बसना/ 10 दिन में बोर और मुफ्त सोलर मोटर लगाने का भरोसा, 3 माह बाद भी न बोर हुआ न रकम वापस; 7 किसानों से 1.75 लाख की धोखाधड़ी, पुलिस ने धारा 318(4) में अपराध दर्ज किया है
बसना। ग्राम बीरसिंगपाली में आदिवासी किसानों के लिए सब्सिडी में बोर खनन कराने और साथ में सोलर मोटर मुफ्त दिलाने का झांसा देकर सात किसानों से कुल 1 लाख 75 हजार रुपये लेने का मामला सामने आया है। ग्राम खेमड़ा निवासी उमा शंकर तिवारी पर आरोप है कि उसने किसानों को बताया कि सरकार द्वारा आदिवासियों के लिए सब्सिडी में बोर खनन कराया जा रहा है और इसके लिए प्रत्येक किसान को 25 हजार रुपये अग्रिम राशि जमा करनी होगी। राशि लेने के बाद 10 दिन के भीतर बोर खनन तथा सोलर मोटर लगाकर देने का भरोसा दिया गया था। लेकिन तीन माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो बोर खनन कराया गया और न ही किसानों की रकम वापस की गई। शिकायत पर थाना बसना में धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
मई 2026 में गांव पहुंचकर किसानों को दिया था झांसा थाना बसना में ग्राम बीरसिंगपाली निवासी धुबल सिदार पिता बिरम सिदार, उम्र 60 वर्ष, ने लिखित शिकायत प्रस्तुत की है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह पांचवीं तक पढ़ा-लिखा है और खेती-किसानी का काम करता है। उसके पास गांव में करीब 12 एकड़ कृषि भूमि है। शिकायत के अनुसार मई 2026 में ग्राम खेमड़ा निवासी उमा शंकर तिवारी ग्राम बीरसिंगपाली आया था। उसने धुबल सिदार सहित गांव के अन्य किसानों चित रंजन जगत पिता श्रीराम जगत, महातम जगत पिता चैत राम जगत, रोहित जगत पिता रामेश्वर जगत और सुरेश जगत पिता जनसाय जगत को बताया कि सरकार द्वारा आदिवासी किसानों के लिए सब्सिडी में बोर खनन कराया जा रहा है। उसने यह भी कहा कि बोर के साथ सोलर मोटर भी मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी।
उमा शंकर तिवारी ने किसानों से कहा कि इसके लिए प्रत्येक किसान को 25 हजार रुपये अग्रिम राशि जमा करनी होगी तथा राशि जमा करने के 10 दिन के भीतर बोरवेल और सोलर मोटर लगाकर दे दी जाएगी।
फोन-पे से दिए 25 हजार, तीन किसानों ने नकद दी रकमशिकायत के अनुसार उमा शंकर तिवारी की बातों पर विश्वास करके धुबल सिदार ने अपने जिला सहकारी बैंक खाते से फोन-पे के माध्यम से 30 मई 2026 को 25 हजार रुपये उमा शंकर तिवारी के मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन ट्रांसफर किए। इसी दिन ग्राम बीरसिंगपाली निवासी सुरेश जगत ने भी फोन-पे के माध्यम से 25 हजार रुपये ट्रांसफर किए।
वहीं चित रंजन जगत, महातम जगत और रोहित जगत ने 25-25 हजार रुपये नकद उमा शंकर तिवारी को दिए। इस प्रकार इन किसानों से कुल 1 लाख 25 हजार रुपये लिए गए।शिकायत में बताया गया है कि इसके अलावा ग्राम डोंगरीपाली निवासी गोपी कश्यप पिता उसत कश्यप तथा ग्राम भूकेल निवासी अमृत लाल कश्यप से भी इसी प्रकार 25-25 हजार रुपये लिए गए। इन दोनों किसानों को भी बोर खनन कराकर देने का भरोसा दिया गया था, लेकिन उनका भी बोर नहीं लगाया गया।
10 दिन के बजाय तीन माह से अधिक समय बीता किसानों के अनुसार रकम लेने के बाद जब 10 दिन पूरे हो गए और बोर खनन नहीं हुआ तो उन्होंने उमा शंकर तिवारी से संपर्क किया। आरोप है कि वह काम में देरी होने का बहाना बनाकर किसानों को टालता रहा। लगातार संपर्क करने के बाद भी वह किसानों को बार-बार घुमाता रहा और बोर खनन नहीं कराया।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि देखते ही देखते तीन माह से अधिक समय बीत गया, लेकिन न तो बोर खनन कराया गया और न ही किसानों की रकम वापस की गई।
पूछताछ करने पहुंचे तो घर से भागने का आरोप
शिकायत में किसानों ने आरोप लगाया है कि जब सभी पीड़ित किसान मिलकर उमा शंकर तिवारी के घर पूछताछ करने पहुंचे तो वह घर से चला गया। किसानों का यह भी आरोप है कि अब वह उल्टा उन्हें धमका रहा है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद किसानों को आशंका हुई कि उनके साथ सोची-समझी तरीके से धोखाधड़ी की गई है।
7 किसानों से लिए 1.75 लाख रुपये
शिकायत के अनुसार उमा शंकर तिवारी द्वारा कुल 7 किसानों से 25-25 हजार रुपये लिए गए। इस तरह किसानों से कुल 1,75,000 रुपये (एक लाख पचहत्तर हजार रुपये) लिए जाने का आरोप है।
पीड़ित किसानों में धुबल सिदार पिता बिरम सिदार, सुरेश जगत पिता जनसाय जगत, चित रंजन जगत पिता श्रीराम जगत, महातम जगत पिता चैत राम जगत, रोहित जगत पिता रामेश्वर जगत, गोपी कश्यप पिता उसत कश्यप निवासी ग्राम डोंगरीपाली तथा अमृत लाल कश्यप निवासी ग्राम भूकेल शामिल हैं।
फोन-पे ट्रांजेक्शन के साक्ष्य भी दिए धुबल सिदार ने थाना प्रभारी बसना को दिए आवेदन में बताया कि उनके पास ऑनलाइन किए गए फोन-पे ट्रांजेक्शन के साक्ष्य भी हैं। उन्होंने आवेदन के माध्यम से उमा शंकर तिवारी के विरुद्ध 1 लाख 75 हजार रुपये की धोखाधड़ी तथा डराने-धमकाने के आरोप में अपराध दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
आवेदन 14 अगस्त 2026 को थाना बसना में प्रस्तुत किया गया। पुलिस के अनुसार शिकायत के आधार पर प्रथम दृष्टया धारा 318(4) बीएनएस का अपराध घटित होना पाए जाने पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। मामले में पुलिस द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों, पैसों के लेन-देन और कथित बोर खनन योजना से संबंधित तथ्यों की जांच की जा रही है।



