विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के प्रयासों से बसना-पिथौरा को मिली बड़ी सौगात ताला व बैंगनडीह एनीकेट निर्माण हेतु 7.32 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति
ताला और बैंगनडीह एनीकेट से 100 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित, किसानों में हर्ष मुख्यमंत्री के किसान-हितैषी नेतृत्व का परिणाम : विधायक डॉ. संपत अग्रवाल
बसना विधानसभा क्षेत्र के विकास और किसान कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। क्षेत्र के किसानों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए जल संसाधन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ताला एवं बैंगनडीह एनीकेट निर्माण के लिए कुल 7 करोड़ 32 लाख 85 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह महत्वपूर्ण सफलता डॉ. संपत अग्रवाल के निरंतर प्रयासों, पत्राचार एवं शासन स्तर पर की गई प्रभावी पहल का प्रतिफल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिथौरा विकासखंड के अंतर्गत ताला एनीकेट निर्माण हेतु 318.90 लाख रुपये तथा बसना विकासखंड के अंतर्गत बैंगनडीह एनीकेट निर्माण के लिए 413.95 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन दोनों परियोजनाओं के पूर्ण होने से लगभग 100 हेक्टेयर कृषि भूमि को प्रत्यक्ष रूप से सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी।
विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने इस स्वीकृति के लिए प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की नीतियां पूर्णतः किसान-केंद्रित हैं। सरकार का लक्ष्य हर खेत तक पानी पहुँचाना और किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है।
विधायक डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इन एनीकेटों के निर्माण से न केवल सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि भू-जल स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। वर्षा जल के संरक्षण से आसपास के कुएं और बोरवेल रिचार्ज होंगे, जिससे रबी और खरीफ दोनों मौसमों में खेती संभव हो सकेगी। इससे किसानों की लागत घटेगी और आय में प्रत्यक्ष वृद्धि होगी।
उन्होंने आगे कहा कि यह परियोजनाएं भविष्य में सूखे जैसी परिस्थितियों से निपटने में सुरक्षा कवच का कार्य करेंगी। ग्रामीणों को निस्तारी एवं मवेशियों के लिए पूरे वर्ष जल उपलब्ध रहेगा, जिससे ग्रामीण जीवन को स्थायित्व मिलेगा।
अंत में विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि किसान कल्याण, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बसना-पिथौरा क्षेत्र के अंतिम छोर तक सिंचाई सुविधा पहुँचाना उनका संकल्प है और आने वाले समय में क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।



