सरायपाली/ शासकीय प्राथमिक/उच्च प्राथमिक/उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चारभांठा को नेवता भोज

सरायपाली/ शासकीय प्राथमिक/उच्च प्राथमिक/उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चारभांठा को नेवता भोज

शासकीय प्राथमिक/उच्च प्राथमिक/उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चारभांठा, वि.ख.-सरायपाली, जिला -महासमुंद (छ.ग.) के लगभग 400 विद्यार्थी एवं समस्त कर्मचारियों को दिनांक 23.07.2025 दिन बुधवार को शाला प्रबंधन एवं विकास समिति चारभांठा के भूतपूर्व अध्यक्ष हेतराम नायक जी अपने माता स्व.श्रीमती नीलाबाई नायक जी के दशकर्म कार्यक्रम में पोषण शक्ति निर्माण योजना अन्तर्गत पूर्ण नेवता भोज दिया गया।

न्योता भोज में चावल , दाल, मिक्स सब्जी, पनीर सब्जी, पापड़, बड़ा, टमाटर चटनी, जलेबी एवं खीर इत्यादि व्यंजन परोसे गए, जिसे सभी ने बड़े स्वाद एवं श्रद्धा से ग्रहण किया। भोज उपरांत समस्त विद्यार्थी एवं कर्मचारियों ने दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की तथा उनके परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। यह आयोजन न केवल सामाजिक समरसता का उदाहरण बना, बल्कि विद्यार्थियों में संवेदनशीलता एवं संस्कारों की भावना को प्रबल किया।

महासमुंद सरायपाली / नकली सोना गिरवी रखकर 22 लाख का लोन, 10 खाताधारकों पर एफआईआर

महासमुंद सरायपाली / नकली सोना गिरवी रखकर 22 लाख का लोन, 10 खाताधारकों पर एफआईआर

इंडियन ओवरसीज बैंक की सरायपाली शाखा में बड़ा गोल्ड लोन फर्जीवाड़ा सामने आया है। बैंक के वार्षिक ऑडिट में खुलासा हुआ कि 10 खाताधारकों ने नकली सोना गिरवी रखकर 22 लाख 86 हजार रुपए का लोन ले लिया। मामले को लेकर बैंक प्रबंधन ने सरायपाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने सभी 10 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।

सरायपाली दैनिक भास्कर रिपोर्टर इरफ़ान शेख के अनुसार नकली सोने पर असली हॉलमार्क!
ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, गिरवी रखे गए आभूषणों पर 22 कैरेट (916) का फर्जी हॉलमार्क अंकित था। इन गहनों की ऊपरी परत पर सोने की पॉलिश की गई थी, जबकि अंदर अन्य धातुएं पाई गईं। जांच में साफ हुआ कि इन गहनों को जानबूझकर नकली तरीके से तैयार कर बैंक को धोखा दिया गया।

मूल्यांकनकर्ताओं की भी भूमिका संदिग्ध
बैंक मैनेजर के अनुसार, इस फर्जीवाड़े में आभूषण मूल्यांकन करने वाले गंगाधर पुष्टि (4 खातों के मूल्यांकनकर्ता) और सियाराम चौधरी की भूमिका भी संदिग्ध है। दोनों मूल्यांकनकर्ताओं ने नकली आभूषणों को असली बताकर स्वीकृति दी। इनकी लापरवाही या मिलीभगत की भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने दर्ज किया अपराध
सरायपाली थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। बैंक और पुलिस दोनों ही इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई कर रहे हैं।

पुलिस और बैंक की सतर्कता से हुआ फर्जीवाड़ा उजागर
यह मामला इस बात की चेतावनी है कि गोल्ड लोन देते समय बैंक को मूल्यांकन प्रक्रिया में और अधिक सतर्कता बरतनी होगी। साथ ही फर्जी हॉलमार्क और नकली सोने की पहचान के लिए विशेषज्ञों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

