महासमुंद। नवतपा के बीच महासमुंद जिला इन दिनों भीषण गर्मी की गिरफ्त में है। सूरज की तपिश ऐसी है कि सुबह 10 बजे के बाद ही सडक़ें तपने लग रही हैं और दोपहर होते होते हालात कफ्र्यू जैसे दिखाई दे रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में नवतपा के दौरान बीच-बीच में बारिश और आंधी से लोगों को राहत मिल जाती थी, लेकिन इस बार मौसम पूरी तरह बेरहम बना हुआ है। लगातार बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
महासमुंद जिले के कई इलाकों में तापमान 46 डिग्री के करीब पहुंचा है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। शहर सहित बागबाहरा, बसना, पिथौरा और सरायपाली क्षेत्र सबसे ज्यादा गर्मी की चपेट में हैं। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम हो रही है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से निकल रहे हैं। सडक़ किनारे चाय-नाश्ते की दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर भी सन्नाटा दिखाई दे रहा है।
गर्म हवा के थपेड़ों से बाइक सवार और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम कर रहे किसान भी तेज धूप और गर्म हवाओं से बेहाल हैं। जिले में इस बार नवतपा का असर बीते वर्षों की तुलना में ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होने और वातावरण में नमी की कमी के कारण गर्मी लगातार बढ़ रही है। अभी लगातार तापमान बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण लोगों को रात में भी राहत आराम नहीं मिल पा रही। दिनभर तपिश और रात भर उमस जैसी स्थिति से लोग परेशान हैं।
महासमुंद जिले के विभिन्न ब्लॉकों में तापमान लगातार 45 से 46 डिग्री के बीच बना हुआ है। बागबाहरा और सरायपाली क्षेत्र सबसे ज्यादा गर्म माने जा रहे हैं और वहां तापमान 46 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है। महासमुंद मुख्यालय में पारा करीब 44.8 डिग्री औसत है। बसना और पिथौरा क्षेत्र में भी गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। गर्मी का असर दैनिक कामकाज पर भी साफ दिखाई दे रहा है। निर्माण कार्य, खेतों का काम और खुले स्थानों पर श्रम करने वाले मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
किसान सुबह जल्दी और शाम ढलने के बाद ही खेतों में काम कर रहे हैं। शहर में भी दोपहर के समय ऑटो चालकों, डिलीवरी ब्वाय और ट्रैफिक पुलिस जवानों को ड्यूटी के दौरान भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कूलर,एसी और पंखों के उपयोग से बिजली खपत बढ़ी है। कई इलाकों में पानी की किल्ल्त है। अभी तीन चार दिन राहत मिलने की संभावना कम है। 28 से 30 मई तक तापमान 44 से 45 डिग्री के बीच बना रह सकता है और लू चलने की आशंका बनी हुई है।
इसके बाद 31 मई से मौसम में हल्का बदलाव शुरू हो सकता है। आसमान में आंशिक बादल छाने और प्री.मानसून गतिविधियां बढऩे के संकेत हैं। जून के पहले सप्ताह में कहीं-कहीं हल्की बारिश और तेज हवाओं से लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही पर्याप्त पानी पीने,ओआरएस का सेवन करने, हल्के सूती कपड़े पहनने और खाली पेट बाहर नहीं निकलने की सलाह लोगों को दे रखी है।



