महासमुंद / कांग्रेस नेता और परिवार को ढाबा मे जमकर मारपीट जान बचा के भागने पर दामाद और भतीजा को बनाया बंधक और लूटपाट पुलिस ने छुड़ाया — ढाबा संचालक ने भी कराया एफआईआर! दोनों पक्ष ने इस दौरान तलवार राड और क्रिकेट बेट को बनाया अपना हथियार! महासमुंद में ढाबा संचालक सहित कर्मचारियों ने कांग्रेस नेता सहित पूरे परिवार को जमकर पीटा। कांग्रेस नेता धीरज सरफराज सोमवार देर रात पूरे परिवार के साथ बर्थडे सेलिब्रेट करने केसरिया ढाबा पहुंचे थे। कांग्रेस नेता धीरज सरफराज, उसका बेटा, दामाद और नाबालिग भतीजे को गंभीर चोट आई हैं। पुलिस ने इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ
अपराध दर्ज किया है। दरअसल, जिले के सोमवार यानी 15 अप्रैल को पूर्व पार्षद मुस्ताक वारसी (विक्की) का जन्मदिन था। नयापारा वार्ड नंबर
6 निवासी पूर्व शहर युवक कांग्रेस अध्यक्ष धीरज सरफराज अपने साले मुस्ताक वारसी (विक्की) के साथ केक काटा। इसके बाद सभी ने बाहर खाना खाने की इच्छा जताई। केसरिया ढाबा के प्रांगण में क्रिकेट खेलने लगे थे बच्चे
धीरज सरफराज के अनुसार
आज दिनांक 16.04.2024 को लगभग 01.00 बजे अपने परिवार व बच्चों के दोस्तो के साथ केसरिया ढाबा में खाना खाने गये थे जहां पर पार्किंग में पूर्व की भांति मेरे परिवार के बच्चे व उनके दोस्त लोग मनोरंजन के लिये क्रिकेट खेल रहे थे, उसी बीच लगभग 01.30 बजे ढाबा के कर्मचारी वहां पर आकर क्रिकेट खेल रहे बच्चों से बोले कि हमारे साथ 20-20 हजार रूपयों का दांव लगाकर मैच खेलो नहीं तो यहां खेलने नहीं देगे तुम्हारे बाप का जगह समझ रखे हो क्या बोले तब मेरे व मेरे परिवार के लोगों द्वारा बदतमिजी क्यों करते हो बोलने पर वे लोग हम लोगों के साथ अभद्रता करते हुये धक्का मुक्की कर हाथ मुक्का झापड से मारपीट करने लगे जिस पर मैं मध्यस्तता करते हुये उन्हें समझाने का प्रयास कर रहा था तो उसी समय ढाबा का संचालक रणधीर सिंह खनूजा ढाबे के अंदर साईड से अपने और अन्य कर्मचरियों के साथ दौडते हुये आकर हम लोगों को मां बहन की गंदी गंदी गालियां देने लगा जिसे मेरे द्वारा समझाईस देने पर मुझसे ही हाथ मुक्का से मारपीट करने लगा तथा चिल्लाकर ढाबे के अंदर से अपने और कर्मचारियों को बुलाया तब ढाबे के अंदर से उसके अन्य कर्मचारी तलवार, राड व डण्डा लेकर आये और उनको रणधीर सिंह खनूजा बोला आज इन लोगों को जान से मार दो तब रणधीर सिंह खनूजा व उसके सभी साथी मिलकर हम लोगों पर तलवार, राड व डण्डा से हमला कर दिये उस समय रणधीर सिंह खनूजा बोल रहा था कि आज तुम लोगों को जान से मार देंगे तब हम लोग कैसे भी अपनी जान बचाकर वहां से इधर उधर भागने लगे मैं और मेरा बेटा साहिल वारसी भागकर मेन रोड के पास पहूंचे ही थे कि कार से हरमीत सिंह खनूजा आया और कार रोक कर तलवार लेकर कार से उतरा जिसे देखकर मैं और मेरा बेटा भागने लगा तो हरमीत सिंह खनूजा मेरे दाहिने पैर में तलवार से फेंक कर मारा मैं और मेरा बेटा वहां से डरकर भाग कर पास में ही छिप गये तब मेरे मोबाईल पर हरमीत सिंह खनूजा के मोबाईल नंबर 81201***** से बार बार फोन आया वो बोल रहा था कि कहां छुपा है परिवार को बचाना है तो सामने आ नही तो तेरे परिवार को जान से मार दूंगा तब मैं डर गया और थाना कोतवाली में फोन से सूचना दिया जब पुलिस वाले पहूंचे तो मैं वहां पर पहूंचा तो देखा कि मेरे दामाद अरफराज खान व मेरा नाबालिग भतीजा अरमान वारसी को पुलिस गाडी में ले जा रहे थे तब मैं और मेरा बेटा