महासमुंद। जिले में सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से शराब परोसने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। गुरुवार की रात थाना महासमुंद की टीम ने शीतली नाला के पास संचालित एक चखना दुकान पर दबिश दी, जहाँ नियमों को ताक पर रखकर लोगों को शराब पिलाने की सुविधा दी जा रही थी। पुलिस ने मौके से संचालक को गिरफ्तार कर आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
पेट्रोलिंग के दौरान मिली सटीक सूचना
जानकारी के अनुसार, 7 मई 2026 की रात थाना महासमुंद के प्रधान आरक्षक अपनी टीम (आरक्षक अशोक रात्रे और राजेंद्र टण्डन) के साथ शासकीय वाहन से शहर और देहात क्षेत्र में जुर्म-जरायम की पतासाजी में निकले थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि शीतली नाला शराब दुकान के पास एक व्यक्ति अपने चखना ठेले में अवैध रूप से लोगों को शराब पीने-पिलाने का इंतजाम कर रहा है।
पुलिस की रेड से मची अफरा-तफरी
पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए गवाह नकुल सोनी और आशीष साहू को साथ लेकर घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस की टीम मौके पर पहुँची, वहां शराब पी रहे लोग पुलिस की गाड़ी देखकर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। हालांकि, पुलिस ने घेराबंदी कर ठेला संचालक को पकड़ लिया।
पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम नीलकण्ठ तारक (30 वर्ष), निवासी वार्ड नंबर 10 खैरा (महासमुंद) बताया। तलाशी के दौरान ठेले से देशी प्लेन शराब की अधभरी शीशी, इस्तेमाल किए गए डिस्पोजल गिलास और पानी के पाऊच बरामद हुए।
आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही
आरोपी के पास शराब परोसने से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। पुलिस ने आरोपी नीलकण्ठ तारक के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी एक्ट की धारा 36(C) के तहत मामला दर्ज किया। चूंकि यह अपराध जमानतीय प्रकृति का था, इसलिए मौके पर सक्षम जमानतदार पेश करने के बाद आरोपी को मुचलके पर रिहा किया गया।
महासमुंद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चखना दुकानों की आड़ में नशाखोरी को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।



