CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में बढ़ने लगी ठंड, रात का तापमान दो से तीन डिग्री गिरने के आसार

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में बढ़ने लगी ठंड, रात का तापमान दो से तीन डिग्री गिरने के आसार

छत्तीसगढ़ में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार अभी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम जारी रहेगा, जिसके बाद न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट होने की संभावना है। शुष्क और ठंडी हवा के प्रभाव से रात का तापमान गिर सकता है और ठंड बढ़ेगी।

मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना नहीं है। वहीं, दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भी अगले तीन दिनों तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा, जिसके बाद भी सूखा मौसम जारी रह सकता है।

रायपुर का तापमान सामान्य से अधिक रायपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.5 डिग्री अधिक है। वहीं, न्यूनतम तापमान 19.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री अधिक है। दिनभर आसमान साफ रहा और हवा में नमी का स्तर सुबह 70 प्रतिशत तथा शाम को 58 प्रतिशत रहा।

प्रदेश के प्रमुख शहरों का हाल माना एयरपोर्ट (रायपुर) में सर्वाधिक तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस, जबकि सबसे कम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया। बिलासपुर में 31.6 डिग्री, जगदलपुर में 32.2 डिग्री, दुर्ग में 30.2 डिग्री, और पेंड्रारोड में 30.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

आने वाले दिनों का अनुमान रायपुर में अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। मौसम विभाग ने बताया कि छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना नहीं है। केवल एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की या नाममात्र की बारिश हो सकती है।

बसना/गांव बरबसपुर और छोटेडाभा में भीषण सड़क दुर्घटनाएं,अलग-अलग एक्सीडेंट में दो की मौत

बसना/गांव बरबसपुर और छोटेडाभा में भीषण सड़क दुर्घटनाएं,अलग-अलग एक्सीडेंट में दो की मौत

① बसना /बरबसपुर सड़क हादसा : तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बुजुर्ग की मौत :बरबसपुर। गाँव बरबसपुर में बुधवार सुबह काम कर रहे एक बुजुर्ग की सड़क किनारे तेज रफ्तार मोटरसाइकिल की टक्कर से मौके पर ही मौत हो गई।

मजदूरी का काम करने वाले युवक ने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे उसके भतीजे ने आकर सूचना दी कि उसके पिता का सड़क किनारे एक्सीडेंट हो गया है। मौके पर पहुँचने पर पाया कि बुजुर्ग पिता की वहीं मौत हो चुकी थी और पास में मोटरसाइकिल एचएफ डीलक्स क्रमांक CG06 GL 5415 क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ी थी।परिजनों ने डायल-112 की सहायता से मृतक को सीएचसी बसना पहुँचाया। परिजनों के अनुसार बाइक चालक ने तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए बुजुर्ग को जोरदार ठोकर मार दी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।धारा : 184-LKS, 106(1)-BNS

②बसना छोटेडाभा सड़क हादसा : सामने से आई अज्ञात बाइक की टक्कर, 16 वर्षीय की मौत : बसना/छोटेडाभा। बसना-गढफुलझर मार्ग पर पेट्रोल पम्प के आगे छोटेडाभा के पास दोपहर में हुए सड़क हादसे में 16 वर्षीय किशोर नमन दास मानिकपुरी की मौत हो गई। नमन दास अपने साथी राकेश दास के साथ बजाज सीटी 100 मोटरसाइकिल (CG06 GQ 3664) से चंदखुरी से गढफुलझर जा रहा था। दोपहर करीब 1:20 बजे सामने से आई अज्ञात मोटरसाइकिल ने तेज और लापरवाही से ओवरटेक करते हुए इनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

हादसे में दोनों युवक सड़क पर गिर गए। नमन दास को गंभीर हालत में CHC बसना ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। साथी राकेश दास के हाथ-पैर में चोटें आई हैं और उसका उपचार जारी है। पुलिस ने अज्ञात बाइक चालक की तलाश शुरू कर दी है।धारा : 184-LKS, 106(1)-BNS, 125(a)-BNS, 281-BNS

