खाद्य तेल और दालों में गिरावट,त्योहार के पहले उपभोक्ताओं के लिए राहत, जानिए गिरे भाव

त्योहार के पहले उपभोक्ताओं के लिए राहत, खाद्य तेल और दालों में गिरावट, जानिए गिरे भाव मंडी रेट : अगले महीने से त्योहार की शुरूआत हो रही है और उपभोक्ताओं के लिए राहत वाली खबर है कि खाद्य तेलों व दालों की कीमतों में गिरावट बनी हुई है। खाद्य तेल 95 रुपये लीटर से शुरू है। अगले महीने से त्योहार की शुरूआत हो रही है और उपभोक्ताओं के लिए राहत वाली खबर है कि खाद्य तेलों व दालों की कीमतों में गिरावट बनी हुई है। खाद्य तेल 95 रुपये लीटर से शुरू है। खाद्य तेलों में गिरावट के पीछे मुख्य कारण विदेशी आयातित तेलों में गिरावट को माना जा रहा है। वहीं, राहर दाल 140 रुपये किलो व चना दाल 70 रुपये किलो में उपलब्ध है। हालांकि चावल की कीमतों में तेजी बनी हुई है और एचएमटी चावल अभी भी 60 से 68 रुपये किलो बिक रहा है। कारोबारियों का कहना है कि अभी अनाज मार्केट में कारोबार की रफ्तार थोड़ी सुस्त बनी हुई है।

कारोबारियों का कहना है कि विदेशी आयातित खाद्य तेलों की कीमतों में जबरदस्त गिरावट बनी हुई है। इसका नतीजा ही है कि इसकी कीमतों में गिरावट बनी हुई है। थोक खाद्य तेल बाजार में इन दिनों फल्ली तेल 2,800 रुपये, पामोलीन 1,500 रुपये, फार्च्यून तेल 1,570 रुपये, सरसों तेल(लाल गुलाब) 2,030 रुपये प्रति टन बिक रही है। जानिए रायपुर मंडी का भाव वहीं, चिल्हर में सोयाबीन 95 रुपये लीटर से शुरू है और फल्ली तेल 160 रुपये लीटर और सरसों तेल 135 रुपये लीटर बिक रही है। राहर दाल 155 रुपये किलो, चना दाल 75 रुपये किलो बिक रहा है। चावल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। इन दिनों एचएमटी चावल 60 से 68 रुपये किलो बिक रहा है।

कारोबारी मनीष राठौड़ का कहना है कि खाद्य तेलों व दालों की कीमतों में नरमी के साथ ही स्थिरता बनी हुई है, उपभोक्ताओं को इसका फायदा उठाना चाहिए। गेहूं में तेजी तो आटा भी महंगा गेहूं की कीमतों में तेजी के चलते आटे की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। गेहूं 3,200 से 5,200 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। ब्रांडेड आटा इन दिनों पांच किलो पैकेट 270 रुपये तक बिक रहे हैं। शक्कर की कीमतों में मामूली गिरावट आई है। थोक बाजार में शक्कर 3,730 से 4,000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। वहीं, चिल्हर में शक्कर 44 रुपये किलो तक बिक रही है। कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इसकी कीमतों में थोड़ी और गिरावट आ सकती है।

बसना :- अधीया मे दिए हार्वेस्टर मशीन पर सरकारी कर्मचारी ने किया कब्जा न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित

बसना :- अधीया मे दिए हार्वेस्टर मशीन पर सरकारी कर्मचारी ने किया कब्जा न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित
अमरिका प्रसाद सेन /अजीत सेन / पिता नान्हूलाल सेन निवासी ग्राम मुडीडीह, चौकी भंवरपुर, थाना बसना जिला महासमुंद ने अपने स्वयं के कृषि कार्य करने हेतु पवनकुमार
पटेल पिता आनंदराम पटेल जाति अघरिया निवासी ग्राम बांसकुडा थाना तुमगांव तहसील व जिला महासमुंद छ.ग. से हार्वेस्टर कटर जिसका पंजीयन नं. सी.जी.04
डीटी 0340 एवं इंजिन नं. एवं चेसिस नं. बीसीएचबी 1102427 को

किया क्रय किया गया था, जो कि अमरीका प्रसाद सेन द्वारा संपूर्ण प्रतिफल मूल्य पंजीकत स्वामी पवन कुमार पटेल को दिया जा चुका है. जिसका विक्रय इकरारनामा पीड़ित के पास उपलब्ध है. अमरीका सेन के अनुसार उसका आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण एक हार्वेस्टर लखन बिहारी
पटेलपिता अम्रत लाल पटेल ग्राम कुम्हारी थाना बसना, जिला महासमुंद छ.ग. को दिनांक 20.11.2018 को हार्वेस्टर में होने वाली कमाई को दो बंटवारा किया जावेगा इसी शर्त पर हार्वेस्टर मशीन को दिया गया था जिसे लखन बिहारी पटेल द्वारा उक्त हार्वेस्टर को आरोपी अपना बताते हुए वापस नहीं दिया जा रहा है और न ही उसके बदले पैसा दे रहा है हार्वेस्टर वापस करने को कहने पर मारपीट, गाली गलौच करता है. एवं शासकीय वर्ग-3 का कर्मचारी है नीचे देखें वीडियो