महासमुंद / भाजपा नेता सस्ती लोकप्रियता पाने आंदोलन को उलटे चश्मे से देख रहे :- जफर

महासमुंद / भाजपा नेता सस्ती लोकप्रियता पाने आंदोलन को उलटे चश्मे से देख रहे :- जफर

सरायपाली – छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर प्रदेश भर में प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी चक्काजाम किया गया सरायपाली विधानसभा में भी कांग्रेसियों ने विधायक श्री चातूरी नंद जी के नेतृत्व में सैकड़ो की संख्या में कांग्रेस पदाधिकारीगण एवं कार्यकर्त्ताओ के मौजूदगी मे चक्कजाम को सफल बनाया।

लोकसभा अध्यक्ष कांग्रेस आईटी सेल सोसल मीडिया ज़फर उल्ला ने कहा की जीन भाजपा के नेताओं को चक्काजाम में भीड नजर नहीं आ रही उन नेताओं की आंखों में अभी भी भाजपा का उल्टा चश्मा लगा हुआ है!

ED और अडानी के खिलाफ नाकेबंदी पर भाजपा के पेट दर्द क्यों हो रहा शासकीय एजेंसियो का दुरुपयोग कर विपक्ष के नेताओं की आवाज को दबाने का कोशिश की जा रही जो लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा हैं देश के संसद मे ज़ब ज़ब नेताप्रतिपक्ष श्री राहुल गाँधी जी अडानी का नाम लेते हैं तब तब सत्तापक्ष हंगामा कर आवाज को दबाने की कोशिश करती नजर आती हैं वही जब छत्तीसगढ़ विधानसभा मे कांग्रेस के विधायक सवाल करते हैं तो सत्तापक्ष का जवाब भ्रामक इधर उधर ताकझक करते नजर आते हैं तो वही ज़ब पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी विधानसभा के आखिरी दिन अडानी पर सवाल पूछते हैं तो उसी दिन ED की कार्यवाही हो जाति हैं!

महासमुंद कांग्रेस असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ज़फर उल्ला ने कहा की अपनी खोई साख बचाने अब भाजपा नेता सरायपाली मे नाकेबंदी पर कांग्रेसजनों की संख्या गिर रहे इससे पता चलता हैं भाजपा के पास कोई काम नहीं बचा हैं कांग्रेस के चक्कजाम की सफलता इन्हे पच नहीं रही भाजपा नेत्री को चाहिए वो नगर पालिका मे हो रहे भ्र्ष्टाचार पर नजर उठा के देखे गौरव पथ ख़ामोशी कई सवाल खड़े करते हैं!

छत्तीसगढ़ : एक पेड़ लगाकर माँ को दे सम्मान- श्री दयाल दास बघेल

छत्तीसगढ़ : एक पेड़ लगाकर माँ को दे सम्मान- श्री दयाल दास बघेल

खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने किया मातृत्व और पर्यावरण को समर्पित वृक्षारोपण

जनपद पंचायत परिसर, बेमेतरा में आज “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने इस भावनात्मक और पर्यावरणीय चेतना से परिपूर्ण मुहिम के तहत नीलगिरी के पौधे का रोपण किया गया, जो मातृप्रेम और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक बना। उनके साथ जनपद अध्यक्ष श्रीमती हेमा दिवाकर, सभी जनपद सदस्यगण और आमजन ने भी इस पुनीत कार्य में भाग लेकर इस पहल को सार्थकता प्रदान की।

मातृत्व को समर्पित वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि समाज में मातृत्व के सम्मान को प्रकृति से जोड़ना है। यह पहल हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि जैसे माँ हमें जीवन देती है, वैसे ही पेड़ हमें प्राणवायु (ऑक्सीजन), छांव, जल और संतुलित पर्यावरण प्रदान करते हैं। माँ और वृक्ष दोनों जीवनदाता हैं। नीलगिरी का पौधा, जो औषधीय गुणों से भरपूर और वायुमंडल को शुद्ध करने वाला वृक्ष है, इस मुहिम के लिए विशेष रूप से चयनित किया गया। यह न केवल वातावरण को स्वच्छ बनाने में सहायक होता है, बल्कि भूमि की उर्वरता को भी बढ़ाता है।