बसना/अग्रवाल मल्टिस्पेशलिटी हॉस्पिटल, 9 नवम्बर को नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी — जांच व ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध

बसना/अग्रवाल मल्टिस्पेशलिटी हॉस्पिटल, 9 नवम्बर को नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी — जांच व ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध

बसना। अग्रवाल मल्टिस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना में नाक, कान, गला रोगों (ENT) से संबंधित मरीजों के लिए विशेष परामर्श एवं ऑपरेशन शिविर का आयोजन रविवार, 9 नवम्बर 2025 को किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रसिद्ध नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश राठी (MS – ENT) अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।

शिविर में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक परामर्श व ऑपरेशन की सुविधा रहेगी। मरीजों को समय पर जांच कराने हेतु अग्रिम पंजीयन अनिवार्य रखा गया है।

शिविर में उपलब्ध प्रमुख उपचार सेवाएं:

कान के संक्रमण, पर्दे में छेद, कान की जन्मजात बीमारियों का इलाज

मुंह व गले के कैंसर की निदान व जांच

नाक की एलर्जी, श्वास संबंधी समस्या, खर्राटे, चक्कर आना

टॉन्सिल, एडिनॉयड, नाक की हड्डी टेढ़ापन (Deviated Septum)

नाक से खून आना, नाक में मस्से (Polyp)

आवाज़ व श्वासनली से जुड़ी बीमारियां

थायरॉइड की समस्या

नाक-कान-गले के पुराने बिगड़े ऑपरेशनों का सुधार

सुनने की जांच व Hearing-Aid मशीन की सुविधा

शिविर में ऑडियोमेट्री व बेड़ा टेस्ट की आधुनिक सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

स्थान: अग्रवाल मल्टिस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला महासमुंद (छ.ग.)📞 संपर्क: 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100 🩺 आयोजक: अग्रवाल मल्टिस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना

— “नाक, कान, गला रोगों का सम्पूर्ण समाधान — अब बसना में।”

बसना में आज न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ की ओपीडी — मस्तिष्क रोगों की मिलेगी आधुनिक जांच व उपचार सुविधा

बसना में आज न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ की ओपीडी — मस्तिष्क रोगों की मिलेगी आधुनिक जांच व उपचार सुविधा

बसना। रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल रायपुर एवं अग्रवाल नर्सिंग होम बसना के संयुक्त तत्वावधान में मस्तिष्क रोग जांच व परामर्श शिविर का आयोजन आज गुरुवार, 6 नवम्बर 2025 को किया गया है। इस विशेष चिकित्सा शिविर में प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अर्पित अग्रवाल (MBBS, MD, DM — Consultant Neurologist) मरीजों का परीक्षण करेंगे।

ओपीडी आज सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक बसना स्थित अग्रवाल नर्सिंग होम में संचालित होगी।

इस शिविर में निम्न रोगों की जांच व उपचार उपलब्ध रहेगा —

ब्रेन स्ट्रोक / मस्तिष्क आघात

मिर्गी (Epilepsy)

माइग्रेन व सिरदर्द

पार्किंसन

अल्जाइमर

ब्रेन ट्यूमर

मस्तिष्क संक्रमण

मस्तिष्क की धमनियों से संबंधित रोग

आयोजकों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को शहर स्तरीय न्यूरोलॉजी सेवाएं नज़दीक में उपलब्ध कराना है, जिससे मरीजों को बड़े शहरों तक जाने की आवश्यकता न पड़े।

📍 स्थान: अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना, जिला महासमुंद (छ.ग.)

📞 संपर्क: 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

🩺 आयोजक: अग्रवाल मल्टिस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना

— “मस्तिष्क रोगों का संपूर्ण समाधान अब बसना में ही उपलब्ध।”

महासमुंद बसना सरायपाली विधानसभा क्षेत्रों में बूथ लेवल अधिकारी घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से भरवा रहे हैं एन्यूमेरेशन फॉर्म !

