महासमुंद श्रमिक महासम्मेलन में जिले के 550 श्रमिक हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित

महासमुंद श्रमिक महासम्मेलन में जिले के 550 श्रमिक हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित

 

महासमुन्द/ छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष एवं भगवान विश्वकर्मा जयंती के पावन पर्व पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में श्रमिक महासम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। महासम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा एक लाख 84 हजार 220 से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को लाभान्वित किया गया।

महासमुंद जिले से महासम्मेलन में शामिल होने सभी हितग्राहियों को 10 बसों के माध्यम से महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र ने बताया कि कार्यक्रम में महासमुंद जिले के श्रम विभाग में पंजीकृत 550 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से इस अवसर पर लाभान्वित किया गया।

महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने दिव्यांगजन एवं वरिष्ठजन चिन्हांकन शिविर का किया शुभारम्भ 52 हितग्राहियों का पंजीयन कर किया गया चिन्हांकन 

महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने दिव्यांगजन एवं वरिष्ठजन चिन्हांकन शिविर का किया शुभारम्भ 52 हितग्राहियों का पंजीयन कर किया गया चिन्हांकन

 

महासमुन्द/ रजत जयंती महोत्सव अंतर्गत सेवा पखवाड़ा 2025 का आज से शुभारंभ हो गया। सेवा पखवाड़ा 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक आयोजित किया जाएगा। इसी कड़ी में समाज कल्याण विभाग द्वारा आज जिला चिकित्सालय खरोरा, महासमुन्द में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठजनों के सम्मान हेतु प्रमाणीकरण, नवीनीकरण, मूल्यांकन एवं चिन्हांकन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने द्वीप प्रज्वलित कर किया। तत्पश्चात् उन्होंने सेवा पखवाड़ा 2025 स्टॉल का अवलोकन किया। इस अवसर नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी, बास्केट बॉल संघ के जिलाध्यक्ष श्री प्रदीप चंद्राकर, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह एवं संयुक्त संचालक, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक श्री बंसत माहेश्वरी मौजूद थे।

अवलोकन के दौरान विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा के अनुशंसा पर कुर्मीपारा निवासी अस्थिबाधित दिव्यांगजन श्री अश्विनी कुमार चन्द्राकर को समाज कल्याण विभाग द्वारा मौके पर ही विधायक श्री सिन्हा के हाथों मोटराइज्ड ट्रायसायकल सौंपा गया।

शिविर में कुल 52 हितग्राहियों का पंजीयन कर उन्हें लाभान्वित करने हेतु चिन्हांकित किया गया। यह शिविर समाज कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से जिला प्रशासन के मार्गदर्शन तथा उप संचालक श्रीमती संगीता सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की नोडल अधिकारी श्रीमती सुनिता तिर्की, शाखा प्रभारी श्री ए.पी. द्विवेदी, जनपद पंचायत महासमुंद के समाज शिक्षा संगठक श्री हेमराज सोनबेर सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

CG Maoist News: माओवादियों की एक और कायराना करतूत, मुखबिरी का आरोप लगाकर ग्रामीण की हत्या

CG Maoist News: माओवादियों की एक और कायराना करतूत, मुखबिरी का आरोप लगाकर ग्रामीण की हत्या

 

बीजापुर: जिले के थाना जांगला अंतर्गत ग्राम बेंचरम में माओवादियों ने एक ग्रामीण की धारदार हथियार से हत्या कर दी है। यह घटना 16-17 सितंबर की दरमियानी रात को हुई। पुलिस के अनुसार मृतक दशरू राम ओयाम (36) को माओवादी उसके घर से बाहर निकालकर ले गए। माओवादियों ने दशरू पर पुलिस के लिए मुखबिरी करने का आरोप लगाया और टांगी से हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।

इस कायराना हरकत की सूचना मिलते ही जांगला थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

बता दें कि इस साल माओवादियों ने “शिक्षा दूत” कहे जाने वाले कम से कम छह शिक्षकों की हत्या की है। इनमें से तीन हत्याएं तो केवल पिछले 15 दिनों में हुई हैं। माओवादी इन शिक्षकों को पुलिस का मुखबिर होने के शक में निशाना बना रहे हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार इस साल अब तक बस्तर संभाग के 7 जिलों में माओवादी हिंसा में लगभग 25 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें ग्रामीणों की हत्याएं भी शामिल हैं। इसके अलावा, पिछले साल बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा की विभिन्न घटनाओं में 68 आम नागरिकों की मृत्यु हुई थी।

