छत्तीसगढ़: किसानों के लिए समितियों में खाद की कोई कमी नहीं खरीफ के लक्ष्य से 94 प्रतिशत खाद का भंडारण, 70 प्रतिशत का वितरण 

छत्तीसगढ़: किसानों के लिए समितियों में खाद की कोई कमी नहीं खरीफ के लक्ष्य से 94 प्रतिशत खाद का भंडारण, 70 प्रतिशत का वितरण

डीएपी की कमी से निपटने तीन लाख बोतल से ज्यादा नैनो डीएपी उपलब्ध

चालू खरीफ मौसम में राज्य ने खेती किसानी के लिए रासायनिक खादें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। राज्य सरकार ने चालू खरीफ मौसम में रासायनिक खादों के निर्धारित लक्ष्य से अभी तक 94 प्रतिशत खादों को भंडारण करा लिया है। इसके साथ ही भंडारित खाद में से 70 प्रतिशत खादों का वितरण भी किसानों को कर दिया गया है। राज्य में युरिया, एनपीके, पोटाश, सुपर फास्फेट जैसी रासायनिक खादें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और किसानों को उनकी मांग अनुसार सरकारी समितियों से लगातार मिल रही है। इस खरीफ मौसम के लिए राज्य में 14 लाख 62 हजार मिट्रिक टन खाद भंडारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य के विरूद्ध अभी तक 13 लाख 78 हजार मिट्रिक टन रासायनिक खादों का भंडारण सरकारी और निजी क्षेत्रों में काराकर किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य में अबतक भंडारित उर्वरकों मंे से किसानों ने 10 लाख 20 हजार मिट्रिक टन का उठाव कर लिया है। ठोस डीएपी की वैश्विक कमी से निपटने के लिए राज्य सरकार ने विकल्प के तौर पर नैनो डीएपी की 3 लाख 5 हजार से अधिक बोतलों को भंडारण भी कराया है। डीएपी की कमी से निपटने के लिए किसानों को कृषि अमले द्वारा मिश्रित खादों के उपयोग की लगातार समझाईश दी जा रही है। इसके साथ ही खाद की काला बाजारी या जामाखोरी कर उचे दामों पर बेचने वालों के खिलाफ भी तेजी से कार्यवाही जारी है।

कृषि अधिकारियांे से जानकारी के अनुसार प्रदेश में चालू खरीफ मौसम के लिए 6 लाख 22 हजार मिट्रिक टन युरिया का भंडारण किया गया है। जिसमें से 4 लाख 87 हाजर मिट्रिक टन युरिया का वितरण अबतक किसानों को किया जा चुका है, जो कि कुल भंडारण का 68 प्रतिशत है। इसी तरह 2 लाख 22 हजार मिट्रिक टन एनपीके के भंडारण के बाद अबतक 1 लाख 70 हजार मिट्रिक टन का वितरण हो चुका है। जो कि भंडारण का 95 प्रतिशत है। राज्य में 77 हजार मिट्रिक टन से अधिक पोटाश और 2 लाख 76 हजार मिट्रिक टन से अधिक सुपर फास्फेट चालू खरीफ में वितरण के लिए भंडारित किये गए है। इनमें से अबतक 90 प्रतिशत लगभग 53 हजार मिट्रिक टन पोटाश और 83 प्रतिशत लगभग 1 लाख 66 हजार मिट्रिक टन सुपर फास्फेट का उठाव किसानों ने कर लिया है।  राज्य में इस वर्ष खरीफ मौसम के लिए 1 लाख 79 हजार मिट्रिक टन से अधिक डीएपी खाद का भंडारण किया गया है। जिसमें से 46 प्रतिशत लगभग 1 लाख 41 हजार मिट्रिक टन का उठाव किसानों ने कर लिया है।

