महासमुंद। केंद्र सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव के सुशासन में जिले के महिलाओं के लिए एक सहारा साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से गर्भवती व धात्री माताओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें गर्भावस्था के दौरान बेहतर पोषण, स्वास्थ्य जांच और देखभाल के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित करना है। खुद भी लेंगे 7 फेरे महासमुंद जिले में इस योजना के तहत वर्ष 2022-23 से अब तक जिले में 27 हजार 53 महिला हितग्राहियों को लाभावित किया जा चुका है। जिसमें 14 हजार 423 महिलाओं को प्रथम किस्त की राशि 04 करोड़ 32 लाख 69 हजार रूपए प्रदान की जा चुकी है, वहीं 8 हजार 211 महिलाओं को द्वितीय किस्त की राशि एक करोड़ 64 लाख 22 हजार रुपए का भुगतान किया गया है। साथ ही योजना के प्रावधानों के अनुसार द्वितीय बालिका के जन्म पर 4 हजार 420 महिलाओं को आर्थिक सहायता राशि 2 करोड़ 65 लाख 14 हजार रूपए की राशि प्रदान की गई है। वर्ष 2025-26 में अब तक 8 हजार 130 हितग्राही नामांकित हैं एवं वर्ष 2026-27 में अब तक एक हजार 171 हितग्राही नामांकित हुए है। योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में प्रथम संतान के लिए 4 हजार 226 महिलाओं को प्रथम किस्त की राशि एक करोड़ 26 लाख 78 हजार रुपए प्रदान की जा चुकी है, वहीं 3 हजार 689 महिलाओं को द्वितीय किस्त की राशि 73 लाख 78 हजार रुपए का भुगतान किया गया है। साथ ही योजना के प्रावधानों के अनुसार द्वितीय बालिका के जन्म पर 842 महिलाओं को आर्थिक सहायता राशि 50 लाख 52 हजार रूपए की राशि प्रदान की गई है। इस योजना अंतर्गत पंजीयन के बाद गर्भावस्था के 7 वें माह में 3000 रुपए और प्रसव के बाद साढ़े तीन माह बाद बच्चे को टीका लगने के पश्चात 2000 रुपए प्रदान किए जाते हैं। वहीं डिलीवरी में यदि बालिका जन्म लेती है, तो माताओं को 6000 रुपए की विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाती है।