महासमुंद बसना सरायपाली विधानसभा क्षेत्रों में बूथ लेवल अधिकारी घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से भरवा रहे हैं एन्यूमेरेशन फॉर्म !

महासमुंद : भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विनय लंगेह के मार्गदर्शन में महासमुंद जिले में निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। आयोग के निर्देशानुसार जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में होम-टू-होम एन्यूमेरेशन फॉर्म (गणना पत्रक) का वितरण बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा शुरू कर दिया गया है।

बुधवार से महासमुंद विधानसभा, खल्लारी विधानसभा, बसना विधानसभा तथा सरायपाली विधानसभा क्षेत्रों में बूथ लेवल अधिकारी घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से एन्यूमेरेशन फॉर्म भरवा रहे हैं। यह अभियान 4 दिसम्बर 2025 तक संचालित रहेगा। प्रत्येक मतदाता को दो प्रतियों में गणना पत्रक उपलब्ध कराया जा रहा है जिसमें एक प्रति मतदाता के पास तथा दूसरी प्रति बूथ लेवल अधिकारी के पास सुरक्षित रखी जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची में प्रत्येक मतदाता का नाम, पता एवं अन्य विवरणों को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा ने बताया कि जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों के सभी मतदान केन्द्रों में यह कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो चुका है। इस कार्य के लिए कुल 4 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, बूथ लेवल अधिकारी एवं बी.एल.ओ. सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि मतदाता चाहें तो गणना पत्रक ऑनलाइन माध्यम से भी भर सकते हैं। इसके लिए निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर लॉगइन कर अपनी जानकारी एवं फोटो अपलोड करनी होगी। कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य जिले के प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करना तथा मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाए रखना है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

महासमुंद की प्रेमशीला बघेल रानी वीरांगना अवंती बाई लोधी सम्मान से सम्मानित जिले की पहली महिला जिन्हें ये पुरस्कार मिला राज्य अलंकरण समारोह में उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने किया सम्मानित 

महासमुंद की प्रेमशीला बघेल रानी वीरांगना अवंती बाई लोधी सम्मान से सम्मानित जिले की पहली महिला जिन्हें ये पुरस्कार मिला राज्य अलंकरण समारोह में उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने किया सम्मानित

महासमुंद /गांव की पगडंडियों से न्यूयॉर्क की सड़कों तक – प्रेमशीला की उड़ान संघर्ष से बदलाव की नई इबारत लिखती प्रेमशीला दो कमरों के मिट्टी के घर से शुरू हुआ सफर और मंज़िल बनी न्यूयॉर्क की सड़कों तक की यात्रा। यह कोई कहानी नहीं, बल्कि हकीकत है—छत्तीसगढ़ के छोटे से कस्बे महासमुंद की बेटी प्रेमशीला बघेल की।

शुरुआत वहीं से जहां सपने भी रुक जाते हैं महासमुंद में जन्मी प्रेमशीला का बचपन अभावों और संघर्षों में बीता। माता-पिता दिहाड़ी मजदूर थे, दो बहनों में छोटी बेटी के रूप में घर में पहचान बनी।घर में दो वक्त की रोटी भी कभी मयस्सर नहीं थी। शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास—तीनों ही उनके लिए एक सपना भर थे। पर जब 19 वर्ष की उम्र में बाबू जी ने उन्हें एक सामाजिक संस्था के काम से जोड़ा, तो उन्होंने उसी राह को अपनी मंज़िल मान लिया। एक बेटी ने जिस तरह खुद को और परिवार को सम्हाला ये कई बेटे भी नहीं कर पाते। यहीं से शुरू हुआ महिलाओं का सामाजिक जागरूकता का सिलसिला, जो आज तक जारी है।

