छत्तीसगढ़ : अंत्योदय राशन कार्ड धारकों के लिए अच्छी खबर, अब पांच वर्ष मिलेगा निश्शुल्क चावल छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार की ओर से अंत्योदय तथा प्राथमिकता राशन कार्डधारी गरीब परिवारों को पांच वर्ष निश्शुल्क चावल वितरण करने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार की ओर से अंत्योदय तथा प्राथमिकता राशन कार्डधारी गरीब परिवारों को पांच वर्ष निश्शुल्क चावल वितरण करने का निर्णय लिया गया है। इससे प्रदेश के 67 लाख 80 हजार अंत्योदय तथा प्राथमिकता राशन कार्डधारी गरीब परिवार जनवरी-2024 से दिसंबर- 2028 तक लाभान्वित होंगे। इससे पहले मंगलवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्री दयालदास बघेल के विभाग से संबंधित 3,033 करोड़ 48 लाख 88 हजार रुपये की अनुदान मांगें विधानसभा में चर्चा के बाद पारित की गई। खाद्य मंत्री बघेल ने अनुदान मांगों की चर्चा के दौरान कहा कि पीडीएस मध्यान्ह भोजन और पूरक पोषण योजना के हितग्राहियों में एनीमिया व अन्य पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए फोर्टिफाईड चावल वितरण किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रदेश के समस्त जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अंत्योदय, प्राथमिकता, निराश्रित एवं निशक्तजन राशनकार्डधारियों को फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष 2023-24 में दिसंबर-2023 तक पीडीएस के अंतर्गत हितग्राहियों को 19 लाख 14 हजार टन फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष-2019 में जारी किए गए राशनकार्डों का नवीनीकरण का कार्य 25 जनवरी, 2024 से शुरू किया गया है। इस अभियान में 77 लाख 10 हजार प्रचलित राशनकार्डों का नवीनीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीडीएस की अधोसंरचना के विस्तार के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में 283 नई उचित मूल्य की दुकानें खोली गई है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान जनवरी-2024 तक तीन लाख 57 हजार नए राशनकार्ड जारी किए गए हैं। चार लाख 79 हजार नए सदस्यों के नाम राशनकार्डों में जोड़े गए हैं। खाद्य मंत्री ने अनुदान मांगों की चर्चा में कहा कि इस वर्ष 24 लाख 72 हजार 440 किसानों से 144.92 लाख टन धान की खरीदी की गई है और 31,913 करोड़ का भुगतान किया गया है। राज्य गठन के बाद से अब तक किसानों को सर्वाधिक राशि का भुगतान किया गया है।
उन्होंने कहा कि किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। खरीफ वर्ष 2014-15 और 2015-16 धान की बकाया बोनस की राशि 3,433 करोड़ का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। खाद्य मंत्री ने कहा कि इस वर्ष किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए अच्छी व्यवस्था की गई थी।धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए प्रदेशव्यापी अभियान चलाया गया था, जिसके तहत 220 चेकपोस्ट बनाए गए थे। मंडी अधिनियम के तहत 817 प्रकरण दर्ज करते हुए 37,717 क्विंटल धान जब्त किया गया। 253 प्रकरणों का निराकरण कर लिया गया है।

सरकार ने कोई नियम शर्ते नही बनाया है बता दें कि ऐसी किसी अनाथ आश्रम चलाने के लिए संस्था और रजिस्ट्रेशन जरूरी है लेकिन हमने जिले के सरकारी पोर्टल से जानने का प्रयास किया कि कौन कौन से ऐसे संस्था है जो लोगो के भलाई के लिए काम कर रहा है तो जिले के अधिकारीक पोर्टल पर लगभग 12 सामाजिक संस्थाओ का नाम है पर उन नामो में जगदीपुर नरसिंगपुर के अनाथ आश्रम का कही पर भी जिक्र नही है जिससे ऐसा लगता है कि जगदीपुर नरसिंगपुर का अनाथ आश्रम सरकार के बिना जानकारी के चल रहा है सरकार के जानकारी में नही है अगर ऐसा है तो सरासर गलत है संचालक को नियमानुसार अनाथ आश्रम का रजिस्ट्रेशन करवा कर ही संचालन करना चाहिए अगर हमारा समाचार शासन प्रशासन तक पहुचती है तो सायद अनाथ आश्रम का पूरा मामला खुल कर सामने आ सकता है की अनाथ आश्रम क्या वास्तविक में नियमानुसार संचालन हो रहा है या सिर्फ अनाथ बच्चो के नाम पर दान लेकर अपना निजी स्वार्थ पूरा किया जा रहा है ।