गौरतलब है कि एक तरफ केंद्रीय माओवादी संगठन की ओर से पत्र जारी कर शांति वार्ता और संघर्ष विराम की बात कही जा रही है। वहीं दूसरी ओर लगातार निर्दोष ग्रामीणों और शिक्षा दूतों को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस पत्र को लेकर सतर्कता बरतने की बात कही है। गृह मंत्री ने पत्र को संदिग्ध बताया है।

महासमुंद माता बहादुर कलारिन सम्मान एवं वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कार हेतु 26 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित

महासमुंद माता बहादुर कलारिन सम्मान एवं वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कार हेतु 26 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित

 

महासमुंद/ छत्तीगढ शासन द्वारा महिलाओ के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष नारी उत्थान हेतु अभूतपुर्व कार्य करने वाली राज्य की महिलाओं को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से प्रतिवर्ष माता बहादुर कलारिन सम्मान एवं महिलाओ विशेष कर वीरता, शौर्य साहस तथा महिलाओं में आत्मबल का सशक्त करने के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली राज्य की महिलाओं को प्रतिवर्ष वीरागंना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरूस्कार प्रदान किया जाना है। इसके तहत एक महिला को 2 लाख रुपये की राशि तथा प्रशस्ति पट्टिका सम्मान के रूप से प्रदान किये जाने का प्रावधान है।

पुरस्कार हेतु निर्धारित आवेदन पत्र महिला बाल विकास विभाग महासमुंद से संपर्क कर प्राप्त कर सकते हैं। निर्धारित आवेदन पत्र आवेदन कर्ता अपनी व्यक्तिगत प्रोफाइल सहित 26 सितम्बर 2025 तक शाम 05 बजे तक कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं।

महासमुंद आदि सेवा पर्व के अवसर पर जिले में 308 आदि सेवा केन्द्रों का शुभारम्  बनेंगे योजनाओं के क्रियान्वयन का केन्द्र

महासमुंद आदि सेवा पर्व के अवसर पर जिले में 308 आदि सेवा केन्द्रों का शुभारम्  बनेंगे योजनाओं के क्रियान्वयन का केन्द्र

 

महासमुंद/ जनजातीय समुदायों के उत्कर्ष एवं सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित अभियान आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आज जिले में आदि सेवा केंद्रों को शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिले के 308 ग्रामों में ग्राम पंचायत मुख्यालय एवं अन्य शासकीय स्थानों पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिकों की उपस्थिति में आदि सेवा केन्द्रों का शुभारम्भ किया गया। महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम डूमरपाली में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में सेवा केन्द्र का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास शिल्पा साय, सीईओ जनपद पंचायत महासमुंद बी एस मंडावी, खंड प्रभारी आदिवासी विकास महेंद्र टंडन, जिला मास्टर ट्रेनर निलेश खांडे, सभापति जनपद पंचायत महासमुंद श्री बलविंदर सिंह एवं सरपंच ग्राम पंचायत डुमरपाली श्रीमती यमुना ठाकुर मौजूद थे।

इस दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से अभियान के उद्देश्य एवं सेवा केन्द्र की स्थापना के संबंध में चर्चा की। उन्होंने ग्राम की स्थिति एवं विकास हेतु आवश्यक चर्चा करते हुए ग्राम में स्वच्छता कार्य हेतु कचरा संग्रहण एवं प्रबंधन पर चर्चा की तथा कमाने खाने बाहर जाने के कारण बच्चों की पढ़ाई लिखाई प्रभावित होती होती है, इसलिए पढ़ने लिखने वाले बच्चों का पलायन न हो इस पर समझाईश दी। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण एवं प्रशासन दोनों एक ही विकास की गाड़ी के दो पहिए है दोनों को साथ मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने आदि सेवा अभियान अंतर्गत विकास योजना बनाने में महिलाओं की विशेष भागीदारी पर जोर दिया। ग्राम के सभी आवश्यक मांगों को एक्शन प्लान में शामिल करने एवं 2 अक्टूबर के विशेष ग्राम सभा में विलेज एक्शन प्लान को अनुमोदन करने सभी को बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया। उल्लेखनीय है कि आदि सेवा पर्व एवं सेवा पखवाड़ा अंतर्गत इन केन्द्रों का शुभारम्भ किया गया। यह केन्द्र पंचायत भवन या अन्य सामुदायिक भवन में लगेगा। यहां ग्राम विकास की योजनाएं बनाई जा सकेगी एवं योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आदि कर्मयोगियों के साथ रणनीति बनाई जा सकेगी

