भंवरपुर :साईं सराईपाली मे लोगों को शराब पीने की सुविधा उपलब्ध कराने वाले के खिलाप कार्यवाही भंवरपुर चौकी के अनुसार पतासाजी ग्राम भ्रमण पेट्रोलिंग पर ग्राम लाबा महुआ, भस्करापाली की ओर रवाना हुआ था कि जरिए मुखबीर से सूचना मिला कि ग्राम साई सराईपाली पानी टंकी के पास एक व्यक्त्िा0 अवैध रूप से अंडा ठेला लगाकर शराब शराब पिलाने की सुविधा उपलब्ध करा रहा है कि सूचना पर मुखबीर सूचना पंचनामा तैयार कर गवाह दयानिधि सोना व श्रद्धा कुमार को धारा 160 जा0फौ0 का नोटिस देकर मुखबीर के बताये स्थान ग्राम साई सराईपाली पहुंचकर पानी टंकी के पास घेरा बंदी कर एक व्यक्ति को पकड़े शराब पिने वाले लोग पुलिस को देखकर भाग गये। पकड़े गये व्यक्ति का नाम पता पुछने पर वह अपना नाम मेमराज निषाद पिता बालमुकुंद निषाद उम्र 37 साल साकिन साई सराईपाली,चौकी भंवरपुर थाना बसना जिला महासमुन्द छ0ग0 का होना बताया
जिसे मुखबीर की सूचना से अवगत कराकर उनकी तलाशी ली गई जिनके कब्जे से तीन नग 180-180 एम एल वाली देशी प्लेन शराब की खाली शीशी जिसमें देशी प्लेन शराब की तेज गंध आ रही है एवं तीन नग खाली डिस्पोजल गिलास बरामद किया एवं शराब पिलाने के संबंध में उक्त व्यक्ति को धारा 91 जा0फौ0 नोटिस दिया जो किसी प्रकार से लोगों को शराब पीने की सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में कोई वैघ कागजात लायसेंस नही होना लिखित में दिया उक्त बरामद शराब की खाली शीशी को मुताबिक जप्ती पत्रक के सक्षम गवाह के जप्त कर सीलबंद्ध कर कब्जा पुलिस लिया गया एवं पृथक से सीलबंद किया गया। आरोपी का कृत्य अपराध धारा 36(सी) आबकारी एक्ट का पाया जाने से आरोपी को मौके पर आज दिनांक 18.02.2024 के 18.40 बजे विधिवत गवाहों के समक्ष गिरफ्तार किया गया मामला जमानतीय होने एवं आरोपी द्वारा सक्षम जमानतदार पेश करने पर जमानत मुचलका पर रिहा किया गया। आरोपी के विरूद्ध देहाति नालसी पर अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया।

सरकार ने कोई नियम शर्ते नही बनाया है बता दें कि ऐसी किसी अनाथ आश्रम चलाने के लिए संस्था और रजिस्ट्रेशन जरूरी है लेकिन हमने जिले के सरकारी पोर्टल से जानने का प्रयास किया कि कौन कौन से ऐसे संस्था है जो लोगो के भलाई के लिए काम कर रहा है तो जिले के अधिकारीक पोर्टल पर लगभग 12 सामाजिक संस्थाओ का नाम है पर उन नामो में जगदीपुर नरसिंगपुर के अनाथ आश्रम का कही पर भी जिक्र नही है जिससे ऐसा लगता है कि जगदीपुर नरसिंगपुर का अनाथ आश्रम सरकार के बिना जानकारी के चल रहा है सरकार के जानकारी में नही है अगर ऐसा है तो सरासर गलत है संचालक को नियमानुसार अनाथ आश्रम का रजिस्ट्रेशन करवा कर ही संचालन करना चाहिए अगर हमारा समाचार शासन प्रशासन तक पहुचती है तो सायद अनाथ आश्रम का पूरा मामला खुल कर सामने आ सकता है की अनाथ आश्रम क्या वास्तविक में नियमानुसार संचालन हो रहा है या सिर्फ अनाथ बच्चो के नाम पर दान लेकर अपना निजी स्वार्थ पूरा किया जा रहा है ।