सरायपाली / मारवाड़ी युवा मंच जागृति शाखा सरायपाली के द्वारा बोंदा में आयोजित रामायण पाठ के दौरान श्रद्धालु भक्तों को शरबत पिलाया गया

सरायपाली / रामायण पाठ में श्रद्धालुओं को शरबत पिलाया गया मारवाड़ी युवा मंच जागृति शाखा सरायपाली के द्वारा आज ग्राम बोंदा में आयोजित रामायण पाठ के दौरान श्रद्धालु भक्तों को शरबत पिलाया गया।इस दौरान प्रिया अग्रवाल, मोना अग्रवाल, नेहा अग्रवाल आदि सदस्य उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ / एक तरफा प्यार मे सती हो गई थी राजकुमारी, महल के सुरक्षा के लिए शवप्न देखने के बाद राजा ने शिव भक्त शिव नाथ को बाँध मे चुनवा दिया था इस नदी की कहानी!

छत्तीसगढ़ / एक तरफा प्यार मे सती हो गई थी राजकुमारी, महल के सुरक्षा के लिए शवप्न देखने के बाद राजा ने शिव भक्त शिव नाथ को बाँध मे चुनवा दिया था इस नदी की कहानी!छत्तीसगढ़ के समीप महाराष्ट्र के जिला गढ़चिरौली ग्राम गोड़री से निकली शिवनाथ नदी का बहना प्रेम का रूपांतरण है। इसकी कथा यह है कि गढ़चिरौली के गोड़ राजा के छः भाई और एक बहन थी। राज अपनी बहन फुलवाशन को बहुत लाड-प्यार करते थे, लेकिन बहन को एक आदिवासी लड़के से एकतरफा प्यार हो गया।

राजकुमारी उससे शादी करने के लिए हटकर बैठी। लड़का आदिवासी और गरीब था। राजा के भाइयों ने इस शादी को लेकर सख्त विरोध किया। लेकिन बड़े भाई ने शिवनाथ को लमसेना (परीक्षा) के रूप में छः महीने के लिए घर में रख लिया। उसे राजमहल के चारों तरफ छः महीने के अंदर बाउंड्री बनाने को कहा। वहीं राजा को स्वप्न आया   कि यदि अपने परिवार के किसी भी एक व्यक्ति की बलि चढ़ाएंगे तभी बांध बन पाएगा। राजा ने यह बात अपने भाइयों से साझा की। लेकिन भाइयों ने शिवनाथ की बलि चढ़ाने को कहा।  राजा ने यह कहकर इनकार कर दिया कि इसकी तो राजकुमारी फुलवाशन से शादी होगी। लेकिन राजा की गैरमौजूदगी में उनके भाइयों ने शिवनाथ को बांध में चुनवा दिया। बहन अपने प्यार को ढूंढते-ढूंढते बांध के पास पहुंच गई।

उस वक्त एक बुढ़िया ने राजकुमारी फुलवाशन के भाइयों कीकरतूत को देख लिया था। उसने सब कुछ विस्तार से बताया। जैसे ही राजकुमारी बांध में जाती है, जहां उसे चुनवाया गया था।शिवनाथ की उंगली बाहर दिख रही थी। उसी में राजकुमारी फुलवाशन की साड़ी फंस जाती है और उसे पहनाई हुई अंगूठी से पहचान लेती है। उसी वक्त बोलती है कि यहां प्यार को समझने वाले कोई नहीं है। चल शिवनाथ, छत्तीसगढ़ जाबो।उसने साड़ी को खींचा तभी शिवनाथ नदी बहने लगती है और राजकुमारी फुलबाशन अपने को सतीकर दोनों नदी के बहाव में बह जाते हैं। इसीलिए शिवनाथ नदी का पानी सिर्फ छत्तीसगढ़ से ही

 

