छत्तीसगढ़ / 500 रूपए से लेकर एक लाख रुपए तक की छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि जानिए कैसे और किनको मिलेगा ये राशि

छत्तीसगढ़ / 500 रूपए से लेकर एक लाख रुपए तक की छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि जानिए कैसे और किनको मिलेगा ये राशि

श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने हेतु राज्य शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना तथा मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत विद्यार्थियों को 500 रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक की छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। इसके लाभ के लिए पंजीकृत श्रमिक परिवार के बच्चे, निर्धारित पात्रता अनुसार च्वाइस सेंटर, लोक सेवा केंद्र या जनपद पंचायतों में संचालित श्रम संसाधन केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। योजना का लाभ केवल उन्हीं श्रमिकों के अध्ययनरत बच्चों को मिलेगा, जिनके श्रमिक पंजीयन 90 दिन से अधिक पुराना है।

मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल से पंजीकृत श्रमिकों के प्रथम दो बच्चों को कक्षा 1 ली से 5वीं तक के छात्र को 1000 रूपए, छात्रा को 1500 रूपए, कक्षा 6वीं से 8वीं तक के छात्र को 1500 रूपए, छात्रा को 2000 रूपए, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र को 2000 रूपए, छात्रा को 3000 रूपए, स्नातक/डिप्लोमा के छात्र को 3000 रूपए, छात्रा को 4000 रूपए, स्नातकोत्तर के छात्र को 5000 रूपए, छात्रा को 6000 रूपए की छात्रवृत्ति दी जाती है।

असंगठित कर्मकार मंडल के अंतर्गत आने वाले श्रमिकों के कक्षा 1 पहली से 5वीं तक के छात्र को 500 रूपए, छात्रा को 750 रूपए, कक्षा 6वीं से 8वीं तक के छात्र को 750 रूपए, छात्रा को 1000 रूपए, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र को 1000 रूपए, छात्रा को 1500 रूपए, स्नातक/डिप्लोमा के छात्र को 1500 रूपए, छात्रा को 2000 रूपए, स्नातकोत्तर के छात्र को 2500 रूपए, छात्रा को 3000 रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र को 5000 रूपए, छात्रा को 5500 रूपए की एकमुश्त सहायता राशि दी जाती है।

इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा में प्रदेश मेरिट सूची के टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि तथा शिक्षा एवं दोपहिया वाहन हेतु एक रूपए लाख रूपए की अतिरिक्त सहायता श्रम विभाग द्वारा प्रदान की जाती है।

छत्तीसगढ़ में स्पॉन्सरशिप योजना बनी बच्चों के भविष्य की मजबूत आधारशिला’

छत्तीसगढ़ में स्पॉन्सरशिप योजना बनी बच्चों के भविष्य की मजबूत आधारशिला’

छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मिशन वात्सल्य (एकीकृत बाल संरक्षण योजना) के अंतर्गत स्पॉन्सरशिप योजना जरूरतमंद बच्चों के जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। विशेष रूप से उन बच्चों के लिए, जो माता-पिता के संरक्षण से वंचित हैं या जिनकी देखरेख और शिक्षा में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, यह योजना आर्थिक सहारा बन रही है।

कोरबा जिले में जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से अब तक 122 बच्चों को इस योजना के तहत शामिल किया गया है। इन सभी बच्चों को प्रतिमाह 4000 रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके अभिभावकों या संरक्षकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जा रही है। यह सहायता राशि बच्चों के पोषण, देखरेख, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मूलभूत जरूरतों की पूर्ति में सहयोग कर रही है।

जिला प्रशासन के नेतृत्व में इस योजना को प्रभावशाली रूप से लागू किया जा रहा है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में और जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी की देखरेख में स्पॉन्सरशिप कमेटी की सक्रिय भूमिका से जरूरतमंद बच्चों को चिह्नित कर उन्हें योजना से जोड़ा गया है।