सामूहिक संकल्प: हर व्यक्ति लगाए एक पेड़ अपनी माँ के नाम

इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल ने लोगों से आग्रह किया कि वे भी इस अभियान से जुड़ें और कम से कम एक पौधा अपनी माँ के नाम पर अवश्य लगाएँ। यह कदम न केवल भावनात्मक श्रद्धांजलि है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित करने का संकल्प भी है। सभी ने मिलकर “हरियाली बढ़ाओ, माँ का मान बढ़ाओ” का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। एक पेड़ माँ के नाम” न केवल एक वृक्षारोपण कार्यक्रम है, बल्कि यह एक आंदोलन है, मातृत्व के प्रति श्रद्धा और पर्यावरण के प्रति संवेदना का। यदि हर व्यक्ति अपनी माँ के नाम एक पेड़ लगाए, तो यह पृथ्वी और भावी पीढ़ियों के लिए सबसे सुंदर उपहार होगा।

 

छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा प्राप्त आवेदनों की हुई सुनवाई तीन प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया

छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा प्राप्त आवेदनों की हुई सुनवाई तीन प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया

छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग रायपुर में आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद, उपाध्यक्ष श्रीमती चंद्रकान्ति वर्मा एवं सचिव तथा सहायक अनुसंधान अधिकारी की उपस्थिति में आयोग को प्राप्त विभिन्न शिकायत प्रकरणों पर सुनवाई संपन्न हुई।

इस दौरान आवेदक हेमंत कुमार साहू एवं पटवारी श्री प्रशांत कुमार सोनी उपस्थित हुए, जिसमें पटवारी द्वारा तहसील स्तर का जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। इस पर आयोग अध्यक्ष द्वारा भूमि जांच के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार आवेदक श्री लिलेश्वर देवांगन के प्रकरण में अनावेदक के बार-बार अनुपस्थित रहने पर आयोग ने सामाजिक स्तर पर समाधान हेतु आवेदक को निर्देशित किया। वहीं आवेदक श्री यशवंत कुमार साहू के प्रकरण में, अनावेदक आयुक्त, नगर निगम कोरबा की उपस्थिति में यह जानकारी दी गई कि मामला माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है, अतः प्रकरण को आयोग स्तर से नस्तीबद्ध किया गया।

एक अन्य मामले में आवेदक श्री रामगोपाल साहू द्वारा कोर्ट की अवमानना की जानकारी देने पर आयोग ने उक्त प्रकरण को भी नस्तीबद्ध किया। श्री डुलेश्वर मटियारा एवं सह सचिव, नगर निगम दुर्ग की उपस्थिति में, अनावेदक ने आगामी तिथि की मांग की, जिसे स्वीकार किया गया। भेष कुमार साहू के प्रकरण में, आईसीआईसीआई होम फाइनेंस के अधिवक्ता उपस्थित हुए, किन्तु आवेदक की बार-बार अनुपस्थिति के चलते प्रकरण को नस्तीबद्ध कर दिया गया। वहीं श्रीमती महेश्वरी साहू की शिकायत पर आवेदिका उपस्थित हुईं एवं अपना बयान प्रस्तुत किया, जबकि अनावेदक की अनुपस्थिति के कारण उन्हें पुनः आहूत करने के निर्देश दिए गए। नरेश कुमार धीवर एवं गजराज सिंह देशमुख के प्रकरणों में, क्रमशः आवेदक एवं अनावेदकों की अनुपस्थिति पर आवश्यक निर्देश जारी किए गए।

आयोग ने सभी प्रकरणों की सुनवाई निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न की तथा आवश्यकतानुसार आगामी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही।

 

छत्तीसगढ़: धोधा विद्युत उपकेन्द्र की क्षमता में वृद्धि 10 ग्रामों के 4233 उपभोक्ता होंगे लाभान्वित

