बलौदाबाजार : 24 लीटर शराब एवं 400 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया

बलौदाबाजार : 24 लीटर शराब एवं 400 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में शराब के अवैध कारोबार पर कड़ाई से रोक लगाने और इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए जांच पड़ताल का सघन अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में बलौदाबाजार वृत्त के अंतर्गत थाना बलौदाबाजार क्षेत्र के ग्राम सुढ़ेली में आबकारी विभाग की टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए आरोपी धन्नू भारती पिता मेहतर के कब्जे से 24 बल्क लीटर महुआ शराब एवं 400 किलोग्राम महुआ लाहन जप्त किया गया। जब्त महुआ शराब का बाजार मूल्य लगभग 4,800 रुपये तथा महुआ लाहन का अनुमानित मूल्य लगभग 24,000 रुपये है। आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया एवं न्यायालयीन अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को हरेली पर्व की दी शुभकामनाएँ

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को हरेली पर्व की दी शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के परंपरागत लोकपर्व हरेली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की मिट्टी से जुड़ा ऐसा पर्व है, जो हमारी कृषि संस्कृति, लोक परंपरा और प्रकृति प्रेम का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेली पर्व खेती-किसानी से जुड़ा पहला त्योहार है, जिसमें किसान अपने कृषि उपकरणों की पूजा कर धरती माता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं। यह पर्व न केवल अच्छी फसल की कामना का अवसर है, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य की भावना को भी प्रकट करता है।

श्री साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि इस वर्ष हरेली पर्व को हम और भी सार्थक बनाएं — धरती माता की पूजा के साथ वृक्षारोपण करें, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित हो सके। यह पर्व केवल परंपरा नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रतीक बने।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि हरेली पर्व प्रदेशवासियों के जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और हरियाली लेकर आए। उन्होंने सभी नागरिकों से इस लोकपर्व को आपसी सौहार्द, प्रकृति प्रेम और परंपरा के सम्मान के साथ मनाने का आह्वान किया।

 

महासमुंद /अनुशासनहीनता पर सख्ती : विद्यालय निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों को जारी किया गया शोकॉज नोटिस

महासमुंद/अनुशासनहीनता पर सख्ती : विद्यालय निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों को जारी किया गया शोकॉज नोटिस

महासमुंद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा उमेश कुमार साहू द्वारा आज शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खल्लारी का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रारंभ होने का समय प्रातः 10ः00 बजे होते हुए भी विद्यालय के सात व्याख्याता समय पर उपस्थित नहीं पाए गए।

विद्यालयीन व्यवस्था की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी द्वारा स्वयं प्रार्थना सत्र संपन्न कराया गया। निरीक्षण में प्रभारी प्राचार्य सविता चंद्राकर सहित व्याख्याता सुमन चंद्राकर, भूषण सिरमौर, लक्ष्मीधर चंद्राकर, पूरी हरपाल, सरोज सिंह मर्सकोले, वेणुका साहू, ग्रंथपाल राजेन्द्र चौहान तथा व्यावसायिक शिक्षक सुभाष साहू अनुपस्थित पाए गए। अनुशासनहीनता एवं समय पालन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बागबाहरा द्वारा उपरोक्त सभी शासकीय सेवकों को शोकॉज नोटिस जारी करते हुए 3 दिवस के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्धारित समयावधि में उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। निरीक्षण उपरांत अनुविभागीय अधिकारी ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि विकासखंड अंतर्गत संचालित सभी शासकीय विद्यालयों में समय पालन एवं शिक्षकीय उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सतत निरीक्षण व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभारी प्राचार्य नियमित रूप से विद्यालयीन गतिविधियों की निगरानी करें तथा अनुपस्थित पाए जाने पर तत्काल शोकॉज नोटिस जारी करते हुए नियमानुसार कार्रवाई प्रस्तावित करें। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं शैक्षणिक अनुशासन की बहाली के लिए प्रशासन पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगा। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा उमेश कुमार साहू ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे भी इस प्रकार के निरीक्षण किए जाते रहेंगे तथा शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। कार्यवाही में तहसीलदार नितिन ठाकुर उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ / आयोग में मानव तस्करी से जुड़ा मामला सुना गया. जांच का दिया गया आदेश / आयोग की समझाईश पर अनावेदक ससुर अपने विधवा बहू और बच्चों के भरण-पोषण के लिए 10 किलो चांदी व 1 दुकान की व्यवस्था करेगा

छत्तीसगढ़ / आयोग में मानव तस्करी से जुड़ा मामला सुना गया. जांच का दिया गया आदेश / आयोग की समझाईश पर अनावेदक ससुर अपने विधवा बहू और बच्चों के भरण-पोषण के लिए 10 किलो चांदी व 1 दुकान की व्यवस्था करेगा