छत्तीसगढ़ की शिवनाथ नदी का भी अपना एक अलग महत्वपूर्ण इतिहास है। छत्तीसगढ़ की यह एक ऐसी नदी है, जिसका जल कभी सूखता नहीं और इसे सदानीरा कहा जाता है। यह शिवनाथ नदी दक्षिणी छत्तीसगढ़ के पूरे जल का संग्रहण कर उत्तर को सौंप देती है। शिवनाथ नदी, महानदी की एक पूरक नदी है। शिवनाथ नदी का उद्गम न तो किसी पर्वत से हुआ है और किसी झील या बड़े सरोवर से ही हुआ है। इसका उद्गम स्थल तो बस खेत की एक साधारण सी मेड़ है। ज्ञात नहीं कि इस मेड़ में ऐसी कौन सी वरुणी शक्ति निहित हैं जो शिवनाथ नदी को सदनीरा बनाये रखती है। शिवनाथ नदी राजनाँदगाँव, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर जिलों का    सीमांकन करती है। शिवनाथ नदी का बहाव सीधा है और यह नदी टेढ़ी-मेढ़ी नहीं बल्कि सीधा मार्ग अपनाते हुए चलती है। शिवनाथ नदी में महानदी की तरह न तो सोना मिलता है और न अन्य खनिज पदार्थ ही उपलब्ध होते हैं। यदि शिवनाथ के पास कोई खजाना है, तो बस केवल रेत का ही है। रेत भी ऐसी कि यदि कोई मनुष्य इसमें खड़ा हो तो वह बस रेत में धँसता ही चला जाता है। इसकी जलधारा की गति तीव्र है और नदी के किनारे प्रायः टूटते और धँसकते रहते हैं। इसके तट पर न तो राजिम जैसा कोई तीर्थ बन पाया है और न श्रृंगी ऋषि के आश्रम जैसा कोई आश्रम बन पाया है। खारून अरपा, इन्द्रावती आदि नदियों को जो गौरव मिला, वैसा गौरव भी इसे नहीं मिला। पर हाँ, इस नदी के साथ एक ईमानदार और श्रमशील आदिवासी युवक की कथा अवश्य जुड़ी हुई है।

कहा जाता है कि एक सीधा और भोला आदिवासी युवक महादेव का परमभक्त था। उसकी शिव-भक्ति को देखकर गाँव के सियान (बुजुर्ग) उसे शिवनाथ कहने लगे। गाँव के इस युवक पर गाँव के एक किसान की दृष्टि पड़ी। किसान की पारू नाम की एक सुन्दर कन्या थी। किसान के मन में इच्छा हुई कि वह शिवनाथ को घर जंवाई बनाकर अपने घर रख ले। पर आदिवासी संस्कृति के रीति-रिवाज के अनुसार वर-पक्ष को कन्या पक्ष वालों को एक निश्चित धन-राशि, मुर्गा, वस्त्र, अनाज आदि वस्तुएँ देना आवश्यक होता है, किन्तु शिवनाथ अत्यधिक ग़रीब होने के कारण इन वस्तुओं  को देने में असमर्थ था। ऐसी स्थिति में एक विकल्प था कि यदि युवक लमसेना बनकर किसान के घर रहकर उसकी सेवा करे और उसके कार्यों में हाथ बँटाये और वह अपनी ये सेवायें तीन साल तक निरन्तर देता रहे तो भावी ससुर के सन्तुष्ट एवं प्रसन्न होने पर कन्या का विवाह उसके साथ हो सकता है। अतः शिवनाथ, किसान को अपनी सेवाएँ देने लगा और एवज में उसे खाना-पीना, रहने के लिए स्थान और कुछ धनराशि मिलने लगी।

 