छत्तीसगढ़: धोधा विद्युत उपकेन्द्र की क्षमता में वृद्धि 10 ग्रामों के 4233 उपभोक्ता होंगे लाभान्वित

मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम धोधा स्थित 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। यहां लगभग 73 लाख रुपए की लागत से 3.15 एम.वी.ए. अतिरिक्त नया पॉवर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है, जिससे अब इस उपकेन्द्र की कुल क्षमता 6.30 एम.वी.ए. हो गई है। सीएसपीडीसीएल राजनांदगांव के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट द्वारा इसे चार्ज किया गया।

यह अधोसंरचनात्मक कार्य किसानों एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज और लोड शेडिंग की समस्या से निजात दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पूर्व में इस उपकेन्द्र में एकमात्र 3.15 एम.वी.ए. ट्रांसफॉर्मर स्थापित था, जो विशेषकर धान की फसल के सीजन में अत्यधिक लोड के चलते ओवरलोड हो जाता था, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित होती थी। अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर की स्थापना से गुणवत्तापूर्ण, स्थिर वोल्टेज पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट ने बताया कि यह कार्य मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना की मंशानुरूप ग्रामीण अंचलों में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में किया गया है। उन्होंने इसे किसानों के हित में लिया गया निर्णय बताते हुए कहा कि अतिरिक्त क्षमता जुड़ने से अब विद्युत आपूर्ति अधिक सुचारू होगी और उपभोक्ताओं को रात्रिकालीन सिंचाई एवं घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में सुविधा मिलेगी।

उक्त उपकेन्द्र से ग्राम छिराहीडीह, मजगांव, बाबूर, गोखना, पर्थरा, भुरभुसी, धोधा, बिरनपुरकला, कालेगोंडी एवं हनईबंद के कुल 4233 उपभोक्ताओं को सीधा लाभ प्राप्त होगा। श्री सेलट ने विभाग के अधिकारियों और तकनीकी टीम को इस कार्य के सफल संपादन हेतु बधाई दी।

 

छत्तीसगढ़ : स्कूल शिक्षा विभाग में 1227 व्याख्याताओं की पदोन्नति, अब तक 7000 से अधिक पदोन्नति आदेश जारी

छत्तीसगढ़ : स्कूल शिक्षा विभाग में 1227 व्याख्याताओं की पदोन्नति, अब तक 7000 से अधिक पदोन्नति आदेश जारी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों पर राज्य सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में निरंतर सुधार और शिक्षक समुदाय के हित में त्वरित निर्णय लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आज दिनांक 23 जुलाई 2025 को विभिन्न विषयों के 1227 व्याख्याता (टी संवर्ग) शिक्षकों को पदोन्नति आदेश जारी किए गए हैं। इन व्याख्याताओं की पदस्थापना काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएगी। इन विषयों में हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, भौतिक, रसायन, जीवविज्ञान, राजनीति शास्त्र, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और वाणिज्य जैसे मुख्य विषय शामिल हैं। यह निर्णय सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत राज्य के शिक्षकों को उनके कार्य, वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर समय पर पदोन्नति और अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि विगत एक वर्ष में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला एवं संभाग स्तर पर लगभग 7000 पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही संपन्न की गई है। इसके साथ ही, 2621 सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) की सीधी भर्ती काउंसिलिंग के माध्यम से की गई, जिससे स्कूलों में प्रयोगात्मक शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

इससे पूर्व दिनांक 30 अप्रैल 2025 को लगभग 2900 प्राचार्यों के पदोन्नति आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। आने वाले दिनों में पदोन्नत टी संवर्ग के प्राचार्यों की पदस्थापना भी काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और स्थान-आवश्यकता के आधार पर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

ई संवर्ग के प्राचार्यों का प्रकरण माननीय न्यायालय में लंबित है।  माननीय न्यायालय के निर्णयानुसार समयबद्ध रूप से आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