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छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक एवं सदस्यगण श्रीमती सरला कोसरिया, श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, श्रीमती ओजस्वी मंडावी एवं दीपिका शोरी ने आज छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न संबंधित शिकायतों की सुनवाई की।
एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि उसके पति की मृत्यु आगजनी में हुई थी। जिसके बाद वह अपने 02 बच्चों के पालन-पोषण व जीवन-यापन के लिये संघर्षरत् है। आयोग की समझाईश पर अनावेदक पक्ष सुलहनामे के लिए तैयार है। अनावेदक पक्ष आवेदिका को उसके जीवन यापन और रोजगार के लिये उसके पति का सामान और राशि आदि देने के लिये तैयार है। आयोग की समझाईश पर अनावेदक सहमति जताते हुए आवेदिका को 10 किलो चांदी एवं 1 दुकान की व्यवस्था करेगा। जिससे आवेदिका अपनी ईच्छा से व्यापार कर सकेगी। इस प्रकरण को निगरानी हेतु रखा गया। दोनो पक्षों की सहमति पर प्रकरण समाप्ता किया जावेगा।

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि अनावेदकगणों ने उसकी पुत्री को अवैध रूप से अपने घर में रख रखा है। आवेदिका की बेटी 22 वर्ष की है जिसके लिए अनावेदकगणों ने यह बात फैलायी है कि उसकी बेटी समलैंगिक है और आवेदिका को अपनी बेटी से मिलने से भी रोक लगा रखा है। आवेदिका की शिकायत गंभीर प्रकृति की है। आवेदिका ने बताया कि अनावेदगणों के घर में 6-7 महीने में जवान लड़किया आती है फिर कहा जाती है इसकी जानकारी किसी को भी नहीं है।

आयोग ने कहा कि आवेदिका की शिकायत को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है क्योंकि यह मामला मानव तस्करी से जुड़ा प्रतीत होता है। ऐसी स्थिति में अनावेदकगणो की पुलिस द्वारा जांच कराया जाना आवश्यक है। आवेदिका की पुत्री को सखी प्रशासिका रायपुर के सुपूर्द कर निर्देश दिया गया कि वह आवेदिका की पुत्री का मेडिकल प्रशिक्षण करावाकर रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करेंगे साथ ही आवेदिका की पुत्री को सुरक्षा की दृष्टि से नारी निकेतन रखा जायेगा क्योकि वह अपनी मां के साथ घर जाने को तैयार नहीं है जवान लडकी को असुरक्षित नहीं छोडा जा सकता है। आवेदिका स्वयं भी सुरक्षा की दृष्टि से अपनी बेटी को नारी निकेतन में रखवाना चाहती है। आयोग ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर साइबर थाने से इसकी जांच करवायी जायेगी ताकि स्पष्ट हो सके कि अनावेदकगण क्या वास्तव में जवान लडकियों को आश्रय देकर अवैध कारोबार तो नहीं कर रहे है। इसकी जांच पुलिस के माध्यम से करवायी जायेगी।

अन्य एक प्रकरण में आवेदिका ने शिकायत दर्ज करवायी है

कि आवेदिका का पति जो शासकीय सेवा में शिक्षक के पद पर कार्यरत् है और आये दिन शराब पीकर मारपीट करता है व आवेदिका का चरित्रहनन करता है। अनावेदक शासकीय स्कूल पूर्व माध्यमिक शाला बलौदाबाजार में कार्यरत् है। उसे 72 हजार रू. मासिक वेतन प्राप्त होता है। अनावेदक ने आवेदिका को मारपीट कर घर से निकाल दिया है और कोई भरण-पोषण आवेदिका को नहीं देता है। आयोग की समझाईश पर अनावेदक आवेदिका को प्रतिमाह 15 हजार रू. भरण-पोषण देने के लिए तैयार हुआ। दोनो पक्ष सुलहनामे के लिए तैयार हुए। प्रकरण की निगरानी आयोग के काउंसलर द्वारा की जावेगी।