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महासमुंद सेवा पखवाड़ा एवं विकसित भारत पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का विधायक श्री सिन्हा ने किया शुभारंभ

महासमुंद सेवा पखवाड़ा एवं विकसित भारत पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का विधायक श्री सिन्हा ने किया शुभारंभ

 

महासमुंद/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आज कलेक्ट्रेट परिसर में आदि सेवा पर्व, सेवा पखवाड़ा एवं विकसित भारत की संकल्पना पर आधारित भव्य छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का शुभारम्भ महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने किया। इस अवसर पर नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्री पवन पटेल, जिला बास्केट बॉल संघ के जिलाध्यक्ष श्री प्रदीप चंद्राकर, पार्षद श्री पीयूष साहू, धनेश्वरी सोनवानी, श्री माखन पटेल, पूर्व पार्षद श्री राजू चन्द्राकर, श्री शरद मराठा, श्री रमेश साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह एवं जनसम्पर्क अधिकारी श्री पोषण साहू ने अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रदर्शनी का अवलोकन कराया।

छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन जनसंपर्क विभाग द्वारा किया गया। जिसमें प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की विकसित भारत की संकल्पना, सेवा कार्यों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प और उनके जीवन की प्रेरणादायक यात्रा एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को छायाचित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में श्री मोदी के बचपन, उनकी शिक्षा, देशभक्ति, तथा प्रधानमंत्री के रूप में उनके द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों की झलक को सजीव चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है।

इस अवसर पर विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल एक दृश्य प्रस्तुति नहीं है, बल्कि यह विकसित भारत की परिकल्पना की नींव है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है, और इसके लिए हर नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने इस प्रदर्शनी को केंद्र सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं और विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में एक सार्थक पहल बताया। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री श्री मोदी के दृढ़ संकल्पों, मजबूत फेसलों और एक राष्ट्र, एक लक्ष्य की झलक दिखाई देती है। उनके बचपन से आज तक के सफर को फोटो के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

प्रदर्शनी में मोदी जी के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को खूबसूरती से उकेरा गया है, जैसे उनका बचपन, देशभक्ति की भावना, उनके संघर्षों की कहानी, मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बनने की यात्रा, और उनके द्वारा देश के विकास के लिए उठाए गए कदम।

उपलब्धियों में डिजिटल हुई पहचान, डिजिटल से भुगतान, छत्तीसगढ़ को मिली सौगात, शिक्षा का एक नया अध्याय, एक पेड़ मां के नाम, जल शक्ति, आतंकवाद का मुंह तोड़ जवाब, अंतरिक्ष शक्ति, वर्षो का अंधेरा छटा घर-घर में सूरज उगा और हर गरीब के सिर पर हो अपनी छत जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया है। छायाचित्र प्रदर्शनी के साथ-साथ जनसंपर्क विभाग की पत्रिका जनमन का निःशुल्क वितरण भी किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, आम नागरिक सहित विद्यार्थीगण, अधिकारी-कर्मचारी, समूह की महिलाएं, युवाओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

छत्तीसगढ़ : दृष्टिहीन बच्चों को 20 लाख की सौगात, आंगनबाड़ी व्यवस्थाओं पर सख्ती मंत्री श्रीमती राजवाड़े का सरगुजा संभाग दौरा

छत्तीसगढ़ : दृष्टिहीन बच्चों को 20 लाख की सौगात, आंगनबाड़ी व्यवस्थाओं पर सख्ती मंत्री श्रीमती राजवाड़े का सरगुजा संभाग दौरा

 

छत्तीसगढ़ मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के दौरे पर पहुँचीं महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने एक ही दिन में संवेदनशीलता और सख़्ती दोनों का परिचय दिया। नेत्रहीन एवं दिव्यांग बच्चों को जहाँ उन्होंने 20 लाख रुपये की सौगात दी, वहीं विभागीय समीक्षा बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की लापरवाही पर अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए।

आमाखेरवा स्थित नेत्रहीन एवं विकलांग शिक्षण-प्रशिक्षण विद्यालय पहुँचकर मंत्री राजवाड़े का पारंपरिक स्वागत हुआ। बच्चों ने संगीत और कला प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर संस्था ने भवन मरम्मत, भरण-पोषण व कर्मचारियों के मानदेय सहित कई मांगें रखीं।