पीड़िता ने बताया क़ी शिकायत लेकर लगभग 2 माह से घूम रहा है शिकायत को जिला के एसपी और बसना थाना सहित भंवरपुर चौकी अंतर्गत शिकायत किया गया है हालांकि इस मामले मे अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुवा इस मामले मे भंवरपुर चौकी के जनक उराव ने कहा है क़ी जिसके खिलाप शिकायत किया गया है वह शिक्षक है आज बुलाया था कही मीटिंग बताकार सोमवार को आने क़ी बात कही गई उसके बाद ही जाँच कार्यवाही क़ी जाएगी!

भिलाई में IG कार्यालय के सामने युवक की हत्या, पत्थर से सिर कुचलकर झाड़ियों में फेंका शव

भिलाई में IG कार्यालय के सामने युवक की हत्या, पत्थर से सिर कुचलकर झाड़ियों में फेंका शव 32 बंगला सेक्टर-9 में आइजी कार्यालय के सामने एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। आरोपित ने सिर पर पत्थर पटककर उसकी हत्या की है। मृतक की पहचान हो चुकी है और अब पुलिस आरोपित की तलाश में जुट गई है। शहर के 32 बंगला सेक्टर-9 में आइजी कार्यालय के सामने एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। आरोपित ने सिर पर पत्थर पटककर उसकी हत्या की है। मृतक की पहचान हो चुकी है और अब पुलिस आरोपित की तलाश में जुट गई है। आरोपित का पता लगाने के लिए आइजी कार्यालय सहित दुर्ग से भिलाई की ओर आने वाले मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक आरोपित के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

 

शनिवार को 32 बंगला आइजी कार्यालय के सामने झाड़ियों में एक युवक की लाश मिली। मृतक की पहचान तकिया पारा दुर्ग निवासी शेख शाहरुख खान (27) के रूप में की गई है। वह अपने माता पिता व दो छोटे भाइयों से अलग अपनी दादी के साथ रहता था और इंदिरा मार्केट दुर्ग के स्टैंड में काम करता था। किसी अज्ञात आरोपित ने सीमेंट के बड़े से पत्थर से उसकी हत्या की है। शव को देखकर आशंका जताई जा रही है कि उसका हत्या शुक्रवार की रात को की गई है। हत्या के आरोपित का पता लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के साथ ही अब मृतक का काल डिटेल भी खंगाला जा रहा है। ताकि यह पता चल सके कि हत्या के पहले वो आखिरी बार किसके साथ था और फोन पर उसकी किससे बात हुई थी। पुलिस की अलग अलग टीमें मामले की जांच में जुट गई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शेख शाहरुख ने नौ साल पहले अंतरजातीय विवाह किया था, लेकिन उसकी शादी ज्यादा दिनों तक नहीं टिकी और शादी के दो साल बाद ही उसका अपनी से तलाक हो गया। तलाक के बाद उसकी पत्नी अपने बच्चे को लेकर अलग रहने लगी थी। इसके बाद से वो अपनी दादी के साथ रहता था। पारिवारिक पृष्ठभूमि भी सामान्य है। मृतक का पिता दुर्ग में ही रहता है और आटो चलाने का काम करता है। हत्या की वजह पुरानी रंजिश भी हो सकती है। लिहाजा उसके पुराने विवाद के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। थाना प्रभारी ने कही ये बात। मृतक की पहचान तकिया पारा दुर्ग निवासी शेख शाहरुख के रूप में हुई है। अभी तक हत्या करने वाले आरोपित के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। आरोपित की पतासाजी के लिए अलग अलग टीमें लगी हुई हैं।

काम की खबर: 250 रुपये में अपनी लाड़ली का भविष्य करें सुरक्षित, शिक्षा से लेकर विवाह का सरकार उठाएगी खर्च

काम की खबर: 250 रुपये में अपनी लाड़ली का भविष्य करें सुरक्षित, शिक्षा से लेकर विवाह का सरकार उठाएगी खर्च सुकन्या समृद्धि योजना एक सरकारी बचत स्कीम है। 10 साल या उससे कम आयु की बालिका के माता-पिता इस स्कीम के तहत अकाउंट खुलवा सकते हैं। बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए सरकार कई योजनाओं चला रही है। इनमें सुकन्या समृद्धि योजना है, जो लड़कियों का भविष्य सुरक्षित करने का काम करती है। यह योजना पढ़ाई से लेकर शादी के खर्च में सहायता करती है। अभिभावकों को अपनी लाड़ली के सिक्योर भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करना चाहिए।