राज्य सरकार के निर्देश पर प्रदेश में इफको कंपनी द्वारा 3 लाख 5 हजार बोतल से अधिक नैनो डीएपी का भंडारण कराया गया है। इसमें से डबल लॉक केंद्रों में 82 हजार 470 बोतल, प्राथमिक सहकारी कृषि साख समितियों में अब तक 1 लाख 41 हजार 389 बोतल और निजी क्षेत्र में 48 हजार बोतल तरल नैनो डीएपी भंडारित है। इफको कंपनी के पास अभी भी 33 हजार बोतल से अधिक नैनो डीएपी शेष बचा है। नैनो डीएपी की आधा लीटर की बोतल सहकारी समितियों में 600 रूपए की दर पर किसानों के लिए उपलब्ध है।

 

रायपुर : संस्कृति में सजीव और निर्जीव सभी के प्रति सम्मान और आभार की भावना: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर : संस्कृति में सजीव और निर्जीव सभी के प्रति सम्मान और आभार की भावना: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

किसानों की खुशहाली और समृद्धि हमारा प्रमुख ध्येय मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ कर रहा है ऐतिहासिक प्रगति: डॉ. रमन सिंह

किसानों की खुशहाली और हरियाली का उत्सव बना मुख्यमंत्री निवास का हरेली तिहार आयोजन

रायपुर सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में आज हरेली पर्व का गरिमामय आयोजन हुआ। त्यौहार मनाने के लिए पूरे परिसर को ग्रामीण परिवेश में सजाया गया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उपस्थित लोगों को  संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की खुशहाली और समृद्धि हमारी सरकार का मुख्य ध्येय है। हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की परंपरा, प्रकृति और खेती-किसानी से जुड़ा ऐसा पर्व है, जो हमें अपने मूल से जोड़ता है। आज पूरा छत्तीसगढ़ हरेली की खुशी में डूबा है। मुख्यमंत्री निवास में भी यह पर्व पूरे उल्लास और पारंपरिक तरीके से मनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक हरेली को मनाने का अपना-अपना अंदाज है। लेकिन सभी जगह इसका रंग एक ही है, आस्था और उत्साह एक ही है। जिस तरह प्रकृति हमारा ख्याल रखती है, उसी तरह हमें भी प्रकृति का ख्याल रखना चाहिए।  हरेली केवल खेती-किसानी का त्यौहार नहीं है, बल्कि यह अपनी धरती की हरियाली और प्रकृति पूजा का भी त्यौहार है। छत्तीसगढ़ महतारी की कृपा हम सब पर बरसाती रहे और सभी किसान भाई खुशहाल रहें। यही मंगल कामना है

उन्होंने कहा कि श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तय कर ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। हम सभी ने 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का सपना देखा है और इसके लिए  हमने अपना विजन डॉक्यूमेंट भी बनाया है। हमारी सरकार राज्य से भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रयास कर रही है।

हरेली त्योहार पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और किसान जीवन का उत्सव है। इस पावन अवसर पर मैं प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ। यह त्योहार प्रकृति, कृषि और पशुधन से जुड़े हमारे जीवन मूल्यों की गूंज है। उन्होंने कहा कि ऐसा विश्वास है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती स्वयं धरती पर आकर किसानों के बीच उपस्थित होते हैं और उनके खेतों का निरीक्षण करते हैं। यही कारण है कि इस दिन किसान अपने कृषि यंत्रों, हल-बैल और खेत-खलिहानों की पूजा करते हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ कृषि के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति कर रहा है। किसानों को समर्थन मूल्य पर धान खरीद और  विभिन्न योजनाओं में 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। यह हिंदुस्तान में किसी भी राज्य द्वारा किसानों के लिए किया गया सबसे बड़ा कार्य है। यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ में एक ऐसा मुख्यमंत्री है, जो केवल घोषणाएं नहीं करता, बल्कि धरातल पर किसानों के पसीने की कीमत चुका रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा,  स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा,  महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायकगण, निगम मंडल आयोग के अध्यक्ष सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।

सरायपाली/फूलझर कन्या छात्रवास मे फूलझर अघरिया समाज विकास समिति बसना के तत्वाधान मे बैठक रखी गई