यह योजना किशोर न्याय अधिनियम और आदर्श नियमों के अनुरूप संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत संस्थागत और गैर-संस्थागत सेवाएं प्रदान की जाती हैं। कोरबा जिले में गैर-संस्थागत सेवाओं के माध्यम से ऐसे बच्चों को उनके परिवार या संरक्षकों के साथ रहकर बेहतर जीवन की दिशा में अग्रसर करने का प्रयास किया जा रहा है।

कलेक्टर कोरबा ने अपील की है कि समाज के सभी नागरिक यदि अपने आसपास ऐसे बच्चों की जानकारी रखते हैं जिन्हें देखरेख, संरक्षण या शिक्षा की आवश्यकता है और जो माता-पिता से वंचित हैं, तो उन्हें बाल कल्याण समिति अथवा जिला बाल संरक्षण इकाई के समक्ष प्रस्तुत करें। राज्य सरकार का यह प्रयास यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी बच्चा सिर्फ माता-पिता की अनुपस्थिति के कारण अपने भविष्य से वंचित न रह जाए। स्पॉन्सरशिप योजना न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि यह समाज के संवेदनशील दायित्व की पूर्ति की दिशा में एक सशक्त कदम भी है।

 

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वन मंत्री श्री केदार कश्यप के भतीजे एवं बस्तर के पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप के सुपुत्र स्वर्गीय श्री निखिल कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित की संतप्त परिजनों से की मुलाकात

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वन मंत्री श्री केदार कश्यप के भतीजे एवं बस्तर के पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप के सुपुत्र स्वर्गीय श्री निखिल कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित की संतप्त परिजनों से की मुलाकात

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित विधायक कॉलोनी में आयोजित शोक सभा में शामिल होकर वन मंत्री श्री केदार कश्यप के भतीजे एवं बस्तर के पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप के सुपुत्र स्वर्गीय श्री निखिल कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने स्व. निखिल कश्यप की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी तथा शोकाकुल परिजनों से भेंट कर गहरी संवेदना प्रकट की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दुःखद अवसर पर ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

 

रायपुर / कन्या और कृषि महाविद्यालय शिशुपाल पर्वत, भालूडोंगर और निशा घाटी को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग – मुख्यमंत्री से आत्मीय भेंट

रायपुर / कन्या और कृषि महाविद्यालय शिशुपाल पर्वत, भालूडोंगर और निशा घाटी को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग – मुख्यमंत्री से आत्मीय भेंट

रायपुर/सरायपाली आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास में आत्मीय मुलाकात हुई। इस अवसर सरला कोसरिया पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जी से सरायपाली क्षेत्र के विविध विकास संबंधी विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री जी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान संगठन में साथ किए गए कार्यों को स्मरण करते हुए आत्मीय संवाद किया। उन्होंने सरायपाली क्षेत्र की महत्त्वपूर्ण समस्याओं, मूलभूत सुविधाओं के अभाव और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य हेतु योजनाओं पर गंभीरता से विचार किया।

भेंट के दौरान क्षेत्र के लिए कन्या महाविद्यालय, कृषि महाविद्यालय और सेंट्रल लाइब्रेरी (नालंदा परिसर) की स्थापना की मांग की गई। साथ ही शिशुपाल पर्वत मेला स्थल, भालूडोंगर रथ स्थल तथा आदिवासी समाज की बलिदान स्थली निशा घाटी को आधिकारिक रूप से पर्यटन स्थल घोषित किए जाने का अनुरोध किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी मांगों को सकारात्मक रूप से लेते हुए यथाशीघ्र स्वीकृति देने का आश्वासन दिया और कहा कि क्षेत्र के विकास में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।

इस भेंट ने न केवल सरायपाली क्षेत्र के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

महासमुंद/प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से जिले के 20357 हितग्राहियों को 10 करोड़ 17 लाख 85 हजार रुपए का हुआ भुगतान केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं से संवरता गायत्री का जीवन

महासमुंद/प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से जिले के 20357 हितग्राहियों को 10 करोड़ 17 लाख 85 हजार रुपए का हुआ भुगतान केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं से संवरता गायत्री का जीवन

 

