरों से नवजात शिशुओं के देखभाल के बारे में पूछा। उन्होंने अस्पताल की मौजूदा व्यवस्थाओं और सुविधाओं की समीक्षा कर मरीजों के समुचित इलाज के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन बाउंड्रीवाल और भवन का जायजा लिया। उन्होंने  इस दौरान अधिकारियों को सभी कार्यों को निर्धारित समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। नए भवन के निर्माण के बाद यहां बिस्तरों की संख्या 50 से अधिक हो जाएगी।

 

 

रायपुर : पत्रकारिता विश्वविद्यालय में मीडिया कोर्स में प्रवेश की तिथि घोषित

रायपुर : पत्रकारिता विश्वविद्यालय में मीडिया कोर्स में प्रवेश की तिथि घोषित

छात्रों के लिए कैरियर गाइडेंस डेस्क की होगी स्थापना कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में आज विभागाध्यक्षों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता रायपुर संभागायुक्त एवं कुलपति श्री महादेव कावरे ने की।

कुलपति श्री कावरे ने कहा कि मीडिया शिक्षा में व्यापक संभावनाएं हैं और विश्वविद्यालय न्यूनतम शुल्क में ग्रामीण एवं शहरी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देने हेतु हेल्प डेस्क की स्थापना और मीडिया पाठ्यक्रमों के प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया के अधिकाधिक उपयोग पर बल दिया। बैठक में प्रवेश समिति, शुल्क निर्धारण समिति एवं कक्षा व छात्रावास व्यवस्था के बेहतर संचालन के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही कुलपति ने विश्वविद्यालय में चल रहे सेमेस्टर परीक्षाओं का निरीक्षण भी किया।

शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीजी डिप्लोमा स्तर के मीडिया पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक पाठ्यक्रम में 40 सीटें निर्धारित हैं। प्रवेश प्रक्रिया में शासन के नियमानुसार आरक्षण एवं पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की सुविधा उपलब्ध होगी। प्रवेश के लिए मेरिट लिस्ट 30 जून 2025 को जारी की जाएगी एवं अंतिम तिथि 5 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है। रिक्त सीटों हेतु दूसरी सूची 12 जुलाई 2025 को जारी की जाएगी।

बैठक में अध्ययन संकाय के विभागाध्यक्ष श्री पंकज नयन पाण्डेय, श्री शैलेन्द्र खण्डेलवाल, डॉ. नृपेन्द्र कुमार शर्मा एवं डॉ. राजेन्द्र मोहंती ने अपने-अपने विभागों में प्रवेश से संबंधित गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा, उप कुलसचिव श्री सौरभ शर्मा, सहायक कुलसचिव डॉ. देवसिंह पाटिल, वित्त अधिकारी श्री विनय राज ढीढ़ी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

 

रायपुर : मुख्यमंत्री जशपुर में राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम में होंगे शामिल

रायपुर : मुख्यमंत्री जशपुर में राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम में होंगे शामिल

कलेक्टर ने रणजीता स्टेडियम में तैयारियों का लिया जायजा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आगामी 21 जून को जशपुर नगर में राज्य स्तरीय वृहद योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं उपस्थित रहेंगे और आम नागरिकों के साथ योगाभ्यास करेंगे। यह कार्यक्रम रणजीता स्टेडियम, जशपुर में आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शनिवार को रणजीता स्टेडियम का निरीक्षण कर स्थल की व्यवस्थाओं और प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों और अतिथियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। वर्षा ऋतु को देखते हुए वाटर प्रूफ पंडाल लगाए जाने, पर्याप्त संख्या में योगा मैट की व्यवस्था, अतिथियों के लिए बैठक, पार्किंग एवं बेरिकेडिंग, पेयजल, विद्युत, साउंड सिस्टम एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री व्यास ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का माध्यम है। इसके नियमित अभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर भी संतुलन विकसित होता है।

इस निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, एसडीएम श्री ओंकार यादव एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