संघर्ष नहीं, ध्येय बना जीवन :वर्ष 1996 से महिलाओं और वंचित समुदायों के हक की लड़ाई में सक्रिय प्रेमशीला ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। छत्तीसगढ़ महिला जागृति संगठन में 11 वर्षों तक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने हजारों महिलाओं को उनके अधिकार, स्वर और स्वाभिमान से जोड़ा। इस दौरान न्यूयॉर्क में आयोजित वर्ल्ड मार्च ऑफ वुमन वर्ष 2000 में महिलाओ पर बढ़ती हिंसा और गरीबी जैसे ज्वलंत मुद्दों को दुनिया के सामने रखने संयुक्त राष्ट्र संघ के कार्यालय के समक्ष एकजुट होकर दृढ़ता से संदेश पहुंचाया। भारत की 25 संघर्षरत महिलाओं के साथ छत्तीसगढ़ की ओर से प्रतिनिधित्व कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

अभावों से आगे बढ़कर शिक्षा में रच डाली इबारत :जहां अभाव थे, वहीं उन्होंने अवसर तलाशे। शुरुआती पढ़ाई के बाद बीच में पढ़ाई छूट गई थी, लेकिन रुकना उन्हें मंज़ूर नहीं था। उन्होंने काम करते हुए एम.ए. समाज शास्त्र, मास्टर ऑफ सोशल वर्क और छत्तीसगढ़ी भाषा में स्नातक डिप्लोमा किया—जो बताता है कि ज़िंदगी में कभी भी देर नहीं होती, अगर इरादा मजबूत हो। विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं में काम करने के बाद खुद का संगठन चलाने कर अपने अनुभवों को जमीन में उतारने की जिजीविषा ने एक नए संस्था उन्नयन जन विकास समिति की जन्म दिया। वर्ष 2005 में इस एनजीओ की मुखिया बनकर कमान संभाली।

महिलाओं की आवाज बनीं प्रेमशीला :हर का सामाजिक कार्य सिर्फ भाषणों या सभाओं तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया:_उन्होंने काम करते हुए अपनी संस्था को मजबूत किया।बहुत छोटे छोटे फंड की मदद से सामाजिक मुद्दों पर कार्य करना शुरू किया।

महासमुंद जिले में लगभग1500 महिला समूहों के बैंक खातों का डिजिटलीकरण करवाया।नाबार्ड, एनयूएलएम, जैसी योजनाओं के साथ ग्रामीण और शहरी 15000 महिलाओं के समूह को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा पहल की।

महिला हिंसा, शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल श्रम और लैंगिक भेदभाव जैसे मुद्दों पर सम्मेलन, प्रशिक्षण, नुक्कड़ नाटक और कानूनी जागरूकता अभियान के माध्यम से संदेश देती रही। किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य,शिक्षा के लिए नवा अंजोर जैसे बुनियादी शिक्षा से जुड़कर उनके लिए एक नई जमीन तैयार किया ।बाल विवाह के विरुद्ध अभियान में आगे बढ़कर न केवल महिलाओं को बल्कि पुरुषों को भी जागरूक किया। पर्यावरण संरक्षण के लिए अभियान में गांव गांव जाकर पर्यावरण मित्र बनाए।

कुष्ठ पीड़ितों और दिव्यांगों की बनी सहारा :वर्ष 2005 से 2008 तक राजनांदगांव जिले में कुष्ठ पीड़ितों और दिव्यांगों का समूह बनाकर उनके साथ आजीविका मूलक कार्य किया। उन्हें जीने का नया आत्मविश्वास दिया । ऐसे 100 समूह बनाकर वंचित और समाज के मुख्य धारा से कटे लोगों की आवाज बनी। इसके अलावा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बुनकर महिलाओं को हाथ करघा से जोड़ा ,साबुन निर्माण, कुम्हार महिलाओं को मिट्टी की आधुनिक कला से और बसोड महिलाओं को बांस शिल्प और घरेलू महिलाओं को महिला कैंटीन से जोड़कर आजीविका की नई परिभाषा गढ़ी।