साहिल किसी तरह थाना पहूंचे हैं । बाद में अस्पताल में मेरा भतीजा और दामाद से बातचीत करने पर बताये कि उन दोनों को पकड कर ढाबे के अंदर बंधक बनाकर संघातिक रूप से जानलेवा मारपीट कर उनके पास रखे मोबाईल फोन व सोने की चैन व पैसा को छीन लिये। रणधीर सिंह खनूजा , हरमीत सिंह खनूजा व उसके साथियों द्वार मारपीट करने से मुझे सिर में, दाहिना पैर, दोनों हाथ के पंजे उंगली में तथा मेरे बेटे साहिल, दामाद अरफराज व भतीजा अरमान हमारे साथ के अन्य लोगों को कई जगह चोंट आयी हैं । मेरे भतीजा व दामाद को बेहतर ईलाज के लिये हायर सेंटर रिफर किया गया मामले मे पुलिस ने रणधीर सिंह खनूजा , हरमीत सिंह खनूजा व अन्य साथी के खिलाप
294-IPC, 323-IPC, 326-IPC, 34-IPC, 506-IPC के तहत मामला दर्ज किया है
वही रणधीर सिंह खनूजा वार्ड नं 13 स्टेशन पारा महासमुंद का रहने वाला हूं केसरिया ढाबा घोडारी का संचालक हूं, आज दिनांक 16.04.2024 के रात्रि 1.00 बजे ढाबा बंद होने के बाद ढाबा का स्टाफ ढाबा परिसर में ही आपस में क्रिकेट खेल रहे थे मैं ढाबा के अंदर अपने रूम में सो रहा था जो रात्रि करीब 1.30 बजे मेरा स्टाफ धर्मेंद्र यादव अचानक मेरे रूम का दरवाजा जोर जोर से खटखटाने लगा मैं भी तुरंत उठकर दरवाजा खोलकर देखा तो धर्मेंद्र था जो मुझे जल्दी जल्दी बताया कि ढाबा स्टाफ पार्किंग में क्रिकेट खेल रहा था वहां पर कुछ लोग चार पहिया गाडियों में आकर हम लोगों से बोले कि खाना खिलाओ तब हम लोगों ने बताया कि ढाबा बंद हो गया है तो बोले कि ढाबा खुलवाओ और खाना बनाओ, खाना नहीं बन पायेगा बोलने पर मारपीट कर रहे हैं तब मैं अपने रूम से उठकर धर्मेंद के साथ ढाबा की पार्किग में जाकर देखा तो वहां पर धीरज सरफराज, साहिल सरफराज और उनके अन्य 10- 15 साथी मेरे स्टाफ को मां बहन की गंदी गंदी गालियां देते हुये आज तुम लोगों को जान से मार देंगे बोल कर क्रिकेट के बैट, लोहे की राड, धारदार हथियार व डण्डा से मारपीट कर रहे थे। मेरे द्वारा जब धीरज सरफराज को बीच बचाव कर झगडा नहीं करने की समझाइस दी तो उल्टा मुझे ही मां बहन की गंदी गंदी गालियां देते हुये मेरे लडकों को कैसे खाना नहीं देते हो आज तुम सभी को जान से मार देंगे बोलने लगा और हाथ मुक्का से मारपीट करने लगा, धीरज के साथी मेरे ढाबा के स्टाफ राजा परतेती, मनीष मनहर, पारस उभनारे, सुशांत कांड, कुंदन साहू, प्रदीप शुक्ला, रंजित सेठीया, कान्हा नियाल, गुलाब बघेल,
राजीव ओड, कल्पेस मस्कोले एवं विजय पवार से हाथ मुक्का, क्रिकेट के बैट, लोहे की राड, धारदार हथियार व डण्डा से मारपीट करने लगे तब तक मेरे ढाबे का अन्य स्टाफ वहां पर पहूंचा तो धीरज व उसके साथी वहां से भाग गये। धीरज व उसके साथियों के द्वारा मेरे व मेरे स्टाफ को जान से मारने की नीयत से क्रिकेट के बैट, लोहे की राड, धारदार हथियार व डण्डा से मारपीट की गयी है जिससे मुझे मुंह में, दांया कलाई तथा मेरे स्टाफ धर्मेंद्र यादव को मुंह, माथे, दांया आंख, दायां हाथ कलाई और पैर में, पारस उभनारे को सिर में, दाहिना कलाई में बांया कलाई में, सुशांत कांड को पैर व मुंह में तथा अन्य स्टाफ को भी चोंटे आयी है। धीरज व उसके साथियों द्वारा मेरे स्टाफ धर्मेंद्र यादव को जान से मारने की नीयत से राड व धारदार हथियार से सिर में मारा गया है शिकायत पर पुलिस ने धीरज सरफराज , साहिल सरफराज एवं अन्य 10-15 साथी
147-IPC, 148-IPC, 294-IPC, 307-IPC, 323-IPC, 506(B)-IPC के तहत मामला दर्ज किया है