सरायपाली/फूलझर कन्या छात्रवास  मे फूलझर अघरिया समाज विकास समिति बसना के तत्वाधान मे बैठक रखी गई

आज दिनांक 24-07-2025 को फूलझर कन्या छात्रवास सरायपाली मे फूलझर अघरिया समाज विकास समिति सरायपाली बसना के तत्वाधान मे बैठक रखी गई जिसमें दिनांक 27-7-2025 को समय 1 बजे नवनिर्मित डोम के लोकार्पण कार्यक्रम मे पधार रहे अतिथि माननीय श्री अरुण साव उप मुख्य मंत्री छत्तीसगढ़ शासन एवं माननीय श्री ओपी चौधरी वित्त मंत्री छ. ग. शासन श्रीमती रुपकुमारी चौधरी सांसद महासमुंद श्रीमती उषा पटेल राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय अघरिया समाज श्रीमती चातुरी नंद विधायक सराईपाली के स्वागत एव लोकार्पण के संबंध में विस्तृत चर्चा किया गया जिसमे अधिक से अधिक संख्या में सामाजिक लोगों को उपस्थित होने का अपील किया गया।

उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री गंगाराम पटेल (अध्यक्ष) द्वारा किया गया ।उक्त बैठक में प्रमुख रूप से केंद्रीय महासचिव श्री कामता पटेल श्री खेमराज पटेल श्री ओमप्रकाश चौधरी श्री महेंद्र नायक श्री संत कुमार पटेल श्री कन्हैयालाल पटेल श्री हरेकृष्ण नायक श्री पुरुषोत्तम पटेल श्री धर्मेंद्र चौधरी श्री मनभजन पटेल श्री अरुण कुमार नायक श्री रूपानंद पटेल श्री सुनील पटेल श्रीमति तारेश्वरी नायक श्रीमती सावित्री पटेल श्रीमती विलेश पटेल श्रीमती दीपिका चौधरी श्री शोभाराम पटेल श्री श्यामलाल पटेल श्री रूपलाल नायक श्री भोलानाथ नायक श्री बलिराम पटेल श्री गंगाधर पटेल श्री अमिताब चौधरी श्री विजय पटेल श्री नरसीह चौधरी श्रीश्यामलाल पटेल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे

महासमुंद/परिवारिक विवाद में मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी, रिपोर्ट दर्ज

महासमुंद/परिवारिक विवाद में मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी, रिपोर्ट दर्ज

गढसिवनी। थाना तुमगांव क्षेत्र के वार्ड नं. 03 शिकारी पारा निवासी एक किसान ने अपने बेटों पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि दिनांक 22 जुलाई 2025 की रात करीब 8:30 बजे उसका बड़ा बेटा ईश्वर साहू अपनी पत्नी के साथ विवाद कर रहा था। प्रार्थी ने उसे रोकने की कोशिश की, तभी उसका मंझला बेटा महेन्द्र साहू वहां पहुंच गया और मां-बहन की गंदी गालियां देने लगा। उसने प्रार्थी और उसकी पत्नी गिरजा बाई साहू को जान से मारने की धमकी दी तथा हाथ मुक्कों से मारपीट की।

प्रार्थी के अनुसार, महेन्द्र साहू ने उसका गला दबा दिया, जमीन पर गिराने के बाद लातों से मारपीट की, जिससे उसके बाएं हाथ, कोहनी, कमर, कुल्हा और गले में चोट आई। उसकी पत्नी को भी दाएं हाथ की कोहनी, गर्दन व बाएं कुल्हे पर चोट आई है।

घटना का प्रत्यक्षदर्शी प्रार्थी का बड़ा बेटा ईश्वर प्रसाद साहू और बहु संतोषी साहू हैं, जिन्होंने बीच-बचाव किया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर 115(2)-BNS, 296-BNS, 351(3)-BNS की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