आज के एक प्रकरण के दौरान आवेदिका ने बताया कि आवेदिका के पति ने आवेदिका से बिना तलाक लिए दूसरा विवाह कर लिया है। आवेदिका व अनावेदक (पति) की तीन बेटिया है। अनावेदक के दूसरे विवाह से भी उसके दो बच्चे एक पुत्र व एक पुत्री है। वर्तमान में अनावेदक पूर्व माध्यमिक शाला, उसलापुर में शिक्षक एल.बी. के पद पर कार्यरत् है। उसे 18 वर्ष की सेवा में 50 हजार रू. मासिक वेतन प्राप्त होता है।आयोग के समक्ष अनावेदक (पति) से पूछे जाने पर उसने साफ इकार कर दिया और अपने दूसरी पत्नी के बच्चों को भी पहचानने से इंकार कर दिया, लेकिन दूसरी महिला के बच्चे के बर्थ सर्टिफिकेट में अनावेदक का नाम दर्ज होने से यह स्पष्ट हो गया कि अनावेदक झूठ बोल रहा है और दूसरी महिला व संतान होने की बात को छिपा रहा है। अनावेदक (पति) शिक्षक होने के बावजूद आवेदिका से तलाक लिये बगैर 2019 से दूसरा विवाह कर रखा है। आयोग के पूछे जाने पर कि अनावेदक के सर्विस रिकॉर्ड में आवेदिका और बच्चों का नाम है या नहीं?” अनावेदक का कथन है कि नहीं मालूम मेरे सर्विस रिकॉर्ड में किसका नाम दर्ज है।” चूंकि अनावेदक सभी बातों से स्पष्ट इंकार कर रहा है, इस हेतु आयोग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली, जिला कलेक्टर मुंगेली को पत्र प्रेषित कर अनावेदक के सर्विस बुक की प्रमाणित प्रतिलिपि मंगाया जायेगा। पुलिस अधीक्षक को दूसरी महिला को आगामी सुनवाई में आवश्यक रूप से उपस्थित कराये जाने का पत्र भेजा जावेगा जिससे प्रकरण का निराकरण किया जा सके व आवेदिका को अपने व अपने बच्चों के पालन-पोषण में कोई समस्या ना हो।

महासमुंद/प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जिले में 31 जुलाई 2025 तक बीमा कराने की अंतिम तिथि

महासमुंद/प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जिले में 31 जुलाई 2025 तक बीमा कराने की अंतिम तिथि

पोर्टल अपडेट व डाटा प्रविष्टि हेतु प्रशिक्षण संपन्न

महासमुंद/ खरीफ वर्ष 2025 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिले में ग्राम स्तर पर धान (सिंचित/असिंचित), मक्का, सोयाबीन तथा राजस्व निरीक्षक मंडल स्तर पर मूंगफली, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी एवं रागी फसलों को अधिसूचित किया गया है। संबंधित फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 निर्धारित है। किसानों की समय पर पंजीयन एवं सही डाटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने के लिए आज उप संचालक कृषि महासमुंद के प्रशिक्षण हाल में वित्तीय संस्थाओं, बैंक शाखाओं, सी.एस.सी., लैम्पस, समितियों के प्रबंधकों तथा डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान फसल बीमा पोर्टल में कृषक विवरण की सफल प्रविष्टि, प्रीमियम कटौती प्रक्रिया, अधिसूचित फसलों का चयन, त्रुटि सुधार एवं पोर्टल पर आंशिक अपडेट की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी गई। एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड, पंडरी (रायपुर) से आए बीमा प्रतिनिधियों, सहायक प्रबंधक श्रीमती अनुराधा ठाकुर एवं सहायक प्रबंधक श्री आशुतोष ने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को व्यवहारिक डेमो के साथ प्रशिक्षण दिया।

कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप, नोडल अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक महासमुंद श्री अविनाश शर्मा, कृषि विकास अधिकारी श्री मनोज पटेल, जिला समन्वयक बीमा कंपनी महासमुंद श्री रंजीत कुमार साहू तथा सहायक तकनीकी प्रबंधक श्री योगेश कुमार चन्द्राकर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सभी संबद्ध संस्थाओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर अधिकाधिक किसानों का बीमा कराने की अपील की।

महासमुंद जिले में आधार पंजीयन हेतु चयनित ऑपरेटरों को अनुबंध प्रक्रिया पूर्ण करने निर्देशित

महासमुंद जिले में आधार पंजीयन हेतु चयनित ऑपरेटरों को अनुबंध प्रक्रिया पूर्ण करने निर्देशित

महासमुन्द मुख्य कार्यपालन अधिकारी, चिप्स, रायपुर द्वारा जारी निर्देशानुसार आधार पंजीयन कार्य इन-हाउस मॉडल के अंतर्गत संचालित किया जाना है। इसी क्रम में जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी, महासमुन्द द्वारा आधार केन्द्र संचालन के लिए चयन प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यालयवार चयन एवं प्रतीक्षा सूची जारी की गई है।