शिवनाथ ने अपनी ईमानदारी एवं श्रमशीलता से किसान का हृदय जीत लिया। पारू भी शिवनाथ के भोजन आदि कि व्यवस्था अपनी पूर्ण निष्ठा के साथ किया करती थी और उसकी साधन-सुविधाओं को भी हर तरह से ध्यान रखा करती थी। पारू का आकर्षण शिवनाथ के प्रति दिनोंदिन बढ़ता जा रहा था और शिवनाथ के हृदय में पारू के लिए भी उदात्त प्रेम का स्थान बन गया था। तीसरे वर्ष की बात है कि ज़मीदार के बेटे की दृष्टि पारू पर पड़ी और वह उसके रूप सौन्दर्य पर मुग्ध हो गया और पारू के भाईयों के सामने उससे विवाह करने की अपनी इच्छा व्यक्त की, किन्तु शिवनाथ के होते हुए ऐसा नहीं सो सकता था। अतः जमींदार के पुत्र ने पारू के भाईयों को अनेक सब्ज-बाग दिखाये और तरह-तरह की सुख-सुविधायें व मान-सम्मान देने की भी बात कही। अतः पारू के तीनों भाई लालच में आकर शिवनाथ के विरुद्ध षड़यंत्र रचने की बात सोचने लगे। एक दिन की बात है कि पूरे गाँव में सूचना फैल गई कि मेड़ के फूट जाने से सारा पानी खेतों में भरकर फसल को नुकसान पहुँचा रहा है और मेड़ को जल्दी से जल्दी ठीक करना आवश्यक है। शिवनाथ जैसे ही घर काम से लौटा तो उसे मेड़ फूटने की घटना का पता चला और वह तुरन्त मेड़ बाँधने के लिए उल्टे पैरों चल पड़ा। पारू ने बहुत आग्रह किया कि वह भोजन करने के बाद मेंड़ बाँधने जाये, किन्तु शिवनाथ तो अपने काम की धुन का पक्का था और उसने पारू से कहा कि पहले वह मेड़ बाँध कर आ जाये, फिर भोजन बाद में कर लेगा, इस तरह से शिवनाथ मेड़ बनाने के लिए चल पड़ा। कुछ देर बाद पारू के तीनों भाऊ भी लाठियां लेकर वहां पहुंच गये।

 

उसने सोचा कि शायद ये लोग भी मेड़ बनाने में सहायता के लिए पहुँचे हैं, किन्तु हुआ यह कि उसके ऊपर लाठी पर लाठी बरसने लगी और शिवनाथ ने वहीं अपना दम तोड़ दिया। रात व्यतीत हो गई, किन्तु शिवनाथ घर नही लौटा। पारू ने उसकी प्रतीक्षा करते हुए कोरी आँखों सारी रात निकाली, पर शिवनाथ तो अब इस दुनिया में ही नदी था तो फिर वह लौटता भी कैसे? पारू उसे खोजते हुए मेड़ के पास पहुँची और ‘शिवनाथ-शिवनाथ’ उसे पुकारने लगी, किन्तु उसकी पुकार शून्य में गुँज कर रह जाती। पारू उसे इधर-उधर खोजने लगी। सहसा उसकी दृष्टि शिवनाथ की एक अँगुली पर पड़ी। शिवनाथ का शव एक गड्ढे में गड़ा हुआ था और बाहर केवल वह अँगुली ही निकली हुई थी। पारू ने गड्ढे सारी मिट्टी हटा डाली। उसने गड्ढे मे शिवनाथ की लाश को पड़े हुए पाया। पारू भी पछाड़ खाकर गड्ढे में गिर गई। वह शिवनाथ के बिना नहीं जी सकती थी। अतः दुख में उसके प्राण-पखेरू भी उड़ गये और वह शिवनाथ की लाश के ऊपर जा पड़ी।    अब इस दुनिया में न तो शिवनाथ था और न पारू ही थी। यदि जीवित थी तो बस उनके उदार और वासनारहित प्रेम की कहानी ही जीवित थी। कहते हैं तभी से यह प्रेम धारा निरंतर जलधारा के रूप में सदानीरा बनकर प्रवाहित हो रही है और आदिवासी संस्कृति के उज्ज्वल पक्ष को उद्घाटित करती है। महानदी, शिवनाथ से जल ग्रहण कर उड़ीसा के उस बाँध तक पहुँचा देती है, जिस बाँध का लाभ छत्तीसगढ़ को तो नहीं, बल्कि उड़ीसा प्रान्त को मिलता है।

सरायपाली / टीचर का ऐसा फेयरवेल, ढोल-नगाड़ों के साथ छात्रों ने दी विदाई देने उमड़ा पूरा गाँव देखें वीडियो !

सरायपाली / टीचर का ऐसा फेयरवेल, ढोल-नगाड़ों के साथ छात्रों ने दी विदाई देने उमड़ा पूरा गाँव!