नेतृत्व की वो मिसाल, जो हर महिला के भीतर रोशनी जगाए : उनका नेतृत्व किसी पद या पुरस्कार से नहीं, बल्कि सामुदायिक विश्वास और बदलाव के जज़्बे से उपजा है। सामाजिक कार्यों में उनके योगदान को कई संगठनों ने सराहा, पर उन्होंने कभी उसका श्रेय नहीं लिया—बल्कि हर सफलता को ‘समूह की जीत’ कहा। फिर भी उनके इस सामाजिक बदलाव की पहल को समय समय पर पहचाना गया और अनेक पुरस्कारों से नवाजा गया। जिसमें शासकीय,और गैर सरकारी संस्था,बैंक समूह, तथा मीडिया समूह द्वारा प्रदत सम्मान है।

एक कहानी नहीं, एक आंदोलन :आज भी प्रेमशीला महासमुंद के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में एक “सोशल चेंज एजेंट” के रूप में कार्य कर रही हैं। वे सिर्फ एक नाम नहीं, एक ‘सोशल वॉरियर’ हैं। उन्होंने महिलाओं को सिर्फ समूहों में नहीं जोड़ा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान और आत्मबल से भी जोड़ा।

समाज को दिया खुद बदलकर संदेश :समाज को रास्ता दिखाने पहले खुद में बदलाव किया।आज भी ऐसे मुद्दों का डटकर सामना कर रही है। नशा के खिलाफ ऐसा जागरूकता चलाया की पहले अपने गांव से शुरूआत की। दारू भट्टी तोड़ा ,नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया और युवाओं को पर्यावरण,शिक्षा से जोड़ने की पहल की ।

लेकिन समुचित फंड के अभाव में अपने सपनों को वह रंग नहीं दे सकी जिसकी वो हकदार है।कार्य में निस्वार्थ भाव से लगी रही। उनकी टीम भी साथ है ।

संक्षिप्त जीवन परिचय – श्रीमती प्रेमशीला बघेल :जन्म 24 अप्रैल 1975 को महासमुंद के पंजाबी पारा में हुआ है। पिता श्री के.के. बघेल एवं माता श्रीमती बसंती बघेल है। इनके एक बहन है। इनकी स्कूली शिक्षा महासमुंद में सम्पन्न हुई तथा अपनी उच्च शिक्षा की पढ़ाई महासमुंद से की है। वे मात्र 19 वर्श की आयु से ही समाज कार्य में रूचि होने के कारण इन्होने सामाजिक गतिविधियों में भाग लेना प्रारंभ किया तथा विभिन्न संगठनों के साथ सामाजिक उत्थान, जागरूकता के लिए कार्य किया। ग्रामीण और षहरी 15 हजार महिलाओं के समूह को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए पहल किया। महिला शिक्षा, हिंसा, बाल श्रम एवं लैंगिक भेदभाव जैसे मुद्दो पर प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान के माध्यम से सकारात्मक संदेश दिया। कुश्ठ पीड़ित दिव्यागों के स्व-सहायता समूह बनाकर वंचित एवं समाज से कटे हुये लोगो की आवाज बनी। इसके अलावा सन् 2000 में महिलाओं पर बढ़ते हिंसा एवं गरीबी जैसे ज्वलन्त मुद्दो को संयुक्त राष्ट्र संघ के माध्यम से वर्ड मार्च आफ वूमेन जैसे कार्यक्रम में भाग लिया। वर्तमान में महिलाओं के आजीविका पर कार्य कर रही है।

उन्होंने 19 वर्ष की उम्र में 1996 से 2005 तक महासमुंद स्थित सामाजिक संस्था से बालवाड़ी शिक्षिका से सामाजिक बदलाव की शुरुवात की। तब से आज तक अनवरत शासकीय और अशासकीय संस्थाओं के साथ मिलकर आवाज बुलंद कर रही है।

