महासमुंद। महासमुंद जिला जेल में एक बंदी के साथ मारपीट की खबर है। पीडि़त पक्ष ने जेल के पहरेदार पर बेहरमी से मारपीट का आरोप लगाया है। पीडि़त पक्ष ने वकील के माध्यम से जिला न्यायालय में इसकी शिकायत की और उनकी शिकायत पर वीडियो कांफ्रेंसिंग में पीडि़त ने जज को मारपीट की घटना की जानकारी दी है। जिस पर न्यायाधीश ने घटना का फु टेज मंगाया है। वहीं जेल अधीक्षक ने खबर को फर्जी कहा है। जानकारी अनुसार यह मामला रौनक सोनी उर्फ गबरू का है। रौनक सोनी एक मामले में महासमुंद जेल में बंद है और उसकी सुनवाई चल रही है।
वहीं कार्यालय अधीक्षक, जिला जेल महासमुन्द छग ने 25 मई को एक पत्र लिखकर जनसंपर्क अधिकारी को जिला जेल महासमुन्द में बंदी के साथ मारपीट किये जाने के संबंध में प्रकाशित न्यूज को खंडन करने की बात लिखी है। जेल अधीक्षक द्वारा पत्राचार की भाषा यह है-उपरोक्त विषयांतर्गत निवेदन है कि जिला जेल महासमुन्द में बंदी के बेहरमी से मारपीट की खबरें प्रकाशित हो रही हैं। रौनक सोनी उर्फ गबरू के साथ किसी भी प्रकार से मारपीट नहीं हुआ है। मारपीट का आरोप लगया है जो निराधार गलत है। अत: उक्त प्रकरण को मिडिया पेपर में प्रकाशित होने को रोक लगाने का कष्ट करें, फर्जी न्यूज है।
ज्ञात हो कि महासमुंद जेल में पहले ही एक अन्य घटना में जेल में मारपीट से मौत हुई है। तब भी पीडि़त परिवार ने बिलासपुर हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी। इसके बाद मामले की जांच हुई और फिर कोतवाली थाने में इसका अपराध दर्ज किया गया था। मामला 15 अगस्त 2024 की थी, जिसमें बंदी नीरज भोई की जेल में मौत हुई थी। परिवार ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। इसकी सुनवाई हुई। वैज्ञानिक साक्ष्य, पीएम रिपोर्ट से गला दबाकर हत्या व शरीर में चोट के निशान स्पष्ट हुए थे।