महासमुंद, इमली भाठा, महासमुंद की रहने वाली गायत्री देवांगन एक साधारण लेकिन सजग महिला हैं, उनका जीवन और परिवार केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। वह न केवल एक कुशल गृहिणी हैं, बल्कि समाज की उन महिलाओं में से एक हैं, जिन्होंने योजनाओं की जानकारी लेकर उनका भरपूर लाभ उठाया और अपने परिवार को सशक्त बनाने की ओर कदम बढ़ाया।

गायत्री ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के अंतर्गत पहली बार माँ बनने पर 5,000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त की। इस राशि का उपयोग उन्होंने प्रसव पूर्व पोषण और स्वास्थ्य जांच में किया, जिससे गर्भावस्था के दौरान बेहतर देखभाल सुनिश्चित हो सकी। इस योजना से उन्हें 5 हजार की सहायता दो किस्तों में प्राप्त हुई। इसी तरह राज्य सरकार की कौशल्या मातृत्व सहायता योजना के तहत गायत्री को दूसरी बार गर्भधारण पर अतिरिक्त सहायता राशि प्राप्त हुई। इस योजना से दूसरी बार गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित किया जाता है ताकि मातृ के दौरान आर्थिक बोझ को कम किया जा सके। इससे उन्हें 6 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई।

राज्य सरकारी की महती योजना महतारी वंदन के तहत उन्हें हर महीने 1,000 की आर्थिक सहायता मिल रही है। इस राशि से वे बच्चों की पढ़ाई, पोषण और रसोई खर्च जैसे छोटे-छोटे ज़रूरतें पूरी करती हैं। गायत्री मानती हैं कि यह योजना उनके परिवार की मासिक मदद बन गई है। दो बेटियों की मां गायत्री ने नोनी सुरक्षा योजना का लाभ उठाकर बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने का बड़ा कदम उठाया। बेटियों के जन्म के साथ ही उनके नाम पर नवजात कन्या सुरक्षा योजना के अंतर्गत 5 साल तक 5-5 हजार रुपए की राशि जमा की गई, जो उन्हें भविष्य में शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में सहारा देगी। 18 वर्ष के पश्चात एक लाख रुपए की राशि प्राप्त होगी।

गायत्री के पति एक वेल्डर हैं। आय सीमित होते हुए भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी। गायत्री ने आंगनबाड़ी से जुड़कर न केवल पोषण और स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की, बल्कि अन्य महिलाओं को भी योजनाओं के प्रति जागरूक किया। आज गायत्री का परिवार संतुलित पोषण, सुरक्षित मातृत्व और बालिका शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वे कहती हैं अगर हम योजनाओं की जानकारी लें और उनका सही उपयोग करें, तो कोई भी कठिनाई बड़ी नहीं लगती।

उल्लेखनीय है कि महासमुंद जिले में विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित है जिसके अंतर्गत पात्र गर्भवती महिलाओं को पहली किस्त में 3 हजार रूपये एवं दूसरी किस्त 2 हजार रूपये प्रसव के बाद व शिशु का टीकाकरण होने पर मिलता है। महिलाए एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री टिकवेन्द्र जटवार ने बताया कि जिले में सभी पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल रहा है। योजनांतर्गत कुल 17075 हितग्राहियों के आवेदन के विरूद्ध 3282 बैकलाग हितग्राही सहित 20357 हितग्राहियों को 10 करोड़ 17 लाख 85 हजार रूपये भुगतान किया गया है।

उन्होंने सत्रवार जानकारी देते हुए बताया कि जिले में योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में दर्ज 7330 हितग्राहियों के विरूद्ध 3627 हितग्राहियों को राशि भुगतान, वित्तीय वर्ष 2024-25 में दर्ज 8227 हितग्राहियों के विरूद्ध 14722 हितग्राहियों को राशि भुगतान एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में दर्ज 1518 हितग्राहियों के विरूद्ध 2008 हितग्राहियों को राशि भुगतान पी.एफ.एम.एस. से डी.बी.टी. के माध्यम से भुगतान किया गया है। योजना अंतर्गत पात्र हितग्राही आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से अथवा स्वयं अपना ऑनलाईन पंजीयन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है।

बसना/मानसिक रोगों के विशेषज्ञ डॉ. बी. त्रिवेदी 24 जुलाई को अग्रवाल नर्सिंग होम में देंगे परामर्श