क्या है सुकन्या समृद्धि योजना? सुकन्या समृद्धि योजना एक सरकारी बचत स्कीम है। 10 साल या उससे कम आयु की बालिका के माता-पिता इस स्कीम के तहत अकाउंट खुलवा सकते हैं। यह योजना उच्च ब्याज दर प्रदान करती है। सुकन्या समृद्धि योजना के लिए पात्रता अकाउंट बच्ची के माता-पिता या कानूनी अभिभावक खोल सकते है। बच्ची की उम्र 10 साल से कम होनी चाहिए। एक परिवार सिर्फ दो सुकन्या समृद्धि योजना खाते खोल सकता है। सुकन्या समृद्धि योजना के लाभ : जब आपको अपनी बेटी के लिए पैसे बचाने की बात आती है, तो सुकन्या समृद्धि योजना एक अच्छा विकल्प है। इसमें आप न्यूनतम 250 रुपये निवेश कर सकते हैं।

अन्य योजनाओं की तुलना में इस स्कीम में उच्च ब्याज दर सरकार द्वारा दिया जाता है। धारा 80सी के तहत 1,50,000 रुपये तक टैक्स छूट का दावा किया जा सकता है। साथ ही सुकन्या समृद्धि योजना पर अर्जित ब्याज और परिपक्वता पर प्राप्त इनकम टैक्स मुक्त है।
मैच्योरिटी पर गारंटीशुदा रिटर्न मिलता है। सुकन्या समृद्धि योजना में कैसे निवेश करें? सुकन्या समृद्धि योजना के लिए पोस्ट ऑफिस या बैंकों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। निवेशकों को कुछ डॉक्यूमेंट्स जमा करने होंगे। बेटी का जन्म प्रमाण पत्र माता-पिता की फोटो आईडी आवेदक के अभिभावक का पता प्रमाण पैन कार्ड, वोटर आईडी और आधार कार्ड

सुकन्या समृद्धि योजना के लिए ऑफलाइन खाता कैसे खोलें? किसी नजदीकी बैंक या डाकघर में जाना होगा।
आवेदन पत्र भरें और दस्तावेज संलग्न करें। पहली जमा राशि का भुगतान करें। यह 250 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक हो सकती है। प्रक्रिया के बाद आपका खाता एक्टिव हो जाएगा। खाता खोलने के बाद इस खाते की एक पासबुक प्रदान की जाएगी। सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दरें इस योजना पर ब्याज दर सरकार तय करती है। हर तिमाही में इसकी समीक्षा की जाती है। साल 2024 की वर्तमान तिमाही में ब्याज दर 8.2 प्रतिशत है। सुकन्या समृद्धि योजना ब्याज दर- 8.2 प्रतिशत प्रति वर्ष निवेश राशि- न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ष परिपक्वता राशि- निवेश की गई रकम पर निर्भर है परिपक्वता अवधि- 21 साल

छत्‍तीसगढ़ की सड़कों से एक लाख वाहन गायब, परिवहन विभाग ने गाड़ियों के मालिकों को जारी किया नोटिस, जानिए वजह

छत्‍तीसगढ़ की सड़कों से एक लाख वाहन गायब, परिवहन विभाग ने गाड़ियों के मालिकों को जारी किया नोटिस, जानिए वजह छत्तीसगढ़ का परिवहन विभाग इन दिनों 300 करोड़ रुपए का बकाया टैक्स नहीं देने वाले एक लाख से अधिक गायब वाहनों की तलाश कर रहा है। इनमें रायपुर जिले की 35,000 से अधिक वाहन है। छत्तीसगढ़ का परिवहन विभाग इन दिनों 300 करोड़ रुपए का बकाया टैक्स नहीं देने वाले एक लाख से अधिक गायब वाहनों की तलाश कर रहा है। इनमें रायपुर जिले की 35,000 से अधिक वाहन है। वाहनों के मालिकों को उनके घर के पते पर नोटिस भेजा जा रहा है। प्रदेशभर में अब तक 10 हजार से अधिक वाहन चालकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। नोटिस जारी होने के बाद टैक्स की राशि जमा करने के लिए महीने भर का समय दिया गया है।समय बीतने पर वाहनों को काली सूची में डाल दिया जाएगा। गायब वाहनों की तलाश करने सभी जिलों और चेक पोस्ट में अभियान चलाया जाएगा। पकडे़ जाने पर वाहन को जब्त कर लिया जाएगा। जुर्माना सहित बकाया राशि जमा करने के बाद ही छोड़ा जाएगा। अन्य वाहनों को चिन्हांकित कर इसे सभी जिला आरटीओ से भेजा जा रहा है। नोटिस जारी होने के बाद टैक्स की राशि जमा करने के लिए महीनेभर का समय दिया गया है। इसके बाद भी नहीं आने पर वाहनों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि प्रदेश भर से लापता हुए करीब एक लाख सभी प्रकार के वाहनों के मालिक के मूल पते बदल जाने से उन पर बकाया 300 करोड़ का टैक्स वसूलने में काफी दिक्कत हो रही है।