 

सरायपाली/ग्राम भीखापाली में मारपीट प्रकरण: दोनों पक्षों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

सरायपाली/ग्राम भीखापाली में मारपीट प्रकरण: दोनों पक्षों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

महासमुंद थाना सरायपाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भीखापाली में दो पक्षों के बीच विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया, जिसके चलते दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। घटना 22 जुलाई की रात लगभग 11 बजे की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम भीखापाली निवासी रंजन जांगड़े ने शिकायत दर्ज कराई कि वह गांव के उपसरपंच हैं और त्यौहार संबंधी मीटिंग के बाद अपने साथी शान्तनु पटेल को ग्राम कोकड़ी छोड़ने जा रहे थे। इस दौरान गांव में अनुप कुमार भोई और धीरज मरकाम ने रास्ते में अपनी ब्रेजा कार खड़ी कर दी थी। वाहन हटाने की बात कहने पर दोनों ने रंजन को गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी दी और हाथ मुक्कों से मारपीट की। शिकायत में यह भी कहा गया कि लात मारकर प्राइवेट पार्ट में चोट पहुंचाई गई, जिससे उन्हें गंभीर दर्द हुआ।

वहीं दूसरी ओर, अनुप कुमार भोई ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि जब वे रात को सांकरा से एसी फिटिंग का काम कर वापस लौट रहे थे, तब रास्ते में एक वाहन खड़ा होने से ट्रैफिक बाधित हुआ। इसी दौरान रंजन जांगड़े और उनके साथी भदरथी ने उनके साथ गाली गलौच करते हुए मारपीट की। अनुप कुमार ने आरोप लगाया कि मारपीट से उनकी बाई आंख में गंभीर चोट आई है और दिखाई देना बंद हो गया है। साथ ही दाहिने हाथ की कलाई में भी चोट पहुंची है।

पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर केस क्रमांक 0186/25 और 0187/25 दर्ज किया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296, 3(5), और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

छत्तीसगढ़ : नैनो डीएपी से किसानों को प्रति एकड़ 75 रूपए का फायदा अब तक 3 लाख बोतल से अधिक नैनो डीएपी का भंडारण

छत्तीसगढ़ : नैनो डीएपी से किसानों को प्रति एकड़ 75 रूपए का फायदा अब तक 3 लाख बोतल से अधिक नैनो डीएपी का भंडारण

किसानों को नैनो डीएपी का इस्तेमाल करने के तरीके बताए गए, डेमोस्ट्रेशन भी दिए

चालू खरीफ मौसम में खेती किसानी के लिए ठोस डीएपी खाद की कमी को पूरा करने सरकार ने वैकल्पिक खादों की पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था की है। नैनो डीएपी इसका एक बेहतर विकल्प साबित हो रहा है। तरल नैनो डीएपी के उपयोग से किसानों  को प्रति एकड़ धान की फसल में 75 रूपए का फायदा भी हो रहा है। राज्य सरकार के निर्देश पर प्रदेश में इफको कंपनी द्वारा 3 लाख 5 हजार बोतल से अधिक नैनो डीएपी का भंडारण कराया गया है। इसमें से डबल लॉक केंद्रों में 82 हजार 470 बोतल, प्राथमिक सहकारी कृषि साख समितियों में अब तक 1 लाख 41 हजार 389 बोतल और निजी क्षेत्र में 48 हजार बोतल तरल नैनो डीएपी भंडारित है। इफको कंपनी के पास अभी भी 33 हजार बोतल से अधिक नैनो डीएपी शेष बचा है। नैनो डीएपी की आधा लीटर की बोतल सहकारी समितियों में 600 रूपए की दर पर किसानों के लिए उपलब्ध है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान की एक एकड़ फसल में लगने वाली 50 किलो ठोस डीएपी खाद के स्थान पर आधी मात्रा केवल 25 किलो ठोस डीएपी और आधा लीटर की एक बोतल नैनो तरल डीएपी ही पर्याप्त होता है।  एक 50 किलो की ठोस डीएपी की बोरी का रेट 1 हजार 350 रूपए है। जिसकी तुलना में नैनो डीएपी के उपयोग से किसानों को प्रति एकड़ 75 रूपए का फायदा हो रहा है। किसान 25 किलो ठोस डीएपी के साथ आधा लीटर नैनो डीएपी का उपयोग कर रहे हैं। जो कि एक बोरी ठोस डीएपी के बराबर पोषण देता है।