बसना/मानसिक रोगों के विशेषज्ञ डॉ. बी. त्रिवेदी 24 जुलाई को अग्रवाल नर्सिंग होम में देंगे परामर्श

बसना अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी सेंटर, बासना में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों को लेकर एक महत्वपूर्ण चिकित्सा शिविर का आयोजन 24 जुलाई 2025, दिन गुरुवार को किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रसिद्ध मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. बी. त्रिवेदी (WELLBOND हॉस्पिटल, रायपुर) विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

इस स्वास्थ्य शिविर में डिप्रेशन, बेचैनी, घबराहट, चिंता, याददाश्त की कमी, नींद न आना, आत्महत्या के विचार, काम में मन न लगना, मानसिक थकावट, चिड़चिड़ापन जैसी समस्याओं का विशेषज्ञ परामर्श और इलाज उपलब्ध रहेगा।

डॉ. त्रिवेदी शाम 6 से 7 बजे तक रोगियों की जांच एवं परामर्श देंगे।

स्थान: अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना।

समय: शाम 6 बजे से 7बजे तक।

मानसिक रोगों के लक्षणों की जानकारी भी पंपलेट के माध्यम से दी गई है, जिससे आम जनता को इन लक्षणों की पहचान करने और समय रहते इलाज लेने में मदद मिलेगी।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:

📞 77708-68473 | 84618-11000

अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना के विशेषज्ञ डॉक्टर अब पिथौरा में भी उपलब्ध – 24 जुलाई को होगा विशेष चिकित्सा शिविर

अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना के विशेषज्ञ डॉक्टर अब पिथौरा में भी उपलब्ध – 24 जुलाई को होगा विशेष चिकित्सा शिविर

पिथौरा (महासमुंद): क्षेत्रवासियों के लिए राहत की खबर है। अब अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना के अनुभवी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं पिथौरा में भी उपलब्ध होंगी। आगामी 24 जुलाई 2025, गुरुवार को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक, सेत कुँवर नर्सिंग होम, राजा सेवैया (टप्पा), पिथौरा में एक विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

इस शिविर में निम्नलिखित विशेषज्ञ डॉक्टर अपनी सेवाएं देंगे:

डॉ. एन एस पटानी – MD Dermatology, चर्म एवं गुप्त रोग विशेषज्ञ

डॉ. महेंद्र धवने – MD ENT, नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ

डॉ. अमित अग्रवाल – MBBS DCH, शिशु रोग विशेषज्ञ

यह शिविर अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना की पहल पर आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा सुलभ कराना है।

पंजीयन के लिए संपर्क करें:

📞 93405-71462

📞 77730-86100

नोट: यह चिकित्सा शिविर सीमित समय के लिए है, अतः समय पर पहुंचकर पंजीयन करवाना अनिवार्य है।

सरायपाली /शैक्षिक संकुल समन्वयक संघ की बैठक संपन्न 

सरायपाली /शैक्षिक संकुल समन्वयक संघ की बैठक संपन्न

 शैक्षिक संकुल समन्वयक संघ सरायपाली की आवश्यक बैठक ग्रीन वेली रेस्टोरेंट में आयोजित की गई। जिसमें शिक्षक साझा मंच की ओर से 21-07-2025 को प्रकाशित समाचार पत्र में संकुल समन्वयकों के प्रति विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक सरायपाली द्वारा असौजन्य भाषाशैली की बात कही गई है जिसको संकुल समन्वयक शैक्षिक संघ सरायपाली ने सिरे से नकारा है।

समन्वयक संघ के अध्यक्ष देवानंद नायक का कहना है जब हम साझा मंच के बैठक में उपस्थित नहीं हुए न ही हमारे संघ की ओर से कोई वक्तव्य दिया गया है तो इस तरह से समाचार पत्र में खबर प्रकाशित कर हमारे संघ की छवि धूमिल न की जाये।