महासमुंद /सांकरा थाना क्षेत्र में भंडारे के दौरान मारपीट, जान से मारने की धमकी

महासमुंद /सांकरा थाना क्षेत्र में भंडारे के दौरान मारपीट, जान से मारने की धमकी

महासमुंद। सांकरा थाना क्षेत्र के कंचनपुर गांव में सामाजिक भंडारे के दौरान गाली-गलौज और मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित कामदेव सिदार (59 वर्ष), पिता सेतराम सिदार, निवासी कंचनपुर, 23 जुलाई 2025 को गांव में आयोजित सामाजिक भंडारे में सब्जी बांट रहे थे। इस दौरान बोधराम चौहान ने अधिक सब्जी की मांग की, जिस पर मना करने से बोधराम चौहान, शुभराम चौहान और मुकेश चौहान ने एक राय होकर गाली-गलौज कर दी और जान से मारने की धमकी देते हुए मारपीट की।

आरोप है कि बोधराम ने हाथ में डंडा लेकर हमला किया, जबकि शुभराम और मुकेश ने हाथ-मुक्कों से पीड़ित को मारा, जिससे उनके बाएं कान में चोट लगी और खून निकलने लगा। घटना के प्रत्यक्षदर्शी मानसिंग सिदार और मोहन सिदार ने बीच-बचाव किया।

पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर धारा 115(2)-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 351(2)-BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रायपुर : मुख्यमंत्री निवास में हरेली उत्सव: दिखी परंपरा और प्रगति की अनूठी झलक

रायपुर : मुख्यमंत्री निवास में हरेली उत्सव: दिखी परंपरा और प्रगति की अनूठी झलक

पारंपरिक-आधुनिक कृषि यंत्रों, लोक वेशभूषाओं की आकर्षक प्रदर्शनी

मुख्यमंत्री ने सराहा, बोले-हरेली प्रकृति के प्रति सम्मान का तिहार

रायपुर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता और कृषि परंपराओं का प्रतीक हरेली तिहार इस वर्ष मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निवास परिसर में अत्यंत हर्षाेल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राज्य की समृद्ध विरासत, पारंपरिक कृषि यंत्रों, लोक परिधानों, खानपान और आधुनिक कृषि तकनीकों का समन्वय एक अद्भुत नजारे के रूप में सामने आया। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी रंग-रूप में सजाया गया था, जहां ग्रामीण परिधान पहने अतिथि, कलाकार और आमजन लोक संस्कृति में रमे हुए नजर आए।

हरेली उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री निवास में परम्परागत और आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी स्थल का भ्रमण कर विभिन्न पारंपरिक यंत्रों और वस्तुओं का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में काठा, खुमरी, झांपी, कांसी की डोरी और तुतारी जैसे ऐतिहासिक कृषि उपकरणों को प्रदर्शित किया गया। कृषि विभाग द्वारा आयोजित आधुनिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी, जिसमें  नांगर, कुदाली, फावड़ा, रोटावेटर, बीज ड्रिल, पावर टिलर और स्प्रेयर जैसे यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। ‘काठा’ वह परंपरागत मापक है जिससे पुराने समय में धान तौला जाता था; ‘खुमरी’ बांस और कौड़ियों से बनी छांव प्रदान करने वाली टोपी है; ‘झांपी’ शादी-ब्याह में उपयोग होने वाली वस्तुएं रखने की बांस से बनी पेटी; ‘कांसी की डोरी’ खाट बुनने में काम आती है और ‘तुतारी’ पशुओं को संभालने में उपयोग होती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि हरेली तिहार केवल पर्व नहीं, बल्कि यह हमारे कृषि जीवन, पशुधन और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी किसानों, युवाओं और आमजनों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रही। मुख्यमंत्री ने इन उपकरणों की जानकारी लेकर कृषि तकनीकी प्रगति की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ की खेती परंपरा और तकनीक के समन्वय से और भी अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनेगी। किसानों को नई तकनीकों की जानकारी देकर हम राज्य की कृषि उत्पादकता को ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम नागरिक, किसान, छात्र और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस आयोजन ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और कृषि नवाचार के अद्वितीय संगम को सजीव रूप में प्रस्तुत किया, जो राज्य की समृद्ध परंपरा और विकासशील सोच का प्रतीक है।