रायपुर : संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर जांच ही रोगों से बचाव का मूल मंत्र : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर : संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर जांच ही रोगों से बचाव का मूल मंत्र : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय भव्य निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में हुए शामिल: सिंधी समाज की सेवा भावना को मुख्यमंत्री ने सराहा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी संपदा है। यदि हम संतुलित आहार लें, नियमित रूप से व्यायाम करें और समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच कराएं, तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के केनाल रोड स्थित झूलेलाल धाम में आयोजित भव्य निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित कर रहे थे।

पूज्य बाबा गुरुदास राम साहेब जी की 94वीं जयंती के अवसर पर इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन पूज्य शदाणी सेवा मंडल, पूज्य बाबा गरीबदास सेवा मंडल, पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत, भारतीय सिंधु सभा तथा पूज्य कंधकोट पंचायत द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने स्वास्थ्य जांच कराई और आयुष्मान कार्ड भी बनवाए। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं प्रदान की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज की अनियमित जीवनशैली, मिलावटी खानपान और प्रदूषित वातावरण के कारण बीपी और डायबिटीज जैसी बीमारियाँ अब आम हो चुकी हैं। यहां तक कि ग्रामीण क्षेत्रों के मेहनतकश लोग भी अब इन बीमारियों से अछूते नहीं हैं। ऐसे में इस तरह के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन अत्यंत सराहनीय पहल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सिंधी समाज की सेवा भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह समाज प्रारंभ से ही सामाजिक सरोकारों में अग्रणी रहा है। उन्होंने स्मरण करते हुए कहा कि जब वे रायगढ़ से सांसद थे, तब से वे सिंधी समाज के विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होते रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इस अवधि में स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में चौतरफा विकास हुआ है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से छत्तीसगढ़ आज मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है। राज्य निर्माण के समय जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं अब शासकीय एवं निजी क्षेत्र मिलाकर 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों की स्थापना भी हुई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्थाएं सुदृढ़ हुई हैं। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी प्रारंभ किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बेहतर इलाज की सुविधा देने हेतु केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही, 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को वय वंदन योजना के अंतर्गत इलाज हेतु 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। इसी प्रकार, राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के अंतर्गत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 25 से 30 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से भी पात्र मरीजों को आर्थिक सहायता दी जाती है।

मुख्यमंत्री ने अंत में स्वास्थ्य शिविर के संयोजक श्री अमित चिमनानी एवं शिविर में सेवा प्रदान करने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक श्री गुरु खुशवंत साहेब, धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कार्यक्रम संयोजक श्री अमित चिमनानी, भारतीय सिंधु सभा के अध्यक्ष श्री लधाराम जी, छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के अध्यक्ष श्री महेश दरयानी सहित सिंधी समाज के सेवादार, विशेषज्ञ डॉक्टर एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

 

रायपुर : विशेष लेख : रक्षा, एयरोस्पेस और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में निवेश का नया केंद्र बनने की ओर छत्तीसगढ़

रायपुर : विशेष लेख : रक्षा, एयरोस्पेस और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में निवेश का नया केंद्र बनने की ओर छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ राज्य अब केवल खनिज और कृषि प्रधान राज्य नहीं रह गया है, बल्कि तकनीकी नवाचार और रणनीतिक उद्योगों का नया गढ़ बनकर उभरने की दिशा में अग्रसर है। इस परिवर्तन की आधारशिला मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में रखी गई है, जिन्होंने न केवल राज्य की औद्योगिक नीतियों को समकालीन और रोजगारोन्मुख बनाया, बल्कि रक्षा, एयरोस्पेस और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में हाल ही में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में इन उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के लिए पृथक औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की गई। यह पैकेज न केवल इन क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करेगा, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए सेवा और रोजगार के अवसरों के नए द्वार भी खोलेगा।

छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत तैयार किया गया यह विशेष पैकेज अत्याधुनिक उद्योगों की स्थापना और विस्तार को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। रक्षा, एयरोस्पेस और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से जुड़े उद्यमों को स्थायी पूंजी निवेश के आधार पर 100 प्रतिशत तक की एसजीएसटी प्रतिपूर्ति या वैकल्पिक रूप से पूंजी अनुदान की सुविधा दी जाएगी। 50 करोड़ से लेकर 500 करोड़ से अधिक के निवेश करने वाली इकाइयों के लिए 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 300 करोड़ रुपये तक तय की गई है। इसके साथ ही, निवेशकों को ब्याज अनुदान, विद्युत शुल्क में छूट, स्टाम्प और पंजीयन शुल्क में रियायतें, भूमि उपयोग परिवर्तन शुल्क में छूट, रोजगार सृजन पर आधारित प्रोत्साहन, ईपीएफ प्रतिपूर्ति और प्रशिक्षण अनुदान जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी।