संघ की ओर से उपस्थित समस्त संकुल समन्वयकों जिसमें संरक्षक रविशंकर आचार्य,भोलानाथ नायक,जिला कार्यकारी अध्यक्ष कैलाश चंद्र पटेल, सचिव ऋषि प्रधान,कोषाध्यक्ष सुशील चौधरी, उपाध्यक्ष मुकेश बारिक, सह सचिव घनश्याम दास, सह कोषाध्यक्ष दुष्यन्त पटेल, सलाहकार किशोर पटेल, प्रभात मांझी,बिंदु प्रसाद चौधरी,भिखारी चरण साहू,राजेश पटेल,जयनारायण पटेल, गिरधारी लाल पटेल,कृष्णचंद पटेल,श्रवण प्रधान,हारून गार्डीया,सच्चिदानंद भोई,तुलसीदास वर्गे,नवीन मिश्रा,कामता पटेल,गिरधारी पटेल,संजीत पात्र समस्त समन्वयकों ने इस पर अपना विचार प्रकट करते हुए समाचार पत्र मे प्रकाशित इस तरह के भ्रामक संदेश का समन्वयक संघ द्वारा खंडन किया गया ।

रायपुर : ड़ॉ. सारस्वत पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्त 

रायपुर : ड़ॉ. सारस्वत पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्त

राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री रमेन डेका ने प्रोफेसर डॉ. विरेन्द्र कुमार सारस्वत को पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय बिलासपुर का कुलपति नियुक्त किया गया है।

राज्यपाल द्वारा डॉ. सारस्वत की नियुक्ति पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 (संशोधन अधिनियम, 2006, 2010 एवं 2019) की धारा 9(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। उनका कार्यकाल, परिलब्धियां तथा सेवा शर्ते विश्वविद्यालय अधिनियम एवं परिनियम में निहित प्रावधान अनुसार होंगी।

वर्तमान में डॉ. सारस्वत, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में कंप्यूटर साइंस विभाग के प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।

 

बलौदाबाबाजार : कौशल तिहार में युवाओं ने दिखाई प्रतिभा,विजेताओं क़ो राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का मिलेगा मौका

बलौदाबाबाजार : कौशल तिहार में युवाओं ने दिखाई प्रतिभा,विजेताओं क़ो राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का मिलेगा मौका

बलौदाबाबाजार,कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में जिला कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा युवाओं के कौशल क़ो मंच व पहचान देने तथा कौशल विकास के प्रति जागरूकता लाने हेतु जिला स्तरीय कौशल तिहार 2025 का आयोजन 21 जुलाई को जिला परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज सकरी बलौदाबाजार में किया गया। प्रतियोगिता में युवाओ ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विजेता प्रतिभागी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य सुश्री इंदु जांगड़े, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सुमन वर्मा, सरपंच हरीश कुमार फेकर, जिला पंचायत सीईओ सुश्री दिव्या अग्रवाल उपस्थित थे।

कार्यक्रम में जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, जल वितरक संचालक कोर्स के प्रतिभागियों के मध्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जनरल डयूटी अस्सिटेंट कोर्स में प्रथम मोनिका घृतलहरे, द्वितीय स्थान भावना चंन्द्राकर एवं जल वितरक संचालक कोर्स में प्रथम फूलसाय साहू, बलाविक्रम प्रसाद मिरी द्वितीय स्थान  हासिल किया।

जिला स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को 28 से 30 जुलाई 2025 तक आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कौशल तिहार में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा।

गौरतलब है कि  प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनाओं के अंतर्गत प्रशिक्षित एवं प्रशिक्षणरत युवाओं को प्रोत्साहित करने एवं उनके कौशल को मंच देने तथा उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से कौशल तिहार का आयोजन किया जा रहा है।इस आयोजन के माध्यम से विजेताओं को इंडिया स्किल्स 2025 की क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा।

कार्यक्रम में जिला कौशल विकास प्राधिकरण के प्रभारी अधिकारी  श्यामा पटेल, डिप्टी कलेक्टर अरुण सोनकर, जिला रोजगार अधिकारी, पॉलिटेक्निक कॉलेज एवं आईटीआई सकरी के प्राचार्य तथा अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी सहित छात्र -छात्राएं उपस्थित रहे।