सरायपाली, 25 मार्च। महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम कुटेला स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में बड़े पैमाने पर खाद्यान्न गबन और गंभीर अनियमितताओं के मामले में अब पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में माँ संतोषी महिला स्व-सहायता समूह, लुकापारा की अध्यक्ष श्रीमती सेत कुमारी चौहान एवं सचिव श्रीमती माधुरी चौहान के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
थाना सरायपाली में खाद्य निरीक्षक अविनाश दुबे की लिखित शिकायत पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) एवं 316(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरायपाली के आदेश क्रमांक 2771/अ.वि.अ./खाद्य/2026 दिनांक 11 फरवरी 2026 के आधार पर की गई है।
खाद्य निरीक्षक ने बताया कि संचालनालय खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, नवा रायपुर से प्राप्त पत्र क्रमांक 1415/खाद्य-संचा/pv2025/2025 दिनांक 05 मार्च 2025 के आधार पर ग्राम कुटेला स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान (दुकान आईडी क्रमांक 582004029) का भौतिक सत्यापन किया गया। उक्त दुकान का संचालन सितंबर 2023 से संबंधित महिला समूह द्वारा किया जा रहा था।
पहली जांच में उजागर हुआ 5.61 लाख का गबन
दिनांक 20 अप्रैल 2025 को गवाहों की उपस्थिति में किए गए निरीक्षण में 31 मार्च 2025 की स्थिति अनुसार ई-पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक की तुलना में वास्तविक स्टॉक में भारी कमी पाई गई। जांच में चावल 130.52 क्विंटल (₹5,43,323), शक्कर 3.51 क्विंटल (₹13,757) एवं नमक 3.41 क्विंटल (₹4,137) की कमी सामने आई, जिसकी कुल राशि ₹5,61,217 है।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि दुकान में स्टॉक पंजी, निगरानी पंजी, डीओ पंजी, केशबुक पंजी तथा राशन कार्ड पंजी उपलब्ध नहीं थे। दुकान के खुलने और बंद होने का समय भी निर्धारित प्रारूप में प्रदर्शित नहीं किया गया था।
हितग्राहियों को राशन नहीं, बाहरी बिक्री का आरोप
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि संचालकों द्वारा हितग्राहियों को समय पर और नियमित राशन वितरण नहीं किया जा रहा था। राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न न देकर उसे बाहरी व्यक्तियों को बेचकर अनुचित आर्थिक लाभ अर्जित किया जा रहा था, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रभावित हुई।
दूसरी जांच में और बढ़ी कमी
ग्रामीणों की शिकायत पर 23 जनवरी 2026 को पुनः भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें स्थिति और अधिक गंभीर पाई गई। इस दौरान चावल 186.92 क्विंटल, शक्कर 1.26 क्विंटल एवं नमक 1.84 क्विंटल ऑनलाइन दर्ज स्टॉक से कम पाया गया। साथ ही दुकान संचालन संस्था द्वारा जनवरी 2026 माह का ₹19,065.66 का आबंटन भी जमा नहीं किया गया था।
नोटिस, स्मरण पत्र और वसूली आदेश की अनदेखी
कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरायपाली द्वारा 20 जून 2025 को संबंधित अध्यक्ष, सचिव एवं समूह के सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब नहीं मिलने पर स्मरण पत्र भी जारी किया गया, किंतु आज तक कोई उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद ₹5,61,217 की वसूली का आदेश जारी किया गया, जिसे अब तक जमा नहीं किया गया है।
जांच प्रतिवेदन के बाद FIR दर्ज
खाद्य निरीक्षक द्वारा 26 जनवरी 2026 को विस्तृत जांच प्रतिवेदन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को प्रस्तुत किया गया। इसके आधार पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। अब थाना सरायपाली में विधिवत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और पुलिस द्वारा मामले की विवेचना की जा रही है।
खाद्य विभाग के अनुसार, उक्त कृत्य से शासन को आर्थिक हानि पहुंची है तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में गंभीर व्यवधान उत्पन्न हुआ है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।