निर्देशानुसार, चयनित अभ्यर्थियों को नियमानुसार अनुबंध प्रक्रिया पूर्ण करना अनिवार्य होगा। अनुबंध पत्र के साथ एक लाख पचास हजार रुपए का डिमांड ड्राफ्ट जमा करना होगा, जो भारतीय स्टेट बैंक शाखा महासमुन्द में जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी के खाता क्रमांक 33215336104 के नाम देय होगा। प्रतीक्षा सूची को एक वर्ष के लिए वैध माना गया है। यदि चयनित अभ्यर्थी कार्य करने में असमर्थ रहते हैं या यू.आई.डी.ए.आई. द्वारा निलंबित अथवा बर्खास्त किए जाते हैं, तो प्रतीक्षा सूची के अनुसार अन्य पात्र अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।

चयनित अभ्यर्थियों को दिनांक 29 जुलाई 2025 को अपरान्ह 05ः00 बजे तक कलेक्टर कार्यालय महासमुन्द के कक्ष क्रमांक 22 में स्वयं उपस्थित होकर अनुबंध की प्रक्रिया पूर्ण करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

महासमुंद/आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 27 को परीक्षा केंद्र में हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े एवं चप्पल पहनना अनिवार्य

महासमुंद/आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 27 को परीक्षा केंद्र में हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े एवं चप्पल पहनना अनिवार्य

कान का आभूषण, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट एवं टोपी प्रतिबंधित

छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल रायपुर द्वारा आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 27 जुलाई रविवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थी व्यापम की वेबसाइट अलंचंउमहण्महेजंजमण्हवअण्पद से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे गए एसएमएस के यूआरएल से भी प्रवेश पत्र प्राप्त किया जा सकता है।

व्यापम ने परीक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देशानुसार परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। वहां पहचान पत्र से सत्यापन और फ्रिस्किंग के बाद ही प्रवेश के बाद किसी को भी परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षार्थी परीक्षा से एक दिन पहले ही अपने परीक्षा केंद्र की स्थिति देख लें। प्रवेश पत्र डाक से नहीं भेजा जाएगा। परीक्षार्थी को प्रवेश पत्र का प्रिंट आउट साथ लाना अनिवार्य है। किसी भी परेशानी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 0771-2972780 और श्री अजय राजा के मोबाइल नंबर 88788-44400 पर सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक संपर्क किया जा सकता है। परीक्षा में फोटो युक्त मूल पहचान पत्र अनिवार्य है। इसमें मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, विद्यालय का फोटो युक्त परिचय पत्र फोटो कॉपी मान्य नहीं होगी। बिना मूल पहचान पत्र के परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा।

इसी तरह परीक्षा केंद्र में हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर आना होगा। चप्पल पहनना अनिवार्य है। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण पहनना मना है। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले और समाप्ति के आधा घंटा पहले तक परीक्षा केंद्र से बाहर जाना वर्जित रहेगा। परीक्षा कक्ष में मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार सुबह 10.30 बजे बंद कर दिया जाएगा। परीक्षार्थियों की सुविधा को देखते हुए परीक्षा का समय बदला गया है। अब यह परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक होगी। पहले परीक्षा का समय सुबह 10 बजे था। कई परीक्षार्थी समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाते थे। इसी कारण व्यापम ने समय में बदलाव किया है।

महासमुंद राजस्व विभाग द्वारा अवैध निर्माण पर प्रशासन की सख्ती, शासकीय वन भूमि से अतिक्रमण हटाया गया

महासमुंद अवैध निर्माण पर प्रशासन की सख्ती, शासकीय वन भूमि से अतिक्रमण हटाया गया

महासमुंद,  राजस्व विभाग द्वारा आज महासमुंद नगर के बी टी आई रोड स्थित शासकीय भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को सख्ती से हटाया गया। यह कार्रवाई कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वन प्रशिक्षण केंद्र के समीप शासकीय भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से निर्माण कार्य किया जा रहा था। मौके की जांच उपरांत इसे शासकीय भूमि पर अतिक्रमण मानते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान तहसीलदार श्री जुगल किशोर पटेल, नायब तहसीलदार श्री मोहित अमिला एवं आरआई श्री मनीष श्रीवास्तव सहित राजस्व विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण सहन नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

छत्तीसगढ़ / 500 रूपए से लेकर एक लाख रुपए तक की छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि जानिए कैसे और किनको मिलेगा ये राशि

छत्तीसगढ़ / 500 रूपए से लेकर एक लाख रुपए तक की छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि जानिए कैसे और किनको मिलेगा ये राशि