महासमुंद/तहसील पिथौरा में धान भंडारण पर कार्रवाई, 300 बोरी धान जप्त

महासमुंद/तहसील पिथौरा में धान भंडारण पर कार्रवाई, 300 बोरी धान जप्त

महासमुंद/कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर विशेष निगरानी रखी जा रही हैं।

इसी तारतम्य में तहसील पिथौरा अंतर्गत ग्राम भुरकोनी (जगदल्ला) में संदिग्ध धान भंडारण की सूचना प्राप्त होने पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पिथौरा श्री बजरंग सिंह वर्मा के मार्गदर्शन में 4 नवंबर को जांच दल द्वारा तत्परता से कार्रवाई की गई। जांच टीम में नायब तहसीलदार पिथौरा श्री ललित सिंह, राजस्व निरीक्षक श्री शिव शंकर ठाकुर एवं पटवारी श्री विनय कुमार पटेल शामिल थे। दल द्वारा मौके पर पहुँचकर जांच की गई।

ग्राम में स्थित रंगमंच के कमरे में लगभग 300 बोरियों में धान का अवैध भंडारण पाया गया। तत्पश्चात धान को ताला बंद कर सील किया गया तथा संरक्षित रखने के लिए उपस्थित ग्राम कोटवार को जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही मंडी सचिव को भी इसकी सूचना दी गई। निर्देशानुसार आज मंडी सचिव एवं उनकी टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर मंडी अधिनियम के तहत उक्त धान को जप्त कर आवश्यक कार्रवाई की गई है।

आज का राशिफल विशेष: धन, प्रेम और करियर में क्या कहती हैं ग्रहों की चाल जानिए !

आज का राशिफल विशेष: धन, प्रेम और करियर में क्या कहती हैं ग्रहों की चाल जानिए !

मेष(अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो) :आय में निश्चितता रहेगी। नौकरी में कार्यभार बढ़ेगा। सहकर्मी साथ नहीं देंगे। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। फालतू खर्च होगा। किसी के व्यवहार से क्लेश होगा। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा।

वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) :नौकरी में मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। शेयर मार्केट में जल्दबाजी न करें। व्यापार लाभदायक रहेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। लेन-देन में सावधानी रखें। चोट व रोग से कष्ट संभव है। प्रमाद न करें। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। यात्रा मनोरंजक रहेगी।

मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह) :व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। ऐश्वर्य व आरामदायक साधनों पर व्यय होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। जल्दबाजी से बचें। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन की योजना बनेगी।

कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) :सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आत्मशांति रहेगी। यात्रा संभव है। व्यापार ठीक चलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। दूसरों की जवाबदारी न लें। थकान रह सकती है। तीर्थदर्शन की योजना फलीभूत होगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे।

सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) :व्यापार ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। मित्रों के साथ समय अच्‍छा व्यतीत होगा। चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि हो सकती है। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। किसी अपरिचित व्यक्ति पर अतिविश्वास न करें। किसी भी प्रकार के विवाद में न पड़ें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।

कन्या(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) :पारिवारिक सदस्यों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। नौकरी में मातहतों से अनबन हो सकती है। किसी व्यक्ति विशेष का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार लाभदायक रहेगा। शारीरिक कष्ट संभव है। जल्दबाजी से हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। धन प्राप्ति सुगम होगी।

तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते): किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग मिलेगा। भाग्य अनुकूल है। व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। शत्रुओं का पराभव होगा। किसी व्यक्ति की बातों में न आएं। प्रसन्नता रहेगी। स्थायी संपत्ति के कार्य मनोनुकूल लाभ देंगे। किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही प्राप्त होगा।

वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) :मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। पार्टी व पिकनिक का आयोजन हो सकता है। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा।

धनु(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे): दौड़धूप से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। आय बनी रहेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। जोखिम न लें। विवाद को बढ़ावा न दें। कानूनी अड़चन से सामना हो सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बुरी खबर मिल सकती है, धैर्य रखें।

मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी) :सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। लेन-देन में सावधानी रखें। अपरिचितों पर अंधविश्वास न करें। कारोबार ठीक चलेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य अनुकूल है। समय का लाभ लें। मित्रों का सहयोग करने का मौका प्राप्त होगा। मेहनत का फल मिलेगा।

कुंभ(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) :किसी बड़े काम को करने की योजना बनेगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। व्यापार लाभदायक रहेगा। घर-परिवार में कोई मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। मित्रों के साथ अच्‍छा समय बीतेगा।

मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) :कारोबार में वृद्धि होगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। समय अनुकूल है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। परिवार के साथ समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। जल्दबाजी न करें। यात्रा मनोरंजक रहेगी। कोई बड़ा काम होने से प्रसन्नता रहेगा l

सारंगढ़-बिलाईगढ़ : बरपाली में आबकारी विभाग की कार्रवाई 14 लीटर अवैध शराब जब्त, आरोपी जेल भेजा गया

सारंगढ़-बिलाईगढ़ : बरपाली में आबकारी विभाग की कार्रवाई 14 लीटर अवैध शराब जब्त, आरोपी जेल भेजा गया

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में में आज सरिया क्षेत्र के ग्राम बरपाली में आबकारी विभाग की टीम ने मुखबिर की सूचना पर सरिया आबकारी उपनिरीक्षक श्री लोकनाथ साहू के नेतृत्व में छापामार कर आरोपी डिग्री चौहान पिता भुजबल चौहान, निवासी बरपाली के मकान से कुल 14 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब बरामद की। आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक श्री लोकनाथ साहू (सरिया), श्री रामेश्वर राठिया (बरमकेला), श्री हबील खलखो (बिलाईगढ़), मुख्य आरक्षक उमेश तथा सुरक्षा कर्मी मुकुंदराम चौहान और ढोल नारायण चौहान की विशेष भूमिका रही।

आबकारी विभाग द्वारा यह कार्रवाई क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर नियंत्रण के लिए की गई है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिले में आगे भी इस प्रकार की सघन जांच एवं कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि अवैध शराब कारोबार पर पूर्णतः अंकुश लगाया जा सके।

 

महासमुंद *श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान उत्सव में श्रीकृष्ण जन्म की कथा : अशवंत तुषार साहू* 

महासमुंद *श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान उत्सव में श्रीकृष्ण जन्म की कथा : अशवंत तुषार साहू*

महासमुंद मे साहू परिवार स्व.बिन्दा साहू, स्व.हरीश साहू का बारसी पर आयोजित । श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान उत्सव में आमासिवनी से पधारे कथाव्यास अशोक महाराज के द्वारा कथा के चौथे दिन मंगलवार को श्रीकृष्ण जन्म की कथा एवं नंदोत्सव का वर्णन किया गया। इस कार्यक्रम के यजमान सतीश साहू गीता साहू व साहू सपरिवार थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा किसान नेता अशवंत तुषार साहू मौजूद थे ।

कथा का पूजन पंडित अशोक कृष्णा महाराज के द्वारा मंत्रोच्चारण से करवाया गया। श्रीकृष्ण जन्म की कथा का वर्णन करते हुए महाराज ने बताया कि कंस की कारागार में वासुदेव- देवकी के भादो मास की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। उनका लालन-पालन नंदबाबा के घर में हुआ था। इसलिए नंदगांव में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। श्रीकृष्ण ने अत्याचारी कंस का वध करके पृथ्वी को अत्याचार से मुक्त किया और अपने माता-पिता को कारागार से छुड़वाया।

कृष्ण जन्म की खुशी में मंगलवार को कथा स्थल को विशेष रूप से सजाकर माखन मिश्री तील लड्डू का प्रसाद वितरण किया गया तथा भक्तों ने नाच कूदकर नंदोत्सव मनाया। इस अवसर पर लक्ष्मी नाथ साहू,लल्ली साहू,डिंपल साहू, यशराज साहू, प्रेम साहू, प्रियांशु साहू सहित अनेक भक्तगण उपस्थित रहे।