महासमुंद, 9 मई। छत्तीसगढ़ के महासमुंद, दुर्ग, धमतरी, जांजगीर,चांपा में 24 चोरियां करने वाले शातिर चोर को पुलिस ने पकड़ा है। उनके कब्जे से 163 ग्राम सोना, ढ़ाई किलो चांदी के आभूषण,बाइक और मोबाइल फ ोन समेत कुल 32 लाख 38 हजार 900 रुपए का सामान बरामद किया गया है।
आरोपी उन मकानों की पहले रेकी करता था, जहां मकान बन रहा होता था। बिल्डिंग मटीरियल बाहर पड़ी रहती थी। वहां केवल बच्चे या बुजुर्ग होते थे। खुद को बिल्डिंग मटीरियल सप्लायर बताकर सस्ती कीमत में छड़ और सीमेंट दिलाने का लालच देता था।
बातचीत के बहाने वह घर के अंदर जाता और मौका मिलते ही सोने-चांदी के गहने पार कर देता था। पहले भी पुलिस हिरासत से आरोपी इलाज के बहाने फ रार हो चुका है। वो चोरी के जेवर पिथौरा,भंवरपुर और सरायपाली के स्थानीय ज्वेलर्स को बेचता था,जिनमें से कुछ की बरामदगी हो चुकी है और बाकी की तलाश जारी है। पुलिस उन ज्वेलरी कारोबारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है जिन्होंने चोरी का माल खरीदा था।
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार बगारपाली निवासी ओमप्रकाश ठाकुर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि 27 अप्रैल 2026 की सुबह उनके घर से करीब 40 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवर चोरी हो गए हैं। पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों पर नजर रखी। इसी दौरान वाहन चेकिंग के समय पुलिस को एक संदिग्ध युवक पर शक हुआ। पूछताछ में आरोपी ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंचराम उर्फ पंचू निषाद 38 निवासी ग्राम चंदली,थाना चंद्रपुर, जिला सक्ती के रूप में हुई है। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी जिले के कई थाना क्षेत्रों में सक्रिय था। वह बेहद शातिर तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी पहले मकानों की रेकी करता था, फि र मौका पाकर घरों से कीमती जेवरात चुरा लेता था। दरअसल बगारपाली निवासी ओमप्रकाश ठाकुर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि 27 अप्रैल 2026 की सुबह उनके घर से करीब 40 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवर चोरी हो गए हंै।
पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों पर नजर रखी। इसी दौरान वाहन चेकिंग के समय पुलिस को एक संदिग्ध युवक पर शक हुआ। पूछताछ में आरोपी ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंचराम उर्फ पंचू निषाद ग्राम चंदली, थाना चंद्रपुर, जिला सक्ती के रूप में हुई है। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी जिले के कई थाना क्षेत्रों में सक्रिय था। वह बेहद शातिर तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी पहले मकानों की रेकी करता था, फि र मौका पाकर घरों से कीमती जेवरात चुरा लेता था। पुलिस ने पिथौरा के जीएस ज्वेलर्स और भंवरपुर के कैलाश ज्वेलर्स से चोरी के गहने जब्त किए हैं। सरायपाली के तमन्ना ज्वेलर्स और संतोष ज्वेलर्स से आभूषणों की रिकवरी अभी बाकी है। पुलिस ने पिथौरा के जीएस ज्वेलर्स और भंवरपुर के कैलाश ज्वेलर्स से चोरी के गहने जब्त किए हैं। सरायपाली के तमन्ना ज्वेलर्स और संतोष ज्वेलर्स से आभूषणों की रिकवरी अभी बाकी है। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी उन घरों को निशाना बनाता था, जहां मकान बन रहा होता था। बाहर ईंट, गिट्टी और दूसरी निर्माण सामग्री पड़ी रहती थी। वह खासतौर पर ऐसे घर चुनता था, जहां केवल बच्चे या बुजुर्ग रहते थे। आरोपी खुद को बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर बताकर सस्ती कीमत में छड़ और सीमेंट दिलाने का लालच देता था। बातचीत के बहाने वह घर के अंदर जाता और मौका मिलते ही सोने-चांदी के गहने चोरी कर फरार हो जाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी ने 5 महीने में महासमुंद में 15 चोरी की है। चोरियों के बाद वह पंजाब चला जाता था। दुर्ग जिले के उतई, रनचिरई, जामगांव, धमतरी के भखारा, अंडा, मगरलोड़ और जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ, बिर्रा थाना क्षेत्रों में भी चोरी की है। चोरी के बाद वह जेवरात को कई ज्वेलर्स दुकानों में बेच देता था। एसपी प्रभात कुमार का कहना है कि चोरी के जेवर खरीदने वाले कुछ ज्वेलरी कारोबारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। मामले में आगे जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