आशंका जताई जा रही है कि पुरानी वाहनों का उपयोग फैक्ट्रियों और अन्य स्थानों में किया जा रहा है।पंजीयन की अवधि समाप्त होने के बाद भी उनका उपयोग किया जा रहा है,हालांकि इसमें से अधिकांश के कबाड़ में तब्दील होने की संभावना जताई है।वहीं हजारों वाहन काटकर बेचे जा चुके है। विभागीय अधिकारियों ने बकाया टैक्स नहीं देने वाले वाहनों की तलाश करने के लिए बैंक-बीमा और पुलिस थानों को सूची भेजी है।इसकी जानकारी मिलने के बाद उन वाहनों को चिन्हांकित कर पंजीयन निरस्त किया जाएगा।साथ ही उन वाहनों को कालातीत माना जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने बकाया टैक्स नहीं देने वाले वाहनों की तलाश करने के लिए बैंक-बीमा और पुलिस थानों को सूची भेजी है।इसकी जानकारी मिलने के बाद उन वाहनों को चिन्हांकित कर पंजीयन निरस्त किया जाएगा।साथ ही उन वाहनों को कालातीत माना जाएगा।विभागीय अधिकारियों ने बकाया टैक्स नहीं देने वाले वाहनों की तलाश करने के लिए बैंक-बीमा और पुलिस थानों को सूची भेजी है।इसकी जानकारी मिलने के बाद उन वाहनों को चिन्हांकित कर पंजीयन निरस्त किया जाएगा।साथ ही उन वाहनों को कालातीत माना जाएगा।परिवहन विभाग में एक लाख से ज्यादा वाहन 25 से 30 साल पुरानी है।

इन वाहनों का आज तक फिटनेस और बकाया टैक्स जमा नहीं कराया गया है,जबकि कर्मशियल वाहन को त्रैमासिक और अर्धवार्षिक टैक्स जमा करना पड़ता है। साथ ही हर एक से लेकर दो साल में फिटनेस करवाना अनिवार्य है। परिवहन आयुक्त डी.रविशंकर ने कहा, परिवहन विभाग का बकाया टैक्स 300 करोड़ रुपये जमा नहीं कराने वाले एक लाख से अधिक और 15 साल पुराने वाहनों का पंजीयन निरस्त करने की तैयारी है। इसके लिए प्रथम चरण में चालकों को नोटिस जारी कर मौका दिया गया है। इसके बाद अभियान चलाकर ऐसे लापता वाहनों को पकड़ा जाएगा। इसके बाद भी नहीं मिलने पर आम सूचना प्रकाशित कर कोर्ट के जरिए पंजीयन को निरस्त करायेंगे। फैक्ट फाइल – 300 करोड़ रुपये प्रदेश भर के 100000 वाहनों पर बकाया। – 35000 रायपुर जिले के वाहनो पर 1250000 रुपये बकाया। – 100000 से अधिक वाहन 25 से 30 साल पुराने।

सिरपुर महोत्सव का आज से आगाज, तीन दिनों तक रहेगी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

सिरपुर महोत्सव का आज से आगाज, तीन दिनों तक रहेगी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों में महोत्सव व मड़ई-मेला का आयोजन ख़ास पर्व व तिथियों में किया जाता है। वहीं सिरपुर महोत्सव का भी विशेष महत्व है।छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों में महोत्सव व मड़ई-मेला का आयोजन ख़ास पर्व व तिथियों में किया जाता है। वहीं सिरपुर महोत्सव का भी विशेष महत्व है। प्रतिवर्ष यह महोत्सव महानदी तट पर माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होता है। तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव इस वर्ष 24 से 26 फरवरी तक आयोजित होगा। आस-पास गांव के लोग भोर के समय महानदी में स्नान कर गंधेश्वर नाथ मंदिर में पूजा अर्चना करते है। तीनों दिन ख्याति प्राप्त एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके अलावा महोत्सव के तीनों दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा विभिन्न विभागों द्वारा विकास गतिविधियों और विभागीय योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी, स्व-सहायता समूहों द्वारा स्टॉल में बिक्री के लिए सजेंगे।