ज्ञान बांटने से बढ़ता है और गुरु यही काम करता है. इसका फल तब मिलता है जब गुरु से पढ़ कर शिष्य सफल हो जाए. तभी माना जाता है कि गुरु ने अपनी ड्यूटी ईमानदारी से की है. अपने सेवाकाल में ताउम्र बेहद ईमानदारी और मेहनत से पढ़ाने वाले एक शिक्षक को छत्तीसगढ़

के महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लाक मे छात्रों ने ऐसी विदाई दी कि लोग देखते ही रह गए. स्कूल से अध्यापक की विदाई में एक गांव के नहीं बल्कि आसपास के कई गांवों के बच्चे और उनके परिजन पहुंचे और बैंड बाजे के साथ बड़ी ही धूमधाम से अपने प्रिय शिक्षक को विदाई दी.

पूर्व छात्र चात्राओं ने गाँव के शिक्षक को दी विदाई बैंड बाजा और गाँव मे भ्रमण विदाई व सम्मान समारोह दिनांक 28-04-2024 को सरायपाली छुईया ( छुईपाली ) मे श्री शिक्षक बालेश्वर पटेल जी का विदाई समारोह का

आयोजन किया गया था जिसमे उनके परिवार व ग्रामवासी ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया व विदाई समारोह को सफल बनाने मे पूरा योगदान दिया, यह विदाई समारोह उनके द्वारा पढाये गए पूर्व छात्र छात्राओं द्वारा रखा गया था,,

जिसमे डी जे व बैंड पार्टी के साथ उनका पुष्प माला से स्वागत किया स्वागत किया गया व ग्राम भ्रमण किया गया साथी भोजन का भी व्यवस्था किया गया जिसमे गांव के वरिष्ठ नागरिक रामेश्वर पटेल, जगदीश पटेल खगेश्वर पटेल धोबाराम चौहान, दयाराम चौहान डोलामाणी चौहान शोभाराम चौहान, राजिम चौहान, बृन्दावन यादव ब्रम्हानंद यादव सदानंद यादव हिरा चौहान, हरी चौहान व उनके सुपुत्र

दुष्यंत पटेल शामिल रहें, जिसका संचालन श्री राजू चौहान व बसंत चौहान जी ने किया जिसमे भोगीलाल यादव देवराज पटेल व पूर्व छात्र रोहित चौहान अजय चौहान सुशील चौहान, अशोक चौहान संजय चौहान अनित यादव तेजराम यादव, पवन यादव, छत्तर चौहान, संतोष चौहान रमेश चौहान, कन्हैया चौहान, भूपेश चौहान, रामप्रसाद चौहान, करन यादव, मकरध्वज बरिहा, खिरोद यादव, देव पटेल, मिनकेतन पटेल, नरेंद्र पटेल,! टीकाराम पटेल, शेखर पटेल ने अपनी पूरी सक्रियता दिखाई व इस पूरी कार्यक्रम का रुपरेखा पूर्व विधायक प्रत्याशी अजीत चौहान के देख रेख मे किया गया|
इस कार्यक्रम का प्रयोजक लवली फोटोग्राफी ( तरुण चौहान ) रहे |

छत्तीसगढ़ के राजकीय फूल पर बना है फेमस बॉलीवुड गाना

छत्तीसगढ़ के राजकीय फूल पर बना ह है फेमस बॉलीवुड गाना

छत्तीसगढ़ के राजकीय फूल का हर घर मे पूजा मे उपयोग होता है गेंदा फूल का उपयोग शादी समारोह एवं मंडप सजाने मे होता है
ए आर रहमान (A R Rahman) का गाना ‘ससुराल गेंदा फूल’ (Sasural Genda Phool) काफी फेमस गाना है जिसे आज भी शादी समारोहों में गाया जाता है. इस गाने की लोकप्रियता इतनी ज्यादा है कि ये लोगों की जुबान पर चढ़ी हुई है. एवं शादी समारोह ने इसका गाना एक्सर सुनने को मिलेगा!

छत्तीसगढ़ / महतारी वंदन योजना के 3 किस्त इस दिन

 

छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के पहले ही महतारी वंदन योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को एक-एक हजार रुपए की तीसरी किस्त की राशि 1 मई को मिलेगी इस योजना के तहत राज्य की 70 लाख से ज्यादा लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में तीसरी किस्त के रूप में लगभग 700 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के जरिए अंतरित की जाएगी. महिला व बाल विकास विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं.

