बसना/श्री रणेश्वर मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह कलश अधिवास के साथ भव्य शुभारंभ
बसना :श्री रणेश्वर मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ नरसिंहनाथ से पवित्र जल भरकर लाये गए कलश अधिवास के समय शंख, घंट, हुलहुली की मधुर ध्वनि एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भव्य रूप से किया गया। दूसरे दिन बेदी पूजन एवं देव आह्वान का कार्यक्रम आयोजित किया। पूजा में मुख्य यजमान के रूप में कुल कार्यकारिणी अध्यक्ष गिरधारी साहू सहित 21 जोड़े पूजा बेदी में बैठकर पूजा अनुष्ठान को संचालित कर रहे हैं। रणेश्वर मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर क्षेत्र में काफी उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया है। रात को रंग बिरंगी रोशनी से जगमगाता मंदिर परिसर हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। नवरात्र का समय होने के कारण माँ रामचंडी की महाआरती में भाग लेने शाम को अपार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए समाज द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। 23 एवं 24 मार्च को उड़ीसा के प्रसिद्ध दंड नृत्य का आयोजन रखा गया तथा प्रतिदिन रात्रि कालीन जलंधर महाराज का दरबार सजता है जिसे देखने अपार भीड़ उमड़ रही है।
अखंड सोलह प्रहरी नाम यज्ञ का आयोजन
25 मार्च से अखंड सोलह प्रहरी नामयज्ञ का आयोजन रखा गया है। जिसमें हरे राम, हरे कृष्ण के महामंत्र का जाप 16 प्रहर यानी 48 घंटे तक अनवरत किया जाएगा। इस नामयज्ञ में छत्तीसगढ़ के विभिन्न कीर्तन मंडलियों को आमंत्रित किया गया है। नाम संकीर्तन को प्राण प्रतिष्ठा समारोह का एक बड़ा धार्मिक आयोजन माना जा रहा है। 25 मार्च को बरगढ़ का प्रसिद्ध आर्केस्ट्रा एवं 26 मार्च को हिर्रीपाली उड़ीसा का प्रसिद्ध अपेरा (नाटक) का आयोजन रखा गया है।
प्राण प्रतिष्ठा एवं ध्वजारोहण के दिन होगी अपार भीड़
बाबा बिशासहे कुल कोलता समाज द्वारा नवनिर्मित श्री रणेश्वर मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर समाज एवं अंचल वासी काफी प्रतीक्षारत एवं उत्साहित हैं। 26 मार्च को प्राण प्रतिष्ठा का समारोह आयोजित होने एवं इसी दिन मां रामचंडी मंदिर में महा अष्टमी पर विशेष पूजन एवं हवन का कार्यक्रम आयोजित होगा। अंतिम दिवस ध्वजारोहण, गर्भ प्रवेश तथा शिखर कलश स्थापना समारोह आयोजित है। इसी दिन माँ रामचंडी मंदिर परिसर में नौ कन्या पूजन एवं कलश विसर्जन कार्यक्रम आयोजित होने से अपार भीड़ जुटने की संभावना व्यक्त की जा रही है। समाज का हर कोई चाहता है कि इस ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा समारोह का साक्षी बने।
लोगों को लुभाता विशाल मीना बाजार
यहां श्रद्धालुओं के लिए विशाल मीना बाजार लगा हुआ है। जहां खाने-पीने के समान से लेकर बच्चों के खिलौने एवं महिलाओं की श्रृंगार प्रसाधन सामग्री लोगों को खूब लुभा रही है। मीना बाजार में लोगों के लिए कई तरह के झूले लगे हुए हैं जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। श्रद्धालुओं को जहां एक ओर मीना बाजार के चकाचौंध को निहारने का अवसर मिल रहा है तो वहीं दूसरी ओर गढ़ फुलझर के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों करीब से देखने को मिल रहा है। मानसरोवर के किनारे बने पाथ वे में घूमने का लुफ्त भी उठा रहे हैं। श्री रणेश्वर मंदिर का निर्माण प्रसिद्ध रामचंडी मंदिर के बगल में बनाया गया है। भैना कालीन प्रसिद्ध ऐतिहासिक किले पर माँ रामचंडी विराजित हैं जहां प्रतिवर्ष नवरात्र का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। नवरात्र के समय ही प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित होने से श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति कई गुनी बढ़ गई है।
विशाल भोग भंडारा की व्यवस्था
श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोग भंडारा की व्यवस्था की गयी है जिसमें समाज के सहयोग से प्रसाद के रूप में भोजन का वितरण दोपहर एवं रात को किया जा रहा है जिसे ग्रहण करने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। भोग भंडारा में श्रद्धालु बढ़ चढ़कर आर्थिक, शारीरिक एवं मानसिक सहयोग प्रदान कर रहे हैं।