वहीं बच्चों के लिए झूले-सर्कस अन्य रोमांचक गतिविधियां देखने मिलती है। बच्चे, युवा व सभी उम्र के लोग मेले में घूम-फिर कर रोमांचित होते है और अपनी खुशियों का इजहार करते हैं। सिरपुर को राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय हेरिटेज के रूप में विकसित करने और ज्यादा पहचान दिलाने शासन कटिबद्ध है। जो भी जरूरी कार्य है किए जा रहे है। सिरपुर बहुत ही विस्तृत है। जो लगभग 10 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और इस तरह अन्य जगह विस्तारित बौद्ध केन्द्र नहीं हैं। सिरपुर, डोंगरगढ़ और मैनपाट को टूरिज्म सर्किट से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। पर्यटन सर्किट से जुड़ जाने से इस ओर सैलानियों का रूझान बढ़ेगा। जल्दी ही सिरपुर पूरे विश्व मानचित्र पर अंकित होगा। छत्तीसगढ़ का प्राचीनकाल से ही सभी क्षेत्रों में बढ़-चढ़कर योगदान रहा है। छत्तीसगढ़ हमेशा से देवभूमि रहा है। सिरपुर शिव, वैष्णव, बौद्ध धर्मों के प्रमुख केन्द्र भी है। सिरपुर अपनी ऐतिहासिक व पुरातात्विक महत्ता के कारण आकर्षण का केंद्र हैं। यह पांचवी से आठवीं शताब्दी के मध्य दक्षिण कोसल की राजधानी थी। यह स्थल पवित्र महानदी के किनारे पर बसा हुआ हैं।

सिरपुर में सांस्कृतिक व वास्तु कौशल की कला का अनुपम संग्रह हैं। सिरपुर के विकास के लिए नित नए प्रयास किए जा रहे हैं। जिनमें भव्य स्वागत गेट का निर्माण, सिरपुर मार्ग पर तालाबों का सुंदरीकरण, सिरपुर मार्ग पर सुंदर सुगंधित कौशल्या उपवन निर्माण, कोडार-पर्यटन (टैटिंग व बोटिंग), कोडार जलाशय तट पर वृक्षारोपण और सिरपुर के रायकेरा तालाब आदि शामिल है।सैलानियों के लिए रायकेरा तालाब में बोटिंग पिछले साल से शुरू हो गयी है। वहीं नजदीक कोडार जलाशय में नौका विहार के लिए बोटिंग की सुविधा सैलानियों को उपलब्ध है। वहीं कम दाम पर टेंटिंग में ठहरने के इंतजाम भी किए गए हैं। फिलहाल चार टेटिंग लगाए गए है। जिसमें एक टेंटिंग में दो व्यक्तियों के सोने और आराम करने के लिए पर्याप्त जगह है। टूरिस्ट और बच्चों के लिए क्रिकेट, वॉलीबॉल, कैरम, शतरंज के साथ ही निशानेबाजी की सुविधा भी इस इको पर्यटन केंद्र में उपलब्ध है। सैलानियों के लिए रायकेरा तालाब में बोटिंग पिछले साल से शुरू हो गयी है। वहीं नजदीक कोडार जलाशय में नौका विहार के लिए बोटिंग की सुविधा सैलानियों को उपलब्ध है। वहीं कम दाम पर टेंटिंग में ठहरने के इंतजाम भी किए गए हैं।

फिलहाल चार टेटिंग लगाए गए है। जिसमें एक टेंटिंग में दो व्यक्तियों के सोने और आराम करने के लिए पर्याप्त जगह है। टूरिस्ट और बच्चों के लिए क्रिकेट, वॉलीबॉल, कैरम, शतरंज के साथ ही निशानेबाजी की सुविधा भी इस इको पर्यटन केंद्र में उपलब्ध है।सिरपुर पहले से ही प्राकृतिक दृश्यों से भरपूर है। वृक्षारोपण के ज़रिए इसे और भी हरा-भरा किया जा रहा है। पर्यटकों के विश्राम सुविधा के लिए सुंदर कौशल्या उपवन वाटिकाएं तैयार हो गई है। इन उपवनों में प्रतिदिन रामचरित मानस का पाठ, भजन-कीर्तन स्थानीय मंडलियों द्वारा किया जा रहा है। वृक्षारोपण में बेर, जामुन, पीपल, बरगद, नीम, करंज, आंवला आदि के पौधे शामिल किए गए है। ताकि ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ लोगों को जैव विविधता का एहसास भी हो। इस इलाके में राम वन गमन पथ में छह ग्राम पंचायतों को मुख्य केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसमें अमलोर, लहंगर, पीढ़ी, गढ़सिवनी, जोबा व अछोला शामिल है। सड़क के दोनों किनारों पर फलदार, छायादार पौधे लगाए जायेंगे। ज्ञात हो कि सिरपुर व राजिम महोत्सव का शुभारंभ एक साथ माघी पूर्णिमा पर होता है। अबतक देखा गया है कि सरकार के मंत्रियों का ध्यान राजिम की ओर अधिक रहता है, परिणामतः सिरपुर महोत्सव का आयोजन महज औपचारिकता तक सिमट कर रह जाता है। इस बार भी आमंत्रण में मुख्य अतिथि के तौर पर सीएम का नाम अंकित है, बावजूद प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि सरकार के मंत्री महोत्सव शुभारंभ पर नहीं पहुंच रहे हैं। यहां महोत्सव शुभारंभ पर सांसद ही बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। लोगो का कहना है कि राजिम 15 दिवसीय कल्प कुंभ है, जबकि सिरपुर महोत्सव का आयोजन तीन दिन का है।