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा के अनुरूप महतारी वंदन योजना की तीसरी किस्त की राशि का भुगतान हर महीने के पहले सप्ताह में ही किया जाना है. मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में कई चुनावी जनसभाओं में भी महतारी वंदन योजना की तीसरी किस्त की राशि का भुगतान तीसरे चरण के मतदान के पहले ही जारी किए जाने की घोषणा जा चुकी है.

महासमुंद / बाजार में मौजूद लोगों ने चोर को पहचाना और उसे पकड़ने में डायल 112 की मदद की।

महासमुंद / बाजार में मौजूद लोगों ने चोर को पहचाना और उसे पकड़ने में डायल 112 की मदद की।

महासमुंद जिले के झलप बाजार मे मोबाइल चोरी करने वाले एक चोर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बाजार में मौजूद लोगों ने चोर को पहचाना और उसे पकड़ने में डायल 112 की मदद की। पटेवा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर रिमांड में लिया है। पटेवा थाना प्रभारी शरद दुबे ने बताया कि शनिवार को ग्राम झलप में साप्ताहिक बाजार लगा हुआ था। इसी मौके का

फायदा उठाकर एक व्यक्ति लोगों का मोबाइल चुरा रहा था। बाजार में मोबाइल चोरी होने की हलचल मची तो एक व्यक्ति
पर शक हुआ तो उसे पकड़ने लगे। इतने में डायल 112 की टीम भी वहां पहुंच गई। आरोपी को लोगों की मदद से पकड़ा गया। आरोपी अजय ध्रुव ( 37 ) निवासी ग्राम भीमखोज के
कब्जे से तीन मोबाइल जब्त किया गया।  थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि पकड़ा गया व्यक्ति आदतन अपराधी है। पहले भी चोरी के मामलों में जेल चुका है। मामले को लेकर प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई वहीं मामले को

लेकर ग्राम पचरी निवासी पालेश्वर डड़सेना (27) ने पटेवा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया है। उसने बताया कि शनिवार को वह शाम करीब साढ़े 5 बजे साप्ताहिक बाजार झलप में
सब्जी खरीदने गया था। बाजार में सब्जी खरीदने के दौरान उनकी शर्ट के जेब से किसी ने  मोबाइल चोरी कर लिया। आसपास पता किया तो झलप बाजार में उपस्थित ग्रामीण
रूपराय साहू निवासी टुरीडीह, संजय राव काटे निवासी झलप और नंदकुमार कुर्रे निवासी छिंदौली का भी मोबाइल अज्ञात ने चुरा लिया।

बसना / फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया   घर में रखा सिलेंडर अचानक फटने से एक घर में आग लग गई। घर में रहने वाली एक महिला बाल…

बसना / फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया   घर में रखा सिलेंडर अचानक फटने से एक घर में आग लग गई। घर में रहने वाली एक महिला बाल-बाल बच गई। पुलिस के अनुसार करीब 70 हजार का सामान जलकर खाक हो गया। हादसा बसना थाना क्षेत्र के सिंघनपुर गांव का है। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया।

बसना थाना प्रभारी शशांक पौराणिक ने बताया कि ग्राम सिंघनपुर में शैलो साहू दो कमरे के मकान में अकेली रहती है। वह अपना खाना कमरे में न बनाकर घर के बाहर बनाती है। उसके

पास एक सिलेंडर रखा हुआ था शनिवार रात करीब 9 बजे अचानक सिलेंडर ब्लास्ट हो गया देखते-ही-देखते मकान में आग लग गई। सरायपाली से फायर ब्रिगेड की टीम आई। पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि महिला उस सिलेंडर से खाना नहीं बनाती थी, इसलिए सिलेंडर के फटने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। वहीं बताया कि
कोई जनहानि नहीं हुई है।

महासमुंद / ट्रक और हाइवे के हादसे में ट्रक चालक स्टेयरिंग में ही फंस गया 112 की टीम ने अस्पताल पहुंचाया एक की पैर कटने की खबर!

महासमुंद / ट्रक और हाइवे के हादसे में ट्रक चालक स्टेयरिंग में ही फंस गया 112 की टीम ने अस्पताल पहुंचाया एक की पैर कटने की खबर!

