सरायपाली शिशुपाल प्रेमी जोड़े की आत्महत्या से फिर दहला ,, 5 साल में 15 मौतें… जानलेवा सेल्फी’ , हत्या और आत्म हत्या के कई मामले?लगातार हादसों के बावजूद नहीं थम रही लापरवाही
महासमुंद 3मई ,जिले के सरायपाली क्षेत्र स्थित शिशुपाल पर्वत एक बार फिर दर्दनाक घटना का गवाह बना है। यहां एक युवक और एक नाबालिग युवती की लाश मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों ने पर्वत से कूदकर आत्महत्या की है। इस घटना ने एक बार फिर इस खूबसूरत पर्यटन स्थल की खतरनाक सच्चाई को उजागर कर दिया है।
मृतकों की पहचान सांकरा थाना क्षेत्र के ग्राम बारीकपाली निवासी डिलेश्वर साव और एक नाबालिग युवती (कोमल) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था और इसी के चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ जारी है।
शिशुपाल पर्वत अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऊंचाई के लिए जाना जाता है। दूर-दूर से लोग यहां घूमने और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने पहुंचते हैं। लेकिन बीते कुछ वर्षों में यह स्थान आत्महत्या और हादसों के कारण बदनाम होता जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में यहां करीब 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें प्रेमी जोड़ों द्वारा आत्महत्या के कई मामले शामिल हैं, जिससे यह जगह धीरे-धीरे ‘सुसाइड पॉइंट’ के रूप में पहचान बनाने लगी है।
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी यहां कई गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अप्रैल 2025 में एक महिला की लाश झरने के पास मिली थी, जो बाद में हत्या का मामला निकला और पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा कई पर्यटक खतरनाक चट्टानों पर सेल्फी लेने के दौरान हादसे का शिकार हो चुके हैं। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण लोग जोखिम उठाकर ऊंचे और खतरनाक स्थानों पर फोटो और वीडियो बनाने से नहीं चूकते, जो कई बार उनकी जान पर भारी पड़ता है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि लगातार घटनाओं के बावजूद यहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नजर नहीं आते। न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगे हैं और न ही खतरनाक क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की मजबूत व्यवस्था है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस दिशा में सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
शिशुपाल पर्वत की खूबसूरती जितनी आकर्षक है, उतना ही बड़ा खतरा भी अपने भीतर समेटे हुए है। जरूरत है कि पर्यटक भी जिम्मेदारी दिखाएं और खतरनाक स्थानों से दूर रहें। वहीं प्रशासन को भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है, ताकि यह पर्यटन स्थल हादसों और आत्महत्याओं का केंद्र बनने से बच सके।हादसों के बावजूद नहीं थम रही लापरवाही