यहां प्रदेश सरकार की उपस्थिति तीन दिन न सही शुरू और अंतिम दिन तो होनी ही चाहिए। इस बार सिरपुर महोत्सव को लेकर आमंत्रण विवाद नहीं है।प्रशासन ने सरपंच, जनपद जिला पंचायत सदस्य, विधायक, पूर्व विधायक तक को अतिथि बनाया है। जिससे पक्ष व विपक्ष संतुष्‍ट है। प्रशासन ने पिछली बार के विबाद को ध्यान रखा और पुनरावृत्ति नहीं होने दिया।

छत्तीसगढ़ : यशवंत कुमार बने राज्यपाल के सचिव, अविनाश चंपावत केंद्र से लौटे छत्‍तीसगढ़, मिली ये जिम्‍मेदारी

छत्तीसगढ़ : यशवंत कुमार बने राज्यपाल के सचिव, अविनाश चंपावत केंद्र से लौटे छत्‍तीसगढ़, मिली ये जिम्‍मेदारी  राज्य शासन ने राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन के सचिव पद से आइएएस अमृत खलको को हटाकर आइएएस यशवंत कुमार को नियुक्त किया है। राज्य शासन ने राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन के सचिव पद से आइएएस अमृत खलको को हटाकर आइएएस यशवंत कुमार को नियुक्त किया है। सामान्य प्रशासन विभाग के जारी आदेश के अनुसार 2007 बैच के आइएएस यशवंत कुमार संचालक ग्रामोद्योग, अतिरिक्त प्रभार प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड, प्रबंध संचालक हाथकरघा विकास और विपणन संघ मर्यादित, प्रबंध संचालक खादी और ग्रामोद्योग विभाग के पद पर हैं। उन्हें वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ सचिव राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार मिला है।

वहीं छत्तीसगढ़ कैडर के 2003 बैच के आइएएस अविनाश चंपावत वापस लौटेंगे। वह अप्रैल-2022 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर पांच वर्ष के लिए दिल्ली गए थे। वह नीति आयोग में डायरेक्टर थे। वह तीन वर्ष पहले ही लौट रहे है। उनकी पत्नी नेहा चंपावत भी आइपीएस हैं। वह भी फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह का विक्रम सिंह सिसौदिया को सचिव नियुक्त किया गया है। विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा ने आदेश जारी किया है। विक्रम सिसौदिया को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम-2012 के तहत 1 फरवरी 2024 से विधानसभा अध्यक्ष के कार्यकाल तक उनके सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। विक्रम डा. रमन से तब से जुड़े हैं जब वे केद्रीय मंत्री थे।

छत्तीसगढ़ : तेजी से बढ़ रही अवैध कालोनियों पर छत्‍तीसगढ़ सरकार गंभीर, नियमितीकरण के नियमों की होगी समीक्षा

तेजी से बढ़ रही अवैध कालोनियों पर छत्‍तीसगढ़ सरकार गंभीर, नियमितीकरण के नियमों की होगी समीक्षा कांग्रेस शासनकाल में मास्टर प्लान के नियमों दरकिनार करते हुए अवैध से वैध करने के फार्मूले की समीक्षा की जाएगी। साथ ही अवैध कालोनियों की तेजी से बढ़ती संख्या पर भी राज्य सरकार ने गंभीरता बरती है। कांग्रेस शासनकाल में मास्टर प्लान के नियमों दरकिनार करते हुए अवैध से वैध करने के फार्मूले की समीक्षा की जाएगी। साथ ही अवैध कालोनियों की तेजी से बढ़ती संख्या पर भी राज्य सरकार ने गंभीरता बरती है। आवास एवं पर्यावरण विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने यह घोषणाएं की। सत्तापक्ष के विधायकों की मांगों के बाद मंत्री ने पूवर्वती सरकार के कार्यकाल में बनाए गए

