अमित शाह छत्तीसगढ़ से करेंगे चुनावी शंखनाद, बस्तर में हारी हुई सीट पर बनाएंगे पहली रणनीति लोकसभा चुनाव 2024 के चलते भाजपा ने तीन तरह के प्रवास की योजना बनाई गई है। इसमें पहला क्लस्टर प्रवास, दूसरा लोकसभा औऱ तीसरा विधानसभा प्रवास शामिल है। लोकसभा चुनाव 2024 के चलते भाजपा ने तीन तरह के प्रवास की योजना बनाई गई है। इसमें पहला क्लस्टर प्रवास, दूसरा लोकसभा औऱ तीसरा विधानसभा प्रवास शामिल है। इसी सिलसिले में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 22 फरवरी को छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। वह सबसे पहले दोपहर एक बजे प्रदेश के बस्तर लोकसभा क्षेत्र में विधानसभा क्षेत्र कोंडागांव में क्लस्टर की बैठक लेंगे। इसके बाद दोपहर 3:20 बजे जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र में जनसभा लेने के बाद कलस्टर प्रभारियों की बैठक करेंगे। शाह लोकसभा प्रभारी, क्लस्टर प्रमुखों से वन टू वन करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार शाह गुरुवार को बस्तर लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत कोंडागांव में पार्टी की कलस्टर स्तरीय बैठक लेकर चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। इस कलस्टर में बस्तर के साथ महासमुंद और कांकेर लोकसभा सीट शामिल हैं। इनमें वर्तमान में बस्तर कांग्रेस और महासमुंद व कांकेर में भाजपा के सांसद हैं। प्रदेश में भाजपा द्वारा लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारी के लिए बस्तर को चुना गया है। बस्तर और कोरबा प्रदेश की दो सीटें कांग्रेस और शेष नौ सीटें भाजपा के पास है। शाह के आगमन को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि शाह डर के मारे पहले हारी हुई सीट पर समीक्षा करने आ रहे हैं। 2019 के चुनाव में बस्तर सीट से भाजपा 38 हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित हुई थी।
अमित शाह हेलीकाप्टर से सीधे कोंडागांव पहुंचेंगे और वहां बैठक लेकर जांजगीर के लिए रवाना हो जाएंगे। बैठक में तीनों लोकसभा क्षेत्रों से लगभग दो सौ पार्टी पदाधिकारियों को बुलाया गया है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव बस्तर में ही हैं। पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व कोंडागांव विधायक लता उसेंडी तथा मंत्री केदार कश्यप पार्टी प्रदेश संगठन के साथ मिलकर अमित शाह की बैठक की तैयारी देख रहे हैं। बस्तर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आठ विधानसभा क्षेत्र, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, जगदलपुर, चित्रकोट, कोंटा, दंतेवाड़ा और बीजापुर शामिल हैं। इनमें बस्तर, कोंटा और बीजापुर तीन सीट कांग्रेस और शेष पांच सीटों पर भाजपा के विधायक हैं। लोकसभा चुनाव के लिए अगले माह मार्च के प्रथम पखवाड़े में निर्वाचन आयोग द्वारा घोषणा संभावित है। अप्रैल में प्रथम चरण के चुनाव में बस्तर सीट के लिए भी मतदान कराया जा सकता है जैसा कि पिछले लोकसभा चुनाव में किया गया था। अमित शाह द्वारा ली जाने वाली बैठक को लेकर पार्टी पदाधिकारियों में काफी उत्साह है। हाल ही में पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव के लिए दो माह पहले भाजपा ने 21 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी थी। जिनमें दो सीट बस्तर और कांकेर भी शामिल थे। कांकेर में भाजपा को जीत मिली वहीं बस्तर में भाजपा कांग्रेस को कड़ी टक्कर देकर हारी थी।
बस्तर सीट के लिए 20 लोगों ने टिकट की दावेदारी की है। भाजपा के स्थानीय नेताओं का भी कहना है कि पहले प्रत्याशी घोषित करने का लाभ मिलेगा। विधानसभा चुनाव में बस्तर में भाजपा को 12 में से आठ सीटें और कांग्रेस को चार सीटें मिलीं थीं। \B रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी गुरुवार को जगदलपुर आ रहे हैं। पहले उनका विशाखापट्टनम से विशेष विमान से सुबह 10.40 बजे जगदलपुर आने का कार्यक्रम था लेकिन अब एक घंटा पहले रक्षामंत्री आ जाएंगे। समय में परिवर्तन का कारण अमित शाह की बैठक में शामिल होने बस्तर से पार्टी पदाधिकारियों को पहुंचने में विलंब न हो इसके लिए यह निर्णय लेना बताया गया है। राजनाथ सिंह सुबह 9.40 बजे मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां 20 मिनट रुकने के बाद हेलीकाप्टर में ओडिशा के मयूरभंज के लिए रवाना होंगे। विमानतल में उनके स्वागत के लिए पहुंचने वाले भाजपा के स्थानीय नेताओं से राजनाथ चर्चा कर सकते हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह के प्रदेश प्रवास पर चुटकी ली है। उन्होंने कहा कि शाह हारी हुई बस्तर की सीट पर पहले चुनावी बैठक ले रहे हैं। उनको पता है कि लोकसभा चुनाव में जो भी नतीजा आएंगे वह विधानसभा से इतर आएंगे, अब तो उन्हें मोदी सरकार के वादों का हिसाब देना होगा। इन्होंने बेरोजगारी, महंगाई, जवानों, किसानों व महिलाओं के लिए जो वादे किए थे वह पूरे नहीं हुए। कांग्रेस के बयान पर पलटवार कर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता केदारनाथ गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस का कोई नेता लोकसभा चुनाव लड़ने को तैयार नहीं है। इनके पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव भी चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। हमारी विष्णुदेव साय सरकार ने दो महीने के भीतर धान खरीदी में रिकार्ड बनाया, महतारी वंदन योजना, 18 लाख को आवास देने का फैसला किया। जो काम हमने किया, कांग्रेस ने पांच साल में कुछ भी नहीं किया। अब मोदी के कामों का ये किस मुंह से हिसाब मांगते हैं।