श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने हेतु राज्य शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना तथा मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत विद्यार्थियों को 500 रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक की छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। इसके लाभ के लिए पंजीकृत श्रमिक परिवार के बच्चे, निर्धारित पात्रता अनुसार च्वाइस सेंटर, लोक सेवा केंद्र या जनपद पंचायतों में संचालित श्रम संसाधन केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। योजना का लाभ केवल उन्हीं श्रमिकों के अध्ययनरत बच्चों को मिलेगा, जिनके श्रमिक पंजीयन 90 दिन से अधिक पुराना है।

मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल से पंजीकृत श्रमिकों के प्रथम दो बच्चों को कक्षा 1 ली से 5वीं तक के छात्र को 1000 रूपए, छात्रा को 1500 रूपए, कक्षा 6वीं से 8वीं तक के छात्र को 1500 रूपए, छात्रा को 2000 रूपए, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र को 2000 रूपए, छात्रा को 3000 रूपए, स्नातक/डिप्लोमा के छात्र को 3000 रूपए, छात्रा को 4000 रूपए, स्नातकोत्तर के छात्र को 5000 रूपए, छात्रा को 6000 रूपए की छात्रवृत्ति दी जाती है।

असंगठित कर्मकार मंडल के अंतर्गत आने वाले श्रमिकों के कक्षा 1 पहली से 5वीं तक के छात्र को 500 रूपए, छात्रा को 750 रूपए, कक्षा 6वीं से 8वीं तक के छात्र को 750 रूपए, छात्रा को 1000 रूपए, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र को 1000 रूपए, छात्रा को 1500 रूपए, स्नातक/डिप्लोमा के छात्र को 1500 रूपए, छात्रा को 2000 रूपए, स्नातकोत्तर के छात्र को 2500 रूपए, छात्रा को 3000 रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र को 5000 रूपए, छात्रा को 5500 रूपए की एकमुश्त सहायता राशि दी जाती है।

इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा में प्रदेश मेरिट सूची के टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि तथा शिक्षा एवं दोपहिया वाहन हेतु एक रूपए लाख रूपए की अतिरिक्त सहायता श्रम विभाग द्वारा प्रदान की जाती है।

छत्तीसगढ़ में स्पॉन्सरशिप योजना बनी बच्चों के भविष्य की मजबूत आधारशिला’

छत्तीसगढ़ में स्पॉन्सरशिप योजना बनी बच्चों के भविष्य की मजबूत आधारशिला’

छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मिशन वात्सल्य (एकीकृत बाल संरक्षण योजना) के अंतर्गत स्पॉन्सरशिप योजना जरूरतमंद बच्चों के जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। विशेष रूप से उन बच्चों के लिए, जो माता-पिता के संरक्षण से वंचित हैं या जिनकी देखरेख और शिक्षा में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, यह योजना आर्थिक सहारा बन रही है।

कोरबा जिले में जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से अब तक 122 बच्चों को इस योजना के तहत शामिल किया गया है। इन सभी बच्चों को प्रतिमाह 4000 रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके अभिभावकों या संरक्षकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जा रही है। यह सहायता राशि बच्चों के पोषण, देखरेख, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मूलभूत जरूरतों की पूर्ति में सहयोग कर रही है।

जिला प्रशासन के नेतृत्व में इस योजना को प्रभावशाली रूप से लागू किया जा रहा है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में और जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी की देखरेख में स्पॉन्सरशिप कमेटी की सक्रिय भूमिका से जरूरतमंद बच्चों को चिह्नित कर उन्हें योजना से जोड़ा गया है।

यह योजना किशोर न्याय अधिनियम और आदर्श नियमों के अनुरूप संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत संस्थागत और गैर-संस्थागत सेवाएं प्रदान की जाती हैं। कोरबा जिले में गैर-संस्थागत सेवाओं के माध्यम से ऐसे बच्चों को उनके परिवार या संरक्षकों के साथ रहकर बेहतर जीवन की दिशा में अग्रसर करने का प्रयास किया जा रहा है।

कलेक्टर कोरबा ने अपील की है कि समाज के सभी नागरिक यदि अपने आसपास ऐसे बच्चों की जानकारी रखते हैं जिन्हें देखरेख, संरक्षण या शिक्षा की आवश्यकता है और जो माता-पिता से वंचित हैं, तो उन्हें बाल कल्याण समिति अथवा जिला बाल संरक्षण इकाई के समक्ष प्रस्तुत करें। राज्य सरकार का यह प्रयास यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी बच्चा सिर्फ माता-पिता की अनुपस्थिति के कारण अपने भविष्य से वंचित न रह जाए। स्पॉन्सरशिप योजना न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि यह समाज के संवेदनशील दायित्व की पूर्ति की दिशा में एक सशक्त कदम भी है।