पिथौरा: आत्मदाह की चेतावनी के बाद भाजपा नेता व सरपंच पत्नी पर FIR दर्ज, लेकिन SDM की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
जातिसूचक गाली-गलौज, धान फसल जप्त कराने और राजनीतिक दबाव के आरोप; अब SDM की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
पिथौरा/महासमुंद। महासमुंद जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टेका (सुंदरगढ़) निवासी आदिवासी मनबोध कोड़ाकू और उनके परिवार द्वारा सात महीनों तक न्याय की गुहार लगाने और आत्मदाह की चेतावनी देने के बाद आखिरकार पिथौरा पुलिस ने भाजपा नेता दुलीकेशन साहू और उनकी पत्नी व ग्राम पंचायत डोंगरीपाली की सरपंच किरण साहू के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है।
मामला आदिवासी परिवार के साथ कथित जातिसूचक गाली-गलौज, निजी कृषि भूमि पर कब्जे की कोशिश, खड़ी धान फसल को गुपचुप तरीके से जप्त कराने, धमकी देने और राजनीतिक प्रभाव के इस्तेमाल से जुड़ा बताया जा रहा है।
पीड़ित मनबोध कोड़ाकू का आरोप है कि 10 नवंबर 2025 को वे अपने परिवार के साथ ग्राम कैलाशपुर स्थित स्वयं की कृषि भूमि में धान कटाई कर रहे थे। इसी दौरान भाजपा नेता दुलीकेशन साहू और उनकी पत्नी किरण साहू वहां पहुंचे और जमीन को अपना बताते हुए धान कटाई रोकने लगे। आरोप है कि इस दौरान दोनों ने जातिसूचक गालियां दीं और परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
फर्जी शिकायत के आधार पर धान फसल जप्त कराने का आरोप
मनबोध कोड़ाकू ने आरोप लगाया है कि दुलीकेशन साहू और किरण साहू ने राजनीतिक प्रभाव का उपयोग करते हुए ग्राम कैलाशपुर निवासी प्रहलाद बरिहा से SDM पिथौरा न्यायालय में शिकायत करवाई। शिकायत में भूमि को विवादित बताया गया, जबकि शिकायतकर्ता द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया था।
आरोप है कि इसके बावजूद तत्कालीन पिथौरा SDM बजरंग सिंह वर्मा ने 11 दिसंबर 2025 को मनबोध कोड़ाकू को बिना सूचना दिए खेत की खड़ी धान फसल कटवाकर जप्त करा दी। पीड़ित परिवार का कहना है कि इस कार्रवाई से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ और परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया।
कमिश्नर के निर्देश के बाद भी कार्रवाई नहीं
पीड़ित परिवार के अनुसार, धान फसल जप्ती मामले में 19 दिसंबर 2025 को शासन-प्रशासन से शिकायत की गई थी। इसके बाद रायपुर कमिश्नर कार्यालय द्वारा 9 फरवरी 2026 को कलेक्टर महासमुंद को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
परिवार का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन और पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने से बचते रहे। उनका कहना है कि भाजपा नेता दुलीकेशन साहू की वरिष्ठ भाजपा नेताओं, मंत्री, सांसद और विधायकों तक पहुंच होने के कारण मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही थी
कई बार शिकायत, फिर भी FIR नहीं
पीड़ित परिवार ने 10 नवंबर 2025 को थाना पिथौरा तथा 18 नवंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक महासमुंद को लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद अजाक थाना महासमुंद एवं थाना पिथौरा द्वारा परिवार और गवाहों के बयान भी लिए गए।
मनबोध कोड़ाकू का आरोप है कि पुलिस उन्हें और उनके परिवार को बार-बार थाने बुलाकर परेशान करती रही, लेकिन आरोपियों पर FIR दर्ज नहीं की गई।
परिवार ने 10 मार्च 2026 को SP कार्यालय महासमुंद के सामने धरना प्रदर्शन की तैयारी की थी, लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद 26 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री निवास रायपुर घेराव के लिए निकलने से पहले भी पुलिस ने परिवार को रोककर महासमुंद SP कार्यालय ले गई।
आत्मदाह की चेतावनी के बाद दर्ज हुई FIR
मनबोध कोड़ाकू ने चेतावनी दी थी कि यदि 6 मई 2026 तक आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं हुई और धान फसल जप्त कराने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे 7 मई 2026 को मुख्यमंत्री निवास रायपुर के सामने आत्मदाह करेंगे।
इसके बाद पिथौरा पुलिस ने भाजपा नेता दुलीकेशन साहू और उनकी पत्नी किरण साहू के खिलाफ SC-ST एक्ट सहित अन्य धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया।
अब SDM की भूमिका पर उठ रहे सवाल
मामले में FIR दर्ज होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल तत्कालीन पिथौरा SDM बजरंग सिंह वर्मा की भूमिका को लेकर उठ रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि बिना उचित जांच और सूचना के खड़ी धान फसल जप्त कराई गई, जिससे परिवार आर्थिक रूप से टूट गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूरे मामले में राजनीतिक दबाव में कार्रवाई हुई है, तो केवल FIR दर्ज कर देना पर्याप्त नहीं होगा। धान फसल जप्त कराने की प्रशासनिक प्रक्रिया, आदेश और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं हुई, तो आदिवासी परिवारों का शासन-प्रशासन से भरोसा उठ जाएगा। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या प्रशासन तत्कालीन SDM की भूमिका की जांच कर कोई कार्रवाई करता है या मामला केवल FIR तक सीमित रह जाता है।
भाजपा नेता ने आरोपों को बताया झूठा
मामले में भाजपा नेता दुलीकेशन साहू का कहना है कि उन्होंने मनबोध कोड़ाकू या उनके परिवार के साथ किसी प्रकार की जातिसूचक गाली-गलौज नहीं की है। उनका आरोप है कि जमीन विवाद में उन्हें फर्जी गवाहों के आधार पर फंसाया जा रहा है।
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