रिपोर्टर नृपनिधि पांडे सरायपाली महासमुंद 7999925942 / बसना/महासमुंद। ग्रामीण सेवा साख सहकारी समिति सरकुंडा के धान खरीदी केंद्र टांगापासा में सेल्समैन/विक्रेता पद पर नियुक्ति को लेकर 2.50 लाख रुपए की कथित मांग का मामला सामने आने के बाद अब समिति अध्यक्ष संतोष नायक ने शिकायतकर्ता के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अध्यक्ष संतोष नायक का कहना है कि नियुक्ति पूरी तरह नियमानुसार और पात्र व्यक्ति की हुई है तथा किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं हुआ है।
कलेक्टर और उप पंजीयक को दी गई शिकायत में आवेदक दुलेश पटेल ने आरोप लगाया है कि सेल्समैन पद पर नियुक्ति के लिए उससे 2.50 लाख रुपए की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने कथित बातचीत की मोबाइल रिकॉर्डिंग होने का दावा करते हुए पेन ड्राइव भी संलग्न की है।
अध्यक्ष बोले- नियुक्ति के बाद की है रिकॉर्डिंग
मामले में समिति अध्यक्ष संतोष नायक ने बातचीत में बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत की गई रिकॉर्डिंग नियुक्ति के बाद की है और इसे सुनियोजित तरीके से तैयार किया गया है। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता पहले से ही लेन-देन की बात करते हुए नियुक्ति के लिए गुहार लगा रहा था, लेकिन पात्र व्यक्ति का चयन होने के बाद अब बदनाम करने के उद्देश्य से आरोप लगाए जा रहे हैं।
अध्यक्ष ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रकम लेकर शिकायतकर्ता का चयन नहीं किया गया, बल्कि पात्र अभ्यर्थी की नियुक्ति होने के कारण शिकायतकर्ता द्वारा जबरन बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
‘जांच में पात्र-अपात्र का पता चल जाएगा’
समिति अध्यक्ष ने कहा कि मामले की जांच होने पर पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और कौन पात्र था और कौन अपात्र, इसका भी पता चल जाएगा। उन्होंने किसी भी तरह के आर्थिक लेन-देन से इनकार करते हुए कहा कि नियुक्ति के संबंध में उनके द्वारा किसी से रकम की मांग नहीं की गई है।
कंप्यूटर की मांग को लेकर भी अध्यक्ष ने उठाए सवाल
अध्यक्ष ने शिकायतकर्ता पर पलटवार करते हुए यह भी आरोप लगाया कि समिति में कंप्यूटर के लिए की गई उसकी मांग भी संदिग्ध थी। हालांकि, इस संबंध में अध्यक्ष ने अपने आरोपों के समर्थन में क्या दस्तावेज या साक्ष्य हैं, यह स्पष्ट नहीं किया है।
फिलहाल एक ओर शिकायतकर्ता ने कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग के आधार पर जांच और कार्रवाई की मांग की है, वहीं समिति अध्यक्ष ने पूरी शिकायत को नियुक्ति प्रक्रिया से असंतुष्ट होकर की गई बदनामी की कोशिश बताया है। अब मामले की जांच में ही आरोपों और रिकॉर्डिंग की वास्तविकता सामने आने की उम्मीद है।