महासमुंद / एनएच-53 झलप बनिया ढाबा के पास धान से भरा ट्रक खड़ी हाइवा से टकरा गया। जिससे ट्रक चालक गंभीर रूप से गायल हो गया। मिली जानकारी के अनुसार धान से भरी ट्रक क्रमांक डब्ल्यूबी 23 एफ 1695 पिथौरा से झलप की ओर आ रहा

था, जहां झलप स्थित पेट्रोल पंप के पास हाइवा क्रमांक सीजी 10, बीएस 6544 से टकराया गया। हादसे में ट्रक चालक स्टेयरिंग में ही फंस गया था।

सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस व डायल 112 को दी। मौके पर पहुंची 112 के जवान हेमदास जेंड्रे, चालक भगत विश्वकर्मा ने लोगों की मदद से बड़ी मशक्कत के बाद ट्रक चालक बाहर निकाला गया। ट्रक चालक का एक पैर कट गया था। गंभीर रूप से घायल ड्राइवर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा पहुंचाया गया। जहां से उसे रायपुर रिफर किया गया है।

महासमुंद / बाँध गए थे घूमने पानी से तैरती बोरियो मे मिली ऐसी चीजे बुलाना पड़ा अधिकारी!

महासमुंद / एसडीएम के पत्र, अनेक प्रकार के सरकारी दस्तावेज, चेकबुक आधार कार्ड लावारिस हालत मे, पोस्ट ऑफिस से लोगो तक पहुंचने वाली सामग्री बाँध मे किसी ने फेक दिया था!

भारत की सरकारी डाक सेवा को लोग काफी विश्वसनीय मानते हैं, लेकिन अगर लोगों द्वारा भेजी गई डाक सामग्रियां लावारिस हालत में पड़ी हुई मिलेंगी तो इसका डाक विभाग की छवि पर क्या असर पड़ेगा? ऐसा ही वाकया महासमुंद जिले में हुआ जहां दो बोरियों में भरी डाक सामग्रियां कोडार बांध में एक किनारे पर पानी में डूबी हुई मिलीं। इनमें बहुत से आधार कार्ड, अनेक प्रकार के सरकारी दस्तावेज, चेकबुक तथा पत्र-पत्रिकाएं शामिल हैं। लावारिस हालत में डाक सामग्रियां मिलने के बाद डाक विभाग में सनसनी व्याप्त है। इस सूचना पर डाक विभाग महासमुंद के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सामग्रियों को जब्त किया।

मिली जानकारी के मुताबिक छग संयुक्त किसान मोर्चा के जिला संगठन प्रभारी अशोक कश्यप अपने मित्रों के साथ शनिवार को कोडार बांध गए हुए थे। बांध के किनारे पर पानी में बहुत से कागजात नजर आने पर उन्होंने नीचे उतरकर देखा तो सकते में आ गए। बहुत से आधार कार्ड, चेक बुक,  अंतर्देशीय पत्र, लिफाफे, एसडीएम महासमुंद के पत्र-पानी में तैर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने इसकी सूचना तत्काल जिले के मुख्य डाक घर कार्यालय महासमुंद को दी। उनके मुताबिक काफी देर बाद एक अधिकारी स्थल पर पहुंचा।

ग्रामीणों के मुताबिक उक्त सामग्री पर झलप डाक घर की मुहर लगी हुई है। इस संबंध में पूछे जाने पर झलप डाकघर की पोस्ट मास्टर सरिता राजपूत ने पत्रकारों को बताया कि झलप डाक घर की सभी प्रकार की डाक सामग्री डाकियों को वितरित की जा चुकी है। ऐसा किसके द्वारा और कब किया, उन्हें इसकी जानकारी नहीं हैं। महासमुंद के डाक अधिकारी ने यह जानकारी फोन पर दी, तब उन्हें इस बात का पता चला।

बहरहाल यह जांच का विषय है कि आखिर यह डाक सामग्रियां डाकघर से निकलने के बाद इस तरह खुले में कैसे फेंक दी गई। इस कृत्य में किसी डाक कर्मी की भूमिका भी तय मानी जा रही है, जिसके ऊपर इन्हें बांटने का जिम्मा सौंपा गया है।

महासमुंद / भाजपा प्रत्याशी व पूर्व संसदीय सचिव श्रीमती चौधरी ने अनथक परिश्रम के साथ चुनाव प्रचार प्रसार के सुव्यवस्थित संचालन के लिए पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का माना आभार !