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चे समाज की असली धरोहर हैं, इनके भविष्य को संवारना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।उन्होंने तत्काल 20 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत करने की घोषणा की और अन्य मांगों पर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की नींव हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि,सभी आंगनबाड़ी केंद्र समय पर खुलें और बंद हों।केंद्रों में स्वच्छता सर्वाेच्च प्राथमिकता हो ताकि किसी प्रकार का खतरा न हो।बच्चों के भोजन में पौष्टिकता का विशेष ध्यान रखा जाए, मुनगा पत्ती को सप्ताह में 2-4 बार अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।साथ ही उन्होंने सुपरवाइजरों को चेतावनी दी कि निरीक्षण में लापरवाही पाई गई तो जवाबदेही तय होगी।

बैठक में मंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महतारी वंदन योजना और महिला कोष ऋण योजनाओं के सही क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इनका लाभ केवल पात्र हितग्राहियों तक पहुँचना चाहिए।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब हम बच्चों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएँगे। सरकार की हर योजना का असली लाभ सबसे अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचना ही हमारी प्रतिबद्धता है।

इस दौरान कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री यशवंती सिंह, सीईओ सुश्री अंकिता सोम शर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

 

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी

छत्तीसगढ़ : सितंबर के मध्य में भी मानसून की सक्रियता बनी हुई है। मौसम विभाग ने बुधवार को छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी है। विशेषकर उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर से मिली जानकारी के अनुसार, बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। सरगुजा और बिलासपुर संभाग के कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। दुर्ग में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस जबकि राजनांदगांव में न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग की माने तो, खड़गांव, चांदी, चित्रेड़ी और मिहनीडीह में सात सेमी, पिथौरा और बलौद में 5 सेमी से अधिक बारिश हुई।

बना हुआ है सिस्टम

मौसम विभाग ने बताया कि वर्तमान में एक ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी झारखंड में 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक सक्रिय है। वहीं, दूसरा चक्रवाती सिस्टम पूर्वी विदर्भ में 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इन दोनों प्रणालियों के असर से प्रदेश में बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बारिश होगी।

यहां के लिए अलर्ट

महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है।

वहीं, बीजापुर, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव और गरियाबंद में भी मध्यम बारिश हो सकती है।

रायपुर का मौसम

राजधानी में बुधवार को आसमान सामान्यत: मेघमय रहेगा और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ नाबालिग साबित हुआ 24 साल पुराने दुष्कर्म मामले का आरोपी, Chhattisgarh HC ने सजा रद्द करते हुए सुनाया यह फैसला

छत्तीसगढ़ नाबालिग साबित हुआ 24 साल पुराने दुष्कर्म मामले का आरोपी, Chhattisgarh HC ने सजा रद्द करते हुए सुनाया यह फैसला

 

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 24 साल पुराने दुष्कर्म केस में आरोपी की 7 साल की सजा रद्द कर दी है। जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की बेंच ने कहा कि घटना के समय आरोपी 16 साल 8 माह का नाबालिग था, इसलिए केस किशोर न्याय बोर्ड को भेजा जाता है। बोर्ड को छह माह में निर्णय देने के निर्देश दिए गए हैं।

हाई कोर्ट में की अपील

सजा के खिलाफ आरोपी ने हाई कोर्ट में अपील दायर की। सुनवाई के दौरान उसने दावा किया कि घटना के समय वह नाबालिग था। बचाव पक्ष ने स्कूल रिकॉर्ड भी पेश किया, जिसके अनुसार उसकी जन्मतिथि 15 अक्टूबर 1984 है। इस हिसाब से घटना के दिन उसकी उम्र 16 साल 8 महीने 19 दिन थी।

घटना 3-4 जुलाई 2001 की रात रतनपुर क्षेत्र के एक गांव की है। पीड़िता 15 वर्ष की किशोरी थी। आरोपी उसका रिश्ते में मौसेरा भाई है। घटना की रात वह पीड़िता के घर में रुका था। देर रात उसने जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया। अगले दिन पीड़िता ने स्वजन को पूरी बात बताई। फिर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। अपराध सिद्धि पर सेशन कोर्ट ने 29 अप्रैल 2002 को आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(1) के तहत 7 साल सश्रम कारावास और 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

