अथान, चटनी, भाजी, बड़ी-बिजौरी और गोंदली के साथ बोरे-बासी तिहार में हुआ सामूहिक भोज
छत्तीसगढ़िया श्रमिकों की संस्कृति का अहम हिस्सा है बोरे बासी : मुख्यमंत्री श्री बघेल
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के साथ मनाया श्रमिक दिवस, कहा – छत्तीसगढ़ के विकास में श्रमिकों का योगदान अमूल्य
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने श्रमिक दिवस के अवसर पर श्रमवीरों के सम्मान में प्रदेश भर से आये हज़ारों श्रमिकों के साथ आज बोरे-बासी का आनंद लिया। राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित बोरे-बासी तिहार के सामूहिक भोज में मुख्यमंत्री ने अथान, चटनी, भाजी, बड़ी-बिजौरी और गोंदली के साथ जमीन में बैठकर बोरे-बासी खाई और श्रमिक दिवस मनाया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बोरे-बासी छत्तीसगढ़िया श्रमिकों की संस्कृति का अहम हिस्सा है और उनके सम्मान और योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए ही बोरे-बासी तिहार मनाया जा रहा है। बोरे-बासी श्रमिकों का प्रिय आहार भी है और उनके जीवन का अहम हिस्सा भी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में श्रमिकों का योगदान अमूल्य है और उनके प्रयासों से हम नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे है।










इस अवसर पर बेटी बचाओ बेटी पढाओ के प्रदेश सदस्य डॉक्टर एन. के. अग्रवाल ने कहा की इस खेत्र में सुख शांति हमेशा बनी रहे भगवान सबको हनुमान जी जैसा शक्ति प्रदान करें,और प्रभु श्री राम की कृपा हर घर में बना रहे ।इस अवसर पर समस्त ग्रामवासी उपस्थित थे|