पुराने नियमों की फिर से समीक्षा करते हुए उचित निर्णय का आश्वासन दिया। चर्चा के दौरान मंत्री ने 163 प्रदूषणकारी उद्योगों पर मानिटरिंग के लिए चिमनियों में आधुनिक उपकरण व अवैध कालोनियों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के रोकथाम के लिए सरकार गंभीर है। प्रदूषणकारी उद्योगों की चिमनियों में मशीनें लगाई जाएगी, जिसका डेटा एनालिसिस सीधे पर्यावरण विभाग के सर्वर में आएगा। इससे पहले पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के मुताबिक उद्योगों का डेटा पहले उद्योग समूह द्वारा स्थापित सर्वर के बाद विभाग के सर्वर में ट्रांसफर किया जाता था। आनलाइन कंटीन्युअस इमीशन मानिटरिंग सिस्टम की मशीनों को पहले से ज्यादा दक्ष बनाया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाएंगे।

छत्तीसगढ़ 2047 तक कैसे विकासशील राज्य से विकसित राज्य बनेगा इसका विजन डाक्यूमेंट तैयार किया जाएगा, जिसे राज्य स्थापना के दिन 1 नवंबर 2024 को जनता को समर्पित किया जाएगा, जिसना नाम “अमृतकालः छत्तीसगढ़ विज @ 2047” रखा जाएगा। शासकीय सेवकों के पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभ के भुगतान के लिए 7,729 करोड़ 14 लाख रुपये का प्रविधान बजट में शामिल है। इससे राज्य के लगभग 1 लाख 31 हजार पेंशनरों को नियमित रूप से पेंशन, परिवार पेंशन, सारांशीकरण की राशि, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण का भुगतान किया जाएगा। इसमें पेंशन निधि के लिए 340 करोड़ का प्रविधान भी शामिल है। आवास एवं पर्यावरण विभाग के अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक अनुज शर्मा ने सदन में कहा कि पर्यावरण विभाग में एक ऐसे भी अधिकारी हैं, जो बाडीगार्ड लेकर चलते हैं। इससे अधिकारी की आय का अंदाजा लगाया जा सकता है। विभाग में जनप्रतिनिधियों की सुनी नहीं जा रही है। प्रदूषण का खतरा बढ़ते जा रहा है। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में बनाए गए नियमितीकरण व अवैध से वैध करने के नियमों को रद कर देना चाहिए।

साथ ही मास्टर प्लान की भी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस ने ऐसा नियम लाया जिसमें गाड़ियों को सड़क पर पार्किंग करने की छूट दी गई। अवैध व्यवसायिक काम्पलेक्सों को वैध करने मामूली राशि लेकर पार्किंग की छूट दी गई। भाजपा विधायक राजेश मूणत ने कहा कि जिस सड़क चौड़ीकरण में करोड़ों का मुआवजा सरकार देने वाली है। कांग्रेस ने मास्टर प्लान में उन सभी सड़कों की दुर्गति की है। एक्सप्रेस-वे के अप्रोच रोड से अवैध निकासी कांग्रेस शासनकाल में की गई। सरकार को इन पर बड़ा जुर्माना लगाना चाहिए। यह घोषणाएं भी हुईं 1. शासकीय धन के आय-व्यय की दैनिक निगरानी के लिए शुरू होगी एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली (IFMIS 2.0)

2. अर्थव्यवस्था को बढ़ाने तकनीकी रिफॉर्म और इनोवेशन 3.दुर्ग संभाग में नवीन संभागीय वित्त एवं लेखा प्रशिक्षण संस्थान की होगी स्थापना 4. राज्य की अर्थव्यवस्था की नीतियों के निर्धारण के लिए छत्तीसगढ़ एडवायजरी काउंसिल का होगा गठन 5. टेक्नोलाजिकटल इंटरवेंशन के लिए 266 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान। 6. जीएसटी में बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट की मदद से बढ़ेगा राज्य का राजस्व। 7. वित्त विभाग के तहत 7 हजार 956 करोड़ 87 लाख 39 हजार रुपये की अनुदान मांग पारित 8. आवास एवं पर्यावरण विभाग से संबंधित 1 हजार 174 करोड़ 3 लाख 90 हजार रुपये की अनुदान मांग पारित

छत्तीसगढ़ : महादेव सट्टा एप में दर्ज होगी FIR, आरोपितों में IAS-IPS सहित राजनीति से जुड़े लोगों के नाम हो सकते हैं शामिल।

महादेव सट्टा एप में दर्ज होगी FIR, आरोपितों में IAS-IPS सहित राजनीति से जुड़े लोगों के नाम हो सकते हैं शामिल। महादेव सट्टा एप मामले को लेकर छत्‍तीसगढ़ सरकार की एजेंसी जल्द विधिक कार्रवाई कर सकती है। सूत्रों के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय (ED), एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और विधि विभाग के शीर्षस्थ अधिकारियों की इस विषय पर बैठक चली है। महादेव सट्टा एप मामले को लेकर छत्‍तीसगढ़ सरकार की एजेंसी जल्द विधिक कार्रवाई कर सकती है। सूत्रों के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) और विधि विभाग के शीर्षस्थ अधिकारियों की इस विषय पर देर रात तक शंकरनगर में बैठक चली है।