हाई कोर्ट ने दिया यह फैसला

जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की एकलपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के हरीराम बनाम राजस्थान राज्य और भारत भूषण बनाम दिल्ली सरकार व अन्य मामलों के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अपराध की तारीख पर उम्र देखी जाती है, न कि सजा सुनाए जाने की तारीख पर। अदालत ने माना कि आरोपी नाबालिग था और उसे किशोर न्याय अधिनियम, 2000 का लाभ मिलना चाहिए। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला रद करते हुए केस को किशोर न्याय बोर्ड बिलासपुर को भेजने का निर्देश दिया।

बोर्ड को आदेश दिया गया कि वह आरोपी की उम्र, अब तक बिताई गई जेल अवधि (करीब डेढ़ साल) और वर्तमान परिस्थितियों, जिनमें यह तथ्य भी शामिल है कि आरोपी और पीड़िता अब अलग-अलग परिवारों में शादीशुदा हैं और उनके बच्चे भी हैं, उनको देखते हुए छह महीने में अंतिम निर्णय दे। हाई कोर्ट ने आरोपी की जमानत बरकरार रखी है। उसे 8 अक्टूबर 2025 को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश होना होगा।

छत्तीसगढ़ दुष्कर्म के आरोप में फंसे DSP ने दो दिन पहले ही की थी Honeytrap की शिकायत, महिला पर ब्लैकमेल करने का आरोप

छत्तीसगढ़ दुष्कर्म के आरोप में फंसे DSP ने दो दिन पहले ही की थी Honeytrap की शिकायत, महिला पर ब्लैकमेल करने का आरोप

 

छत्तीसगढ़: बलरामपुर जिले में पदस्थ डीएसपी याकूब मेमन पर महिला ने दुष्कर्म और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। वहीं अफसर ने भी महिला पर आर्थिक मदद के नाम पर नजदीकियां बढ़ाने और मकान हड़पने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

डीएसपी ने महिला के खिलाफ 12 सितंबर को ही सरगुजा आइजी से शिकायत की थी। आवेदन में कहा गया है कि महिला उन्हें हनीट्रैप किया है। टिकरापारा थाने में डीएसपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच शुरू कर दी है।

पीड़िता का यह है आरोप

पीड़िता का आरोप है कि रायपुर पोस्टिंग के दौरान याकूब मेमन ने उसका दुष्कर्म किया और वीडियो बनाकर धमकाता रहा। महिला का कहना है कि वह टिकरापारा स्थित उनके मकान में किराए से रहती थी। याकूब मेमन के बलरामपुर पदस्थ रहने के दौरान भी वह संपर्क में रही।

डीएसपी ने यह आरोप लगाए

डीएसपी याकूब मेमन ने जो शिकायत की है उसके अनुसार महिला ने पहले आर्थिक मदद मांगी और फिर जानबूझकर नजदीकियां बढ़ाई। पति के इलाज के दौरान जान पहचान हुई थी। उन्होंने दावा किया कि महिला ने वीडियो कॉल के दौरान उनका अर्धनग्न स्क्रीनशाट लेकर ब्लैकमेल करना शुरू किया। अब तक डेढ़ लाख रुपये वसूल चुकी है और मकान अपने नाम करवाने का दबाव बना रही थी। जब उन्होंने मना किया तो महिला ने झूठा केस दर्ज कराने की धमकी दी।

यह है मामला

बता दें कि आरोपी याकूब मेमन को उनकी बेदाग छवि और वीरता के लिए 2021 में राष्ट्रपति वीरता पदक और पुलिस सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया था। पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि याक़ूब मेमन ने उसके साथ जबरन रेप किया और उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया। इसी वीडियो का इस्तेमाल कर वह उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था।

महिला ने इस मामले की शिकायत सबसे पहले रायपुर पुलिस के टिकरापारा थाने में की थी, लेकिन कथित तौर पर कई बार शिकायत के बावजूद रायपुर पुलिस ने एफआइआर दर्ज नहीं की। इसके बाद, न्याय की गुहार लगाते हुए महिला सीधे सरगुजा आइजी के पास पहुंची।

बताया जाता है कि महिला ने आइजी के निवास पर पहुंचकर आत्महत्या करने की धमकी भी दी थी, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई। आइजी ने तुरंत इस मामले का संज्ञान लिया और सरगुजा पुलिस को याकूब मेमन के खिलाफ शून्य में एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए।