आजीविका मेला 2026 : स्वरोजगार और आजीविका संवर्धन को मिला नया आयाम
महासमुंद। जिले में आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने, स्व-सहायता समूहों एवं हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोड़ने तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को वन विद्यालय के प्रशिक्षण हॉल में “आजीविका मेला 2026” का आयोजन किया गया।
मेले में श्रम विभाग, पशुपालन विभाग, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, आरसेटी, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, कौशल विकास विभाग, जिला रोजगार केंद्र, बिहान सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं, ऋण सुविधा, प्रशिक्षण, स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों से जुड़ने संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, कलेक्टर श्री विनय लंगेह एवं जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली तथा हितग्राहियों से संवाद कर उनके अनुभव और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल ने कहा कि आजीविका मेला ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनकी क्षमता और रुचि के अनुरूप रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय संसाधनों पर आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। युवाओं, महिलाओं एवं अन्य हितग्राहियों को कौशल प्रशिक्षण, बैंक लिंकेज और स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि हितग्राहियों के हुनर और रुचि के अनुरूप रोजगार चयन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करें तथा योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही सभी विभागों को हितग्राहियों की सूची तैयार कर आवश्यक कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए।
जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने कहा कि बिहान समूहों के अलावा अन्य हितग्राहियों को भी आजीविका के स्थायी साधनों से जोड़ने के लिए विभागीय समन्वय आवश्यक है। प्रशिक्षण, बाजार उपलब्धता और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से रोजगार के बेहतर अवसर तैयार किए जा सकते हैं। इसी उद्देश्य से आजीविका मेले का आयोजन किया गया है।
कार्यक्रम में उपस्थित बिहान समूह की महिलाओं एवं अन्य हितग्राहियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि समूह के माध्यम से उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने, प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में बिहान की दीदियां, स्व-सहायता समूहों के सदस्य एवं हितग्राही उपस्थित रहे।