इस नीति का सबसे प्रभावशाली पहलू यह है कि इसमें स्थानीय युवाओं के लिए स्थायी रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। जो उद्योग छत्तीसगढ़ के निवासियों को पहली बार रोजगार देंगे, उन्हें दिए गए वेतन का 20 प्रतिशत तक अनुदान भी मिलेगा। यह राज्य सरकार की उस सोच का परिणाम है, जिसमें ‘विकास’ केवल आंकड़ों तक सीमित न रहकर आम जनता के जीवनस्तर में वास्तविक सुधार का माध्यम बने।

रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास की स्थापना पर व्यय का 20 प्रतिशत तक अनुदान, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना पर पूंजी निवेश अनुदान तथा ड्रोन प्रशिक्षण केंद्रों के लिए विशेष सहायता जैसी व्यवस्थाएं राज्य को प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और अग्रणी बनाएंगी। जो इकाइयां 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेंगी या 1000 से अधिक लोगों को रोजगार देंगी, उन्हें अतिरिक्त औद्योगिक प्रोत्साहन भी मिलेगा। इससे वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर की बड़ी कंपनियों को राज्य में निवेश हेतु प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का मानना है कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश के नए अवसरों के साथ ही रोजगार, तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का एक समेकित पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जाए। छत्तीसगढ़ का युवा केवल नौकरी खोजने वाला न बने, बल्कि नौकरी देने वाला भी बने। यह औद्योगिक नीति मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों के अनुरूप राज्य को नई पहचान दिलाने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़ते हुए रक्षा और एयरोस्पेस जैसे उच्च तकनीक क्षेत्रों में निवेश का गंतव्य बनता जा रहा है। यह न केवल राज्य की आर्थिक समृद्धि को गति देगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को सपनों की नई ऊंचाई तक ले जाने का मार्ग भी खोलेगा।

 

रायपुर : मिशन अमृत से कोसारटेड़ा बांध का पानी पहुंचेगा घरों तक, कोंडागांव में जल प्रदाय योजना का 33 प्रतिशत काम पूरा

रायपुर : मिशन अमृत से कोसारटेड़ा बांध का पानी पहुंचेगा घरों तक, कोंडागांव में जल प्रदाय योजना का 33 प्रतिशत काम पूरा

9 एमएलडी क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम जोरों पर, 9 हजार घरों में पहुंचेगा शुद्ध पेयजल 102 करोड़ की योजना से कोंडागांव में निर्बाध पेयजल की होगी आपूर्ति

कोंडागांव नगर पालिका में मिशन अमृत 2.0 के तहत जल प्रदाय योजना का काम तेजी से प्रगति पर है। पेयजल की निर्बाध आपूर्ति के लिए कोंडागांव से 25 किलोमीटर दूर कोसारटेड़ा बांध का पानी लाकर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध कर नल कनेक्शन के जरिए घर-घर पहुंचाया जाएगा। कुल 102 करोड़ रुपए लागत की इस जल प्रदाय योजना का अब तक 33 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। आगामी डेढ़ से दो वर्षों में योजना का शत-प्रतिशत काम पूर्ण करने का लक्ष्य है।

भारत सरकार के मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत कोंडागांव में पेयजल आपूर्ति के लिए नौ एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। यहां शुद्ध किए गए जल की आपूर्ति शहर में वर्तमान में विद्यमान पांच पानी टंकियों के साथ ही योजना के तहत बनाई जा रही दो नई टंकियों से की जाएगी। मिशन अमृत के अंतर्गत शहर के बांधापारा में 555 किलोलीटर और फॉरेस्ट कॉलोनी के पास 810 किलोलीटर की ओवरहेड पानी टंकियां निर्माणाधीन हैं। शहर की नई और पुरानी पानी टंकियों के जरिए नौ हजार घरों तक शुद्ध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जाएगा। कोंडागांव की 40 हजार आबादी को इसका फायदा मिलेगा। कोंडागांव नगर पालिका में पेयजल की सुचारू व्यवस्था के लिए मिशन अमृत के तहत 24 किलोमीटर रॉ-वाटर पाइपलाइन और करीब 11 किलोमीटर क्लियर-वाटर पाइपलाइन बिछाई जाएगी। 143 किलोमीटर ड्रिस्ट्रीब्यूशन लाइन के जरिए हर घर नल से जल की आपूर्ति की जाएगी। निर्माणकर्ता एजेंसी योजना के विभिन्न घटकों के निर्माण और स्थापना के साथ ही पांच वर्षों तक संचालन व संधारण करेगी।

 

बसना/ पुरानी जमीन संबंधी विवाद को लेकर मारपीट एफआईआर दर्ज

 बसना/ पुरानी जमीन संबंधी विवाद को लेकर मारपीट                                                                                                                  मैं तुलसी चौहान उपरोक्त पते पर रहता हूं मजदुरी का काम करता हूं कि दिनांक 12.06.2025 के रात्री करीबन 08.00 बजे के आसपास रिश्तेदार बाबूलाल चौहान, धर्मेन्द्र सिदार, रामदास चौहान, इंद्रजीत चौहान द्वारा पुरानी जमीन संबंधी विवाद को लेकर घर के बाहर में आकर मां बहन गंदी गाली गलौच कर मारपीट करने लिखित आवेदन पेश किया जो आरोपियों के विरूध्द धारा 296,115 (2),3(5) बीएनएस का अपराध घटित करने पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध किया जाता है। आवेदन नकल जैल है। प्रति चौकी प्रभारी महोदय चौकी भंवरपुर थाना बसना जिला महासमुन्द छ0ग0 विषय गाली गलौच कर मारपीट करने बाबत महोदय निवेदन है कि मैं तुलसी चौहान पिता स्व0 मोहित राम चौहान उम्र 65 साल साकिन ग्राम ढालम चौकी भंवरपुर थाना बसना जिला महासमुन्द छ0ग0 का निवासी हूं यह कि कल दिनांक 12.06.2025 के रात लगभग 08.00 बजे आसपास खाना खाकर में घर से बाहर निकला ही था तब हमारे सभी रिश्तेदार बाबूलाल चौहान, धर्मेन्द्र सिदार पिता धनीचंद सिदार, रामदास चौहान एवं इन्द्रजीत चौहान सभी लोग मिलकर पुरानी जमीन संबंधी विवाद को लेकर मां बहन की गंदी गंदी गाली गलौच कर हाथ मुक्का से मारपीट किये उसी समय मेरे बेटा प्रभात चौहान बीच बचाव करने आया तो उसे भी गाली गलौच करने लगे एवं बाबूलाल चौहान के द्वारा हाथ में पकडे ईंट के टूकडे से मेरा बेटा प्रभात चौहान के सिर को मारा जिससे उसके सिर में चोट लगा व खून निकलने लगा घटना को सत्ते सिंग चौहान एवं देवधर नायक देखे सुने हैं व बीच बचाव किये हैं अत: श्रीमान जी से अनुरोध है कि इस विषय में उचित कार्यवाही करने की कृपा करेंगे।                          आरोपियों के खिलाप आरोपियों के विरूध्द धारा 296,115 (2),3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है

रायपुर : जल जीवन मिशन से बदली तस्वीर

रायपुर : जल जीवन मिशन से बदली तस्वीर

कुजरी बना ‘हर घर जल’ ग्राम मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बोले यह सिर्फ योजना नहीं  बल्कि सम्मान और सुविधा छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता में शामिल जल जीवन मिशन आज गांवों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल रहा है। जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बूमतेल के ग्राम कुजरी में यह बदलाव देखा जा सकता है, जहां अब हर घर में नल से पानी पहुंच रहा है।

जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव के 63 घरों में घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से नियमित जल आपूर्ति की जा रही है। उच्चस्तरीय जलागार से जुड़े इन कनेक्शनों ने ग्रामीणों को जल संकट से मुक्त कर दिया है। ग्रामवासी अशोक भगत बताते हैं, पहले हमें पानी भरने के लिए हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता था, अब घर पर नल लग गया है और बड़ी राहत मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सुविधा उनके लिए बहुत बड़ी सौगात है। गांव में जल आपूर्ति पूर्ण रूप से संचालित होने के पश्चात ‘हर घर जल’ सत्यापन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने भाग लेकर योजना के प्रति अपनी संतुष्टि व्यक्त की। इसके बाद कुजरी को हर घर जल ग्राम घोषित किया गया और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जशपुर द्वारा ग्रामीणों को इस उपलब्धि पर बधाई दी गई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कहना है की यह सिर्फ नल जल योजना नहीं, यह सम्मान, सुविधा और स्वाभिमान का जल है। हर गांव, हर घर तक पानी पहुंचाना हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, और हम इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।जल जीवन मिशन के माध्यम से न सिर्फ ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल रही है, बल्कि महिलाओं को भी राहत मिली है।

 

रायपुर : मुंगेली में आबकारी विभाग की कार्रवाई, 7.5 लीटर अवैध शराब जब्त

रायपुर : मुंगेली में आबकारी विभाग की कार्रवाई, 7.5 लीटर अवैध शराब जब्त

ग्राम सिलौटी में दबिश, आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देश पर जिले में अवैध शराब के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आबकारी विभाग ने 12 जून को ग्राम सिलौटी में दबिश देकर 7.5 लीटर अवैध कच्ची शराब जब्त की। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई विशेष अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर नियंत्रण पाना है। विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर शराब के अवैध कारोबार को रोकने की दिशा में कार्रवाई की है।  आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की अवैध शराब निर्माण, संग्रहण या विक्रय की जानकारी मिले, तो तत्काल विभाग को सूचित करें, जिससे समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई  की जाएगी।

 

छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे हैं कोविड के मामले, 12 नए मरीज मिले, इस शहर में सबसे ज्यादा पेशेंट

छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे हैं कोविड के मामले, 12 नए मरीज मिले, इस शहर में सबसे ज्यादा पेशेंट

छत्तीसगढ़ में कोरोना लगातार पैर पसार रहा है. गुरुवार को राज्य में कोविड-19 के 12 नए मामले सामने आए, जिनमें रायपुर से 6, बिलासपुर से 4 और दुर्ग से 2 मामले शामिल हैं. राज्य में अब तक कोविड के कुल 87 मामले मिल चुके हैं, जिनमें से 45 ठीक हो चुके हैं, जबकि 42 एक्टिव केस हैं. नए कोविड मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट मोड पर है. सरकारी जिला अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में मेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है और आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल भी की गई है.

छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे हैं कोविड के मामले
दरअसल, छत्तीसगढ़ में कोरोना के बढ़ते मामलों ने टेंशन बढ़ा दी है. गुरुवार को कोविड के 12 नए मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. जिन जगहों पर कोरोना के मरीज मिले हैं, उनमें रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग शामिल हैं. राज्य में अब तक कोविड के कुल 87 मामले मिल चुके हैं.

इस शहर में सबसे ज्यादा पेशेंट
जानकारी के मुताबिक, अब तक राज्य में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बालोद, बस्तर और बेमेतरा समेत कुल 6 जिलों में कोविड के मरीज मिले हैं. जो नए मरीज सामने आए हैं, उनमें रायपुर से 6, बिलासपुर से 4 और दुर्ग से 2 मरीज हैं. ऐसे में गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा मरीज मिले

स्वास्थ विभाग अलर्ट मोड पर
प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर है. डॉक्टरों के मुताबिक, ज्यादातर मरीज होम क्वारंटीन में ही ठीक हो रहे हैं. स्टाफ को सैंपल कलेक्शन से लेकर कोविड मरीजों के इलाज तक की ट्रेनिंग दी जा रही है. इसके साथ ही आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल भी करवाई गई है. ताकि अगर केस बढ़ते हैं तो इससे आसानी से निपटा जा सके. (सोर्स-दैनिक भास्कर)