 

रायपुर : मुख्यमंत्री निवास में हरेली उत्सव: छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की खुशबू से सराबोर हरेली तिहार

रायपुर : मुख्यमंत्री निवास में हरेली उत्सव: छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की खुशबू से सराबोर हरेली तिहार

छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्वादों से सजी रही पारंपरिक थाली

ठेठरी, खुरमी, पिड़िया, अनरसा, खाजा, करी लड्डू, मुठिया, गुलगुला भजिया, चीला-फरा, बरा और चौसेला में जीवंत की छत्तीसगढ़ी पाक शैली

रायपुर, छत्तीसगढ़ की धरती पर जब भी कोई त्योहार आता है, तो वह केवल धार्मिक या सांस्कृतिक उत्सव भर नहीं होता, बल्कि वह जीवनशैली, परंपरा, स्वाद और सामाजिक सौहार्द का पर्व बन जाता है। इसी श्रृंखला में प्रदेश के प्रमुख कृषि पर्व हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निवास में पारंपरिक स्वादिष्ट छत्तीसगढ़ी व्यंजनों ने सभी अतिथियों का मन मोह लिया। प्रदेश की अतुलनीय पाक परंपरा को जीवंत करते हुए यहां आगंतुकों के स्वागत के लिए विशेष रूप से ठेठरी, खुरमी, पिड़िया, अनरसा, खाजा, करी लड्डू, मुठिया, गुलगुला भजिया, चीला-फरा, बरा और चौसेला जैसे दर्जनों पारंपरिक व्यंजनों की व्यवस्था की गई थी।

बांस की सूप, पिटारी और दोना-पत्तल में परोसे गए इन व्यंजनों ने न केवल स्वाद, बल्कि प्रस्तुतीकरण में भी लोकजीवन की आत्मा को उजागर किया। अतिथियों ने गर्मागर्म पकवानों का स्वाद लेते हुए राज्य की पारंपरिक पाककला की मुक्तकंठ से सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं भी इन व्यंजनों का स्वाद चखा और कहा की  हरेली तिहार केवल खेती-किसानी का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारी लोकसंस्कृति, हमारी परंपरा और आत्मीयता की अभिव्यक्ति है। इन पारंपरिक व्यंजनों में हमारी माताओं-बहनों की मेहनत, सादगी और स्वाद की समृद्ध परंपरा छिपी है, जो हमारी असली पहचान है। यह आयोजन न केवल हरेली पर्व की महत्ता को दर्शाता है, बल्कि यह प्रमाणित करता है कि छत्तीसगढ़ की आत्मा उसकी मिट्टी, उसके स्वाद और उसकी परंपराओं में रची-बसी है।

इस अवसर पर परिसर का हर कोना छत्तीसगढ़ी संस्कृति की सौंधी खुशबू से सराबोर था। कहीं ढोल-मंजीरों की थाप पर लोक नृत्य होते दिखे तो कहीं व्यंजनों की खुशबू लोगों को अपनी ओर खींचती रही। परंपरागत वेशभूषा में सजे ग्रामीण कलाकारों और सांस्कृतिक प्रस्तुति ने पूरे माहौल को जीवंत और आत्मीय बना दिया। कार्यक्रम में शामिल हुए वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों और आमजनों ने इस आयोजन को एक स्मरणीय सांस्कृतिक अनुभव बताया।

सरायपाली ओम हॉस्पिटल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की सेवाएं उपलब्ध

सरायपाली ओम हॉस्पिटल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की सेवाएं उपलब्ध

सरायपाली। क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ओम हॉस्पिटल, सरायपाली में प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ अग्रवाल (MBBS, D. ORTHO) द्वारा विशेष परामर्श एवं उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है।

डॉ. अग्रवाल प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक एवं शाम 5 बजे से 7 बजे तक उपलब्ध रहते हैं। यहाँ घुटनों का दर्द, गठिया, लिगामेंट की चोट, दौड़ने या सीढ़ी चढ़ने-उतरने में घुटनों की समस्या, कंधे का जाम रहना (फ्रोजन शोल्डर) एवं जोड़ प्रत्यारोपण जैसी समस्याओं का सफलतापूर्वक उपचार किया जाता है।

ओम हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड एवं इंश्योरेंस से इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही ओडिशा के मरीजों के लिए भी बीजू कार्ड की सुविधा दी जा रही है।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि हर गुरुवार को नि:शुल्क परामर्श शिविर आयोजित किया जाता है।

संपर्क हेतु: ओम हॉस्पिटल, सरायपाली (छ.ग.)

फ़ोन: 07725-299360

मोबाइल: 83700-08558

सरायपाली / नवोदय विद्यालय कक्षा 6वीं प्रवेश परीक्षा 2026 हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 29 जुलाई, परीक्षा 13 दिसंबर को

सरायपाली / नवोदय विद्यालय कक्षा 6वीं प्रवेश परीक्षा 2026 हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 29 जुलाई, परीक्षा 13 दिसंबर को

नवोदय विद्यालय समिति द्वारा कक्षा 6वीं में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश हेतु आवेदन प्रक्रिया जारी है। इच्छुक अभिभावक एवं विद्यार्थी आधिकारिक वेबसाइट navodaya.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

नवोदय विद्यालय में प्रवेश पाने का यह सुनहरा अवसर उन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए है जो गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं ।

आवेदन की अंतिम तिथि – 29 जुलाई 2025

प्रवेश परीक्षा तिथि – 13 दिसंबर 2025 (शनिवार)

प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए विद्यार्थी का जन्म 1 मई 2014 से 31 जुलाई 2016 के बीच होना अनिवार्य है। साथ ही, विद्यार्थी वर्तमान में किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 5वीं में अध्ययनरत होना चाहिए।

अभिभावकों से अनुरोध है कि वे समय रहते आवेदन करें ताकि उनके बच्चे इस प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश पा सकें।

बसना अग्रवाल नर्सिंग होम में यूरोलॉजी कैम्प – 25 जुलाई 2025 शाम 5 बजे से

बसना अग्रवाल नर्सिंग होम में यूरोलॉजी कैम्प – 25 जुलाई 2025 शाम 5 बजे से

बसना (जिला महासमुंद)। अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना में शुक्रवार 25 जुलाई 2025 को शाम 5 बजे से यूरोलॉजी कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इस कैम्प में मूत्र एवं पथरी की जांच, परामर्श और ऑपरेशन की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

विशेषज्ञ डॉ. योगेश बारापात्रे (MBBS, MS, MCh – यूरो सर्जन) द्वारा परामर्श व उपचार प्रदान किया जाएगा।

उपलब्ध सुविधाएं:

किडनी की पथरी का सम्पूर्ण इलाज एवं सर्जरी

प्रोस्टेट का इलाज एवं सर्जरी

किडनी में सूजन एवं सिकुड़न का इलाज

पुरुषों में बांझपन व नपुंसकता का उपचार

मूत्रनली में अवरोध या संक्रमण का इलाज

किडनी, प्रोस्टेट और टेस्टिस के कैंसर का इलाज

पेशाब में रुकावट, लीक होना या खून आने का उपचार

पीडियाट्रिक यूरोलॉजी सेवाएं

इमरजेंसी यूरोलॉजी सेवाएं – ट्रामा से लेकर किडनी में यूरिन ब्लॉकेज तक

जांच शुल्क: मात्र ₹700

राशन या आयुष्मान कार्ड द्वारा किडनी, मूत्र रोग, प्रोस्टेट व पथरी के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही सीटी स्कैन और एक्स-रे जांच पर 50% की छूट दी जाएगी।

पंजीकरण की अंतिम तिथि: 24 जुलाई 2025

स्थान: अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना, जिला महासमुंद (छ.ग.) संपर्क: 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100