महासमुंद बसना / महिला अधीक्षका और उसके पति को सरपंच और ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप वीडियो हो रहा है वायरल पकड़ा रंगे हाथों कार से हो रहा था रहे थे गलत काम?
महासमुंद जिले के बसना विकास खंड अंतर्गत बड़ेसाजापाली मे 3 छात्रवास संचालित हो है कन्या छात्रवास और 2 बालक छात्रावास को अधीक्षक पूजा पुष्पा भट्ट चला रही है साजापाली के सरपंच पंकज साव ने गंभीर आरोप लगाए हैं सरपंच ने एक वीडियो बनाया है जिसमे बच्चों के भोजन के लिए लाए गए चावलो को बाजार मे बेचने ले जा रहे थे और सरपंच और पंच ने पकड़ लिया इधर मामले मे ज़ब सरपंच से इस संबंध मे पूछा गया तो सरपंच ने सीधा सीधा चावल की अवैध परिवहन का आरोप लगा दिया सरपंच ने कहा की छात्र वास के आस पास के रहने वाले ग्रामीण मुझे बता रहे थे की छात्र वास मे कोई पुरुष चार पांच दिनों से
आकर रह रहा है और लगातार चावल को निकाल कर कार से कही बेचा जा रहा है सरपंच ने अपने एक पंच को चावल ले जाते हुए कार को रोकने की बात कही और शनिवार को सरपंच के कहे अनुसार छात्रवास से जैसे ही कार मे चावल के बोरियो को रख कर परिसर से बाहर निकला कार को रोक दिया गया घटना स्थल पर सरपंच पहुँच कर वीडियो बनाना सुरु कर दिया कार से डिक्की खोलने पर चावलो के बोरिया नजर आने लगी और छात्रावास के बाहर भीड़ इकटा हो गया वही कार को छात्रवास अधीक्षक के पति लेकर जा रहे इधर सरपंच ने आरोप लगाते हुए
कहा की कन्या छात्रवास मे पुरुषो का रात रुकना मना है लेकिन छात्र वास अधीक्षक के पति 5 दिनों तक रुके है और चावल के परिवहन के सुचना देने पर खंड प्रभारी कुछ भी कार्यवाही नहीं किए, इधर छात्रवास अधीक्षक आवाज सुनकर छात्र वास अधीक्षक बाहार निकली वही सरपंच और छात्र वास अधीक्षक के बिच बहस चालू हो गया वही छात्रवास अधीक्षक चावल को साफ करवाने के लिए भंवरपुर राइस मिल ले जाने के बाहना बनाते हुई दिखाई दे रही है!
एक छात्रवास मे 50 बच्चों का सीट है 3 छात्रवास मे 150 बच्चे का सीट हैं बताया गया की एक छात्रवास के लिए एक महीना मे 7 क्विंटल 50 किलो चावल आता है एक बच्चों के लिए एक माह मे लगभग 1200 रु सरकार के तरफ से मिलते है जिसमे 1 टाइम का नास्ता और दोपहर और रात का भोजन शामिल है साथ ही इन रुपयों से बच्चों के लिए चावल भी खरीदना रहता है जो 6 रु किलो पड़ता है रासन समान और नहाने धोने तक दिन चर्या के सभी सामानो की खरीददारी होती है टेबल कुर्सियां मछड़दानी जैसे सामने जिला खंड कार्यलय से प्रदान की जाती है बताया जा रहा है की अभी छात्रवासो मे 8 से 10.बच्चे है बाकी घर चले गए है!
इस पुरे मामले मे छात्रावास खंड प्रभारी रोहित पटेल ने बताया की चावल को मिलिंग के लिए बाहर ले जा सकते है रजिस्टर मे मेंटनेस करना रहता है कन्या छात्रवास मे उसके पति के रहने वाले मामले मे कहा की इस बात की जानकारी मुझे नहीं हैं उनके पति रुके थे तो यह गलत है सरपंच आकर छात्रवास मे जो सीसी टीवी लगा है उसका जाँच कर सकते है! लेकिन इतनी बड़ी घटना के बाद भी खंड प्रभारी ने एक बार भी जांच कार्यवाही की बात नहीं की इससे ऐसा लगता है की खंड प्रभारी भी ऐसे कर्मचारीयों को संरक्षण दे रखे है “इस संबंध मे छात्र वास अधीक्षक को भी दूरभाष के माध्यम से कई बार सम्पर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन वे फोन नहीं उठाये!