महासमुंद / भाजपा प्रत्याशी व पूर्व संसदीय सचिव श्रीमती चौधरी ने अनथक परिश्रम के साथ चुनाव प्रचार प्रसार के सुव्यवस्थित संचालन के लिए पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का माना आभार
!

मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने महासमुंद की जनता ने अपना निर्णय ईवीएम में किया दर्ज : रूपकुमारी चौधरी जनता-जनार्दन ने विकसित भारत – विकसित छत्तीसगढ़ के लिए भाजपा के पक्ष में किया भारी संख्या में मतदान महासमुंद। भारतीय जनता पार्टी के महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की प्रत्याशी और पूर्व संसदीय सचिव रूपकुमारी चौधरी ने मतदान के दूसरे चरण में शुक्रवार को हुए मतदान में भाजपा को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिलने का विश्वास व्यक्त करते हुए कहा है कि महासमुंद लोकसभा की जनता ने विकसित भारत -विकसित छत्तीसगढ़ के लिए भाजपा के पक्ष में भारी संख्या में स्वस्फूर्त मतदान किया है।

श्रीमती चौधरी ने कहा कि भारी संख्या में मतदाताओं ने मतदान कर यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्पों के साथ कदम से कदम मिलने को तैयार है। छत्तीसगढ़ की जनता अब कांग्रेस की घोर जनविरोधी नीतियों और पाखंडपूर्ण राजनीति से पूरी तरह मुक्ति चाहती है।

भाजपा प्रत्याशी व पूर्व संसदीय सचिव श्रीमती चौधरी ने दूसरे चरण में महासमुंद संसदीय क्षेत्र में शांतिपूर्ण मतदान और भाजपा के प्रति अपना अटूट विश्वास व्यक्त करने के लिए संसदीय क्षेत्र की जनता जनार्दन के साथ ही अनथक परिश्रम कर भाजपा के पूरे चुनाव प्रचार प्रसार के सुव्यवस्थित संचालन व अधिकतम मतदान कराने के लिए पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

श्रीमती चौधरी ने कहा कि कांग्रेस की रीति-नीति, कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र को लेकर व्याप्त आक्रोश मतदान के जरिए व्यक्त होकर कांग्रेस की चूलें हिलाने वाला साबित होगा। महासमुंद संसदीय क्षेत्र की जनता ने भाजपा के पक्ष में मतदान करके यह दो टूक संदेश दे दिया है कि वह अब कांग्रेस के झूठ को बर्दाश्त नहीं करने वाली है और इसलिए पूरे प्रदेश में कांग्रेसमुक्त अभियान शुरू हुआ है। भाजपा के प्रति यही विश्वास और उत्साह पूरे प्रदेश में दिखाई दे रहा है और भाजपा का कमल प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर खिलेगा, इसमें कोई दो राय नहीं है।

श्रीमती चौधरी ने कहा कि हमारे पास सशक्त नेतृत्व है, मजबूत संगठन है। पिछले 10 साल का देश में काम करने का मोदी जी का ट्रैक रिकॉर्ड है और आने वाले 25 सालों के लिए 2047 के विकसित भारत का विजन। वहीं कांग्रेस के पास ना नेतृत्व है, ना संगठन है, ना ट्रैक रिकॉर्ड है, और ना ही विजन। इसलिए श्री मोदी के नेतृत्व पर महासमुंद की जनता ने मुहर लगाई है। शुक्रवार को हुए मतदान के बाद यह साफ हो गया है कि श्री मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने के लिए महासमुंद की जनता जनार्दन ने अपना निर्णय ईवीएम में दर्ज कर दिया है।

श्रीमती चौधरी ने कहा कि प्रदेशभर में मतदान के द्वितीय चरण में जनता की बढ़–चढ़कर की गई भागीदारी कांग्रेस और इंडी ठगबंधन के प्रति जनाक्रोश की अभिव्यक्ति का प्रमाण पत्र है।
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