महासमुंद और बलौदाबाजार मे बाघ को लगातार देखें जाने के बाद आखिरकार वन विभाग ने बाघ को ट्रेस कर लिया है जाने क्या है लोकेशन और क्या कहा वन विभाग ने आम लोगो को जंगलो मे जाना वर्जित सुरक्षा के लिए दोनों जिला मे 7 क्षेत्रो मे 3 ट्रेकिंग टीम!
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले मे बाघ आने की खबरें काफी सुर्खियों मे रही सिरपुर क्षेत्र मे एक शिक्षक द्वारा ज़ब एक खूंखार बाघ को देखने के बाद ज़ब रोड क्रास करते हुए घटना का वीडियो ज़ब सोशल मिडिया मे वायरल हुवा तब मामला सबको चौका देने वाला था चुकी वन विभाग और स्थानीय लोगो के अनुसार पिछले 10 सालो बाद बाघ क़ा आगमन महासमुंद जिले मे हुवा है लेकिन बाघ को इष्पष्ट रूप से नहीं देखें जाने पर सोसल मिडिया मे बाघ को लेकर लगातार मजाकिया पोस्ट शेयर होते रहे और इसी बिच बाघ द्वारा पालतू मवेसीयों को शिकार बनाया और ग्रामीणों द्वारा लगातार बाघ की जोरदार आवाज सुनने की बात सामने आई लेकिन बाघ को वीडियो के आलावा और कही देखने को नहीं मिला बाघ को लगातार बार अभ्यारण के जंगलो मे विचारण करने का आशंका जताया जा रहा था और वही हुवा फारेस्ट विभाग द्वारा लगातार बाघ के पंजे को ट्रेस करने मे लगा रहा और आखिरकार कामयाब हुवा बाघ को इस्पष्ट रूप से देखें जाने की प्रेस विज्ञाप्ति जारी कर बताया की
दिनांक 07/03/2024 को शिक्षक श्री कांशीराम पटेल एवं सचिव श्री ओमप्रकाश पटेल ग्राम पंचायत
बंदोरा कार से जा रहे थे, तब छपोराडीह से सिरपुर मार्ग पर शाम 05:45 बजे ग्राम बांसकुण्डा से सिरपुर मार्ग में 1 नग बाघ को रोड़ पार करते हुए देखा गया। शिक्षक पटेल द्वारा मोबाईल से विडियो बनाया गया है, शिक्षक द्वारा
उक्त जानकारी वनमण्डलाधिकारी महासमुन्द को दी गई। सूचना प्राप्त होते ही जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के वन अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा उक्त क्षेत्र की रात्रि गश्त की गई। दुसरे दिन 08/03/2024 को रायकेरा एवं
सुकुलबाय के ग्रामीणों द्वारा पुनः बाघ देखने की सूचना दी गई। जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए
वनमण्डलाधिकारी महासमुन्द की अध्यक्षता एवं वनमण्डलाधिकारी बलौदाबाजार तथा वन विकास निगम के बारनवापारा 
परियोजना मण्डल की टीम गठित कर कार्यवाही की गई, जिससे अमलोर, सुकुलबाय में मवेशियों की मृत्यू होना पायागया, मवेशियों को मारने के तरीके हिंसक वन्यप्राणी तेन्दुआ जैसे थे । दिनांक 12/03/2024 को जिले के अंतर्गत ट्रेकिंग के दौरान बाघ के पंजे का निशान पगडंडी में प्राप्त हुऐ। दिनांक 14/03/2024 को बलौदाबाजार वनमण्डल
के परिक्षेत्र बल्दाकछार के कर्मचारी द्वारा बाघ को प्रत्यक्ष रूप से देखा गया एवं पुष्टि की गई। तत्पश्चात् विभाग के
द्वारा, NTCA द्वारा जारी SOP / प्रोटोकॉल का पालन कर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है ।
जिला बलौदाबाजार-भाटापारा एवं महसमुन्द जिला में वन विकास निगम के परिक्षेत्र रवान, बार एवं
सिरपुर परिक्षेत्र का आंशिक भाग है। वन विभाग द्वारा विभागीय अमला / डॉग स्क्वायड / NGO संस्था के माध्यम से लगातार ग्रामीणों को जंगल ना जाने हेतु एवं बाघ के विचरण के संबंध में सचेत किया जा रहा है। साथ ही साथ विभागीय अमले के द्वारा लगातार रात्रि गश्ती कर क्षेत्र को नियंत्रण करने का प्रयास किया जा रहा है | सुरक्षा की
दृष्टि से वन विकास निगम क्षेत्र के अंतर्गत वनक्षेत्रों में प्रवेश रोकने के लिये अस्थाई बेरियर का निर्माण किया गया है। परिस्थतियों को ध्यान में रखते हुए बाघ की सुरक्षा हेतु 03 ट्रेकिंग टीम वनमण्डल बलौदाबाजार, वनमण्डल
महासमुन्द, वन विकास निगम की गठित कर नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी रायपुर के श्री एम. सूरज तथा वसुंधरा
सोसाइटी फार कंजर्वेशन आफ नेचर के श्री गौरव निहलानी के सहयोग से लगातार ट्रेकिंग किया जा रहा है, साथ
ही जन-जागरुकता हेतु बलौदाबाजार वनमण्डल द्वारा 07 परिक्षेत्रों की अलग-अलग टीम बना कर दिवसवार
रात्रि गश्त करते हुये उपरोक्त ग्रामों में ग्राम प्रमुखों एवं जनप्रतिनिधियों को सूचना देकर ग्रामीणों को अनावश्क वनक्षेत्र
में ना जाने की लगातार समझाईस दिया जा रहा है।
वनमण्डलाधिकारी,
बलौदाबाजार वनमण्डल बलौदाबाजार