बैठक में राज्य एजेंसी और विधि विभाग के शीर्षस्थ अधिकारियों व ईडी के अधिकारियों के बीच प्रस्तावित एफआइआर में साक्ष्य के विषयवस्तु को लेकर विमर्श हुआ है। राज्य एजेंसी और राज्य के विधि विभाग के शीर्षस्थ अधिकारियों का पक्ष मानता है कि प्रकरण में एफआइआर दर्ज करने लायक सबूत है, लेकिन बैठक में इस एफआइआर के अन्य विधिक पहलुओं को लेकर विषय विमर्श में तब्दील हुआ जो देर रात तक चला। इस विमर्श के बीच उच्च स्तर से यह निर्देश हैं कि समन्वय बनाकर कार्रवाई सुनिश्चित करें। ईडी की ओर से महादेव सट्टा एप मामले में तैयार प्रतिवेदन को लेकर राज्य की एजेंसी एसीबी एफआइआर दर्ज करेगी। लेकिन विमर्श और मंथन जिसमें राज्य एजेंसी और विधि विभाग के शीर्षस्थ अधिकारियों के साथ ईडी के अधिकारियों का दल शामिल था उसमें विषय यही था कि, जब प्रतिवेदन एफआइआर में तब्दील हो तो उसे विधिक रूप से इतना मजबूत रखा जाए कि बतौर आरोपित दर्ज होने वाले नाम फिर वे कोई भी हों उन्हें न्यायालय से त्वरित राहत मिलना सहज ना रहे। बैठक में लगभग तय हो गया है कि एसीबी में एफआइआर दर्ज की जाएगी।

एफआइआर को विधिक रूप से और मजबूत करने वाले विषयवस्तु शामिल किए जाएंगे। इस एफआइआर में बतौर आरोपित दर्ज होने वाले कई नाम चौंकाने वाले हो सकते हैं। इसमें राज्य पुलिस सेवा, अखिल भारतीय पुलिस सेवा के साथ-साथ महत्वपूर्ण राजनीतिक व्यक्तियों और उनके बेहद करीबियों के नाम एफआइआर में होंगे। इससे पहले ईडी के प्रतिवेदन पर एसीबी ने कोयला घोटाला, शराब घोटला, डीएमएफ फंस और पीएससी मामले में कईयों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। इसमें नोटिस जारी कर उनसे पूछताछ की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा पूर्व मंत्री और विधायकों के नाम एफआइआर में है।

संकरा : वाहनों पर मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर ध्वनि प्रदुषण करने वाले तीन के विरूद्ध थाना सांकरा में कार्यवाही।

संकरा : वाहनों पर मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर ध्वनि प्रदुषण करने वाले तीन के विरूद्ध थाना सांकरा में कार्यवाही। पुलिस अधीक्षक महासमुंद श्री आशुतोष सिंह (IPS) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमान आकाश राव गिरेपुंजे एवम एसडीओपी पिथौरा श्री प्रेम लाल साहू* के मार्गदर्शन में मोटर वाहनो मे प्रयोग किये जा रहे तेज आवाज़ वाले साइलेंसरो से फ़ैल रहे ध्वनि प्रदुषण को रोकने व परीक्षा काल पर किसी प्रकरण का व्यवधान उत्पन्न न हो एवं शांति बना रहे। इसके लिए लाउस्पीकर के साथ साथ मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर तीव्र ध्वनि करने वाले वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के दृष्टिकोण से जिलें के सभी थाना चौकी प्रभारी को दिशा निर्देश दिया गया था इसी क्रम में आज दिनांक 22/02/2024 को थाना सांकरा में तीन मोटरसाइकिल वाले के विरुद्ध कार्यवाही की गई

मोटरसाइकिल क्रमांक (1) bajaj पल्सर CG04-LB-3298 (2) BAJAJ पल्सर सोल्ड (3) रॉयल एनफील्ड बुलेट CG06-MM-9923 धारा 119 सायरन या हुटर का प्रयोग के तहत 2000 mv act रसीद काटा गया कुल जुमला 6000 उल्लंघन करने वाले (1) चित्रसेन प्रधान पिता नकुल प्रधान ग्राम लोहरीनडोंगरी थाना सांकरा (2) जाकिर खान पिता खालिक खान उम्र 22 वर्ष साकिन पिपरौद थाना सांकरा (3) नारयण पटेल पिता हरिहर पटेल साकिन ठेलकोदादर के विरूद्ध विधिवत कार्यवाही कर साइलेंसर की जप्ती की गई