नैनो डीएपी के लिए किसानों को किया गया जागरूक, डेमो देकर इस्तेमाल के तरीके भी सिखाए गए,

राज्य सरकार ने ठोस डीएपी की कमी से किसानों को होने वाली असुविधा को समय रहते समझकर नैनो डीएपी के उपयोग के लिए किसानों को तेजी से जागरूक करने अभियान चलाया। कृषि विभाग के मैदानी अमले, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों की सहायता से किसानों को ठोस डीएपी के साथ नैनो डीएपी का खेतों में इस्तेमाल करने के तरीके बताए गए। कृषि चौपालों और विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से गांव-गांव जाकर किसानों को डेमोस्ट्रेशन देकर नैनो डीएपी का उपयोग करने के बारे में जानकारी दी गई है। कृषि विभाग द्वारा नैनो डीएपी से संबंधित पॉम्पलेट, बैनर, पोस्टर भी सहकारी समितियों में चस्पा कराए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी अमले द्वारा निरंतर खेतों का भ्रमण किया जा रहा है और किसानों को नैनो डीएपी के उपयोग और उसके फायदों के बारे में बताया जा रहा है। इससे किसानों पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो डीएपी का उपयोग कर रहे हैं।

 

 

सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में दुकान के सामने युवक से गाली-गलौज और चप्पल से मारपीट, तीन पर गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज

सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में दुकान के सामने युवक से गाली-गलौज और चप्पल से मारपीट, तीन पर गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज

सिंघोड़ा, महासमुंद, 23 जुलाई 2025।थाना सिंघोड़ा क्षेत्र के खरखरी गांव में दुकान के सामने गाली-गलौज कर चप्पल व थप्पड़ से मारपीट करने, दुकान में तोड़फोड़ तथा जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस संबंध में प्रार्थी निखिल प्रधान (उम्र 17 वर्ष) द्वारा थाना सिंघोड़ा में एक लिखित शिकायत दी गई, जिस पर पुलिस ने संज्ञान लेते हुए तीन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना दिनांक 19 जुलाई 2025 की शाम की है, जब निखिल प्रधान अपने दुकान के पास मौजूद था। तभी पास की दुकान चलाने वाला संदीप विशाल अचानक आकर निखिल से झगड़ा करने लगा और दुकान जलाने का आरोप लगाते हुए गंदी-गंदी गालियां देने लगा। कुछ ही देर में संदीप के भाई प्रदीप विशाल और पिता बंशीधर विशाल भी मौके पर पहुँच गए और तीनों ने मिलकर डेली नीड्स की दुकान में तोड़फोड़ करते हुए निखिल के साथ मारपीट शुरू कर दी।

प्रार्थी निखिल प्रधान ने बताया कि मारपीट के दौरान गाल, पीठ, कान व हाथ पर थप्पड़ और चप्पल से वार किया गया। गला दबाने की कोशिश की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। इस दौरान जब उसका भाई चंद्र प्रधान बीच-बचाव करने आया तो उसे भी मारा गया। घटना को गांव के ही लोकेश्वर प्रधान और मनोज प्रधान ने देखा और बीच-बचाव कर पीड़ितों को छुड़ाया।

थाना सिंघोड़ा पुलिस ने इस मामले में आरोपियों बंशीधर विशाल, संदीप विशाल और प्रदीप विशाल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 296 (गाली गलौच), 115(2) (जान से मारने की धमकी), 351(2) (मारपीट), और 3(5) (अन्य आपराधिक कृत्य) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।